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अगस्त 2031 में ऑस्ट्रेलिया: ग्रहों से संकेत

ये अगस्त 2031 में ऑस्ट्रेलिया के लिए व्यापक संकेत हैं, जो सूर्य के मेष प्रवेश की कुंडली, देश की स्थापना कुंडली और महीने के किसी ग्रहण से पढ़े गए हैं। ये सार्वजनिक जीवन की प्रवृत्तियाँ बताते हैं, तय घटनाएँ नहीं।

यहाँ मेदिनी फल केवल विषयों और समय की अवधियों तक सीमित है। यह किसी सार्वजनिक व्यक्ति के बारे में कुछ नहीं कहता और किसी विशेष घटना का नाम लेने का प्रयास नहीं करता।

वर्ष कुंडली (मेष संक्रांति)

कुंडली का समय
लग्न
वृश्चिक (Scorpio)
वर्ष कुंडली का स्वामी
मंगल 12वें भाव में

सौर वर्ष 14 अप्रैल 2031 को आरंभ हुआ, जब सूर्य ने मेष में प्रवेश किया। उस क्षण कैनबरा के लिए बनी कुंडली में वृश्चिक लग्न उदित था।

मंगल लग्न राशि का स्वामी है, इसलिए वही वर्ष कुंडली का स्वर तय करता है। वह बारहवें भाव में है, जिससे पूरे वर्ष सार्वजनिक व्यय, विदेशी निवेश, बंदरगाह और पर्दे के पीछे का काम पर ध्यान बना रहता है।

उभरकर दिखने वाले ग्रह

  • राहु

    पहले भाव में राहु से पूरे देश और उसके लोगों की सामान्य मनःस्थिति में नई और अनोखी दिशाएँ, साथ में कुछ उलझन की प्रवृत्ति रहती है।

  • गुरु

    दूसरे भाव में गुरु से राष्ट्रीय संपदा, भंडार, खाद्य आपूर्ति और सार्वजनिक वाणी के स्वर में विकास, सहारा और व्यापक अवसर की प्रवृत्ति रहती है।

  • शुक्र

    सातवें भाव में शुक्र से विदेश संबंध, संधियाँ और व्यापारिक साझेदार में सुविधा, कला और आसान समझौते की प्रवृत्ति रहती है।

  • शनि

    सातवें भाव में शनि से विदेश संबंध, संधियाँ और व्यापारिक साझेदार में धीमा, धैर्य भरा काम, कसा हुआ बजट और कुछ देरी की प्रवृत्ति रहती है।

  • केतु

    सातवें भाव में केतु से विदेश संबंध, संधियाँ और व्यापारिक साझेदार में शांत, भीतर की ओर मोड़ और पुराने ढर्रों को छोड़ना की प्रवृत्ति रहती है।

स्थापना कुंडली

स्थापना समय पर मतभेद है

स्थापना
1901-01-01
लग्न
मेष (Aries)
चंद्र राशि
मेष (Aries)

ऑस्ट्रेलिया की स्थापना कुंडली (1 जनवरी 1901) में मेष लग्न है और चंद्रमा मेष में है।

शनि

शनि वृषभ में है: स्थापना कुंडली के लग्न से दूसरे भाव में (राष्ट्रीय संपदा, भंडार, खाद्य आपूर्ति और सार्वजनिक वाणी के स्वर) और उसके चंद्रमा से दूसरे भाव में।

यहाँ शनि इन विषयों में धैर्य, पुनर्गठन और सावधान बजट माँगता है।

गुरु

गुरु वृश्चिक में है: स्थापना कुंडली के लग्न से आठवें भाव में (साझा संसाधन, कर, बीमा और सार्वजनिक वित्त में अचानक बदलाव) और उसके चंद्रमा से आठवें भाव में।

यहाँ गुरु इन विषयों में विकास और सोची-समझी योजना को सहारा देता है।

राहु

राहु तुला में है: स्थापना कुंडली के लग्न से सातवें भाव में (विदेश संबंध, संधियाँ और व्यापारिक साझेदार) और उसके चंद्रमा से सातवें भाव में।

यहाँ राहु नए विचार और नई महत्वाकांक्षाएँ जगाता है, साथ में कुछ अनिश्चितता भी।

केतु

केतु मेष में है: स्थापना कुंडली के लग्न से पहले भाव में (पूरे देश और उसके लोगों की सामान्य मनःस्थिति) और उसके चंद्रमा से पहले भाव में।

यहाँ केतु पुराने तरीकों की समीक्षा और शांत, भीतर की ओर मोड़ लाता है।

इस अवधि में कोई भी धीमा ग्रह राशि नहीं बदलता, इसलिए ऊपर के विषय स्थिर रहते हैं।

राशि बदलने वाले ग्रह

  • मंगल का वृश्चिक (Scorpio) में प्रवेश

    15 अगस्त 2031 को मंगल वृश्चिक में प्रवेश करता है, यानी स्थापना कुंडली के आठवें भाव में (साझा संसाधन, कर, बीमा और सार्वजनिक वित्त में अचानक बदलाव)।

    यहाँ मंगल चीज़ों को तेज़ करता है और सार्वजनिक बहस का तापमान बढ़ाता है।

  • सूर्य का सिंह (Leo) में प्रवेश

    17 अगस्त 2031 को सूर्य सिंह में प्रवेश करता है, यानी स्थापना कुंडली के पाँचवें भाव में (शिक्षा, युवा, कला, मनोरंजन और शेयर बाज़ार)।

    सूर्य का यह महीना इन विषयों के सरकारी पक्ष को सामने लाता है।

ग्रहण

इस अवधि में कोई ग्रहण नहीं।

इस अवधि में कोई ग्रहण नहीं पड़ता।

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