फ़रवरी 2034 में ऑस्ट्रेलिया: ग्रहों से संकेत
ये फ़रवरी 2034 में ऑस्ट्रेलिया के लिए व्यापक संकेत हैं, जो सूर्य के मेष प्रवेश की कुंडली, देश की स्थापना कुंडली और महीने के किसी ग्रहण से पढ़े गए हैं। ये सार्वजनिक जीवन की प्रवृत्तियाँ बताते हैं, तय घटनाएँ नहीं।
यहाँ मेदिनी फल केवल विषयों और समय की अवधियों तक सीमित है। यह किसी सार्वजनिक व्यक्ति के बारे में कुछ नहीं कहता और किसी विशेष घटना का नाम लेने का प्रयास नहीं करता।
वर्ष कुंडली (मेष संक्रांति)
- कुंडली का समय
- लग्न
- मेष (Aries)
- वर्ष कुंडली का स्वामी
- मंगल 9वें भाव में
सौर वर्ष 14 अप्रैल 2033 को आरंभ हुआ, जब सूर्य ने मेष में प्रवेश किया। उस क्षण कैनबरा के लिए बनी कुंडली में मेष लग्न उदित था।
मंगल लग्न राशि का स्वामी है, इसलिए वही वर्ष कुंडली का स्वर तय करता है। वह नौवें भाव में है, जिससे पूरे वर्ष उच्च शिक्षा, आस्था, लंबी यात्राएँ और दूर का व्यापार पर ध्यान बना रहता है।
उभरकर दिखने वाले ग्रह
पहले भाव में सूर्य से पूरे देश और उसके लोगों की सामान्य मनःस्थिति में अधिकारियों का ध्यान और व्यवस्था पर ज़ोर की प्रवृत्ति रहती है।
तीसरे भाव में शनि से संचार, मीडिया, परिवहन संपर्क और पड़ोसियों से व्यवहार में धीमा, धैर्य भरा काम, कसा हुआ बजट और कुछ देरी की प्रवृत्ति रहती है।
ग्यारहवें भाव में गुरु से विधि निर्माण, गठबंधन, लाभ और साझा आशाएँ में विकास, सहारा और व्यापक अवसर की प्रवृत्ति रहती है।
स्थापना कुंडली
- स्थापना
- 1901-01-01
- लग्न
- मेष (Aries)
- चंद्र राशि
- मेष (Aries)
ऑस्ट्रेलिया की स्थापना कुंडली (1 जनवरी 1901) में मेष लग्न है और चंद्रमा मेष में है।
शनि
शनि मिथुन में है: स्थापना कुंडली के लग्न से तीसरे भाव में (संचार, मीडिया, परिवहन संपर्क और पड़ोसियों से व्यवहार) और उसके चंद्रमा से तीसरे भाव में।
यहाँ शनि इन विषयों में धैर्य, पुनर्गठन और सावधान बजट माँगता है।
गुरु
गुरु कुंभ में है: स्थापना कुंडली के लग्न से ग्यारहवें भाव में (विधि निर्माण, गठबंधन, लाभ और साझा आशाएँ) और उसके चंद्रमा से ग्यारहवें भाव में।
यहाँ गुरु इन विषयों में विकास और सोची-समझी योजना को सहारा देता है।
राहु
राहु कन्या में है: स्थापना कुंडली के लग्न से छठे भाव में (श्रमबल, सार्वजनिक सेवाएँ, सरकारी ऋण और रोज़मर्रा का प्रशासन) और उसके चंद्रमा से छठे भाव में।
यहाँ राहु नए विचार और नई महत्वाकांक्षाएँ जगाता है, साथ में कुछ अनिश्चितता भी।
केतु
केतु मीन में है: स्थापना कुंडली के लग्न से बारहवें भाव में (सार्वजनिक व्यय, विदेशी निवेश, बंदरगाह और पर्दे के पीछे का काम) और उसके चंद्रमा से बारहवें भाव में।
यहाँ केतु पुराने तरीकों की समीक्षा और शांत, भीतर की ओर मोड़ लाता है।
इस अवधि में कोई भी धीमा ग्रह राशि नहीं बदलता, इसलिए ऊपर के विषय स्थिर रहते हैं।
राशि बदलने वाले ग्रह
- सूर्य का कुंभ (Aquarius) में प्रवेश
13 फ़रवरी 2034 को सूर्य कुंभ में प्रवेश करता है, यानी स्थापना कुंडली के ग्यारहवें भाव में (विधि निर्माण, गठबंधन, लाभ और साझा आशाएँ)।
सूर्य का यह महीना इन विषयों के सरकारी पक्ष को सामने लाता है।
- मंगल का मेष (Aries) में प्रवेश
16 फ़रवरी 2034 को मंगल मेष में प्रवेश करता है, यानी स्थापना कुंडली के पहले भाव में (पूरे देश और उसके लोगों की सामान्य मनःस्थिति)।
यहाँ मंगल चीज़ों को तेज़ करता है और सार्वजनिक बहस का तापमान बढ़ाता है।
ग्रहण
इस अवधि में कोई ग्रहण नहीं।
इस अवधि में कोई ग्रहण नहीं पड़ता।
चंद्र राशि और शास्त्रीय नियमों से सामान्य मार्गदर्शन, व्यक्तिगत फलादेश नहीं, और न ही चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह। आपके निर्णय आपके अपने हैं। इन भविष्यवाणियों का उपयोग कैसे करें, यह पढ़ें।