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अगस्त 2048 में ऑस्ट्रेलिया: ग्रहों से संकेत

ये अगस्त 2048 में ऑस्ट्रेलिया के लिए व्यापक संकेत हैं, जो सूर्य के मेष प्रवेश की कुंडली, देश की स्थापना कुंडली और महीने के किसी ग्रहण से पढ़े गए हैं। ये सार्वजनिक जीवन की प्रवृत्तियाँ बताते हैं, तय घटनाएँ नहीं।

यहाँ मेदिनी फल केवल विषयों और समय की अवधियों तक सीमित है। यह किसी सार्वजनिक व्यक्ति के बारे में कुछ नहीं कहता और किसी विशेष घटना का नाम लेने का प्रयास नहीं करता।

वर्ष कुंडली (मेष संक्रांति)

कुंडली का समय
लग्न
मीन (Pisces)
वर्ष कुंडली का स्वामी
गुरु 3वें भाव में

सौर वर्ष 14 अप्रैल 2048 को आरंभ हुआ, जब सूर्य ने मेष में प्रवेश किया। उस क्षण कैनबरा के लिए बनी कुंडली में मीन लग्न उदित था।

गुरु लग्न राशि का स्वामी है, इसलिए वही वर्ष कुंडली का स्वर तय करता है। वह तीसरे भाव में है, जिससे पूरे वर्ष संचार, मीडिया, परिवहन संपर्क और पड़ोसियों से व्यवहार पर ध्यान बना रहता है।

उभरकर दिखने वाले ग्रह

  • शुक्र

    पहले भाव में शुक्र से पूरे देश और उसके लोगों की सामान्य मनःस्थिति में सुविधा, कला और आसान समझौते की प्रवृत्ति रहती है।

  • केतु

    चौथे भाव में केतु से भूमि, आवास, खेती, मौसम और घरेलू माहौल में शांत, भीतर की ओर मोड़ और पुराने ढर्रों को छोड़ना की प्रवृत्ति रहती है।

  • शनि

    दसवें भाव में शनि से शासन, संस्थाएँ और दुनिया में देश की प्रतिष्ठा में धीमा, धैर्य भरा काम, कसा हुआ बजट और कुछ देरी की प्रवृत्ति रहती है।

  • राहु

    दसवें भाव में राहु से शासन, संस्थाएँ और दुनिया में देश की प्रतिष्ठा में नई और अनोखी दिशाएँ, साथ में कुछ उलझन की प्रवृत्ति रहती है।

स्थापना कुंडली

स्थापना समय पर मतभेद है

स्थापना
1901-01-01
लग्न
मेष (Aries)
चंद्र राशि
मेष (Aries)

ऑस्ट्रेलिया की स्थापना कुंडली (1 जनवरी 1901) में मेष लग्न है और चंद्रमा मेष में है।

शनि

शनि धनु में है: स्थापना कुंडली के लग्न से नौवें भाव में (उच्च शिक्षा, आस्था, लंबी यात्राएँ और दूर का व्यापार) और उसके चंद्रमा से नौवें भाव में।

यहाँ शनि इन विषयों में धैर्य, पुनर्गठन और सावधान बजट माँगता है।

गुरु

गुरु वृषभ में है: स्थापना कुंडली के लग्न से दूसरे भाव में (राष्ट्रीय संपदा, भंडार, खाद्य आपूर्ति और सार्वजनिक वाणी के स्वर) और उसके चंद्रमा से दूसरे भाव में।

यहाँ गुरु इन विषयों में विकास और सोची-समझी योजना को सहारा देता है।

  • 13 अगस्त 2048 को गुरु मिथुन में प्रवेश करता है: स्थापना कुंडली के लग्न से तीसरे भाव में (संचार, मीडिया, परिवहन संपर्क और पड़ोसियों से व्यवहार) और उसके चंद्रमा से तीसरे भाव में।

राहु

राहु धनु में है: स्थापना कुंडली के लग्न से नौवें भाव में (उच्च शिक्षा, आस्था, लंबी यात्राएँ और दूर का व्यापार) और उसके चंद्रमा से नौवें भाव में।

यहाँ राहु नए विचार और नई महत्वाकांक्षाएँ जगाता है, साथ में कुछ अनिश्चितता भी।

  • 17 अगस्त 2048 को राहु वृश्चिक में प्रवेश करता है: स्थापना कुंडली के लग्न से आठवें भाव में (साझा संसाधन, कर, बीमा और सार्वजनिक वित्त में अचानक बदलाव) और उसके चंद्रमा से आठवें भाव में।

केतु

केतु मिथुन में है: स्थापना कुंडली के लग्न से तीसरे भाव में (संचार, मीडिया, परिवहन संपर्क और पड़ोसियों से व्यवहार) और उसके चंद्रमा से तीसरे भाव में।

यहाँ केतु पुराने तरीकों की समीक्षा और शांत, भीतर की ओर मोड़ लाता है।

  • 17 अगस्त 2048 को केतु वृषभ में प्रवेश करता है: स्थापना कुंडली के लग्न से दूसरे भाव में (राष्ट्रीय संपदा, भंडार, खाद्य आपूर्ति और सार्वजनिक वाणी के स्वर) और उसके चंद्रमा से दूसरे भाव में।

राशि बदलने वाले ग्रह

  • सूर्य का सिंह (Leo) में प्रवेश

    17 अगस्त 2048 को सूर्य सिंह में प्रवेश करता है, यानी स्थापना कुंडली के पाँचवें भाव में (शिक्षा, युवा, कला, मनोरंजन और शेयर बाज़ार)।

    सूर्य का यह महीना इन विषयों के सरकारी पक्ष को सामने लाता है।

ग्रहण

इस अवधि में कोई ग्रहण नहीं।

इस अवधि में कोई ग्रहण नहीं पड़ता।

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