2053 में कनाडा: ग्रहों से संकेत
ये 2053 में कनाडा के लिए व्यापक संकेत हैं, उसी तरह पढ़े गए जैसे मेदिनी ज्योतिष किसी देश को पढ़ता है: हर वर्ष सूर्य के मेष में प्रवेश की कुंडली से, देश की स्थापना कुंडली से और वर्ष के ग्रहणों से। ये सार्वजनिक जीवन की प्रवृत्तियाँ बताते हैं, तय घटनाएँ नहीं।
इस पृष्ठ पर कनाडा की कोई स्थापना कुंडली नहीं ली गई है, इसलिए यह ओटावा के लिए बनी मेष संक्रांति कुंडली और ग्रहणों से पढ़ा गया है।
यहाँ मेदिनी फल केवल विषयों और समय की अवधियों तक सीमित है। यह किसी सार्वजनिक व्यक्ति के बारे में कुछ नहीं कहता और किसी विशेष घटना का नाम लेने का प्रयास नहीं करता।
वर्ष कुंडली (मेष संक्रांति)
- कुंडली का समय
- लग्न
- तुला (Libra)
- वर्ष कुंडली का स्वामी
- शुक्र 7वें भाव में
सौर वर्ष 13 अप्रैल 2053 को आरंभ हुआ, जब सूर्य ने मेष में प्रवेश किया। उस क्षण ओटावा के लिए बनी कुंडली में तुला लग्न उदित था।
शुक्र लग्न राशि का स्वामी है, इसलिए वही वर्ष कुंडली का स्वर तय करता है। वह सातवें भाव में है, जिससे पूरे वर्ष विदेश संबंध, संधियाँ और व्यापारिक साझेदार पर ध्यान बना रहता है।
उभरकर दिखने वाले ग्रह
पहले भाव में गुरु से पूरे देश और उसके लोगों की सामान्य मनःस्थिति में विकास, सहारा और व्यापक अवसर की प्रवृत्ति रहती है।
पाँचवें भाव में शनि से शिक्षा, युवा, कला, मनोरंजन और शेयर बाज़ार में धीमा, धैर्य भरा काम, कसा हुआ बजट और कुछ देरी की प्रवृत्ति रहती है।
सातवें भाव में सूर्य से विदेश संबंध, संधियाँ और व्यापारिक साझेदार में अधिकारियों का ध्यान और व्यवस्था पर ज़ोर की प्रवृत्ति रहती है।
स्थापना कुंडली
इस देश की स्थापना कुंडली नहीं पढ़ी जाती: इसका कोई तय समय नहीं है, या यह यहाँ की कुंडलियों की पहुँच से पुराना है।
राशि बदलने वाले ग्रह
- केतु का कुंभ (Aquarius) में प्रवेश
11 अप्रैल 2053 को केतु कुंभ में प्रवेश करता है, यानी वर्ष कुंडली के पाँचवें भाव में (शिक्षा, युवा, कला, मनोरंजन और शेयर बाज़ार)।
यहाँ केतु पुराने तरीकों की समीक्षा और शांत, भीतर की ओर मोड़ लाता है।
- राहु का सिंह (Leo) में प्रवेश
11 अप्रैल 2053 को राहु सिंह में प्रवेश करता है, यानी वर्ष कुंडली के ग्यारहवें भाव में (विधि निर्माण, गठबंधन, लाभ और साझा आशाएँ)।
यहाँ राहु नए विचार और नई महत्वाकांक्षाएँ जगाता है, साथ में कुछ अनिश्चितता भी।
- गुरु का वृश्चिक (Scorpio) में प्रवेश
15 दिसंबर 2053 को गुरु वृश्चिक में प्रवेश करता है, यानी वर्ष कुंडली के दूसरे भाव में (राष्ट्रीय संपदा, भंडार, खाद्य आपूर्ति और सार्वजनिक वाणी के स्वर)।
यहाँ गुरु इन विषयों में विकास और सोची-समझी योजना को सहारा देता है।
ग्रहण
- सूर्य ग्रहण
20 मार्च 2053 को मीन में सूर्य ग्रहण पड़ता है, यानी वर्ष कुंडली के छठे भाव में (श्रमबल, सार्वजनिक सेवाएँ, सरकारी ऋण और रोज़मर्रा का प्रशासन)।
- सूर्य ग्रहण
12 सितंबर 2053 को सिंह में सूर्य ग्रहण पड़ता है, यानी वर्ष कुंडली के ग्यारहवें भाव में (विधि निर्माण, गठबंधन, लाभ और साझा आशाएँ)।
ग्रहण के आसपास के सप्ताह उन विषयों में नए सार्वजनिक कार्य शुरू करने के बजाय समीक्षा करने और काम पूरे करने का समय माने जाते हैं।
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