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मार्च 2029 में भारत: ग्रहों से संकेत

ये मार्च 2029 में भारत के लिए व्यापक संकेत हैं, जो सूर्य के मेष प्रवेश की कुंडली, देश की स्थापना कुंडली और महीने के किसी ग्रहण से पढ़े गए हैं। ये सार्वजनिक जीवन की प्रवृत्तियाँ बताते हैं, तय घटनाएँ नहीं।

यहाँ मेदिनी फल केवल विषयों और समय की अवधियों तक सीमित है। यह किसी सार्वजनिक व्यक्ति के बारे में कुछ नहीं कहता और किसी विशेष घटना का नाम लेने का प्रयास नहीं करता।

वर्ष कुंडली (मेष संक्रांति)

कुंडली का समय
लग्न
वृश्चिक (Scorpio)
वर्ष कुंडली का स्वामी
मंगल 5वें भाव में

सौर वर्ष 13 अप्रैल 2028 को आरंभ हुआ, जब सूर्य ने मेष में प्रवेश किया। उस क्षण नई दिल्ली के लिए बनी कुंडली में वृश्चिक लग्न उदित था।

मंगल लग्न राशि का स्वामी है, इसलिए वही वर्ष कुंडली का स्वर तय करता है। वह पाँचवें भाव में है, जिससे पूरे वर्ष शिक्षा, युवा, कला, मनोरंजन और शेयर बाज़ार पर ध्यान बना रहता है।

उभरकर दिखने वाले ग्रह

  • चंद्र

    पहले भाव में चंद्र से पूरे देश और उसके लोगों की सामान्य मनःस्थिति में बदलती जन भावना और रोज़ की ज़रूरतों पर ध्यान की प्रवृत्ति रहती है।

  • शनि

    छठे भाव में शनि से श्रमबल, सार्वजनिक सेवाएँ, सरकारी ऋण और रोज़मर्रा का प्रशासन में धीमा, धैर्य भरा काम, कसा हुआ बजट और कुछ देरी की प्रवृत्ति रहती है।

  • शुक्र

    सातवें भाव में शुक्र से विदेश संबंध, संधियाँ और व्यापारिक साझेदार में सुविधा, कला और आसान समझौते की प्रवृत्ति रहती है।

  • गुरु

    दसवें भाव में गुरु से शासन, संस्थाएँ और दुनिया में देश की प्रतिष्ठा में विकास, सहारा और व्यापक अवसर की प्रवृत्ति रहती है।

स्थापना कुंडली

व्यापक रूप से माना गया स्थापना समय

स्थापना
1947-08-15
लग्न
वृषभ (Taurus)
चंद्र राशि
कर्क (Cancer)

भारत की स्थापना कुंडली (15 अगस्त 1947) में वृषभ लग्न है और चंद्रमा कर्क में है।

शनि

शनि मेष में है: स्थापना कुंडली के लग्न से बारहवें भाव में (सार्वजनिक व्यय, विदेशी निवेश, बंदरगाह और पर्दे के पीछे का काम) और उसके चंद्रमा से दसवें भाव में।

यहाँ शनि इन विषयों में धैर्य, पुनर्गठन और सावधान बजट माँगता है।

गुरु

गुरु तुला में है: स्थापना कुंडली के लग्न से छठे भाव में (श्रमबल, सार्वजनिक सेवाएँ, सरकारी ऋण और रोज़मर्रा का प्रशासन) और उसके चंद्रमा से चौथे भाव में।

यहाँ गुरु इन विषयों में विकास और सोची-समझी योजना को सहारा देता है।

  • 29 मार्च 2029 को गुरु कन्या में प्रवेश करता है: स्थापना कुंडली के लग्न से पाँचवें भाव में (शिक्षा, युवा, कला, मनोरंजन और शेयर बाज़ार) और उसके चंद्रमा से तीसरे भाव में।

राहु

राहु धनु में है: स्थापना कुंडली के लग्न से आठवें भाव में (साझा संसाधन, कर, बीमा और सार्वजनिक वित्त में अचानक बदलाव) और उसके चंद्रमा से छठे भाव में।

यहाँ राहु नए विचार और नई महत्वाकांक्षाएँ जगाता है, साथ में कुछ अनिश्चितता भी।

केतु

केतु मिथुन में है: स्थापना कुंडली के लग्न से दूसरे भाव में (राष्ट्रीय संपदा, भंडार, खाद्य आपूर्ति और सार्वजनिक वाणी के स्वर) और उसके चंद्रमा से बारहवें भाव में।

यहाँ केतु पुराने तरीकों की समीक्षा और शांत, भीतर की ओर मोड़ लाता है।

राशि बदलने वाले ग्रह

  • सूर्य का मीन (Pisces) में प्रवेश

    14 मार्च 2029 को सूर्य मीन में प्रवेश करता है, यानी स्थापना कुंडली के ग्यारहवें भाव में (विधि निर्माण, गठबंधन, लाभ और साझा आशाएँ)।

    सूर्य का यह महीना इन विषयों के सरकारी पक्ष को सामने लाता है।

ग्रहण

इस अवधि में कोई ग्रहण नहीं।

इस अवधि में कोई ग्रहण नहीं पड़ता।

सभी देश

चंद्र राशि और शास्त्रीय नियमों से सामान्य मार्गदर्शन, व्यक्तिगत फलादेश नहीं, और न ही चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह। आपके निर्णय आपके अपने हैं। इन भविष्यवाणियों का उपयोग कैसे करें, यह पढ़ें।