मार्च 2032 में भारत: ग्रहों से संकेत
ये मार्च 2032 में भारत के लिए व्यापक संकेत हैं, जो सूर्य के मेष प्रवेश की कुंडली, देश की स्थापना कुंडली और महीने के किसी ग्रहण से पढ़े गए हैं। ये सार्वजनिक जीवन की प्रवृत्तियाँ बताते हैं, तय घटनाएँ नहीं।
यहाँ मेदिनी फल केवल विषयों और समय की अवधियों तक सीमित है। यह किसी सार्वजनिक व्यक्ति के बारे में कुछ नहीं कहता और किसी विशेष घटना का नाम लेने का प्रयास नहीं करता।
वर्ष कुंडली (मेष संक्रांति)
- कुंडली का समय
- लग्न
- सिंह (Leo)
- वर्ष कुंडली का स्वामी
- सूर्य 9वें भाव में
सौर वर्ष 14 अप्रैल 2031 को आरंभ हुआ, जब सूर्य ने मेष में प्रवेश किया। उस क्षण नई दिल्ली के लिए बनी कुंडली में सिंह लग्न उदित था।
सूर्य लग्न राशि का स्वामी है, इसलिए वही वर्ष कुंडली का स्वर तय करता है। वह नौवें भाव में है, जिससे पूरे वर्ष उच्च शिक्षा, आस्था, लंबी यात्राएँ और दूर का व्यापार पर ध्यान बना रहता है।
उभरकर दिखने वाले ग्रह
चौथे भाव में राहु से भूमि, आवास, खेती, मौसम और घरेलू माहौल में नई और अनोखी दिशाएँ, साथ में कुछ उलझन की प्रवृत्ति रहती है।
पाँचवें भाव में गुरु से शिक्षा, युवा, कला, मनोरंजन और शेयर बाज़ार में विकास, सहारा और व्यापक अवसर की प्रवृत्ति रहती है।
दसवें भाव में शुक्र से शासन, संस्थाएँ और दुनिया में देश की प्रतिष्ठा में सुविधा, कला और आसान समझौते की प्रवृत्ति रहती है।
दसवें भाव में शनि से शासन, संस्थाएँ और दुनिया में देश की प्रतिष्ठा में धीमा, धैर्य भरा काम, कसा हुआ बजट और कुछ देरी की प्रवृत्ति रहती है।
दसवें भाव में केतु से शासन, संस्थाएँ और दुनिया में देश की प्रतिष्ठा में शांत, भीतर की ओर मोड़ और पुराने ढर्रों को छोड़ना की प्रवृत्ति रहती है।
स्थापना कुंडली
- स्थापना
- 1947-08-15
- लग्न
- वृषभ (Taurus)
- चंद्र राशि
- कर्क (Cancer)
भारत की स्थापना कुंडली (15 अगस्त 1947) में वृषभ लग्न है और चंद्रमा कर्क में है।
शनि
शनि वृषभ में है: स्थापना कुंडली के लग्न से पहले भाव में (पूरे देश और उसके लोगों की सामान्य मनःस्थिति) और उसके चंद्रमा से ग्यारहवें भाव में।
यहाँ शनि इन विषयों में धैर्य, पुनर्गठन और सावधान बजट माँगता है।
गुरु
गुरु धनु में है: स्थापना कुंडली के लग्न से आठवें भाव में (साझा संसाधन, कर, बीमा और सार्वजनिक वित्त में अचानक बदलाव) और उसके चंद्रमा से छठे भाव में।
यहाँ गुरु इन विषयों में विकास और सोची-समझी योजना को सहारा देता है।
5 मार्च 2032 को गुरु मकर में प्रवेश करता है: स्थापना कुंडली के लग्न से नौवें भाव में (उच्च शिक्षा, आस्था, लंबी यात्राएँ और दूर का व्यापार) और उसके चंद्रमा से सातवें भाव में।
राहु
राहु तुला में है: स्थापना कुंडली के लग्न से छठे भाव में (श्रमबल, सार्वजनिक सेवाएँ, सरकारी ऋण और रोज़मर्रा का प्रशासन) और उसके चंद्रमा से चौथे भाव में।
यहाँ राहु नए विचार और नई महत्वाकांक्षाएँ जगाता है, साथ में कुछ अनिश्चितता भी।
केतु
केतु मेष में है: स्थापना कुंडली के लग्न से बारहवें भाव में (सार्वजनिक व्यय, विदेशी निवेश, बंदरगाह और पर्दे के पीछे का काम) और उसके चंद्रमा से दसवें भाव में।
यहाँ केतु पुराने तरीकों की समीक्षा और शांत, भीतर की ओर मोड़ लाता है।
राशि बदलने वाले ग्रह
- मंगल का मेष (Aries) में प्रवेश
10 मार्च 2032 को मंगल मेष में प्रवेश करता है, यानी स्थापना कुंडली के बारहवें भाव में (सार्वजनिक व्यय, विदेशी निवेश, बंदरगाह और पर्दे के पीछे का काम)।
यहाँ मंगल चीज़ों को तेज़ करता है और सार्वजनिक बहस का तापमान बढ़ाता है।
- सूर्य का मीन (Pisces) में प्रवेश
14 मार्च 2032 को सूर्य मीन में प्रवेश करता है, यानी स्थापना कुंडली के ग्यारहवें भाव में (विधि निर्माण, गठबंधन, लाभ और साझा आशाएँ)।
सूर्य का यह महीना इन विषयों के सरकारी पक्ष को सामने लाता है।
ग्रहण
इस अवधि में कोई ग्रहण नहीं।
इस अवधि में कोई ग्रहण नहीं पड़ता।
चंद्र राशि और शास्त्रीय नियमों से सामान्य मार्गदर्शन, व्यक्तिगत फलादेश नहीं, और न ही चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह। आपके निर्णय आपके अपने हैं। इन भविष्यवाणियों का उपयोग कैसे करें, यह पढ़ें।