Bhavishya

देश

जनवरी 2011 में नेपाल: ग्रहों से संकेत

ये जनवरी 2011 में नेपाल के लिए व्यापक संकेत हैं, जो सूर्य के मेष प्रवेश की कुंडली, देश की स्थापना कुंडली और महीने के किसी ग्रहण से पढ़े गए हैं। ये सार्वजनिक जीवन की प्रवृत्तियाँ बताते हैं, तय घटनाएँ नहीं।

इस पृष्ठ पर नेपाल की कोई स्थापना कुंडली नहीं ली गई है, इसलिए यह काठमांडू के लिए बनी मेष संक्रांति कुंडली और ग्रहणों से पढ़ा गया है।

यहाँ मेदिनी फल केवल विषयों और समय की अवधियों तक सीमित है। यह किसी सार्वजनिक व्यक्ति के बारे में कुछ नहीं कहता और किसी विशेष घटना का नाम लेने का प्रयास नहीं करता।

वर्ष कुंडली (मेष संक्रांति)

कुंडली का समय
लग्न
मेष (Aries)
वर्ष कुंडली का स्वामी
मंगल 4वें भाव में

सौर वर्ष 14 अप्रैल 2010 को आरंभ हुआ, जब सूर्य ने मेष में प्रवेश किया। उस क्षण काठमांडू के लिए बनी कुंडली में मेष लग्न उदित था।

मंगल लग्न राशि का स्वामी है, इसलिए वही वर्ष कुंडली का स्वर तय करता है। वह चौथे भाव में है, जिससे पूरे वर्ष भूमि, आवास, खेती, मौसम और घरेलू माहौल पर ध्यान बना रहता है।

उभरकर दिखने वाले ग्रह

  • सूर्य

    पहले भाव में सूर्य से पूरे देश और उसके लोगों की सामान्य मनःस्थिति में अधिकारियों का ध्यान और व्यवस्था पर ज़ोर की प्रवृत्ति रहती है।

  • बुध

    पहले भाव में बुध से पूरे देश और उसके लोगों की सामान्य मनःस्थिति में व्यस्त बातचीत, कागज़ी काम और तेज़ व्यापार की प्रवृत्ति रहती है।

  • शुक्र

    पहले भाव में शुक्र से पूरे देश और उसके लोगों की सामान्य मनःस्थिति में सुविधा, कला और आसान समझौते की प्रवृत्ति रहती है।

  • शनि

    छठे भाव में शनि से श्रमबल, सार्वजनिक सेवाएँ, सरकारी ऋण और रोज़मर्रा का प्रशासन में धीमा, धैर्य भरा काम, कसा हुआ बजट और कुछ देरी की प्रवृत्ति रहती है।

  • गुरु

    ग्यारहवें भाव में गुरु से विधि निर्माण, गठबंधन, लाभ और साझा आशाएँ में विकास, सहारा और व्यापक अवसर की प्रवृत्ति रहती है।

स्थापना कुंडली

इस देश की स्थापना कुंडली नहीं पढ़ी जाती: इसका कोई तय समय नहीं है, या यह यहाँ की कुंडलियों की पहुँच से पुराना है।

राशि बदलने वाले ग्रह

  • मंगल का मकर (Capricorn) में प्रवेश

    8 जनवरी 2011 को मंगल मकर में प्रवेश करता है, यानी वर्ष कुंडली के दसवें भाव में (शासन, संस्थाएँ और दुनिया में देश की प्रतिष्ठा)।

    यहाँ मंगल चीज़ों को तेज़ करता है और सार्वजनिक बहस का तापमान बढ़ाता है।

  • सूर्य का मकर (Capricorn) में प्रवेश

    14 जनवरी 2011 को सूर्य मकर में प्रवेश करता है, यानी वर्ष कुंडली के दसवें भाव में (शासन, संस्थाएँ और दुनिया में देश की प्रतिष्ठा)।

    सूर्य का यह महीना इन विषयों के सरकारी पक्ष को सामने लाता है।

ग्रहण

  • सूर्य ग्रहण

    4 जनवरी 2011 को धनु में सूर्य ग्रहण पड़ता है, यानी वर्ष कुंडली के नौवें भाव में (उच्च शिक्षा, आस्था, लंबी यात्राएँ और दूर का व्यापार)।

ग्रहण के आसपास के सप्ताह उन विषयों में नए सार्वजनिक कार्य शुरू करने के बजाय समीक्षा करने और काम पूरे करने का समय माने जाते हैं।

सभी देश

चंद्र राशि और शास्त्रीय नियमों से सामान्य मार्गदर्शन, व्यक्तिगत फलादेश नहीं, और न ही चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह। आपके निर्णय आपके अपने हैं। इन भविष्यवाणियों का उपयोग कैसे करें, यह पढ़ें।