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अक्टूबर 2025 में सिंगापुर: ग्रहों से संकेत

ये अक्टूबर 2025 में सिंगापुर के लिए व्यापक संकेत हैं, जो सूर्य के मेष प्रवेश की कुंडली, देश की स्थापना कुंडली और महीने के किसी ग्रहण से पढ़े गए हैं। ये सार्वजनिक जीवन की प्रवृत्तियाँ बताते हैं, तय घटनाएँ नहीं।

यहाँ मेदिनी फल केवल विषयों और समय की अवधियों तक सीमित है। यह किसी सार्वजनिक व्यक्ति के बारे में कुछ नहीं कहता और किसी विशेष घटना का नाम लेने का प्रयास नहीं करता।

वर्ष कुंडली (मेष संक्रांति)

कुंडली का समय
लग्न
मीन (Pisces)
वर्ष कुंडली का स्वामी
गुरु 3वें भाव में

सौर वर्ष 14 अप्रैल 2025 को आरंभ हुआ, जब सूर्य ने मेष में प्रवेश किया। उस क्षण सिंगापुर के लिए बनी कुंडली में मीन लग्न उदित था।

गुरु लग्न राशि का स्वामी है, इसलिए वही वर्ष कुंडली का स्वर तय करता है। वह तीसरे भाव में है, जिससे पूरे वर्ष संचार, मीडिया, परिवहन संपर्क और पड़ोसियों से व्यवहार पर ध्यान बना रहता है।

उभरकर दिखने वाले ग्रह

  • बुध

    पहले भाव में बुध से पूरे देश और उसके लोगों की सामान्य मनःस्थिति में व्यस्त बातचीत, कागज़ी काम और तेज़ व्यापार की प्रवृत्ति रहती है।

  • शुक्र

    पहले भाव में शुक्र से पूरे देश और उसके लोगों की सामान्य मनःस्थिति में सुविधा, कला और आसान समझौते की प्रवृत्ति रहती है।

  • शनि

    पहले भाव में शनि से पूरे देश और उसके लोगों की सामान्य मनःस्थिति में धीमा, धैर्य भरा काम, कसा हुआ बजट और कुछ देरी की प्रवृत्ति रहती है।

  • राहु

    पहले भाव में राहु से पूरे देश और उसके लोगों की सामान्य मनःस्थिति में नई और अनोखी दिशाएँ, साथ में कुछ उलझन की प्रवृत्ति रहती है।

  • केतु

    सातवें भाव में केतु से विदेश संबंध, संधियाँ और व्यापारिक साझेदार में शांत, भीतर की ओर मोड़ और पुराने ढर्रों को छोड़ना की प्रवृत्ति रहती है।

स्थापना कुंडली

स्थापना समय पर मतभेद है

स्थापना
1965-08-09
लग्न
कन्या (Virgo)
चंद्र राशि
धनु (Sagittarius)

सिंगापुर की स्थापना कुंडली (9 अगस्त 1965) में कन्या लग्न है और चंद्रमा धनु में है।

शनि

शनि मीन में है: स्थापना कुंडली के लग्न से सातवें भाव में (विदेश संबंध, संधियाँ और व्यापारिक साझेदार) और उसके चंद्रमा से चौथे भाव में।

यहाँ शनि इन विषयों में धैर्य, पुनर्गठन और सावधान बजट माँगता है।

गुरु

गुरु मिथुन में है: स्थापना कुंडली के लग्न से दसवें भाव में (शासन, संस्थाएँ और दुनिया में देश की प्रतिष्ठा) और उसके चंद्रमा से सातवें भाव में।

यहाँ गुरु इन विषयों में विकास और सोची-समझी योजना को सहारा देता है।

  • 18 अक्टूबर 2025 को गुरु कर्क में प्रवेश करता है: स्थापना कुंडली के लग्न से ग्यारहवें भाव में (विधि निर्माण, गठबंधन, लाभ और साझा आशाएँ) और उसके चंद्रमा से आठवें भाव में।

राहु

राहु कुंभ में है: स्थापना कुंडली के लग्न से छठे भाव में (श्रमबल, सार्वजनिक सेवाएँ, सरकारी ऋण और रोज़मर्रा का प्रशासन) और उसके चंद्रमा से तीसरे भाव में।

यहाँ राहु नए विचार और नई महत्वाकांक्षाएँ जगाता है, साथ में कुछ अनिश्चितता भी।

केतु

केतु सिंह में है: स्थापना कुंडली के लग्न से बारहवें भाव में (सार्वजनिक व्यय, विदेशी निवेश, बंदरगाह और पर्दे के पीछे का काम) और उसके चंद्रमा से नौवें भाव में।

यहाँ केतु पुराने तरीकों की समीक्षा और शांत, भीतर की ओर मोड़ लाता है।

राशि बदलने वाले ग्रह

  • सूर्य का तुला (Libra) में प्रवेश

    17 अक्टूबर 2025 को सूर्य तुला में प्रवेश करता है, यानी स्थापना कुंडली के दूसरे भाव में (राष्ट्रीय संपदा, भंडार, खाद्य आपूर्ति और सार्वजनिक वाणी के स्वर)।

    सूर्य का यह महीना इन विषयों के सरकारी पक्ष को सामने लाता है।

  • मंगल का वृश्चिक (Scorpio) में प्रवेश

    27 अक्टूबर 2025 को मंगल वृश्चिक में प्रवेश करता है, यानी स्थापना कुंडली के तीसरे भाव में (संचार, मीडिया, परिवहन संपर्क और पड़ोसियों से व्यवहार)।

    यहाँ मंगल चीज़ों को तेज़ करता है और सार्वजनिक बहस का तापमान बढ़ाता है।

ग्रहण

इस अवधि में कोई ग्रहण नहीं।

इस अवधि में कोई ग्रहण नहीं पड़ता।

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