2033 में सिंगापुर: ग्रहों से संकेत
ये 2033 में सिंगापुर के लिए व्यापक संकेत हैं, उसी तरह पढ़े गए जैसे मेदिनी ज्योतिष किसी देश को पढ़ता है: हर वर्ष सूर्य के मेष में प्रवेश की कुंडली से, देश की स्थापना कुंडली से और वर्ष के ग्रहणों से। ये सार्वजनिक जीवन की प्रवृत्तियाँ बताते हैं, तय घटनाएँ नहीं।
यहाँ मेदिनी फल केवल विषयों और समय की अवधियों तक सीमित है। यह किसी सार्वजनिक व्यक्ति के बारे में कुछ नहीं कहता और किसी विशेष घटना का नाम लेने का प्रयास नहीं करता।
वर्ष कुंडली (मेष संक्रांति)
- कुंडली का समय
- लग्न
- मीन (Pisces)
- वर्ष कुंडली का स्वामी
- गुरु 12वें भाव में
सौर वर्ष 14 अप्रैल 2033 को आरंभ हुआ, जब सूर्य ने मेष में प्रवेश किया। उस क्षण सिंगापुर के लिए बनी कुंडली में मीन लग्न उदित था।
गुरु लग्न राशि का स्वामी है, इसलिए वही वर्ष कुंडली का स्वर तय करता है। वह बारहवें भाव में है, जिससे पूरे वर्ष सार्वजनिक व्यय, विदेशी निवेश, बंदरगाह और पर्दे के पीछे का काम पर ध्यान बना रहता है।
उभरकर दिखने वाले ग्रह
पहले भाव में बुध से पूरे देश और उसके लोगों की सामान्य मनःस्थिति में व्यस्त बातचीत, कागज़ी काम और तेज़ व्यापार की प्रवृत्ति रहती है।
पहले भाव में केतु से पूरे देश और उसके लोगों की सामान्य मनःस्थिति में शांत, भीतर की ओर मोड़ और पुराने ढर्रों को छोड़ना की प्रवृत्ति रहती है।
चौथे भाव में शनि से भूमि, आवास, खेती, मौसम और घरेलू माहौल में धीमा, धैर्य भरा काम, कसा हुआ बजट और कुछ देरी की प्रवृत्ति रहती है।
सातवें भाव में चंद्र से विदेश संबंध, संधियाँ और व्यापारिक साझेदार में बदलती जन भावना और रोज़ की ज़रूरतों पर ध्यान की प्रवृत्ति रहती है।
सातवें भाव में राहु से विदेश संबंध, संधियाँ और व्यापारिक साझेदार में नई और अनोखी दिशाएँ, साथ में कुछ उलझन की प्रवृत्ति रहती है।
दसवें भाव में मंगल से शासन, संस्थाएँ और दुनिया में देश की प्रतिष्ठा में तेज़ी, जल्द निर्णय और बहस में कुछ गर्मी की प्रवृत्ति रहती है।
स्थापना कुंडली
- स्थापना
- 1965-08-09
- लग्न
- कन्या (Virgo)
- चंद्र राशि
- धनु (Sagittarius)
सिंगापुर की स्थापना कुंडली (9 अगस्त 1965) में कन्या लग्न है और चंद्रमा धनु में है।
शनि
शनि मिथुन में है: स्थापना कुंडली के लग्न से दसवें भाव में (शासन, संस्थाएँ और दुनिया में देश की प्रतिष्ठा) और उसके चंद्रमा से सातवें भाव में।
यहाँ शनि इन विषयों में धैर्य, पुनर्गठन और सावधान बजट माँगता है।
गुरु
गुरु मकर में है: स्थापना कुंडली के लग्न से पाँचवें भाव में (शिक्षा, युवा, कला, मनोरंजन और शेयर बाज़ार) और उसके चंद्रमा से दूसरे भाव में।
यहाँ गुरु इन विषयों में विकास और सोची-समझी योजना को सहारा देता है।
18 मार्च 2033 को गुरु कुंभ में प्रवेश करता है: स्थापना कुंडली के लग्न से छठे भाव में (श्रमबल, सार्वजनिक सेवाएँ, सरकारी ऋण और रोज़मर्रा का प्रशासन) और उसके चंद्रमा से तीसरे भाव में।
राहु
राहु तुला में है: स्थापना कुंडली के लग्न से दूसरे भाव में (राष्ट्रीय संपदा, भंडार, खाद्य आपूर्ति और सार्वजनिक वाणी के स्वर) और उसके चंद्रमा से ग्यारहवें भाव में।
यहाँ राहु नए विचार और नई महत्वाकांक्षाएँ जगाता है, साथ में कुछ अनिश्चितता भी।
16 फ़रवरी 2033 को राहु कन्या में प्रवेश करता है: स्थापना कुंडली के लग्न से पहले भाव में (पूरे देश और उसके लोगों की सामान्य मनःस्थिति) और उसके चंद्रमा से दसवें भाव में।
केतु
केतु मेष में है: स्थापना कुंडली के लग्न से आठवें भाव में (साझा संसाधन, कर, बीमा और सार्वजनिक वित्त में अचानक बदलाव) और उसके चंद्रमा से पाँचवें भाव में।
यहाँ केतु पुराने तरीकों की समीक्षा और शांत, भीतर की ओर मोड़ लाता है।
16 फ़रवरी 2033 को केतु मीन में प्रवेश करता है: स्थापना कुंडली के लग्न से सातवें भाव में (विदेश संबंध, संधियाँ और व्यापारिक साझेदार) और उसके चंद्रमा से चौथे भाव में।
राशि बदलने वाले ग्रह
इस अवधि में कोई राशि परिवर्तन नहीं।
ग्रहण
- सूर्य ग्रहण
31 मार्च 2033 को मीन में सूर्य ग्रहण पड़ता है, यानी स्थापना कुंडली के सातवें भाव में (विदेश संबंध, संधियाँ और व्यापारिक साझेदार)।
- चंद्र ग्रहण
15 अप्रैल 2033 को तुला में चंद्र ग्रहण पड़ता है, यानी स्थापना कुंडली के दूसरे भाव में (राष्ट्रीय संपदा, भंडार, खाद्य आपूर्ति और सार्वजनिक वाणी के स्वर)।
- सूर्य ग्रहण
23 सितंबर 2033 को कन्या में सूर्य ग्रहण पड़ता है, यानी स्थापना कुंडली के पहले भाव में (पूरे देश और उसके लोगों की सामान्य मनःस्थिति)।
- चंद्र ग्रहण
8 अक्टूबर 2033 को मीन में चंद्र ग्रहण पड़ता है, यानी स्थापना कुंडली के सातवें भाव में (विदेश संबंध, संधियाँ और व्यापारिक साझेदार)।
ग्रहण के आसपास के सप्ताह उन विषयों में नए सार्वजनिक कार्य शुरू करने के बजाय समीक्षा करने और काम पूरे करने का समय माने जाते हैं।
चंद्र राशि और शास्त्रीय नियमों से सामान्य मार्गदर्शन, व्यक्तिगत फलादेश नहीं, और न ही चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह। आपके निर्णय आपके अपने हैं। इन भविष्यवाणियों का उपयोग कैसे करें, यह पढ़ें।