जनवरी 2046 में सिंगापुर: ग्रहों से संकेत
ये जनवरी 2046 में सिंगापुर के लिए व्यापक संकेत हैं, जो सूर्य के मेष प्रवेश की कुंडली, देश की स्थापना कुंडली और महीने के किसी ग्रहण से पढ़े गए हैं। ये सार्वजनिक जीवन की प्रवृत्तियाँ बताते हैं, तय घटनाएँ नहीं।
यहाँ मेदिनी फल केवल विषयों और समय की अवधियों तक सीमित है। यह किसी सार्वजनिक व्यक्ति के बारे में कुछ नहीं कहता और किसी विशेष घटना का नाम लेने का प्रयास नहीं करता।
वर्ष कुंडली (मेष संक्रांति)
- कुंडली का समय
- लग्न
- मेष (Aries)
- वर्ष कुंडली का स्वामी
- मंगल 1वें भाव में
सौर वर्ष 14 अप्रैल 2045 को आरंभ हुआ, जब सूर्य ने मेष में प्रवेश किया। उस क्षण सिंगापुर के लिए बनी कुंडली में मेष लग्न उदित था।
मंगल लग्न राशि का स्वामी है, इसलिए वही वर्ष कुंडली का स्वर तय करता है। वह पहले भाव में है, जिससे पूरे वर्ष पूरे देश और उसके लोगों की सामान्य मनःस्थिति पर ध्यान बना रहता है।
उभरकर दिखने वाले ग्रह
पहले भाव में सूर्य से पूरे देश और उसके लोगों की सामान्य मनःस्थिति में अधिकारियों का ध्यान और व्यवस्था पर ज़ोर की प्रवृत्ति रहती है।
पहले भाव में शुक्र से पूरे देश और उसके लोगों की सामान्य मनःस्थिति में सुविधा, कला और आसान समझौते की प्रवृत्ति रहती है।
आठवें भाव में शनि से साझा संसाधन, कर, बीमा और सार्वजनिक वित्त में अचानक बदलाव में धीमा, धैर्य भरा काम, कसा हुआ बजट और कुछ देरी की प्रवृत्ति रहती है।
ग्यारहवें भाव में गुरु से विधि निर्माण, गठबंधन, लाभ और साझा आशाएँ में विकास, सहारा और व्यापक अवसर की प्रवृत्ति रहती है।
स्थापना कुंडली
- स्थापना
- 1965-08-09
- लग्न
- कन्या (Virgo)
- चंद्र राशि
- धनु (Sagittarius)
सिंगापुर की स्थापना कुंडली (9 अगस्त 1965) में कन्या लग्न है और चंद्रमा धनु में है।
शनि
शनि वृश्चिक में है: स्थापना कुंडली के लग्न से तीसरे भाव में (संचार, मीडिया, परिवहन संपर्क और पड़ोसियों से व्यवहार) और उसके चंद्रमा से बारहवें भाव में।
यहाँ शनि इन विषयों में धैर्य, पुनर्गठन और सावधान बजट माँगता है।
गुरु
गुरु कुंभ में है: स्थापना कुंडली के लग्न से छठे भाव में (श्रमबल, सार्वजनिक सेवाएँ, सरकारी ऋण और रोज़मर्रा का प्रशासन) और उसके चंद्रमा से तीसरे भाव में।
यहाँ गुरु इन विषयों में विकास और सोची-समझी योजना को सहारा देता है।
राहु
राहु मकर में है: स्थापना कुंडली के लग्न से पाँचवें भाव में (शिक्षा, युवा, कला, मनोरंजन और शेयर बाज़ार) और उसके चंद्रमा से दूसरे भाव में।
यहाँ राहु नए विचार और नई महत्वाकांक्षाएँ जगाता है, साथ में कुछ अनिश्चितता भी।
केतु
केतु कर्क में है: स्थापना कुंडली के लग्न से ग्यारहवें भाव में (विधि निर्माण, गठबंधन, लाभ और साझा आशाएँ) और उसके चंद्रमा से आठवें भाव में।
यहाँ केतु पुराने तरीकों की समीक्षा और शांत, भीतर की ओर मोड़ लाता है।
इस अवधि में कोई भी धीमा ग्रह राशि नहीं बदलता, इसलिए ऊपर के विषय स्थिर रहते हैं।
राशि बदलने वाले ग्रह
- सूर्य का मकर (Capricorn) में प्रवेश
14 जनवरी 2046 को सूर्य मकर में प्रवेश करता है, यानी स्थापना कुंडली के पाँचवें भाव में (शिक्षा, युवा, कला, मनोरंजन और शेयर बाज़ार)।
सूर्य का यह महीना इन विषयों के सरकारी पक्ष को सामने लाता है।
- मंगल का तुला (Libra) में प्रवेश
20 जनवरी 2046 को मंगल तुला में प्रवेश करता है, यानी स्थापना कुंडली के दूसरे भाव में (राष्ट्रीय संपदा, भंडार, खाद्य आपूर्ति और सार्वजनिक वाणी के स्वर)।
यहाँ मंगल चीज़ों को तेज़ करता है और सार्वजनिक बहस का तापमान बढ़ाता है।
ग्रहण
- चंद्र ग्रहण
22 जनवरी 2046 को कर्क में चंद्र ग्रहण पड़ता है, यानी स्थापना कुंडली के ग्यारहवें भाव में (विधि निर्माण, गठबंधन, लाभ और साझा आशाएँ)।
ग्रहण के आसपास के सप्ताह उन विषयों में नए सार्वजनिक कार्य शुरू करने के बजाय समीक्षा करने और काम पूरे करने का समय माने जाते हैं।
सभी फलादेश और परिणाम सांकेतिक हैं, जो चंद्र राशि और शास्त्रीय नियमों से हमारी गणनाओं में यथासंभव सावधानी से निकाले गए हैं। ये व्यक्तिगत फलादेश नहीं हैं, न ही चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह, और इन पर लिए गए निर्णयों की कोई ज़िम्मेदारी यह वेबसाइट या इसके पीछे का व्यवसाय नहीं लेता। इन भविष्यवाणियों का उपयोग कैसे करें, यह पढ़ें।