अगस्त 2004 में संयुक्त अरब अमीरात: ग्रहों से संकेत
ये अगस्त 2004 में संयुक्त अरब अमीरात के लिए व्यापक संकेत हैं, जो सूर्य के मेष प्रवेश की कुंडली, देश की स्थापना कुंडली और महीने के किसी ग्रहण से पढ़े गए हैं। ये सार्वजनिक जीवन की प्रवृत्तियाँ बताते हैं, तय घटनाएँ नहीं।
इस पृष्ठ पर संयुक्त अरब अमीरात की कोई स्थापना कुंडली नहीं ली गई है, इसलिए यह अबू धाबी के लिए बनी मेष संक्रांति कुंडली और ग्रहणों से पढ़ा गया है।
यहाँ मेदिनी फल केवल विषयों और समय की अवधियों तक सीमित है। यह किसी सार्वजनिक व्यक्ति के बारे में कुछ नहीं कहता और किसी विशेष घटना का नाम लेने का प्रयास नहीं करता।
वर्ष कुंडली (मेष संक्रांति)
- कुंडली का समय
- लग्न
- कन्या (Virgo)
- वर्ष कुंडली का स्वामी
- बुध 8वें भाव में
सौर वर्ष 13 अप्रैल 2004 को आरंभ हुआ, जब सूर्य ने मेष में प्रवेश किया। उस क्षण अबू धाबी के लिए बनी कुंडली में कन्या लग्न उदित था।
बुध लग्न राशि का स्वामी है, इसलिए वही वर्ष कुंडली का स्वर तय करता है। वह आठवें भाव में है, जिससे पूरे वर्ष साझा संसाधन, कर, बीमा और सार्वजनिक वित्त में अचानक बदलाव पर ध्यान बना रहता है।
उभरकर दिखने वाले ग्रह
दसवें भाव में शनि से शासन, संस्थाएँ और दुनिया में देश की प्रतिष्ठा में धीमा, धैर्य भरा काम, कसा हुआ बजट और कुछ देरी की प्रवृत्ति रहती है।
बारहवें भाव में गुरु से सार्वजनिक व्यय, विदेशी निवेश, बंदरगाह और पर्दे के पीछे का काम में विकास, सहारा और व्यापक अवसर की प्रवृत्ति रहती है।
स्थापना कुंडली
इस देश की स्थापना कुंडली नहीं पढ़ी जाती: इसका कोई तय समय नहीं है, या यह यहाँ की कुंडलियों की पहुँच से पुराना है।
राशि बदलने वाले ग्रह
- मंगल का सिंह (Leo) में प्रवेश
31 जुलाई 2004 को मंगल सिंह में प्रवेश करता है, यानी वर्ष कुंडली के बारहवें भाव में (सार्वजनिक व्यय, विदेशी निवेश, बंदरगाह और पर्दे के पीछे का काम)।
यहाँ मंगल चीज़ों को तेज़ करता है और सार्वजनिक बहस का तापमान बढ़ाता है।
- सूर्य का सिंह (Leo) में प्रवेश
16 अगस्त 2004 को सूर्य सिंह में प्रवेश करता है, यानी वर्ष कुंडली के बारहवें भाव में (सार्वजनिक व्यय, विदेशी निवेश, बंदरगाह और पर्दे के पीछे का काम)।
सूर्य का यह महीना इन विषयों के सरकारी पक्ष को सामने लाता है।
- गुरु का कन्या (Virgo) में प्रवेश
27 अगस्त 2004 को गुरु कन्या में प्रवेश करता है, यानी वर्ष कुंडली के पहले भाव में (पूरे देश और उसके लोगों की सामान्य मनःस्थिति)।
यहाँ गुरु इन विषयों में विकास और सोची-समझी योजना को सहारा देता है।
ग्रहण
इस अवधि में कोई ग्रहण नहीं।
इस अवधि में कोई ग्रहण नहीं पड़ता।
चंद्र राशि और शास्त्रीय नियमों से सामान्य मार्गदर्शन, व्यक्तिगत फलादेश नहीं, और न ही चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह। आपके निर्णय आपके अपने हैं। इन भविष्यवाणियों का उपयोग कैसे करें, यह पढ़ें।