जनवरी 2023 में संयुक्त अरब अमीरात: ग्रहों से संकेत
ये जनवरी 2023 में संयुक्त अरब अमीरात के लिए व्यापक संकेत हैं, जो सूर्य के मेष प्रवेश की कुंडली, देश की स्थापना कुंडली और महीने के किसी ग्रहण से पढ़े गए हैं। ये सार्वजनिक जीवन की प्रवृत्तियाँ बताते हैं, तय घटनाएँ नहीं।
इस पृष्ठ पर संयुक्त अरब अमीरात की कोई स्थापना कुंडली नहीं ली गई है, इसलिए यह अबू धाबी के लिए बनी मेष संक्रांति कुंडली और ग्रहणों से पढ़ा गया है।
यहाँ मेदिनी फल केवल विषयों और समय की अवधियों तक सीमित है। यह किसी सार्वजनिक व्यक्ति के बारे में कुछ नहीं कहता और किसी विशेष घटना का नाम लेने का प्रयास नहीं करता।
वर्ष कुंडली (मेष संक्रांति)
- कुंडली का समय
- लग्न
- मेष (Aries)
- वर्ष कुंडली का स्वामी
- मंगल 11वें भाव में
सौर वर्ष 14 अप्रैल 2022 को आरंभ हुआ, जब सूर्य ने मेष में प्रवेश किया। उस क्षण अबू धाबी के लिए बनी कुंडली में मेष लग्न उदित था।
मंगल लग्न राशि का स्वामी है, इसलिए वही वर्ष कुंडली का स्वर तय करता है। वह ग्यारहवें भाव में है, जिससे पूरे वर्ष विधि निर्माण, गठबंधन, लाभ और साझा आशाएँ पर ध्यान बना रहता है।
उभरकर दिखने वाले ग्रह
पहले भाव में सूर्य से पूरे देश और उसके लोगों की सामान्य मनःस्थिति में अधिकारियों का ध्यान और व्यवस्था पर ज़ोर की प्रवृत्ति रहती है।
पहले भाव में बुध से पूरे देश और उसके लोगों की सामान्य मनःस्थिति में व्यस्त बातचीत, कागज़ी काम और तेज़ व्यापार की प्रवृत्ति रहती है।
पहले भाव में राहु से पूरे देश और उसके लोगों की सामान्य मनःस्थिति में नई और अनोखी दिशाएँ, साथ में कुछ उलझन की प्रवृत्ति रहती है।
सातवें भाव में केतु से विदेश संबंध, संधियाँ और व्यापारिक साझेदार में शांत, भीतर की ओर मोड़ और पुराने ढर्रों को छोड़ना की प्रवृत्ति रहती है।
दसवें भाव में शनि से शासन, संस्थाएँ और दुनिया में देश की प्रतिष्ठा में धीमा, धैर्य भरा काम, कसा हुआ बजट और कुछ देरी की प्रवृत्ति रहती है।
बारहवें भाव में गुरु से सार्वजनिक व्यय, विदेशी निवेश, बंदरगाह और पर्दे के पीछे का काम में विकास, सहारा और व्यापक अवसर की प्रवृत्ति रहती है।
स्थापना कुंडली
इस देश की स्थापना कुंडली नहीं पढ़ी जाती: इसका कोई तय समय नहीं है, या यह यहाँ की कुंडलियों की पहुँच से पुराना है।
राशि बदलने वाले ग्रह
- सूर्य का मकर (Capricorn) में प्रवेश
14 जनवरी 2023 को सूर्य मकर में प्रवेश करता है, यानी वर्ष कुंडली के दसवें भाव में (शासन, संस्थाएँ और दुनिया में देश की प्रतिष्ठा)।
सूर्य का यह महीना इन विषयों के सरकारी पक्ष को सामने लाता है।
- शनि का कुंभ (Aquarius) में प्रवेश
17 जनवरी 2023 को शनि कुंभ में प्रवेश करता है, यानी वर्ष कुंडली के ग्यारहवें भाव में (विधि निर्माण, गठबंधन, लाभ और साझा आशाएँ)।
यहाँ शनि इन विषयों में धैर्य, पुनर्गठन और सावधान बजट माँगता है।
ग्रहण
इस अवधि में कोई ग्रहण नहीं।
इस अवधि में कोई ग्रहण नहीं पड़ता।
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