जनवरी 2007 में यूनाइटेड किंगडम: ग्रहों से संकेत
ये जनवरी 2007 में यूनाइटेड किंगडम के लिए व्यापक संकेत हैं, जो सूर्य के मेष प्रवेश की कुंडली, देश की स्थापना कुंडली और महीने के किसी ग्रहण से पढ़े गए हैं। ये सार्वजनिक जीवन की प्रवृत्तियाँ बताते हैं, तय घटनाएँ नहीं।
इस पृष्ठ पर यूनाइटेड किंगडम की कोई स्थापना कुंडली नहीं ली गई है, इसलिए यह लंदन के लिए बनी मेष संक्रांति कुंडली और ग्रहणों से पढ़ा गया है।
यहाँ मेदिनी फल केवल विषयों और समय की अवधियों तक सीमित है। यह किसी सार्वजनिक व्यक्ति के बारे में कुछ नहीं कहता और किसी विशेष घटना का नाम लेने का प्रयास नहीं करता।
वर्ष कुंडली (मेष संक्रांति)
- कुंडली का समय
- लग्न
- धनु (Sagittarius)
- वर्ष कुंडली का स्वामी
- गुरु 11वें भाव में
सौर वर्ष 14 अप्रैल 2006 को आरंभ हुआ, जब सूर्य ने मेष में प्रवेश किया। उस क्षण लंदन के लिए बनी कुंडली में धनु लग्न उदित था।
गुरु लग्न राशि का स्वामी है, इसलिए वही वर्ष कुंडली का स्वर तय करता है। वह ग्यारहवें भाव में है, जिससे पूरे वर्ष विधि निर्माण, गठबंधन, लाभ और साझा आशाएँ पर ध्यान बना रहता है।
उभरकर दिखने वाले ग्रह
चौथे भाव में बुध से भूमि, आवास, खेती, मौसम और घरेलू माहौल में व्यस्त बातचीत, कागज़ी काम और तेज़ व्यापार की प्रवृत्ति रहती है।
चौथे भाव में राहु से भूमि, आवास, खेती, मौसम और घरेलू माहौल में नई और अनोखी दिशाएँ, साथ में कुछ उलझन की प्रवृत्ति रहती है।
सातवें भाव में मंगल से विदेश संबंध, संधियाँ और व्यापारिक साझेदार में तेज़ी, जल्द निर्णय और बहस में कुछ गर्मी की प्रवृत्ति रहती है।
आठवें भाव में शनि से साझा संसाधन, कर, बीमा और सार्वजनिक वित्त में अचानक बदलाव में धीमा, धैर्य भरा काम, कसा हुआ बजट और कुछ देरी की प्रवृत्ति रहती है।
दसवें भाव में केतु से शासन, संस्थाएँ और दुनिया में देश की प्रतिष्ठा में शांत, भीतर की ओर मोड़ और पुराने ढर्रों को छोड़ना की प्रवृत्ति रहती है।
स्थापना कुंडली
इस देश की स्थापना कुंडली नहीं पढ़ी जाती: इसका कोई तय समय नहीं है, या यह यहाँ की कुंडलियों की पहुँच से पुराना है।
राशि बदलने वाले ग्रह
- मंगल का धनु (Sagittarius) में प्रवेश
8 जनवरी 2007 को मंगल धनु में प्रवेश करता है, यानी वर्ष कुंडली के पहले भाव में (पूरे देश और उसके लोगों की सामान्य मनःस्थिति)।
यहाँ मंगल चीज़ों को तेज़ करता है और सार्वजनिक बहस का तापमान बढ़ाता है।
- शनि का कर्क (Cancer) में प्रवेश
10 जनवरी 2007 को शनि कर्क में प्रवेश करता है, यानी वर्ष कुंडली के आठवें भाव में (साझा संसाधन, कर, बीमा और सार्वजनिक वित्त में अचानक बदलाव)।
यहाँ शनि इन विषयों में धैर्य, पुनर्गठन और सावधान बजट माँगता है।
- सूर्य का मकर (Capricorn) में प्रवेश
14 जनवरी 2007 को सूर्य मकर में प्रवेश करता है, यानी वर्ष कुंडली के दूसरे भाव में (राष्ट्रीय संपदा, भंडार, खाद्य आपूर्ति और सार्वजनिक वाणी के स्वर)।
सूर्य का यह महीना इन विषयों के सरकारी पक्ष को सामने लाता है।
ग्रहण
इस अवधि में कोई ग्रहण नहीं।
इस अवधि में कोई ग्रहण नहीं पड़ता।
चंद्र राशि और शास्त्रीय नियमों से सामान्य मार्गदर्शन, व्यक्तिगत फलादेश नहीं, और न ही चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह। आपके निर्णय आपके अपने हैं। इन भविष्यवाणियों का उपयोग कैसे करें, यह पढ़ें।