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2030 में यूनाइटेड किंगडम: ग्रहों से संकेत

ये 2030 में यूनाइटेड किंगडम के लिए व्यापक संकेत हैं, उसी तरह पढ़े गए जैसे मेदिनी ज्योतिष किसी देश को पढ़ता है: हर वर्ष सूर्य के मेष में प्रवेश की कुंडली से, देश की स्थापना कुंडली से और वर्ष के ग्रहणों से। ये सार्वजनिक जीवन की प्रवृत्तियाँ बताते हैं, तय घटनाएँ नहीं।

इस पृष्ठ पर यूनाइटेड किंगडम की कोई स्थापना कुंडली नहीं ली गई है, इसलिए यह लंदन के लिए बनी मेष संक्रांति कुंडली और ग्रहणों से पढ़ा गया है।

यहाँ मेदिनी फल केवल विषयों और समय की अवधियों तक सीमित है। यह किसी सार्वजनिक व्यक्ति के बारे में कुछ नहीं कहता और किसी विशेष घटना का नाम लेने का प्रयास नहीं करता।

वर्ष कुंडली (मेष संक्रांति)

कुंडली का समय
लग्न
मीन (Pisces)
वर्ष कुंडली का स्वामी
गुरु 9वें भाव में

सौर वर्ष 14 अप्रैल 2030 को आरंभ हुआ, जब सूर्य ने मेष में प्रवेश किया। उस क्षण लंदन के लिए बनी कुंडली में मीन लग्न उदित था।

गुरु लग्न राशि का स्वामी है, इसलिए वही वर्ष कुंडली का स्वर तय करता है। वह नौवें भाव में है, जिससे पूरे वर्ष उच्च शिक्षा, आस्था, लंबी यात्राएँ और दूर का व्यापार पर ध्यान बना रहता है।

उभरकर दिखने वाले ग्रह

  • शनि

    दूसरे भाव में शनि से राष्ट्रीय संपदा, भंडार, खाद्य आपूर्ति और सार्वजनिक वाणी के स्वर में धीमा, धैर्य भरा काम, कसा हुआ बजट और कुछ देरी की प्रवृत्ति रहती है।

स्थापना कुंडली

इस देश की स्थापना कुंडली नहीं पढ़ी जाती: इसका कोई तय समय नहीं है, या यह यहाँ की कुंडलियों की पहुँच से पुराना है।

राशि बदलने वाले ग्रह

  • गुरु का वृश्चिक (Scorpio) में प्रवेश

    24 जनवरी 2030 को गुरु वृश्चिक में प्रवेश करता है, यानी वर्ष कुंडली के नौवें भाव में (उच्च शिक्षा, आस्था, लंबी यात्राएँ और दूर का व्यापार)।

    यहाँ गुरु इन विषयों में विकास और सोची-समझी योजना को सहारा देता है।

  • शनि का वृषभ (Taurus) में प्रवेश

    17 अप्रैल 2030 को शनि वृषभ में प्रवेश करता है, यानी वर्ष कुंडली के तीसरे भाव में (संचार, मीडिया, परिवहन संपर्क और पड़ोसियों से व्यवहार)।

    यहाँ शनि इन विषयों में धैर्य, पुनर्गठन और सावधान बजट माँगता है।

  • गुरु का तुला (Libra) में प्रवेश

    1 मई 2030 को गुरु तुला में प्रवेश करता है, यानी वर्ष कुंडली के आठवें भाव में (साझा संसाधन, कर, बीमा और सार्वजनिक वित्त में अचानक बदलाव)।

    यहाँ गुरु इन विषयों में विकास और सोची-समझी योजना को सहारा देता है।

  • गुरु का वृश्चिक (Scorpio) में प्रवेश

    22 सितंबर 2030 को गुरु वृश्चिक में प्रवेश करता है, यानी वर्ष कुंडली के नौवें भाव में (उच्च शिक्षा, आस्था, लंबी यात्राएँ और दूर का व्यापार)।

    यहाँ गुरु इन विषयों में विकास और सोची-समझी योजना को सहारा देता है।

ग्रहण

  • सूर्य ग्रहण

    1 जून 2030 को वृषभ में सूर्य ग्रहण पड़ता है, यानी वर्ष कुंडली के तीसरे भाव में (संचार, मीडिया, परिवहन संपर्क और पड़ोसियों से व्यवहार)।

  • चंद्र ग्रहण

    15 जून 2030 को धनु में चंद्र ग्रहण पड़ता है, यानी वर्ष कुंडली के दसवें भाव में (शासन, संस्थाएँ और दुनिया में देश की प्रतिष्ठा)।

  • सूर्य ग्रहण

    25 नवंबर 2030 को वृश्चिक में सूर्य ग्रहण पड़ता है, यानी वर्ष कुंडली के नौवें भाव में (उच्च शिक्षा, आस्था, लंबी यात्राएँ और दूर का व्यापार)।

ग्रहण के आसपास के सप्ताह उन विषयों में नए सार्वजनिक कार्य शुरू करने के बजाय समीक्षा करने और काम पूरे करने का समय माने जाते हैं।

सभी देश

चंद्र राशि और शास्त्रीय नियमों से सामान्य मार्गदर्शन, व्यक्तिगत फलादेश नहीं, और न ही चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह। आपके निर्णय आपके अपने हैं। इन भविष्यवाणियों का उपयोग कैसे करें, यह पढ़ें।