2045 में यूनाइटेड किंगडम: ग्रहों से संकेत
ये 2045 में यूनाइटेड किंगडम के लिए व्यापक संकेत हैं, उसी तरह पढ़े गए जैसे मेदिनी ज्योतिष किसी देश को पढ़ता है: हर वर्ष सूर्य के मेष में प्रवेश की कुंडली से, देश की स्थापना कुंडली से और वर्ष के ग्रहणों से। ये सार्वजनिक जीवन की प्रवृत्तियाँ बताते हैं, तय घटनाएँ नहीं।
इस पृष्ठ पर यूनाइटेड किंगडम की कोई स्थापना कुंडली नहीं ली गई है, इसलिए यह लंदन के लिए बनी मेष संक्रांति कुंडली और ग्रहणों से पढ़ा गया है।
यहाँ मेदिनी फल केवल विषयों और समय की अवधियों तक सीमित है। यह किसी सार्वजनिक व्यक्ति के बारे में कुछ नहीं कहता और किसी विशेष घटना का नाम लेने का प्रयास नहीं करता।
वर्ष कुंडली (मेष संक्रांति)
- कुंडली का समय
- लग्न
- धनु (Sagittarius)
- वर्ष कुंडली का स्वामी
- गुरु 3वें भाव में
सौर वर्ष 14 अप्रैल 2045 को आरंभ हुआ, जब सूर्य ने मेष में प्रवेश किया। उस क्षण लंदन के लिए बनी कुंडली में धनु लग्न उदित था।
गुरु लग्न राशि का स्वामी है, इसलिए वही वर्ष कुंडली का स्वर तय करता है। वह तीसरे भाव में है, जिससे पूरे वर्ष संचार, मीडिया, परिवहन संपर्क और पड़ोसियों से व्यवहार पर ध्यान बना रहता है।
उभरकर दिखने वाले ग्रह
चौथे भाव में बुध से भूमि, आवास, खेती, मौसम और घरेलू माहौल में व्यस्त बातचीत, कागज़ी काम और तेज़ व्यापार की प्रवृत्ति रहती है।
बारहवें भाव में शनि से सार्वजनिक व्यय, विदेशी निवेश, बंदरगाह और पर्दे के पीछे का काम में धीमा, धैर्य भरा काम, कसा हुआ बजट और कुछ देरी की प्रवृत्ति रहती है।
स्थापना कुंडली
इस देश की स्थापना कुंडली नहीं पढ़ी जाती: इसका कोई तय समय नहीं है, या यह यहाँ की कुंडलियों की पहुँच से पुराना है।
राशि बदलने वाले ग्रह
- गुरु का कुंभ (Aquarius) में प्रवेश
1 मार्च 2045 को गुरु कुंभ में प्रवेश करता है, यानी वर्ष कुंडली के तीसरे भाव में (संचार, मीडिया, परिवहन संपर्क और पड़ोसियों से व्यवहार)।
यहाँ गुरु इन विषयों में विकास और सोची-समझी योजना को सहारा देता है।
- केतु का कर्क (Cancer) में प्रवेश
12 जुलाई 2045 को केतु कर्क में प्रवेश करता है, यानी वर्ष कुंडली के आठवें भाव में (साझा संसाधन, कर, बीमा और सार्वजनिक वित्त में अचानक बदलाव)।
यहाँ केतु पुराने तरीकों की समीक्षा और शांत, भीतर की ओर मोड़ लाता है।
- राहु का मकर (Capricorn) में प्रवेश
12 जुलाई 2045 को राहु मकर में प्रवेश करता है, यानी वर्ष कुंडली के दूसरे भाव में (राष्ट्रीय संपदा, भंडार, खाद्य आपूर्ति और सार्वजनिक वाणी के स्वर)।
यहाँ राहु नए विचार और नई महत्वाकांक्षाएँ जगाता है, साथ में कुछ अनिश्चितता भी।
ग्रहण
- सूर्य ग्रहण
16 फ़रवरी 2045 को कुंभ में सूर्य ग्रहण पड़ता है, यानी वर्ष कुंडली के तीसरे भाव में (संचार, मीडिया, परिवहन संपर्क और पड़ोसियों से व्यवहार)।
- सूर्य ग्रहण
12 अगस्त 2045 को कर्क में सूर्य ग्रहण पड़ता है, यानी वर्ष कुंडली के आठवें भाव में (साझा संसाधन, कर, बीमा और सार्वजनिक वित्त में अचानक बदलाव)।
ग्रहण के आसपास के सप्ताह उन विषयों में नए सार्वजनिक कार्य शुरू करने के बजाय समीक्षा करने और काम पूरे करने का समय माने जाते हैं।
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