जनवरी 2006 में अमेरिका: ग्रहों से संकेत
ये जनवरी 2006 में अमेरिका के लिए व्यापक संकेत हैं, जो सूर्य के मेष प्रवेश की कुंडली, देश की स्थापना कुंडली और महीने के किसी ग्रहण से पढ़े गए हैं। ये सार्वजनिक जीवन की प्रवृत्तियाँ बताते हैं, तय घटनाएँ नहीं।
इस पृष्ठ पर अमेरिका की कोई स्थापना कुंडली नहीं ली गई है, इसलिए यह वॉशिंगटन डीसी के लिए बनी मेष संक्रांति कुंडली और ग्रहणों से पढ़ा गया है।
यहाँ मेदिनी फल केवल विषयों और समय की अवधियों तक सीमित है। यह किसी सार्वजनिक व्यक्ति के बारे में कुछ नहीं कहता और किसी विशेष घटना का नाम लेने का प्रयास नहीं करता।
वर्ष कुंडली (मेष संक्रांति)
- कुंडली का समय
- लग्न
- कर्क (Cancer)
- वर्ष कुंडली का स्वामी
- चंद्र 11वें भाव में
सौर वर्ष 13 अप्रैल 2005 को आरंभ हुआ, जब सूर्य ने मेष में प्रवेश किया। उस क्षण वॉशिंगटन डीसी के लिए बनी कुंडली में कर्क लग्न उदित था।
चंद्र लग्न राशि का स्वामी है, इसलिए वही वर्ष कुंडली का स्वर तय करता है। वह ग्यारहवें भाव में है, जिससे पूरे वर्ष विधि निर्माण, गठबंधन, लाभ और साझा आशाएँ पर ध्यान बना रहता है।
उभरकर दिखने वाले ग्रह
तीसरे भाव में गुरु से संचार, मीडिया, परिवहन संपर्क और पड़ोसियों से व्यवहार में विकास, सहारा और व्यापक अवसर की प्रवृत्ति रहती है।
सातवें भाव में मंगल से विदेश संबंध, संधियाँ और व्यापारिक साझेदार में तेज़ी, जल्द निर्णय और बहस में कुछ गर्मी की प्रवृत्ति रहती है।
दसवें भाव में सूर्य से शासन, संस्थाएँ और दुनिया में देश की प्रतिष्ठा में अधिकारियों का ध्यान और व्यवस्था पर ज़ोर की प्रवृत्ति रहती है।
दसवें भाव में शुक्र से शासन, संस्थाएँ और दुनिया में देश की प्रतिष्ठा में सुविधा, कला और आसान समझौते की प्रवृत्ति रहती है।
बारहवें भाव में शनि से सार्वजनिक व्यय, विदेशी निवेश, बंदरगाह और पर्दे के पीछे का काम में धीमा, धैर्य भरा काम, कसा हुआ बजट और कुछ देरी की प्रवृत्ति रहती है।
स्थापना कुंडली
इस देश की स्थापना कुंडली नहीं पढ़ी जाती: इसका कोई तय समय नहीं है, या यह यहाँ की कुंडलियों की पहुँच से पुराना है।
राशि बदलने वाले ग्रह
- सूर्य का मकर (Capricorn) में प्रवेश
14 जनवरी 2006 को सूर्य मकर में प्रवेश करता है, यानी वर्ष कुंडली के सातवें भाव में (विदेश संबंध, संधियाँ और व्यापारिक साझेदार)।
सूर्य का यह महीना इन विषयों के सरकारी पक्ष को सामने लाता है।
ग्रहण
इस अवधि में कोई ग्रहण नहीं।
इस अवधि में कोई ग्रहण नहीं पड़ता।
चंद्र राशि और शास्त्रीय नियमों से सामान्य मार्गदर्शन, व्यक्तिगत फलादेश नहीं, और न ही चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह। आपके निर्णय आपके अपने हैं। इन भविष्यवाणियों का उपयोग कैसे करें, यह पढ़ें।