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2011 में अमेरिका: ग्रहों से संकेत

ये 2011 में अमेरिका के लिए व्यापक संकेत हैं, उसी तरह पढ़े गए जैसे मेदिनी ज्योतिष किसी देश को पढ़ता है: हर वर्ष सूर्य के मेष में प्रवेश की कुंडली से, देश की स्थापना कुंडली से और वर्ष के ग्रहणों से। ये सार्वजनिक जीवन की प्रवृत्तियाँ बताते हैं, तय घटनाएँ नहीं।

इस पृष्ठ पर अमेरिका की कोई स्थापना कुंडली नहीं ली गई है, इसलिए यह वॉशिंगटन डीसी के लिए बनी मेष संक्रांति कुंडली और ग्रहणों से पढ़ा गया है।

यहाँ मेदिनी फल केवल विषयों और समय की अवधियों तक सीमित है। यह किसी सार्वजनिक व्यक्ति के बारे में कुछ नहीं कहता और किसी विशेष घटना का नाम लेने का प्रयास नहीं करता।

वर्ष कुंडली (मेष संक्रांति)

कुंडली का समय
लग्न
मकर (Capricorn)
वर्ष कुंडली का स्वामी
शनि 9वें भाव में

सौर वर्ष 14 अप्रैल 2011 को आरंभ हुआ, जब सूर्य ने मेष में प्रवेश किया। उस क्षण वॉशिंगटन डीसी के लिए बनी कुंडली में मकर लग्न उदित था।

शनि लग्न राशि का स्वामी है, इसलिए वही वर्ष कुंडली का स्वर तय करता है। वह नौवें भाव में है, जिससे पूरे वर्ष उच्च शिक्षा, आस्था, लंबी यात्राएँ और दूर का व्यापार पर ध्यान बना रहता है।

उभरकर दिखने वाले ग्रह

  • गुरु

    तीसरे भाव में गुरु से संचार, मीडिया, परिवहन संपर्क और पड़ोसियों से व्यवहार में विकास, सहारा और व्यापक अवसर की प्रवृत्ति रहती है।

  • सूर्य

    चौथे भाव में सूर्य से भूमि, आवास, खेती, मौसम और घरेलू माहौल में अधिकारियों का ध्यान और व्यवस्था पर ज़ोर की प्रवृत्ति रहती है।

स्थापना कुंडली

इस देश की स्थापना कुंडली नहीं पढ़ी जाती: इसका कोई तय समय नहीं है, या यह यहाँ की कुंडलियों की पहुँच से पुराना है।

राशि बदलने वाले ग्रह

  • गुरु का मेष (Aries) में प्रवेश

    8 मई 2011 को गुरु मेष में प्रवेश करता है, यानी वर्ष कुंडली के चौथे भाव में (भूमि, आवास, खेती, मौसम और घरेलू माहौल)।

    यहाँ गुरु इन विषयों में विकास और सोची-समझी योजना को सहारा देता है।

  • केतु का वृषभ (Taurus) में प्रवेश

    6 जून 2011 को केतु वृषभ में प्रवेश करता है, यानी वर्ष कुंडली के पाँचवें भाव में (शिक्षा, युवा, कला, मनोरंजन और शेयर बाज़ार)।

    यहाँ केतु पुराने तरीकों की समीक्षा और शांत, भीतर की ओर मोड़ लाता है।

  • राहु का वृश्चिक (Scorpio) में प्रवेश

    6 जून 2011 को राहु वृश्चिक में प्रवेश करता है, यानी वर्ष कुंडली के ग्यारहवें भाव में (विधि निर्माण, गठबंधन, लाभ और साझा आशाएँ)।

    यहाँ राहु नए विचार और नई महत्वाकांक्षाएँ जगाता है, साथ में कुछ अनिश्चितता भी।

  • शनि का तुला (Libra) में प्रवेश

    14 नवंबर 2011 को शनि तुला में प्रवेश करता है, यानी वर्ष कुंडली के दसवें भाव में (शासन, संस्थाएँ और दुनिया में देश की प्रतिष्ठा)।

    यहाँ शनि इन विषयों में धैर्य, पुनर्गठन और सावधान बजट माँगता है।

ग्रहण

  • सूर्य ग्रहण

    4 जनवरी 2011 को धनु में सूर्य ग्रहण पड़ता है, यानी वर्ष कुंडली के बारहवें भाव में (सार्वजनिक व्यय, विदेशी निवेश, बंदरगाह और पर्दे के पीछे का काम)।

  • सूर्य ग्रहण

    1 जून 2011 को वृषभ में सूर्य ग्रहण पड़ता है, यानी वर्ष कुंडली के पाँचवें भाव में (शिक्षा, युवा, कला, मनोरंजन और शेयर बाज़ार)।

  • चंद्र ग्रहण

    15 जून 2011 को धनु में चंद्र ग्रहण पड़ता है, यानी वर्ष कुंडली के बारहवें भाव में (सार्वजनिक व्यय, विदेशी निवेश, बंदरगाह और पर्दे के पीछे का काम)।

  • सूर्य ग्रहण

    1 जुलाई 2011 को मिथुन में सूर्य ग्रहण पड़ता है, यानी वर्ष कुंडली के छठे भाव में (श्रमबल, सार्वजनिक सेवाएँ, सरकारी ऋण और रोज़मर्रा का प्रशासन)।

  • सूर्य ग्रहण

    25 नवंबर 2011 को वृश्चिक में सूर्य ग्रहण पड़ता है, यानी वर्ष कुंडली के ग्यारहवें भाव में (विधि निर्माण, गठबंधन, लाभ और साझा आशाएँ)।

  • चंद्र ग्रहण

    10 दिसंबर 2011 को वृषभ में चंद्र ग्रहण पड़ता है, यानी वर्ष कुंडली के पाँचवें भाव में (शिक्षा, युवा, कला, मनोरंजन और शेयर बाज़ार)।

ग्रहण के आसपास के सप्ताह उन विषयों में नए सार्वजनिक कार्य शुरू करने के बजाय समीक्षा करने और काम पूरे करने का समय माने जाते हैं।

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