गुरु मकर राशि में 2020
30 मार्च 2020 से 20 नवंबर 2021 तक
गुरु 30 मार्च 2020 को मकर राशि में प्रवेश करता है। धीमे ग्रह का राशि परिवर्तन हर चंद्र राशि के साल पर असर डालता है, हर एक के अपने भाव में; नीचे बारहों राशियों के लिए इसे पढ़ा गया है।
गुरु के गोचर विकास, मार्गदर्शन और अच्छी सलाह के बारे में हैं। जहाँ से गुरु गुज़रता है, वहाँ मदद और अवसर अधिक सहजता से आते हैं।
तिथियाँ
गुरु 20 नवंबर 2021 को अंतिम बार मकर राशि छोड़ता है।
अपनी वक्री चाल में गुरु यह सीमा एक से अधिक बार पार करता है। यह मकर राशि में 30 मार्च 2020 से 30 जून 2020 तक, 20 नवंबर 2020 से 6 अप्रैल 2021 तक और 14 सितंबर 2021 से 20 नवंबर 2021 तक रहता है।
अलग-अलग अवधियाँ
- 130 मार्च 2020 से 30 जून 2020 तक
- 220 नवंबर 2020 से 6 अप्रैल 2021 तक
- 314 सितंबर 2021 से 20 नवंबर 2021 तक
चाल बदलने की तिथियाँ
- 14 मई 2020वक्री: 14 मई 2020: गुरु मकर राशि में वक्री होता है।
- 18 अक्टूबर 2021मार्गी: 18 अक्टूबर 2021: गुरु मकर राशि में मार्गी होता है।
हर चंद्र राशि के लिए इसका अर्थ
मेष (Aries)
सावधानीमेष: गुरु आपके दसवें भाव में
दसवें भाव में गुरु काम में बदलाव और तनाव ला सकता है। अपनी साख की रक्षा करें और शॉर्टकट से बचें।
वृषभ (Taurus)
शुभवृषभ: गुरु आपके नौवें भाव में
नौवें भाव में गुरु आस्था, उच्च शिक्षा और सौभाग्य के लिए अनुकूल है। बड़े और गुरुजन साथ देते हैं।
मिथुन (Gemini)
सावधानीमिथुन: गुरु आपके आठवें भाव में
आठवें भाव में गुरु रुकावटें और अप्रत्याशित खर्च ला सकता है। जोखिम भरे कामों से बचें और विवादों से दूर रहें।
कर्क (Cancer)
शुभकर्क: गुरु आपके सातवें भाव में
सातवें भाव में गुरु विवाह, साझेदारी और अच्छी संगति के लिए अनुकूल है। समझौतों और यात्रा के लिए सहायक समय है।
सिंह (Leo)
सावधानीसिंह: गुरु आपके छठे भाव में
छठे भाव में गुरु प्रतिद्वंद्वी और रुके काम या कर्ज़ का दबाव ला सकता है। उधार देने से बचें और अपनी बात पर टिके रहें।
कन्या (Virgo)
शुभकन्या: गुरु आपके पाँचवें भाव में
पाँचवें भाव में गुरु पढ़ाई, बच्चों और रचनात्मक काम के लिए अनुकूल है। सही निर्णय और ज्ञानी लोगों का साथ मिलता है।
तुला (Libra)
सावधानीतुला: गुरु आपके चौथे भाव में
चौथे भाव में गुरु घर या पारिवारिक मामलों को लेकर चिंता ला सकता है। धैर्य और दया से बातें संभली रहती हैं।
वृश्चिक (Scorpio)
सावधानीवृश्चिक: गुरु आपके तीसरे भाव में
तीसरे भाव में गुरु प्रयासों को धीमा कर सकता है और स्थान परिवर्तन ला सकता है। योजनाएँ लचीली रखें और स्थिरता से आगे बढ़ें।
धनु (Sagittarius)
शुभधनु: गुरु आपके दूसरे भाव में
दूसरे भाव में गुरु धन और परिवार के लिए अनुकूल है। बचत बढ़ती है और आपकी बात का वज़न होता है।
मकर (Capricorn)
सावधानीमकर: गुरु आपके पहले भाव में
आपकी अपनी राशि में गुरु अटके होने या घर से दूर होने का भाव ला सकता है। आस्था रखें, जल्दबाज़ी में बड़े बदलाव से बचें और योजनाओं को पकने दें।
कुंभ (Aquarius)
सावधानीकुंभ: गुरु आपके बारहवें भाव में
बारहवें भाव में गुरु खर्च बढ़ा सकता है और भटकाव का भाव ला सकता है। साधना और दान के लिए अच्छा, बड़ी ख़रीदारी के लिए कम।
मीन (Pisces)
शुभमीन: गुरु आपके ग्यारहवें भाव में
ग्यारहवें भाव में गुरु लाभ, पहचान और इच्छापूर्ति लाता है। मित्र और वरिष्ठ मदद करते हैं।
हर पंक्ति गुरु को अकेले पढ़ती है। साप्ताहिक, मासिक और वार्षिक राशिफल में इसे बाकी ग्रहों के साथ तौला जाता है, और आपकी अपनी जन्म कुंडली अलग बात कह सकती है।
ये फल केवल चंद्र राशि पर आधारित हैं। जन्म समय के साथ आपकी अपनी कुंडली इससे कहीं अधिक बताती है।
चंद्र राशि और शास्त्रीय नियमों से सामान्य मार्गदर्शन, व्यक्तिगत फलादेश नहीं, और न ही चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह। आपके निर्णय आपके अपने हैं। इन भविष्यवाणियों का उपयोग कैसे करें, यह पढ़ें।