गुरु मेष राशि में 2059
4 मार्च 2059 से 4 मार्च 2060 तक
गुरु 4 मार्च 2059 को मेष राशि में प्रवेश करता है। धीमे ग्रह का राशि परिवर्तन हर चंद्र राशि के साल पर असर डालता है, हर एक के अपने भाव में; नीचे बारहों राशियों के लिए इसे पढ़ा गया है।
गुरु के गोचर विकास, मार्गदर्शन और अच्छी सलाह के बारे में हैं। जहाँ से गुरु गुज़रता है, वहाँ मदद और अवसर अधिक सहजता से आते हैं।
तिथियाँ
गुरु 4 मार्च 2060 को अंतिम बार मेष राशि छोड़ता है।
अपनी वक्री चाल में गुरु यह सीमा एक से अधिक बार पार करता है। यह मेष राशि में 4 मार्च 2059 से 17 जुलाई 2059 तक और 26 नवंबर 2059 से 4 मार्च 2060 तक रहता है।
अलग-अलग अवधियाँ
- 14 मार्च 2059 से 17 जुलाई 2059 तक
- 226 नवंबर 2059 से 4 मार्च 2060 तक
चाल बदलने की तिथियाँ
- 15 जनवरी 2060मार्गी: 15 जनवरी 2060: गुरु मेष राशि में मार्गी होता है।
हर चंद्र राशि के लिए इसका अर्थ
मेष (Aries)
सावधानीमेष: गुरु आपके पहले भाव में
आपकी अपनी राशि में गुरु अटके होने या घर से दूर होने का भाव ला सकता है। आस्था रखें, जल्दबाज़ी में बड़े बदलाव से बचें और योजनाओं को पकने दें।
वृषभ (Taurus)
सावधानीवृषभ: गुरु आपके बारहवें भाव में
बारहवें भाव में गुरु खर्च बढ़ा सकता है और भटकाव का भाव ला सकता है। साधना और दान के लिए अच्छा, बड़ी ख़रीदारी के लिए कम।
मिथुन (Gemini)
शुभमिथुन: गुरु आपके ग्यारहवें भाव में
ग्यारहवें भाव में गुरु लाभ, पहचान और इच्छापूर्ति लाता है। मित्र और वरिष्ठ मदद करते हैं।
कर्क (Cancer)
सावधानीकर्क: गुरु आपके दसवें भाव में
दसवें भाव में गुरु काम में बदलाव और तनाव ला सकता है। अपनी साख की रक्षा करें और शॉर्टकट से बचें।
सिंह (Leo)
शुभसिंह: गुरु आपके नौवें भाव में
नौवें भाव में गुरु आस्था, उच्च शिक्षा और सौभाग्य के लिए अनुकूल है। बड़े और गुरुजन साथ देते हैं।
कन्या (Virgo)
सावधानीकन्या: गुरु आपके आठवें भाव में
आठवें भाव में गुरु रुकावटें और अप्रत्याशित खर्च ला सकता है। जोखिम भरे कामों से बचें और विवादों से दूर रहें।
तुला (Libra)
शुभतुला: गुरु आपके सातवें भाव में
सातवें भाव में गुरु विवाह, साझेदारी और अच्छी संगति के लिए अनुकूल है। समझौतों और यात्रा के लिए सहायक समय है।
वृश्चिक (Scorpio)
सावधानीवृश्चिक: गुरु आपके छठे भाव में
छठे भाव में गुरु प्रतिद्वंद्वी और रुके काम या कर्ज़ का दबाव ला सकता है। उधार देने से बचें और अपनी बात पर टिके रहें।
धनु (Sagittarius)
शुभधनु: गुरु आपके पाँचवें भाव में
पाँचवें भाव में गुरु पढ़ाई, बच्चों और रचनात्मक काम के लिए अनुकूल है। सही निर्णय और ज्ञानी लोगों का साथ मिलता है।
मकर (Capricorn)
सावधानीमकर: गुरु आपके चौथे भाव में
चौथे भाव में गुरु घर या पारिवारिक मामलों को लेकर चिंता ला सकता है। धैर्य और दया से बातें संभली रहती हैं।
कुंभ (Aquarius)
सावधानीकुंभ: गुरु आपके तीसरे भाव में
तीसरे भाव में गुरु प्रयासों को धीमा कर सकता है और स्थान परिवर्तन ला सकता है। योजनाएँ लचीली रखें और स्थिरता से आगे बढ़ें।
मीन (Pisces)
शुभमीन: गुरु आपके दूसरे भाव में
दूसरे भाव में गुरु धन और परिवार के लिए अनुकूल है। बचत बढ़ती है और आपकी बात का वज़न होता है।
हर पंक्ति गुरु को अकेले पढ़ती है। साप्ताहिक, मासिक और वार्षिक राशिफल में इसे बाकी ग्रहों के साथ तौला जाता है, और आपकी अपनी जन्म कुंडली अलग बात कह सकती है।
ये फल केवल चंद्र राशि पर आधारित हैं। जन्म समय के साथ आपकी अपनी कुंडली इससे कहीं अधिक बताती है।
सभी फलादेश और परिणाम सांकेतिक हैं, जो चंद्र राशि और शास्त्रीय नियमों से हमारी गणनाओं में यथासंभव सावधानी से निकाले गए हैं। ये व्यक्तिगत फलादेश नहीं हैं, न ही चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह, और इन पर लिए गए निर्णयों की कोई ज़िम्मेदारी यह वेबसाइट या इसके पीछे का व्यवसाय नहीं लेता। इन भविष्यवाणियों का उपयोग कैसे करें, यह पढ़ें।