केतु वृषभ राशि में 2030
11 जनवरी 2030 से 31 जुलाई 2031 तक
केतु 11 जनवरी 2030 को वृषभ राशि में प्रवेश करता है। धीमे ग्रह का राशि परिवर्तन हर चंद्र राशि के साल पर असर डालता है, हर एक के अपने भाव में; नीचे बारहों राशियों के लिए इसे पढ़ा गया है।
केतु के गोचर त्याग, भीतरी काम और एकाग्रता के बारे में हैं। जिस भाव से गुज़रते हैं, वहाँ मोह ढीला करते हैं।
तिथियाँ
केतु 31 जुलाई 2031 को अंतिम बार वृषभ राशि छोड़ता है।
विपरीत गोचर
उसी समय राहु वृश्चिक राशि में प्रवेश करता है।
हर चंद्र राशि के लिए इसका अर्थ
मेष (Aries)
सावधानीमेष: केतु आपके दूसरे भाव में
दूसरे भाव में केतु लापरवाह शब्द और अस्थिर धन ला सकता है। बोलने से पहले सोचें और बचत सुरक्षित रखें।
वृषभ (Taurus)
सावधानीवृषभ: केतु आपके पहले भाव में
आपकी अपनी राशि में केतु विरक्ति और अपनी चाहत को लेकर अनिश्चितता ला सकता है। योजनाएँ सरल रखें और भरोसेमंद लोगों के पास रहें।
मिथुन (Gemini)
सावधानीमिथुन: केतु आपके बारहवें भाव में
बारहवें भाव में केतु साधना और मोह छोड़ने के लिए अनुकूल है। खर्च पर नज़र रखनी होगी।
कर्क (Cancer)
शुभकर्क: केतु आपके ग्यारहवें भाव में
ग्यारहवें भाव में केतु लाभ और अप्रत्याशित जगहों से मदद लाता है। इच्छाएँ चुपचाप पूरी हो सकती हैं।
सिंह (Leo)
सावधानीसिंह: केतु आपके दसवें भाव में
दसवें भाव में केतु काम में दिशाहीनता का भाव ला सकता है। अपने कर्तव्यों पर ध्यान बनाए रखें।
कन्या (Virgo)
सावधानीकन्या: केतु आपके नौवें भाव में
नौवें भाव में केतु आस्था और लंबी यात्राओं को लेकर संदेह ला सकता है। शांत अध्ययन सहायक है।
तुला (Libra)
सावधानीतुला: केतु आपके आठवें भाव में
आठवें भाव में केतु ध्यान को शोध और गहरे प्रश्नों की ओर ले जाता है। पैसे के जोखिम भरे कदमों से बचें।
वृश्चिक (Scorpio)
सावधानीवृश्चिक: केतु आपके सातवें भाव में
सातवें भाव में केतु साझेदारी में दूरी ला सकता है। ज़्यादा सुनें और अनुमान लगाने से बचें।
धनु (Sagittarius)
शुभधनु: केतु आपके छठे भाव में
छठे भाव में केतु प्रतिद्वंद्वियों पर जीत और रुके काम पूरे करने में मदद करता है। अनुशासन से नतीजे मिलते हैं।
मकर (Capricorn)
सावधानीमकर: केतु आपके पाँचवें भाव में
पाँचवें भाव में केतु पढ़ाई में उलझन और बच्चों को लेकर चिंता ला सकता है। जल्दबाज़ी के फ़ैसलों से बचें।
कुंभ (Aquarius)
सावधानीकुंभ: केतु आपके चौथे भाव में
चौथे भाव में केतु घर में अस्थिरता का भाव ला सकता है। परिवार के साथ इत्मीनान से समय बिताएँ।
मीन (Pisces)
शुभमीन: केतु आपके तीसरे भाव में
तीसरे भाव में केतु दृढ़ता और मेहनत से सफलता लाता है। साहस और व्यावहारिक हुनर का फल मिलता है।
हर पंक्ति केतु को अकेले पढ़ती है। साप्ताहिक, मासिक और वार्षिक राशिफल में इसे बाकी ग्रहों के साथ तौला जाता है, और आपकी अपनी जन्म कुंडली अलग बात कह सकती है।
ये फल केवल चंद्र राशि पर आधारित हैं। जन्म समय के साथ आपकी अपनी कुंडली इससे कहीं अधिक बताती है।
चंद्र राशि और शास्त्रीय नियमों से सामान्य मार्गदर्शन, व्यक्तिगत फलादेश नहीं, और न ही चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह। आपके निर्णय आपके अपने हैं। इन भविष्यवाणियों का उपयोग कैसे करें, यह पढ़ें।