मंगल कन्या राशि में 2045
21 नवंबर 2045 से 1 जुलाई 2046 तक छोटा गोचर
मंगल 21 नवंबर 2045 को कन्या राशि में प्रवेश करता है। मंगल एक राशि में कुछ ही सप्ताह रहता है, इसलिए यह छोटा दौर है, जो आपकी चंद्र राशि से जिस भाव से गुज़रता है उसमें सबसे अधिक महसूस होता है।
मंगल के गोचर ऊर्जा, जोश और प्रयास के बारे में हैं। ये काम को गति देते हैं, और मतभेद में ठंडा दिमाग माँगते हैं।
तिथियाँ
मंगल 1 जुलाई 2046 को अंतिम बार कन्या राशि छोड़ता है।
अपनी वक्री चाल में मंगल यह सीमा एक से अधिक बार पार करता है। यह कन्या राशि में 21 नवंबर 2045 से 20 जनवरी 2046 तक और 27 अप्रैल 2046 से 1 जुलाई 2046 तक रहता है।
अलग-अलग अवधियाँ
- 121 नवंबर 2045 से 20 जनवरी 2046 तक
- 227 अप्रैल 2046 से 1 जुलाई 2046 तक
चाल बदलने की तिथियाँ
- 28 मई 2046मार्गी: 28 मई 2046: मंगल कन्या राशि में मार्गी होता है।
हर चंद्र राशि के लिए इसका अर्थ
मेष (Aries)
शुभमेष: मंगल आपके छठे भाव में
छठे भाव में मंगल प्रतिद्वंद्वियों और प्रतिस्पर्धा पर जीत दिलाता है। रुका काम आगे बढ़ता है और कर्ज़ घटाया जा सकता है।
वृषभ (Taurus)
सावधानीवृषभ: मंगल आपके पाँचवें भाव में
पाँचवें भाव में मंगल पढ़ाई और बच्चों के साथ अधीरता ला सकता है। जोखिम भरे निवेश और जल्दबाज़ी के फ़ैसलों से बचें।
मिथुन (Gemini)
सावधानीमिथुन: मंगल आपके चौथे भाव में
चौथे भाव में मंगल घर में तनाव और संपत्ति या वाहन को लेकर परेशानी ला सकता है। पारिवारिक चर्चा में शांत रहें।
कर्क (Cancer)
शुभकर्क: मंगल आपके तीसरे भाव में
तीसरे भाव में मंगल साहस और जोश लाता है। साहसिक प्रयास, प्रतियोगिताएँ और छोटी यात्राएँ सफल होती हैं, और भाई-बहन मदद कर सकते हैं।
सिंह (Leo)
सावधानीसिंह: मंगल आपके दूसरे भाव में
दूसरे भाव में मंगल कड़वे शब्द और अचानक खर्च ला सकता है। बचत की रक्षा करें और घर में शब्द सोच-समझकर चुनें।
कन्या (Virgo)
सावधानीकन्या: मंगल आपके पहले भाव में
आपकी अपनी राशि में मंगल जल्दबाज़ी और गुस्सा बढ़ा सकता है। प्रतिक्रिया देने से पहले रुकें और गरमागरम बहस से दूर रहें।
तुला (Libra)
सावधानीतुला: मंगल आपके बारहवें भाव में
बारहवें भाव में मंगल अतिरिक्त खर्च और व्यर्थ मेहनत ला सकता है। खर्चों पर नियंत्रण रखें और झगड़ों से बचें।
वृश्चिक (Scorpio)
शुभवृश्चिक: मंगल आपके ग्यारहवें भाव में
ग्यारहवें भाव में मंगल आय और लाभ के लिए अच्छा है। प्रयास फल देते हैं, और मित्रों व बड़े भाई-बहनों का साथ मिलता है।
धनु (Sagittarius)
सावधानीधनु: मंगल आपके दसवें भाव में
दसवें भाव में मंगल काम पर दबाव और ज़ोर लाता है। नतीजे मिल सकते हैं, पर वरिष्ठों से टकराव संभव है; संयम से काम लें।
मकर (Capricorn)
सावधानीमकर: मंगल आपके नौवें भाव में
नौवें भाव में मंगल बड़ों और गुरुओं से मतभेद और लंबी यात्राओं की योजनाओं में रुकावट ला सकता है। धैर्य सहायक है।
कुंभ (Aquarius)
सावधानीकुंभ: मंगल आपके आठवें भाव में
आठवें भाव में मंगल सावधानी माँगता है। साझा धन के बारे में जल्दबाज़ी के फ़ैसलों से बचें और विवादों से दूर रहें।
मीन (Pisces)
सावधानीमीन: मंगल आपके सातवें भाव में
सातवें भाव में मंगल जीवनसाथी या व्यावसायिक साथियों से टकराव ला सकता है। बहस से बचें और दूसरों को जगह दें।
हर पंक्ति मंगल को अकेले पढ़ती है। साप्ताहिक, मासिक और वार्षिक राशिफल में इसे बाकी ग्रहों के साथ तौला जाता है, और आपकी अपनी जन्म कुंडली अलग बात कह सकती है।
ये फल केवल चंद्र राशि पर आधारित हैं। जन्म समय के साथ आपकी अपनी कुंडली इससे कहीं अधिक बताती है।
चंद्र राशि और शास्त्रीय नियमों से सामान्य मार्गदर्शन, व्यक्तिगत फलादेश नहीं, और न ही चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह। आपके निर्णय आपके अपने हैं। इन भविष्यवाणियों का उपयोग कैसे करें, यह पढ़ें।