शनि कुंभ राशि में 2081
12 अप्रैल 2081 से 20 मार्च 2084 तक
शनि 12 अप्रैल 2081 को कुंभ राशि में प्रवेश करता है। धीमे ग्रह का राशि परिवर्तन हर चंद्र राशि के साल पर असर डालता है, हर एक के अपने भाव में; नीचे बारहों राशियों के लिए इसे पढ़ा गया है।
शनि के गोचर कर्तव्य, धैर्य और लगातार मेहनत के धीमे फल के बारे में हैं। ये देने से पहले अनुशासन माँगते हैं।
तिथियाँ
शनि 20 मार्च 2084 को अंतिम बार कुंभ राशि छोड़ता है।
अपनी वक्री चाल में शनि यह सीमा एक से अधिक बार पार करता है। यह कुंभ राशि में 12 अप्रैल 2081 से 3 अगस्त 2081 तक और 7 जनवरी 2082 से 20 मार्च 2084 तक रहता है।
अलग-अलग अवधियाँ
- 112 अप्रैल 2081 से 3 अगस्त 2081 तक
- 27 जनवरी 2082 से 20 मार्च 2084 तक
चाल बदलने की तिथियाँ
- 6 जून 2081वक्री: 6 जून 2081: शनि कुंभ राशि में वक्री होता है।
- 19 जून 2082वक्री: 19 जून 2082: शनि कुंभ राशि में वक्री होता है।
- 5 नवंबर 2082मार्गी: 5 नवंबर 2082: शनि कुंभ राशि में मार्गी होता है।
- 2 जुलाई 2083वक्री: 2 जुलाई 2083: शनि कुंभ राशि में वक्री होता है।
- 18 नवंबर 2083मार्गी: 18 नवंबर 2083: शनि कुंभ राशि में मार्गी होता है।
हर चंद्र राशि के लिए इसका अर्थ
मेष (Aries)
शुभमेष: शनि आपके ग्यारहवें भाव में
ग्यारहवें भाव में शनि लगातार काम से लाभ और वरिष्ठों का साथ लाता है। लंबे समय की योजनाएँ पूरी हो सकती हैं।
वृषभ (Taurus)
सावधानीवृषभ: शनि आपके दसवें भाव में
दसवें भाव में शनि भारी काम और धीमी पहचान लाता है। ज़िम्मेदारी बढ़ती है; शॉर्टकट और वरिष्ठों से टकराव से बचें।
मिथुन (Gemini)
सावधानीमिथुन: शनि आपके नौवें भाव में
नौवें भाव में शनि भाग्य, लंबी यात्राओं और उच्च शिक्षा में देरी ला सकता है। बड़ों का सम्मान करें और आस्था रखें।
कर्क (Cancer)
सावधानीकर्क: शनि आपके आठवें भाव में
आठवें भाव में शनि सावधानी का समय है। रुकावटें और देरी संभव हैं; पैसे के जोखिम भरे कदमों और विवादों से बचें।
सिंह (Leo)
सावधानीसिंह: शनि आपके सातवें भाव में
सातवें भाव में शनि साझेदारी में दूरी या खिंचाव और समझौतों में देरी ला सकता है। धैर्य और निष्पक्षता सहायक हैं।
कन्या (Virgo)
शुभकन्या: शनि आपके छठे भाव में
छठे भाव में शनि प्रतिद्वंद्वियों, कर्ज़ और लंबे समय से रुके काम पर जीत दिलाता है। लगातार सेवा का फल मिलता है।
तुला (Libra)
सावधानीतुला: शनि आपके पाँचवें भाव में
पाँचवें भाव में शनि पढ़ाई और रचनात्मक योजनाओं को धीमा कर सकता है और बच्चों को लेकर चिंता ला सकता है। सट्टे से बचें।
वृश्चिक (Scorpio)
सावधानीवृश्चिक: शनि आपके चौथे भाव में
चौथे भाव में शनि घर में बेचैनी और संपत्ति के मामलों में देरी ला सकता है। पारिवारिक ज़िम्मेदारियाँ धैर्य से निभाएँ।
धनु (Sagittarius)
शुभधनु: शनि आपके तीसरे भाव में
तीसरे भाव में शनि लगातार मेहनत का फल देता है। परिश्रम रंग लाता है, प्रतिद्वंद्वी पीछे हटते हैं और नए हुनर जड़ पकड़ते हैं।
मकर (Capricorn)
सावधानीमकर: शनि आपके दूसरे भाव में
दूसरे भाव में शनि पैसों में तंगी और पारिवारिक रिश्तों में खिंचाव ला सकता है। सोच-समझकर खर्च करें और नरमी से बोलें।
कुंभ (Aquarius)
सावधानीकुंभ: शनि आपके पहले भाव में
आपकी अपनी राशि में शनि भारी ज़िम्मेदारियाँ और धीमी प्रगति लाता है। नियमित दिनचर्या रखें और बड़े फ़ैसलों में जल्दबाज़ी न करें।
मीन (Pisces)
सावधानीमीन: शनि आपके बारहवें भाव में
बारहवें भाव में शनि खर्च बढ़ा सकता है और अकेलेपन का भाव ला सकता है। शांत काम, सेवा और आध्यात्मिक अनुशासन के लिए अच्छा है।
हर पंक्ति शनि को अकेले पढ़ती है। साप्ताहिक, मासिक और वार्षिक राशिफल में इसे बाकी ग्रहों के साथ तौला जाता है, और आपकी अपनी जन्म कुंडली अलग बात कह सकती है।
ये फल केवल चंद्र राशि पर आधारित हैं। जन्म समय के साथ आपकी अपनी कुंडली इससे कहीं अधिक बताती है।
सभी फलादेश और परिणाम सांकेतिक हैं, जो चंद्र राशि और शास्त्रीय नियमों से हमारी गणनाओं में यथासंभव सावधानी से निकाले गए हैं। ये व्यक्तिगत फलादेश नहीं हैं, न ही चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह, और इन पर लिए गए निर्णयों की कोई ज़िम्मेदारी यह वेबसाइट या इसके पीछे का व्यवसाय नहीं लेता। इन भविष्यवाणियों का उपयोग कैसे करें, यह पढ़ें।