Bhavishya

शनि मिथुन राशि में 2002

23 जुलाई 2002 से 26 मई 2005 तक

शनि 23 जुलाई 2002 को मिथुन राशि में प्रवेश करता है। धीमे ग्रह का राशि परिवर्तन हर चंद्र राशि के साल पर असर डालता है, हर एक के अपने भाव में; नीचे बारहों राशियों के लिए इसे पढ़ा गया है।

शनि के गोचर कर्तव्य, धैर्य और लगातार मेहनत के धीमे फल के बारे में हैं। ये देने से पहले अनुशासन माँगते हैं।

तिथियाँ

शनि 26 मई 2005 को अंतिम बार मिथुन राशि छोड़ता है।

अपनी वक्री चाल में शनि यह सीमा एक से अधिक बार पार करता है। यह मिथुन राशि में 23 जुलाई 2002 से 8 जनवरी 2003 तक, 7 अप्रैल 2003 से 6 सितंबर 2004 तक और 13 जनवरी 2005 से 26 मई 2005 तक रहता है।

अलग-अलग अवधियाँ

  • 123 जुलाई 2002 से 8 जनवरी 2003 तक
  • 27 अप्रैल 2003 से 6 सितंबर 2004 तक
  • 313 जनवरी 2005 से 26 मई 2005 तक

चाल बदलने की तिथियाँ

  • 11 अक्टूबर 2002वक्री: 11 अक्टूबर 2002: शनि मिथुन राशि में वक्री होता है।
  • 26 अक्टूबर 2003वक्री: 26 अक्टूबर 2003: शनि मिथुन राशि में वक्री होता है।
  • 7 मार्च 2004मार्गी: 7 मार्च 2004: शनि मिथुन राशि में मार्गी होता है।
  • 22 मार्च 2005मार्गी: 22 मार्च 2005: शनि मिथुन राशि में मार्गी होता है।

हर चंद्र राशि के लिए इसका अर्थ

मेष (Aries)

शुभ

मेष: शनि आपके तीसरे भाव में

तीसरे भाव में शनि लगातार मेहनत का फल देता है। परिश्रम रंग लाता है, प्रतिद्वंद्वी पीछे हटते हैं और नए हुनर जड़ पकड़ते हैं।

मेष का राशिफल

वृषभ (Taurus)

सावधानी

वृषभ: शनि आपके दूसरे भाव में

दूसरे भाव में शनि पैसों में तंगी और पारिवारिक रिश्तों में खिंचाव ला सकता है। सोच-समझकर खर्च करें और नरमी से बोलें।

वृषभ का राशिफल

मिथुन (Gemini)

सावधानी

मिथुन: शनि आपके पहले भाव में

आपकी अपनी राशि में शनि भारी ज़िम्मेदारियाँ और धीमी प्रगति लाता है। नियमित दिनचर्या रखें और बड़े फ़ैसलों में जल्दबाज़ी न करें।

मिथुन का राशिफल

कर्क (Cancer)

सावधानी

कर्क: शनि आपके बारहवें भाव में

बारहवें भाव में शनि खर्च बढ़ा सकता है और अकेलेपन का भाव ला सकता है। शांत काम, सेवा और आध्यात्मिक अनुशासन के लिए अच्छा है।

कर्क का राशिफल

सिंह (Leo)

शुभ

सिंह: शनि आपके ग्यारहवें भाव में

ग्यारहवें भाव में शनि लगातार काम से लाभ और वरिष्ठों का साथ लाता है। लंबे समय की योजनाएँ पूरी हो सकती हैं।

सिंह का राशिफल

कन्या (Virgo)

सावधानी

कन्या: शनि आपके दसवें भाव में

दसवें भाव में शनि भारी काम और धीमी पहचान लाता है। ज़िम्मेदारी बढ़ती है; शॉर्टकट और वरिष्ठों से टकराव से बचें।

कन्या का राशिफल

तुला (Libra)

सावधानी

तुला: शनि आपके नौवें भाव में

नौवें भाव में शनि भाग्य, लंबी यात्राओं और उच्च शिक्षा में देरी ला सकता है। बड़ों का सम्मान करें और आस्था रखें।

तुला का राशिफल

वृश्चिक (Scorpio)

सावधानी

वृश्चिक: शनि आपके आठवें भाव में

आठवें भाव में शनि सावधानी का समय है। रुकावटें और देरी संभव हैं; पैसे के जोखिम भरे कदमों और विवादों से बचें।

वृश्चिक का राशिफल

धनु (Sagittarius)

सावधानी

धनु: शनि आपके सातवें भाव में

सातवें भाव में शनि साझेदारी में दूरी या खिंचाव और समझौतों में देरी ला सकता है। धैर्य और निष्पक्षता सहायक हैं।

धनु का राशिफल

मकर (Capricorn)

शुभ

मकर: शनि आपके छठे भाव में

छठे भाव में शनि प्रतिद्वंद्वियों, कर्ज़ और लंबे समय से रुके काम पर जीत दिलाता है। लगातार सेवा का फल मिलता है।

मकर का राशिफल

कुंभ (Aquarius)

सावधानी

कुंभ: शनि आपके पाँचवें भाव में

पाँचवें भाव में शनि पढ़ाई और रचनात्मक योजनाओं को धीमा कर सकता है और बच्चों को लेकर चिंता ला सकता है। सट्टे से बचें।

कुंभ का राशिफल

मीन (Pisces)

सावधानी

मीन: शनि आपके चौथे भाव में

चौथे भाव में शनि घर में बेचैनी और संपत्ति के मामलों में देरी ला सकता है। पारिवारिक ज़िम्मेदारियाँ धैर्य से निभाएँ।

मीन का राशिफल

हर पंक्ति शनि को अकेले पढ़ती है। साप्ताहिक, मासिक और वार्षिक राशिफल में इसे बाकी ग्रहों के साथ तौला जाता है, और आपकी अपनी जन्म कुंडली अलग बात कह सकती है।

ये फल केवल चंद्र राशि पर आधारित हैं। जन्म समय के साथ आपकी अपनी कुंडली इससे कहीं अधिक बताती है।

गोचर | सभी 12 राशियाँ

चंद्र राशि और शास्त्रीय नियमों से सामान्य मार्गदर्शन, व्यक्तिगत फलादेश नहीं, और न ही चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह। आपके निर्णय आपके अपने हैं। इन भविष्यवाणियों का उपयोग कैसे करें, यह पढ़ें।

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