शनि तुला राशि में 2041
28 जनवरी 2041 से 30 अगस्त 2044 तक
शनि 28 जनवरी 2041 को तुला राशि में प्रवेश करता है। धीमे ग्रह का राशि परिवर्तन हर चंद्र राशि के साल पर असर डालता है, हर एक के अपने भाव में; नीचे बारहों राशियों के लिए इसे पढ़ा गया है।
शनि के गोचर कर्तव्य, धैर्य और लगातार मेहनत के धीमे फल के बारे में हैं। ये देने से पहले अनुशासन माँगते हैं।
तिथियाँ
शनि 30 अगस्त 2044 को अंतिम बार तुला राशि छोड़ता है।
अपनी वक्री चाल में शनि यह सीमा एक से अधिक बार पार करता है। यह तुला राशि में 28 जनवरी 2041 से 6 फ़रवरी 2041 तक, 26 सितंबर 2041 से 11 दिसंबर 2043 तक और 23 जून 2044 से 30 अगस्त 2044 तक रहता है।
अलग-अलग अवधियाँ
- 128 जनवरी 2041 से 6 फ़रवरी 2041 तक
- 226 सितंबर 2041 से 11 दिसंबर 2043 तक
- 323 जून 2044 से 30 अगस्त 2044 तक
चाल बदलने की तिथियाँ
- 1 फ़रवरी 2041वक्री: 1 फ़रवरी 2041: शनि तुला राशि में वक्री होता है।
- 14 फ़रवरी 2042वक्री: 14 फ़रवरी 2042: शनि तुला राशि में वक्री होता है।
- 3 जुलाई 2042मार्गी: 3 जुलाई 2042: शनि तुला राशि में मार्गी होता है।
- 26 फ़रवरी 2043वक्री: 26 फ़रवरी 2043: शनि तुला राशि में वक्री होता है।
- 15 जुलाई 2043मार्गी: 15 जुलाई 2043: शनि तुला राशि में मार्गी होता है।
- 27 जुलाई 2044मार्गी: 27 जुलाई 2044: शनि तुला राशि में मार्गी होता है।
हर चंद्र राशि के लिए इसका अर्थ
मेष (Aries)
सावधानीमेष: शनि आपके सातवें भाव में
सातवें भाव में शनि साझेदारी में दूरी या खिंचाव और समझौतों में देरी ला सकता है। धैर्य और निष्पक्षता सहायक हैं।
वृषभ (Taurus)
शुभवृषभ: शनि आपके छठे भाव में
छठे भाव में शनि प्रतिद्वंद्वियों, कर्ज़ और लंबे समय से रुके काम पर जीत दिलाता है। लगातार सेवा का फल मिलता है।
मिथुन (Gemini)
सावधानीमिथुन: शनि आपके पाँचवें भाव में
पाँचवें भाव में शनि पढ़ाई और रचनात्मक योजनाओं को धीमा कर सकता है और बच्चों को लेकर चिंता ला सकता है। सट्टे से बचें।
कर्क (Cancer)
सावधानीकर्क: शनि आपके चौथे भाव में
चौथे भाव में शनि घर में बेचैनी और संपत्ति के मामलों में देरी ला सकता है। पारिवारिक ज़िम्मेदारियाँ धैर्य से निभाएँ।
सिंह (Leo)
शुभसिंह: शनि आपके तीसरे भाव में
तीसरे भाव में शनि लगातार मेहनत का फल देता है। परिश्रम रंग लाता है, प्रतिद्वंद्वी पीछे हटते हैं और नए हुनर जड़ पकड़ते हैं।
कन्या (Virgo)
सावधानीकन्या: शनि आपके दूसरे भाव में
दूसरे भाव में शनि पैसों में तंगी और पारिवारिक रिश्तों में खिंचाव ला सकता है। सोच-समझकर खर्च करें और नरमी से बोलें।
तुला (Libra)
सावधानीतुला: शनि आपके पहले भाव में
आपकी अपनी राशि में शनि भारी ज़िम्मेदारियाँ और धीमी प्रगति लाता है। नियमित दिनचर्या रखें और बड़े फ़ैसलों में जल्दबाज़ी न करें।
वृश्चिक (Scorpio)
सावधानीवृश्चिक: शनि आपके बारहवें भाव में
बारहवें भाव में शनि खर्च बढ़ा सकता है और अकेलेपन का भाव ला सकता है। शांत काम, सेवा और आध्यात्मिक अनुशासन के लिए अच्छा है।
धनु (Sagittarius)
शुभधनु: शनि आपके ग्यारहवें भाव में
ग्यारहवें भाव में शनि लगातार काम से लाभ और वरिष्ठों का साथ लाता है। लंबे समय की योजनाएँ पूरी हो सकती हैं।
मकर (Capricorn)
सावधानीमकर: शनि आपके दसवें भाव में
दसवें भाव में शनि भारी काम और धीमी पहचान लाता है। ज़िम्मेदारी बढ़ती है; शॉर्टकट और वरिष्ठों से टकराव से बचें।
कुंभ (Aquarius)
सावधानीकुंभ: शनि आपके नौवें भाव में
नौवें भाव में शनि भाग्य, लंबी यात्राओं और उच्च शिक्षा में देरी ला सकता है। बड़ों का सम्मान करें और आस्था रखें।
मीन (Pisces)
सावधानीमीन: शनि आपके आठवें भाव में
आठवें भाव में शनि सावधानी का समय है। रुकावटें और देरी संभव हैं; पैसे के जोखिम भरे कदमों और विवादों से बचें।
हर पंक्ति शनि को अकेले पढ़ती है। साप्ताहिक, मासिक और वार्षिक राशिफल में इसे बाकी ग्रहों के साथ तौला जाता है, और आपकी अपनी जन्म कुंडली अलग बात कह सकती है।
ये फल केवल चंद्र राशि पर आधारित हैं। जन्म समय के साथ आपकी अपनी कुंडली इससे कहीं अधिक बताती है।
चंद्र राशि और शास्त्रीय नियमों से सामान्य मार्गदर्शन, व्यक्तिगत फलादेश नहीं, और न ही चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह। आपके निर्णय आपके अपने हैं। इन भविष्यवाणियों का उपयोग कैसे करें, यह पढ़ें।