शनि वृश्चिक राशि में 2014
2 नवंबर 2014 से 26 अक्टूबर 2017 तक
शनि 2 नवंबर 2014 को वृश्चिक राशि में प्रवेश करता है। धीमे ग्रह का राशि परिवर्तन हर चंद्र राशि के साल पर असर डालता है, हर एक के अपने भाव में; नीचे बारहों राशियों के लिए इसे पढ़ा गया है।
शनि के गोचर कर्तव्य, धैर्य और लगातार मेहनत के धीमे फल के बारे में हैं। ये देने से पहले अनुशासन माँगते हैं।
तिथियाँ
शनि 26 अक्टूबर 2017 को अंतिम बार वृश्चिक राशि छोड़ता है।
अपनी वक्री चाल में शनि यह सीमा एक से अधिक बार पार करता है। यह वृश्चिक राशि में 2 नवंबर 2014 से 26 जनवरी 2017 तक और 21 जून 2017 से 26 अक्टूबर 2017 तक रहता है।
अलग-अलग अवधियाँ
- 12 नवंबर 2014 से 26 जनवरी 2017 तक
- 221 जून 2017 से 26 अक्टूबर 2017 तक
चाल बदलने की तिथियाँ
- 14 मार्च 2015वक्री: 14 मार्च 2015: शनि वृश्चिक राशि में वक्री होता है।
- 2 अगस्त 2015मार्गी: 2 अगस्त 2015: शनि वृश्चिक राशि में मार्गी होता है।
- 25 मार्च 2016वक्री: 25 मार्च 2016: शनि वृश्चिक राशि में वक्री होता है।
- 13 अगस्त 2016मार्गी: 13 अगस्त 2016: शनि वृश्चिक राशि में मार्गी होता है।
- 25 अगस्त 2017मार्गी: 25 अगस्त 2017: शनि वृश्चिक राशि में मार्गी होता है।
हर चंद्र राशि के लिए इसका अर्थ
मेष (Aries)
सावधानीमेष: शनि आपके आठवें भाव में
आठवें भाव में शनि सावधानी का समय है। रुकावटें और देरी संभव हैं; पैसे के जोखिम भरे कदमों और विवादों से बचें।
वृषभ (Taurus)
सावधानीवृषभ: शनि आपके सातवें भाव में
सातवें भाव में शनि साझेदारी में दूरी या खिंचाव और समझौतों में देरी ला सकता है। धैर्य और निष्पक्षता सहायक हैं।
मिथुन (Gemini)
शुभमिथुन: शनि आपके छठे भाव में
छठे भाव में शनि प्रतिद्वंद्वियों, कर्ज़ और लंबे समय से रुके काम पर जीत दिलाता है। लगातार सेवा का फल मिलता है।
कर्क (Cancer)
सावधानीकर्क: शनि आपके पाँचवें भाव में
पाँचवें भाव में शनि पढ़ाई और रचनात्मक योजनाओं को धीमा कर सकता है और बच्चों को लेकर चिंता ला सकता है। सट्टे से बचें।
सिंह (Leo)
सावधानीसिंह: शनि आपके चौथे भाव में
चौथे भाव में शनि घर में बेचैनी और संपत्ति के मामलों में देरी ला सकता है। पारिवारिक ज़िम्मेदारियाँ धैर्य से निभाएँ।
कन्या (Virgo)
शुभकन्या: शनि आपके तीसरे भाव में
तीसरे भाव में शनि लगातार मेहनत का फल देता है। परिश्रम रंग लाता है, प्रतिद्वंद्वी पीछे हटते हैं और नए हुनर जड़ पकड़ते हैं।
तुला (Libra)
सावधानीतुला: शनि आपके दूसरे भाव में
दूसरे भाव में शनि पैसों में तंगी और पारिवारिक रिश्तों में खिंचाव ला सकता है। सोच-समझकर खर्च करें और नरमी से बोलें।
वृश्चिक (Scorpio)
सावधानीवृश्चिक: शनि आपके पहले भाव में
आपकी अपनी राशि में शनि भारी ज़िम्मेदारियाँ और धीमी प्रगति लाता है। नियमित दिनचर्या रखें और बड़े फ़ैसलों में जल्दबाज़ी न करें।
धनु (Sagittarius)
सावधानीधनु: शनि आपके बारहवें भाव में
बारहवें भाव में शनि खर्च बढ़ा सकता है और अकेलेपन का भाव ला सकता है। शांत काम, सेवा और आध्यात्मिक अनुशासन के लिए अच्छा है।
मकर (Capricorn)
शुभमकर: शनि आपके ग्यारहवें भाव में
ग्यारहवें भाव में शनि लगातार काम से लाभ और वरिष्ठों का साथ लाता है। लंबे समय की योजनाएँ पूरी हो सकती हैं।
कुंभ (Aquarius)
सावधानीकुंभ: शनि आपके दसवें भाव में
दसवें भाव में शनि भारी काम और धीमी पहचान लाता है। ज़िम्मेदारी बढ़ती है; शॉर्टकट और वरिष्ठों से टकराव से बचें।
मीन (Pisces)
सावधानीमीन: शनि आपके नौवें भाव में
नौवें भाव में शनि भाग्य, लंबी यात्राओं और उच्च शिक्षा में देरी ला सकता है। बड़ों का सम्मान करें और आस्था रखें।
हर पंक्ति शनि को अकेले पढ़ती है। साप्ताहिक, मासिक और वार्षिक राशिफल में इसे बाकी ग्रहों के साथ तौला जाता है, और आपकी अपनी जन्म कुंडली अलग बात कह सकती है।
ये फल केवल चंद्र राशि पर आधारित हैं। जन्म समय के साथ आपकी अपनी कुंडली इससे कहीं अधिक बताती है।
सभी फलादेश और परिणाम सांकेतिक हैं, जो चंद्र राशि और शास्त्रीय नियमों से हमारी गणनाओं में यथासंभव सावधानी से निकाले गए हैं। ये व्यक्तिगत फलादेश नहीं हैं, न ही चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह, और इन पर लिए गए निर्णयों की कोई ज़िम्मेदारी यह वेबसाइट या इसके पीछे का व्यवसाय नहीं लेता। इन भविष्यवाणियों का उपयोग कैसे करें, यह पढ़ें।