जनवरी 2020 में नेपाल: ग्रहों से संकेत
ये जनवरी 2020 में नेपाल के लिए व्यापक संकेत हैं, जो सूर्य के मेष प्रवेश की कुंडली, देश की स्थापना कुंडली और महीने के किसी ग्रहण से पढ़े गए हैं। ये सार्वजनिक जीवन की प्रवृत्तियाँ बताते हैं, तय घटनाएँ नहीं।
इस पृष्ठ पर नेपाल की कोई स्थापना कुंडली नहीं ली गई है, इसलिए यह काठमांडू के लिए बनी मेष संक्रांति कुंडली और ग्रहणों से पढ़ा गया है।
यहाँ मेदिनी फल केवल विषयों और समय की अवधियों तक सीमित है। यह किसी सार्वजनिक व्यक्ति के बारे में कुछ नहीं कहता और किसी विशेष घटना का नाम लेने का प्रयास नहीं करता।
वर्ष कुंडली (मेष संक्रांति)
- कुंडली का समय
- लग्न
- सिंह (Leo)
- वर्ष कुंडली का स्वामी
- सूर्य 8वें भाव में
सौर वर्ष 14 अप्रैल 2019 को आरंभ हुआ, जब सूर्य ने मेष में प्रवेश किया। उस क्षण काठमांडू के लिए बनी कुंडली में सिंह लग्न उदित था।
सूर्य लग्न राशि का स्वामी है, इसलिए वही वर्ष कुंडली का स्वर तय करता है। वह आठवें भाव में है, जिससे पूरे वर्ष साझा संसाधन, कर, बीमा और सार्वजनिक वित्त में अचानक बदलाव पर ध्यान बना रहता है।
उभरकर दिखने वाले ग्रह
पाँचवें भाव में गुरु से शिक्षा, युवा, कला, मनोरंजन और शेयर बाज़ार में विकास, सहारा और व्यापक अवसर की प्रवृत्ति रहती है।
पाँचवें भाव में शनि से शिक्षा, युवा, कला, मनोरंजन और शेयर बाज़ार में धीमा, धैर्य भरा काम, कसा हुआ बजट और कुछ देरी की प्रवृत्ति रहती है।
सातवें भाव में शुक्र से विदेश संबंध, संधियाँ और व्यापारिक साझेदार में सुविधा, कला और आसान समझौते की प्रवृत्ति रहती है।
दसवें भाव में मंगल से शासन, संस्थाएँ और दुनिया में देश की प्रतिष्ठा में तेज़ी, जल्द निर्णय और बहस में कुछ गर्मी की प्रवृत्ति रहती है।
स्थापना कुंडली
इस देश की स्थापना कुंडली नहीं पढ़ी जाती: इसका कोई तय समय नहीं है, या यह यहाँ की कुंडलियों की पहुँच से पुराना है।
राशि बदलने वाले ग्रह
- सूर्य का मकर (Capricorn) में प्रवेश
15 जनवरी 2020 को सूर्य मकर में प्रवेश करता है, यानी वर्ष कुंडली के छठे भाव में (श्रमबल, सार्वजनिक सेवाएँ, सरकारी ऋण और रोज़मर्रा का प्रशासन)।
सूर्य का यह महीना इन विषयों के सरकारी पक्ष को सामने लाता है।
- शनि का मकर (Capricorn) में प्रवेश
24 जनवरी 2020 को शनि मकर में प्रवेश करता है, यानी वर्ष कुंडली के छठे भाव में (श्रमबल, सार्वजनिक सेवाएँ, सरकारी ऋण और रोज़मर्रा का प्रशासन)।
यहाँ शनि इन विषयों में धैर्य, पुनर्गठन और सावधान बजट माँगता है।
ग्रहण
इस अवधि में कोई ग्रहण नहीं।
इस अवधि में कोई ग्रहण नहीं पड़ता।
चंद्र राशि और शास्त्रीय नियमों से सामान्य मार्गदर्शन, व्यक्तिगत फलादेश नहीं, और न ही चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह। आपके निर्णय आपके अपने हैं। इन भविष्यवाणियों का उपयोग कैसे करें, यह पढ़ें।