जून 2020 में नेपाल: ग्रहों से संकेत
ये जून 2020 में नेपाल के लिए व्यापक संकेत हैं, जो सूर्य के मेष प्रवेश की कुंडली, देश की स्थापना कुंडली और महीने के किसी ग्रहण से पढ़े गए हैं। ये सार्वजनिक जीवन की प्रवृत्तियाँ बताते हैं, तय घटनाएँ नहीं।
इस पृष्ठ पर नेपाल की कोई स्थापना कुंडली नहीं ली गई है, इसलिए यह काठमांडू के लिए बनी मेष संक्रांति कुंडली और ग्रहणों से पढ़ा गया है।
यहाँ मेदिनी फल केवल विषयों और समय की अवधियों तक सीमित है। यह किसी सार्वजनिक व्यक्ति के बारे में कुछ नहीं कहता और किसी विशेष घटना का नाम लेने का प्रयास नहीं करता।
वर्ष कुंडली (मेष संक्रांति)
- कुंडली का समय
- लग्न
- तुला (Libra)
- वर्ष कुंडली का स्वामी
- शुक्र 8वें भाव में
सौर वर्ष 13 अप्रैल 2020 को आरंभ हुआ, जब सूर्य ने मेष में प्रवेश किया। उस क्षण काठमांडू के लिए बनी कुंडली में तुला लग्न उदित था।
शुक्र लग्न राशि का स्वामी है, इसलिए वही वर्ष कुंडली का स्वर तय करता है। वह आठवें भाव में है, जिससे पूरे वर्ष साझा संसाधन, कर, बीमा और सार्वजनिक वित्त में अचानक बदलाव पर ध्यान बना रहता है।
उभरकर दिखने वाले ग्रह
चौथे भाव में मंगल से भूमि, आवास, खेती, मौसम और घरेलू माहौल में तेज़ी, जल्द निर्णय और बहस में कुछ गर्मी की प्रवृत्ति रहती है।
चौथे भाव में गुरु से भूमि, आवास, खेती, मौसम और घरेलू माहौल में विकास, सहारा और व्यापक अवसर की प्रवृत्ति रहती है।
चौथे भाव में शनि से भूमि, आवास, खेती, मौसम और घरेलू माहौल में धीमा, धैर्य भरा काम, कसा हुआ बजट और कुछ देरी की प्रवृत्ति रहती है।
सातवें भाव में सूर्य से विदेश संबंध, संधियाँ और व्यापारिक साझेदार में अधिकारियों का ध्यान और व्यवस्था पर ज़ोर की प्रवृत्ति रहती है।
स्थापना कुंडली
इस देश की स्थापना कुंडली नहीं पढ़ी जाती: इसका कोई तय समय नहीं है, या यह यहाँ की कुंडलियों की पहुँच से पुराना है।
राशि बदलने वाले ग्रह
- सूर्य का मिथुन (Gemini) में प्रवेश
15 जून 2020 को सूर्य मिथुन में प्रवेश करता है, यानी वर्ष कुंडली के नौवें भाव में (उच्च शिक्षा, आस्था, लंबी यात्राएँ और दूर का व्यापार)।
सूर्य का यह महीना इन विषयों के सरकारी पक्ष को सामने लाता है।
- मंगल का मीन (Pisces) में प्रवेश
18 जून 2020 को मंगल मीन में प्रवेश करता है, यानी वर्ष कुंडली के छठे भाव में (श्रमबल, सार्वजनिक सेवाएँ, सरकारी ऋण और रोज़मर्रा का प्रशासन)।
यहाँ मंगल चीज़ों को तेज़ करता है और सार्वजनिक बहस का तापमान बढ़ाता है।
- गुरु का धनु (Sagittarius) में प्रवेश
30 जून 2020 को गुरु धनु में प्रवेश करता है, यानी वर्ष कुंडली के तीसरे भाव में (संचार, मीडिया, परिवहन संपर्क और पड़ोसियों से व्यवहार)।
यहाँ गुरु इन विषयों में विकास और सोची-समझी योजना को सहारा देता है।
ग्रहण
- सूर्य ग्रहण
21 जून 2020 को मिथुन में सूर्य ग्रहण पड़ता है, यानी वर्ष कुंडली के नौवें भाव में (उच्च शिक्षा, आस्था, लंबी यात्राएँ और दूर का व्यापार)।
ग्रहण के आसपास के सप्ताह उन विषयों में नए सार्वजनिक कार्य शुरू करने के बजाय समीक्षा करने और काम पूरे करने का समय माने जाते हैं।
चंद्र राशि और शास्त्रीय नियमों से सामान्य मार्गदर्शन, व्यक्तिगत फलादेश नहीं, और न ही चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह। आपके निर्णय आपके अपने हैं। इन भविष्यवाणियों का उपयोग कैसे करें, यह पढ़ें।