धनु (Sagittarius) वार्षिक राशिफल 2042 - शुभ
धनु चंद्र राशि का 2042 का वार्षिक राशिफल। साल का रूप मुख्य रूप से धीमे ग्रह तय करते हैं: गुरु, शनि, राहु और केतु, और साल के ग्रहण। यहाँ हर एक को उसकी तिथियों के साथ आपकी चंद्र राशि से पढ़ा गया है।
यह साल आपके पक्ष में झुका हुआ है। आपकी मदद करने वाले ग्रह ज़्यादातर समय की तुलना में अच्छी जगह पर हैं, इसलिए योजनाओं को आगे बढ़ाने का यह अच्छा समय है।
साल कैसा रहेगा
साल का पहला भाग: 1 जनवरी से 30 जून
शुभयह समय कुल मिलाकर साथ देने वाला लगता है।
शनि, गुरु और केतु यहाँ आपके पक्ष में काम करते हैं और आय, लाभ और मित्र में मदद करते हैं।
गुरु, राहु और केतु कहते हैं कि खर्च, आराम और भीतर का जीवन के साथ-साथ पढ़ाई, संतान और रचनात्मक योजनाएँ में सावधानी से चलें।
गुरु आय, लाभ और मित्र में मदद करना चाहता है, पर अभी रुका हुआ है, इसलिए नतीजे धीरे आएँगे।
2 जनवरी, 14 फ़रवरी, 18 मार्च, 20 अप्रैल, 6 जून और 10 जून के आसपास बदलाव आता है; नीचे ध्यान देने योग्य तिथियाँ देखें।
साल का दूसरा भाग: 1 जुलाई से 31 दिसंबर
शुभयह समय कुल मिलाकर साथ देने वाला लगता है।
शनि यहाँ आपके पक्ष में काम करता है और आय, लाभ और मित्र में मदद करता है।
गुरु, राहु और केतु कहते हैं कि खर्च, आराम और भीतर का जीवन के साथ-साथ घर, पारिवारिक शांति और संपत्ति में सावधानी से चलें।
गुरु आय, लाभ और मित्र में मदद करना चाहता है, पर अभी रुका हुआ है, इसलिए नतीजे धीरे आएँगे।
3 जुलाई, 19 जुलाई, 28 अगस्त और 14 अक्टूबर के आसपास बदलाव आता है; नीचे ध्यान देने योग्य तिथियाँ देखें।
शनि आपके ग्यारहवें भाव में
शुभजीवन के क्षेत्र:धन
शनि पूरे साल तुला राशि में रहता है।
शनि मेहनत, अनुशासन, कर्तव्य और धैर्य का प्रतीक है। वह लगातार मेहनत का फल देता है और शॉर्टकट को धीमा करता है।
ग्यारहवें भाव में शनि लगातार काम से लाभ और वरिष्ठों का साथ लाता है। लंबे समय की योजनाएँ पूरी हो सकती हैं।
आपके लिए इसका अर्थ
- धन: आय और लाभ बेहतर होने की संभावना; बचत की योजना बनाने का अच्छा समय।
गुरु आपके ग्यारहवें भाव में
शुभजीवन के क्षेत्र:धन
गुरु 2 जनवरी 2042 तक तुला राशि में है।
गुरु विकास, ज्ञान, मार्गदर्शन, सौभाग्य, संतान और शिक्षकों का प्रतीक है। साल का सबसे बड़ा सहायक यही है।
ग्यारहवें भाव में गुरु लाभ, पहचान और इच्छापूर्ति लाता है। मित्र और वरिष्ठ मदद करते हैं।
आपके लिए इसका अर्थ
- धन: आय और लाभ बेहतर होने की संभावना; बचत की योजना बनाने का अच्छा समय।
गुरु आपके बारहवें भाव में
सावधानीजीवन के क्षेत्र:आध्यात्मिक जीवनधन
गुरु 2 जनवरी 2042 से 10 जून 2042 तक वृश्चिक राशि में है।
गुरु विकास, ज्ञान, मार्गदर्शन, सौभाग्य, संतान और शिक्षकों का प्रतीक है। साल का सबसे बड़ा सहायक यही है।
बारहवें भाव में गुरु खर्च बढ़ा सकता है और भटकाव का भाव ला सकता है। साधना और दान के लिए अच्छा, बड़ी ख़रीदारी के लिए कम।
आपके लिए इसका अर्थ
- आध्यात्मिक जीवन: मन उदास या अशांत लग सकता है; शांत दिनचर्या और प्रार्थना मन को स्थिर करती है।
- धन: खर्च बढ़ सकता है; बड़ी ख़रीद, उधार देने और जोखिम भरे दाँव से बचें।
गुरु आपके ग्यारहवें भाव में
रुका हुआजीवन के क्षेत्र:धन
गुरु 10 जून 2042 से 28 अगस्त 2042 तक तुला राशि में है।
गुरु विकास, ज्ञान, मार्गदर्शन, सौभाग्य, संतान और शिक्षकों का प्रतीक है। साल का सबसे बड़ा सहायक यही है।
ग्यारहवें भाव में गुरु लाभ, पहचान और इच्छापूर्ति लाता है। मित्र और वरिष्ठ मदद करते हैं।
फ़िलहाल सूर्य गुरु के शुभ फल में बाधा (वेध) डाल रहा है, इसलिए उसका साथ अपेक्षा से देर से और धीरे-धीरे मिल सकता है।
आपके लिए इसका अर्थ
- धन: लाभ संभव है, पर देरी की संभावना है; अभी उस पर भरोसा न करें।
गुरु आपके बारहवें भाव में
सावधानीजीवन के क्षेत्र:आध्यात्मिक जीवनधन
गुरु 28 अगस्त 2042 को वृश्चिक राशि में प्रवेश करता है।
गुरु विकास, ज्ञान, मार्गदर्शन, सौभाग्य, संतान और शिक्षकों का प्रतीक है। साल का सबसे बड़ा सहायक यही है।
बारहवें भाव में गुरु खर्च बढ़ा सकता है और भटकाव का भाव ला सकता है। साधना और दान के लिए अच्छा, बड़ी ख़रीदारी के लिए कम।
आपके लिए इसका अर्थ
- आध्यात्मिक जीवन: मन उदास या अशांत लग सकता है; शांत दिनचर्या और प्रार्थना मन को स्थिर करती है।
- धन: खर्च बढ़ सकता है; बड़ी ख़रीद, उधार देने और जोखिम भरे दाँव से बचें।
राहु आपके पाँचवें भाव में
सावधानीजीवन के क्षेत्र:पढ़ाईरिश्ते
राहु 6 जून 2042 तक मेष राशि में है।
राहु महत्वाकांक्षा, और पाने की भूख, नए और अनोखे का प्रतीक है। वह अचानक अवसर और बेचैनी ला सकता है।
पाँचवें भाव में राहु पढ़ाई, प्रेम और निवेश में निर्णय को भटका सकता है। सट्टे से बचें।
आपके लिए इसका अर्थ
- पढ़ाई: ध्यान बिखर सकता है; एक समय में एक विषय लें और अच्छे से दोहराएँ।
- रिश्ते: ग़लतफ़हमी आसानी से हो सकती है; ज़्यादा सुनें और दूसरों को जगह दें।
राहु आपके चौथे भाव में
सावधानीजीवन के क्षेत्र:परिवार और घर
राहु 6 जून 2042 को मीन राशि में प्रवेश करता है।
राहु महत्वाकांक्षा, और पाने की भूख, नए और अनोखे का प्रतीक है। वह अचानक अवसर और बेचैनी ला सकता है।
चौथे भाव में राहु घरेलू जीवन और संपत्ति की योजनाओं को अस्थिर कर सकता है। घर में बातें सरल रखें और कागज़ात जाँचें।
आपके लिए इसका अर्थ
- परिवार और घर: घर में छोटी-मोटी खटपट संभव है; धैर्य और मीठे शब्द काम आते हैं।
केतु आपके ग्यारहवें भाव में
शुभजीवन के क्षेत्र:धन
केतु 6 जून 2042 तक तुला राशि में है।
केतु छोड़ने, वैराग्य और भीतर के जीवन का प्रतीक है। वह शांत समझ और सांसारिक बातों से दूर होने का खिंचाव ला सकता है।
ग्यारहवें भाव में केतु लाभ और अप्रत्याशित जगहों से मदद लाता है। इच्छाएँ चुपचाप पूरी हो सकती हैं।
आपके लिए इसका अर्थ
- धन: आय और लाभ बेहतर होने की संभावना; बचत की योजना बनाने का अच्छा समय।
केतु आपके दसवें भाव में
सावधानीजीवन के क्षेत्र:करियर
केतु 6 जून 2042 को कन्या राशि में प्रवेश करता है।
केतु छोड़ने, वैराग्य और भीतर के जीवन का प्रतीक है। वह शांत समझ और सांसारिक बातों से दूर होने का खिंचाव ला सकता है।
दसवें भाव में केतु काम में दिशाहीनता का भाव ला सकता है। अपने कर्तव्यों पर ध्यान बनाए रखें।
आपके लिए इसका अर्थ
- करियर: काम पर दबाव या खींचतान बढ़ सकती है; जो शुरू किया है उसे पूरा करें और शांत रहें।
शनि, साढ़ेसाती और ढैय्या
इस अवधि में आपकी राशि पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या नहीं है।
इस साल का उपाय
उन ग्रहों के लिए छोटे, स्वैच्छिक अभ्यास जो इस साल सबसे ज़्यादा सावधानी माँगते हैं। इनमें कोई ख़र्च नहीं है और ये किसी ख़ास नतीजे का वादा नहीं करते; जो ठीक लगे वही अपनाएँ।
गुरु के लिए, गुरुवार को सबसे अच्छा
गुरु आपके लिए कठिन स्थान में है, जिसका असर खर्च, आराम और भीतर का जीवन पर है।
- ज़रूरत से ज़्यादा वादे करने और खुद पर क्षमता से ज़्यादा बोझ लेने से बचें; उतने ही वादे करें जितने निभा सकें।
- बड़े फ़ैसलों से पहले किसी भरोसेमंद बड़े की सलाह लें।
राहु के लिए, शनिवार को सबसे अच्छा
राहु आपके लिए कठिन स्थान में है, जिसका असर घर, पारिवारिक शांति और संपत्ति पर है।
- शॉर्टकट और आधे-अधूरे सच से बचें, चाहे वे छोटे ही क्यों न हों।
- बेचैनी में फ़ोन स्क्रॉल करना और ख़बरें देखना सीमित करें; सीधे-सादे, मन को टिकाने वाले कामों में समय लगाएँ।
ध्यान देने योग्य तिथियाँ
- 2 जनवरी 2042
राशि परिवर्तन: 2 जनवरी 2042: गुरु वृश्चिक राशि में, आपके बारहवें भाव में प्रवेश करता है।
गुरु आपके लिए कठिन स्थान में आता है, जिसका असर खर्च, आराम और भीतर का जीवन पर होता है।
क्या करें: इस तिथि से इस क्षेत्र में धीरे चलें और हामी भरने से पहले दोबारा जाँच लें।
- 14 फ़रवरी 2042
वक्री: 14 फ़रवरी 2042: शनि तुला राशि में, आपके ग्यारहवें भाव में वक्री होता है। नई शुरुआत के बजाय समीक्षा का समय।
शनि आय, लाभ और मित्र पर धीमा होता है, इसलिए इस क्षेत्र की पुरानी बातें दोबारा सामने आती हैं।
क्या करें: कुछ नया शुरू करने के बजाय पुराना काम दोहराएँ, सुधारें और पूरा करें।
- 18 मार्च 2042
वक्री: 18 मार्च 2042: गुरु वृश्चिक राशि में, आपके बारहवें भाव में वक्री होता है। नई शुरुआत के बजाय समीक्षा का समय।
गुरु खर्च, आराम और भीतर का जीवन पर धीमा होता है, इसलिए इस क्षेत्र की पुरानी बातें दोबारा सामने आती हैं।
क्या करें: कुछ नया शुरू करने के बजाय पुराना काम दोहराएँ, सुधारें और पूरा करें।
- 20 अप्रैल 2042
सूर्य ग्रहण: 20 अप्रैल 2042: मेष राशि में, आपके पाँचवें भाव में सूर्यग्रहण। दिन शांति से बिताएँ और नई शुरुआत से बचें।
ग्रहण पढ़ाई, संतान और रचनात्मक योजनाएँ पर पड़ता है, जिससे यह कुछ दिनों के लिए नाज़ुक जगह बन जाती है।
क्या करें: दिन शांत रखें और नई शुरुआत, बड़ी ख़रीद और हस्ताक्षर से बचें।
- 6 जून 2042
राशि परिवर्तन: 6 जून 2042: राहु मीन राशि (आपके चौथे भाव) में और केतु कन्या राशि (आपके दसवें भाव) में प्रवेश करता है।
राहु-केतु की जोड़ी आगे बढ़ती है, जिससे बदलता है कि आप कहाँ बेचैनी महसूस करते हैं (घर, पारिवारिक शांति और संपत्ति) और कहाँ आपसे छोड़ने को कहा जाता है (करियर और प्रतिष्ठा)।
क्या करें: ख़ुद को सँभलने का समय दें और इसके आसपास के हफ़्तों में अचानक बड़े बदलावों से बचें।
- 10 जून 2042
राशि परिवर्तन: 10 जून 2042: गुरु तुला राशि में, आपके ग्यारहवें भाव में प्रवेश करता है।
गुरु आपके लिए सहायक स्थान में आता है, जो आय, लाभ और मित्र को सहारा देता है।
क्या करें: इसके बाद के दिनों में इस क्षेत्र में योजनाएँ शुरू करें या आगे बढ़ाएँ।
- 3 जुलाई 2042
मार्गी: 3 जुलाई 2042: शनि तुला राशि में, आपके ग्यारहवें भाव में मार्गी होता है। रुके हुए काम फिर आगे बढ़ने लगते हैं।
शनि आय, लाभ और मित्र पर फिर आगे बढ़ता है, इसलिए यहाँ जो अटका था वह चलने लगता है।
क्या करें: रुका हुआ काम फिर शुरू करें, और हस्ताक्षर या शुरुआत से पहले एक-दो दिन रुकें।
- 19 जुलाई 2042
मार्गी: 19 जुलाई 2042: गुरु तुला राशि में, आपके ग्यारहवें भाव में मार्गी होता है। रुके हुए काम फिर आगे बढ़ने लगते हैं।
गुरु आय, लाभ और मित्र पर फिर आगे बढ़ता है, इसलिए यहाँ जो अटका था वह चलने लगता है।
क्या करें: रुका हुआ काम फिर शुरू करें, और हस्ताक्षर या शुरुआत से पहले एक-दो दिन रुकें।
- 28 अगस्त 2042
राशि परिवर्तन: 28 अगस्त 2042: गुरु वृश्चिक राशि में, आपके बारहवें भाव में प्रवेश करता है।
गुरु आपके लिए कठिन स्थान में आता है, जिसका असर खर्च, आराम और भीतर का जीवन पर होता है।
क्या करें: इस तिथि से इस क्षेत्र में धीरे चलें और हामी भरने से पहले दोबारा जाँच लें।
- 14 अक्टूबर 2042
सूर्य ग्रहण: 14 अक्टूबर 2042: कन्या राशि में, आपके दसवें भाव में सूर्यग्रहण। दिन शांति से बिताएँ और नई शुरुआत से बचें।
ग्रहण करियर और प्रतिष्ठा पर पड़ता है, जिससे यह कुछ दिनों के लिए नाज़ुक जगह बन जाती है।
क्या करें: दिन शांत रखें और नई शुरुआत, बड़ी ख़रीद और हस्ताक्षर से बचें।
ये बातें उन सभी पर लागू होती हैं जिनका चंद्रमा धनु राशि में है, और केवल प्रवृत्तियाँ बताती हैं। आपकी अपनी जन्म कुंडली, अपने भावों और दशाओं के साथ, अलग बात कह सकती है।
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