Bhavishya

कन्या (Virgo) मासिक राशिफल: जनवरी 2019 - सावधानी

कन्या चंद्र राशि का जनवरी 2019 का मासिक राशिफल। हर ग्रह आपकी चंद्र राशि से गिना गया है, साथ में वे तिथियाँ भी हैं जब वह राशि या चाल बदलता है, ताकि आप देख सकें कि महीना कैसे आगे बढ़ता है।

यह महीना ज़्यादातर समय से अधिक सावधानी माँगता है। कई महत्वपूर्ण ग्रह कठिन स्थानों में हैं, इसलिए नियमित काम पर टिके रहें, जल्दबाज़ी के फ़ैसलों से बचें और चीज़ों को समय दें।

महीना कैसा रहेगा

  1. पहला पखवाड़ा: 1 जनवरी से 15 जनवरी

    सावधानी

    यह समय धैर्य और सावधानी माँगता है।

    शुक्र यहाँ आपके पक्ष में काम करता है और मेहनत, साहस और छोटी यात्राएँ में मदद करता है।

    शनि, गुरु, केतु, मंगल, सूर्य और बुध कहते हैं कि घर, पारिवारिक शांति और संपत्ति के साथ-साथ मेहनत, साहस और छोटी यात्राएँ में सावधानी से चलें।

    राहु, बुध और शुक्र आय, लाभ और मित्र के साथ-साथ घर, पारिवारिक शांति और संपत्ति में मदद करना चाहते हैं, पर अभी रुके हुए हैं, इसलिए नतीजे धीरे आएँगे।

    1 जनवरी, 6 जनवरी और 14 जनवरी के आसपास बदलाव आता है; नीचे ध्यान देने योग्य तिथियाँ देखें।

  2. दूसरा पखवाड़ा: 16 जनवरी से 31 जनवरी

    सावधानी

    यह समय धैर्य और सावधानी माँगता है।

    शुक्र यहाँ आपके पक्ष में काम करता है और मेहनत, साहस और छोटी यात्राएँ के साथ-साथ घर, पारिवारिक शांति और संपत्ति में मदद करता है।

    शनि, गुरु, केतु, मंगल, सूर्य और बुध कहते हैं कि घर, पारिवारिक शांति और संपत्ति के साथ-साथ मेहनत, साहस और छोटी यात्राएँ में सावधानी से चलें।

    राहु और बुध आय, लाभ और मित्र के साथ-साथ घर, पारिवारिक शांति और संपत्ति में मदद करना चाहते हैं, पर अभी रुके हुए हैं, इसलिए नतीजे धीरे आएँगे।

    20 जनवरी, 21 जनवरी और 29 जनवरी के आसपास बदलाव आता है; नीचे ध्यान देने योग्य तिथियाँ देखें।

शनि आपके चौथे भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:परिवार और घर

शनि पूरे महीने धनु राशि में रहता है।

शनि मेहनत, अनुशासन, कर्तव्य और धैर्य का प्रतीक है। वह लगातार मेहनत का फल देता है और शॉर्टकट को धीमा करता है।

चौथे भाव में शनि घर में बेचैनी और संपत्ति के मामलों में देरी ला सकता है। पारिवारिक ज़िम्मेदारियाँ धैर्य से निभाएँ।

आपके लिए इसका अर्थ

  • परिवार और घर: घर में छोटी-मोटी खटपट संभव है; धैर्य और मीठे शब्द काम आते हैं।

गुरु आपके तीसरे भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:करियर

गुरु पूरे महीने वृश्चिक राशि में रहता है।

गुरु विकास, ज्ञान, मार्गदर्शन, सौभाग्य, संतान और शिक्षकों का प्रतीक है। साल का सबसे बड़ा सहायक यही है।

तीसरे भाव में गुरु प्रयासों को धीमा कर सकता है और स्थान परिवर्तन ला सकता है। योजनाएँ लचीली रखें और स्थिरता से आगे बढ़ें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • करियर: काम पर दबाव या खींचतान बढ़ सकती है; जो शुरू किया है उसे पूरा करें और शांत रहें।

राहु आपके ग्यारहवें भाव में

रुका हुआ
जीवन के क्षेत्र:धन

राहु पूरे महीने कर्क राशि में रहता है।

राहु महत्वाकांक्षा, और पाने की भूख, नए और अनोखे का प्रतीक है। वह अचानक अवसर और बेचैनी ला सकता है।

ग्यारहवें भाव में राहु लाभ, नए संपर्क और महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति लाता है। अपना दायरा बढ़ाने का अच्छा समय है।

फ़िलहाल सूर्य राहु के शुभ फल में बाधा (वेध) डाल रहा है, इसलिए साहसी कदमों में सफलता से पहले अतिरिक्त सावधानी चाहिए।

आपके लिए इसका अर्थ

  • धन: लाभ संभव है, पर देरी की संभावना है; अभी उस पर भरोसा न करें।

केतु आपके पाँचवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:पढ़ाईरिश्ते

केतु पूरे महीने मकर राशि में रहता है।

केतु छोड़ने, वैराग्य और भीतर के जीवन का प्रतीक है। वह शांत समझ और सांसारिक बातों से दूर होने का खिंचाव ला सकता है।

पाँचवें भाव में केतु पढ़ाई में उलझन और बच्चों को लेकर चिंता ला सकता है। जल्दबाज़ी के फ़ैसलों से बचें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • पढ़ाई: ध्यान बिखर सकता है; एक समय में एक विषय लें और अच्छे से दोहराएँ।
  • रिश्ते: ग़लतफ़हमी आसानी से हो सकती है; ज़्यादा सुनें और दूसरों को जगह दें।

मंगल आपके सातवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:रिश्ते

मंगल पूरे महीने मीन राशि में रहता है।

मंगल ऊर्जा, जोश, साहस और झगड़ों को आप कैसे संभालते हैं, इसका प्रतीक है।

सातवें भाव में मंगल जीवनसाथी या व्यावसायिक साथियों से टकराव ला सकता है। बहस से बचें और दूसरों को जगह दें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • रिश्ते: ग़लतफ़हमी आसानी से हो सकती है; ज़्यादा सुनें और दूसरों को जगह दें।

सूर्य आपके चौथे भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:परिवार और घर

सूर्य 14 जनवरी तक धनु राशि में है।

सूर्य आत्मविश्वास, अधिकार, सम्मान और पिता तथा ऊँचे पद के लोगों से आपके संबंध का प्रतीक है।

चौथे भाव में सूर्य घरेलू जीवन को अस्थिर कर सकता है। परिवार में छोटी अनबन और संपत्ति को लेकर चिंता संभव है; घर में धैर्य रखें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • परिवार और घर: घर में छोटी-मोटी खटपट संभव है; धैर्य और मीठे शब्द काम आते हैं।

सूर्य आपके पाँचवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:पढ़ाईरिश्ते

सूर्य 14 जनवरी को मकर राशि में प्रवेश करता है।

सूर्य आत्मविश्वास, अधिकार, सम्मान और पिता तथा ऊँचे पद के लोगों से आपके संबंध का प्रतीक है।

पाँचवें भाव में सूर्य पढ़ाई, रचनात्मक काम और प्रेम में निर्णय को धुंधला कर सकता है। पैसे से जुड़े जोखिम भरे कदम से पहले दो बार सोचें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • पढ़ाई: ध्यान बिखर सकता है; एक समय में एक विषय लें और अच्छे से दोहराएँ।
  • रिश्ते: ग़लतफ़हमी आसानी से हो सकती है; ज़्यादा सुनें और दूसरों को जगह दें।

बुध आपके तीसरे भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:करियर

बुध 1 जनवरी तक वृश्चिक राशि में है।

बुध बातचीत, पढ़ाई, व्यापार, काग़ज़ी काम और तेज़ सोच का प्रतीक है।

तीसरे भाव में बुध संदेशों और कागज़ी काम में गड़बड़ी ला सकता है। हस्ताक्षर से पहले पढ़ें और वादे छोटे रखें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • करियर: काम पर दबाव या खींचतान बढ़ सकती है; जो शुरू किया है उसे पूरा करें और शांत रहें।

बुध आपके चौथे भाव में

रुका हुआ
जीवन के क्षेत्र:परिवार और घर

बुध 1 जनवरी से 20 जनवरी तक धनु राशि में है।

बुध बातचीत, पढ़ाई, व्यापार, काग़ज़ी काम और तेज़ सोच का प्रतीक है।

चौथे भाव में बुध घर में सहजता और परिवार से मदद लाता है। पढ़ाई और घर के कागज़ी काम के लिए अच्छा समय है।

फ़िलहाल गुरु बुध के शुभ फल में बाधा (वेध) डाल रहा है, इसलिए सौदों और कागज़ी काम को पूरा होने से पहले दोबारा देखना पड़ सकता है।

आपके लिए इसका अर्थ

  • परिवार और घर: घर की बातें सुधरती हैं, पर धीरे-धीरे।

बुध आपके पाँचवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:पढ़ाईरिश्ते

बुध 20 जनवरी को मकर राशि में प्रवेश करता है।

बुध बातचीत, पढ़ाई, व्यापार, काग़ज़ी काम और तेज़ सोच का प्रतीक है।

पाँचवें भाव में बुध बच्चों से या पढ़ाई में गलतफ़हमी ला सकता है। सट्टे जैसे फ़ैसलों से बचें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • पढ़ाई: ध्यान बिखर सकता है; एक समय में एक विषय लें और अच्छे से दोहराएँ।
  • रिश्ते: ग़लतफ़हमी आसानी से हो सकती है; ज़्यादा सुनें और दूसरों को जगह दें।

शुक्र आपके दूसरे भाव में

रुका हुआ
जीवन के क्षेत्र:धनपरिवार और घर

शुक्र 1 जनवरी तक तुला राशि में है।

शुक्र प्रेम, सुख-सुविधा, सुंदरता, आनंद और साझेदारी का प्रतीक है।

दूसरे भाव में शुक्र धन और परिवार में खुशी के लिए अनुकूल है। बचत और सुखद मेल-मिलाप के लिए अच्छा है।

फ़िलहाल मंगल शुक्र के शुभ फल में बाधा (वेध) डाल रहा है, इसलिए सुख और आनंद के पल इस स्थिति के वादे से कम हो सकते हैं।

आपके लिए इसका अर्थ

  • धन: लाभ संभव है, पर देरी की संभावना है; अभी उस पर भरोसा न करें।
  • परिवार और घर: घर की बातें सुधरती हैं, पर धीरे-धीरे।

शुक्र आपके तीसरे भाव में

शुभ
जीवन के क्षेत्र:करियर

शुक्र 1 जनवरी से 29 जनवरी तक वृश्चिक राशि में है।

शुक्र प्रेम, सुख-सुविधा, सुंदरता, आनंद और साझेदारी का प्रतीक है।

तीसरे भाव में शुक्र अच्छे मित्र, सुखद सैर और भाई-बहनों का साथ लाता है। छोटे लाभ संभव हैं।

आपके लिए इसका अर्थ

  • करियर: काम पर ध्यान जाता है; ज़्यादा ज़िम्मेदारी लेने या विचार रखने का अच्छा समय।

शुक्र आपके चौथे भाव में

शुभ
जीवन के क्षेत्र:परिवार और घर

शुक्र 29 जनवरी को धनु राशि में प्रवेश करता है।

शुक्र प्रेम, सुख-सुविधा, सुंदरता, आनंद और साझेदारी का प्रतीक है।

चौथे भाव में शुक्र घर में सुख और मित्रों से मदद लाता है। घर सँवारने और परिवार के साथ समय बिताने के लिए अच्छा है।

आपके लिए इसका अर्थ

  • परिवार और घर: घर में स्थिर, सुखद समय।

शनि, साढ़ेसाती और ढैय्या

कंटक शनि

शनि आपके चौथे भाव में है (कंटक शनि, दो ढैय्या में से एक)। घर और परिवार के मामले धैर्य माँगते हैं; संपत्ति के फ़ैसलों में जल्दबाज़ी न करें।

इस महीने का उपाय

उन ग्रहों के लिए छोटे, स्वैच्छिक अभ्यास जो इस महीना सबसे ज़्यादा सावधानी माँगते हैं। इनमें कोई ख़र्च नहीं है और ये किसी ख़ास नतीजे का वादा नहीं करते; जो ठीक लगे वही अपनाएँ।

शनि के लिए, शनिवार को सबसे अच्छा

शनि आपके लिए कठिन स्थान में है, जिसका असर घर, पारिवारिक शांति और संपत्ति पर है।

  • बुज़ुर्गों या कड़ी शारीरिक मेहनत करने वालों की, जैसे भी हो सके, मदद करें।
  • मान लें कि कुछ नतीजे धीरे आते हैं; रफ़्तार पर ज़ोर डाले बिना आगे बढ़ते रहें।

गुरु के लिए, गुरुवार को सबसे अच्छा

गुरु आपके लिए कठिन स्थान में है, जिसका असर मेहनत, साहस और छोटी यात्राएँ पर है।

  • ज़रूरत से ज़्यादा वादे करने और खुद पर क्षमता से ज़्यादा बोझ लेने से बचें; उतने ही वादे करें जितने निभा सकें।
  • बड़े फ़ैसलों से पहले किसी भरोसेमंद बड़े की सलाह लें।

ध्यान देने योग्य तिथियाँ

  • 1 जनवरी 2019

    राशि परिवर्तन: 1 जनवरी: बुध धनु राशि में, आपके चौथे भाव में प्रवेश करता है।

    बुध आपके लिए सहायक स्थान में आता है, जो घर, पारिवारिक शांति और संपत्ति को सहारा देता है।

    क्या करें: इसके बाद के दिनों में इस क्षेत्र में योजनाएँ शुरू करें या आगे बढ़ाएँ।

  • 1 जनवरी 2019

    राशि परिवर्तन: 1 जनवरी: शुक्र वृश्चिक राशि में, आपके तीसरे भाव में प्रवेश करता है।

    शुक्र आपके लिए सहायक स्थान में आता है, जो मेहनत, साहस और छोटी यात्राएँ को सहारा देता है।

    क्या करें: इसके बाद के दिनों में इस क्षेत्र में योजनाएँ शुरू करें या आगे बढ़ाएँ।

  • 6 जनवरी 2019

    सूर्य ग्रहण: 6 जनवरी: धनु राशि में, आपके चौथे भाव में सूर्यग्रहण। दिन शांति से बिताएँ और नई शुरुआत से बचें।

    ग्रहण घर, पारिवारिक शांति और संपत्ति पर पड़ता है, जिससे यह कुछ दिनों के लिए नाज़ुक जगह बन जाती है।

    क्या करें: दिन शांत रखें और नई शुरुआत, बड़ी ख़रीद और हस्ताक्षर से बचें।

  • 14 जनवरी 2019

    राशि परिवर्तन: 14 जनवरी: सूर्य मकर राशि में, आपके पाँचवें भाव में प्रवेश करता है।

    सूर्य आपके लिए कठिन स्थान में आता है, जिसका असर पढ़ाई, संतान और रचनात्मक योजनाएँ पर होता है।

    क्या करें: इस तिथि से इस क्षेत्र में धीरे चलें और हामी भरने से पहले दोबारा जाँच लें।

  • 20 जनवरी 2019

    राशि परिवर्तन: 20 जनवरी: बुध मकर राशि में, आपके पाँचवें भाव में प्रवेश करता है।

    बुध आपके लिए कठिन स्थान में आता है, जिसका असर पढ़ाई, संतान और रचनात्मक योजनाएँ पर होता है।

    क्या करें: इस तिथि से इस क्षेत्र में धीरे चलें और हामी भरने से पहले दोबारा जाँच लें।

  • 21 जनवरी 2019

    चंद्र ग्रहण: 21 जनवरी: कर्क राशि में, आपके ग्यारहवें भाव में चंद्रग्रहण। दिन शांत रखें और बड़े फ़ैसलों से बचें।

    ग्रहण आय, लाभ और मित्र पर पड़ता है, जिससे यह कुछ दिनों के लिए नाज़ुक जगह बन जाती है।

    क्या करें: दिन शांत रखें और नई शुरुआत, बड़ी ख़रीद और हस्ताक्षर से बचें।

  • 29 जनवरी 2019

    राशि परिवर्तन: 29 जनवरी: शुक्र धनु राशि में, आपके चौथे भाव में प्रवेश करता है।

    शुक्र आपके लिए सहायक स्थान में आता है, जो घर, पारिवारिक शांति और संपत्ति को सहारा देता है।

    क्या करें: इसके बाद के दिनों में इस क्षेत्र में योजनाएँ शुरू करें या आगे बढ़ाएँ।

ये बातें उन सभी पर लागू होती हैं जिनका चंद्रमा कन्या राशि में है, और केवल प्रवृत्तियाँ बताती हैं। आपकी अपनी जन्म कुंडली, अपने भावों और दशाओं के साथ, अलग बात कह सकती है।

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