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कुंभ (Aquarius) मासिक राशिफल: जनवरी 2015 - सावधानी

कुंभ चंद्र राशि का जनवरी 2015 का मासिक राशिफल। हर ग्रह आपकी चंद्र राशि से गिना गया है, साथ में वे तिथियाँ भी हैं जब वह राशि या चाल बदलता है, ताकि आप देख सकें कि महीना कैसे आगे बढ़ता है।

यह महीना ज़्यादातर समय से अधिक सावधानी माँगता है। कई महत्वपूर्ण ग्रह कठिन स्थानों में हैं, इसलिए नियमित काम पर टिके रहें, जल्दबाज़ी के फ़ैसलों से बचें और चीज़ों को समय दें।

महीना कैसा रहेगा

  1. पहला पखवाड़ा: 1 जनवरी से 15 जनवरी

    सावधानी

    यह समय धैर्य और सावधानी माँगता है।

    सूर्य यहाँ आपके पक्ष में काम करता है और आय, लाभ और मित्र में मदद करता है।

    शनि, गुरु, राहु, केतु, मंगल, सूर्य और बुध कहते हैं कि करियर और प्रतिष्ठा के साथ-साथ रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम में सावधानी से चलें।

    बुध और शुक्र आय, लाभ और मित्र के साथ-साथ खर्च, आराम और भीतर का जीवन में मदद करना चाहते हैं, पर अभी रुके हुए हैं, इसलिए नतीजे धीरे आएँगे।

    1 जनवरी, 5 जनवरी और 14 जनवरी के आसपास बदलाव आता है; नीचे ध्यान देने योग्य तिथियाँ देखें।

  2. दूसरा पखवाड़ा: 16 जनवरी से 31 जनवरी

    सावधानी

    यह समय धैर्य और सावधानी माँगता है।

    शनि, गुरु, राहु, केतु, मंगल, सूर्य और बुध कहते हैं कि करियर और प्रतिष्ठा के साथ-साथ रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम में सावधानी से चलें।

    शुक्र खर्च, आराम और भीतर का जीवन के साथ-साथ आपकी ऊर्जा और आत्मविश्वास में मदद करना चाहता है, पर अभी रुका हुआ है, इसलिए नतीजे धीरे आएँगे।

    21 जनवरी और 23 जनवरी के आसपास बदलाव आता है; नीचे ध्यान देने योग्य तिथियाँ देखें।

शनि आपके दसवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:करियर

शनि पूरे महीने वृश्चिक राशि में रहता है।

शनि मेहनत, अनुशासन, कर्तव्य और धैर्य का प्रतीक है। वह लगातार मेहनत का फल देता है और शॉर्टकट को धीमा करता है।

दसवें भाव में शनि भारी काम और धीमी पहचान लाता है। ज़िम्मेदारी बढ़ती है; शॉर्टकट और वरिष्ठों से टकराव से बचें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • करियर: काम पर दबाव या खींचतान बढ़ सकती है; जो शुरू किया है उसे पूरा करें और शांत रहें।

गुरु आपके छठे भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:करियर

गुरु पूरे महीने कर्क राशि में रहता है।

गुरु विकास, ज्ञान, मार्गदर्शन, सौभाग्य, संतान और शिक्षकों का प्रतीक है। साल का सबसे बड़ा सहायक यही है।

छठे भाव में गुरु प्रतिद्वंद्वी और रुके काम या कर्ज़ का दबाव ला सकता है। उधार देने से बचें और अपनी बात पर टिके रहें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • करियर: काम पर दबाव या खींचतान बढ़ सकती है; जो शुरू किया है उसे पूरा करें और शांत रहें।

राहु आपके आठवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:धन

राहु पूरे महीने कन्या राशि में रहता है।

राहु महत्वाकांक्षा, और पाने की भूख, नए और अनोखे का प्रतीक है। वह अचानक अवसर और बेचैनी ला सकता है।

आठवें भाव में राहु अचानक बदलावों और साझा धन में सावधानी माँगता है। गोपनीयता और जोखिम भरी योजनाओं से बचें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • धन: खर्च बढ़ सकता है; बड़ी ख़रीद, उधार देने और जोखिम भरे दाँव से बचें।

केतु आपके दूसरे भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:धनपरिवार और घर

केतु पूरे महीने मीन राशि में रहता है।

केतु छोड़ने, वैराग्य और भीतर के जीवन का प्रतीक है। वह शांत समझ और सांसारिक बातों से दूर होने का खिंचाव ला सकता है।

दूसरे भाव में केतु लापरवाह शब्द और अस्थिर धन ला सकता है। बोलने से पहले सोचें और बचत सुरक्षित रखें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • धन: खर्च बढ़ सकता है; बड़ी ख़रीद, उधार देने और जोखिम भरे दाँव से बचें।
  • परिवार और घर: घर में छोटी-मोटी खटपट संभव है; धैर्य और मीठे शब्द काम आते हैं।

मंगल आपके बारहवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:आध्यात्मिक जीवनधन

मंगल 5 जनवरी तक मकर राशि में है।

मंगल ऊर्जा, जोश, साहस और झगड़ों को आप कैसे संभालते हैं, इसका प्रतीक है।

बारहवें भाव में मंगल अतिरिक्त खर्च और व्यर्थ मेहनत ला सकता है। खर्चों पर नियंत्रण रखें और झगड़ों से बचें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • आध्यात्मिक जीवन: मन उदास या अशांत लग सकता है; शांत दिनचर्या और प्रार्थना मन को स्थिर करती है।
  • धन: खर्च बढ़ सकता है; बड़ी ख़रीद, उधार देने और जोखिम भरे दाँव से बचें।

मंगल आपके पहले भाव में

सावधानी

मंगल 5 जनवरी को कुंभ राशि में प्रवेश करता है।

मंगल ऊर्जा, जोश, साहस और झगड़ों को आप कैसे संभालते हैं, इसका प्रतीक है।

आपकी अपनी राशि में मंगल जल्दबाज़ी और गुस्सा बढ़ा सकता है। प्रतिक्रिया देने से पहले रुकें और गरमागरम बहस से दूर रहें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • आप: मन और ऊर्जा कम हो सकते हैं; अच्छा आराम करें और जल्दबाज़ी में प्रतिक्रिया न दें।

सूर्य आपके ग्यारहवें भाव में

शुभ
जीवन के क्षेत्र:धन

सूर्य 14 जनवरी तक धनु राशि में है।

सूर्य आत्मविश्वास, अधिकार, सम्मान और पिता तथा ऊँचे पद के लोगों से आपके संबंध का प्रतीक है।

ग्यारहवें भाव में सूर्य आय और लाभ के लिए अच्छा है। इच्छाएँ पूरी होने की संभावना है, और मित्र व वरिष्ठ मददगार रहते हैं।

आपके लिए इसका अर्थ

  • धन: आय और लाभ बेहतर होने की संभावना; बचत की योजना बनाने का अच्छा समय।

सूर्य आपके बारहवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:आध्यात्मिक जीवनधन

सूर्य 14 जनवरी को मकर राशि में प्रवेश करता है।

सूर्य आत्मविश्वास, अधिकार, सम्मान और पिता तथा ऊँचे पद के लोगों से आपके संबंध का प्रतीक है।

बारहवें भाव में सूर्य खर्च बढ़ा सकता है और मेहनत का फल कम लग सकता है। आराम करने, चुपचाप योजना बनाने और भीतर झाँकने का अच्छा समय है।

आपके लिए इसका अर्थ

  • आध्यात्मिक जीवन: मन उदास या अशांत लग सकता है; शांत दिनचर्या और प्रार्थना मन को स्थिर करती है।
  • धन: खर्च बढ़ सकता है; बड़ी ख़रीद, उधार देने और जोखिम भरे दाँव से बचें।

बुध आपके ग्यारहवें भाव में

रुका हुआ
जीवन के क्षेत्र:धन

बुध 1 जनवरी तक धनु राशि में है।

बुध बातचीत, पढ़ाई, व्यापार, काग़ज़ी काम और तेज़ सोच का प्रतीक है।

ग्यारहवें भाव में बुध लाभ, मददगार संपर्क और मित्रों से अच्छी ख़बर लाता है।

फ़िलहाल मंगल बुध के शुभ फल में बाधा (वेध) डाल रहा है, इसलिए सौदों और कागज़ी काम को पूरा होने से पहले दोबारा देखना पड़ सकता है।

आपके लिए इसका अर्थ

  • धन: लाभ संभव है, पर देरी की संभावना है; अभी उस पर भरोसा न करें।

बुध आपके बारहवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:आध्यात्मिक जीवनधन

बुध 1 जनवरी को मकर राशि में प्रवेश करता है।

बुध बातचीत, पढ़ाई, व्यापार, काग़ज़ी काम और तेज़ सोच का प्रतीक है।

बारहवें भाव में बुध व्यर्थ मेहनत और चूक से छोटे नुकसान ला सकता है। हिसाब और समझौते दोबारा जाँचें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • आध्यात्मिक जीवन: मन उदास या अशांत लग सकता है; शांत दिनचर्या और प्रार्थना मन को स्थिर करती है।
  • धन: खर्च बढ़ सकता है; बड़ी ख़रीद, उधार देने और जोखिम भरे दाँव से बचें।

शुक्र आपके बारहवें भाव में

रुका हुआ
जीवन के क्षेत्र:आध्यात्मिक जीवनधन

शुक्र 23 जनवरी तक मकर राशि में है।

शुक्र प्रेम, सुख-सुविधा, सुंदरता, आनंद और साझेदारी का प्रतीक है।

बारहवें भाव में शुक्र सुख-सुविधा और सुखद खर्च लाता है। यात्रा और विश्राम आनंददायक हो सकते हैं, पर पैसों पर नज़र रखें।

फ़िलहाल गुरु शुक्र के शुभ फल में बाधा (वेध) डाल रहा है, इसलिए सुख और आनंद के पल इस स्थिति के वादे से कम हो सकते हैं।

आपके लिए इसका अर्थ

  • आध्यात्मिक जीवन: गहराई में जाने की इच्छा है; रोज़ थोड़ा समय निकालें।
  • धन: लाभ संभव है, पर देरी की संभावना है; अभी उस पर भरोसा न करें।

शुक्र आपके पहले भाव में

रुका हुआ

शुक्र 23 जनवरी को कुंभ राशि में प्रवेश करता है।

शुक्र प्रेम, सुख-सुविधा, सुंदरता, आनंद और साझेदारी का प्रतीक है।

आपकी अपनी राशि में शुक्र सुख, आकर्षण और सुखद संगति लाता है। रिश्ते और रचनात्मक काम फलते-फूलते हैं।

फ़िलहाल राहु शुक्र के शुभ फल में बाधा (वेध) डाल रहा है, इसलिए सुख और आनंद के पल इस स्थिति के वादे से कम हो सकते हैं।

आपके लिए इसका अर्थ

  • आप: ऊर्जा है, पर चीज़ें आपकी चाह से ज़्यादा समय लेती हैं।

शनि, साढ़ेसाती और ढैय्या

इस अवधि में आपकी राशि पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या नहीं है।

इस महीने का उपाय

उन ग्रहों के लिए छोटे, स्वैच्छिक अभ्यास जो इस महीना सबसे ज़्यादा सावधानी माँगते हैं। इनमें कोई ख़र्च नहीं है और ये किसी ख़ास नतीजे का वादा नहीं करते; जो ठीक लगे वही अपनाएँ।

शनि के लिए, शनिवार को सबसे अच्छा

शनि आपके लिए कठिन स्थान में है, जिसका असर करियर और प्रतिष्ठा पर है।

  • बुज़ुर्गों या कड़ी शारीरिक मेहनत करने वालों की, जैसे भी हो सके, मदद करें।
  • मान लें कि कुछ नतीजे धीरे आते हैं; रफ़्तार पर ज़ोर डाले बिना आगे बढ़ते रहें।

गुरु के लिए, गुरुवार को सबसे अच्छा

गुरु आपके लिए कठिन स्थान में है, जिसका असर रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम पर है।

  • ज़रूरत से ज़्यादा वादे करने और खुद पर क्षमता से ज़्यादा बोझ लेने से बचें; उतने ही वादे करें जितने निभा सकें।
  • बड़े फ़ैसलों से पहले किसी भरोसेमंद बड़े की सलाह लें।

ध्यान देने योग्य तिथियाँ

  • 1 जनवरी 2015

    राशि परिवर्तन: 1 जनवरी: बुध मकर राशि में, आपके बारहवें भाव में प्रवेश करता है।

    बुध आपके लिए कठिन स्थान में आता है, जिसका असर खर्च, आराम और भीतर का जीवन पर होता है।

    क्या करें: इस तिथि से इस क्षेत्र में धीरे चलें और हामी भरने से पहले दोबारा जाँच लें।

  • 5 जनवरी 2015

    राशि परिवर्तन: 5 जनवरी: मंगल कुंभ राशि में, आपके पहले भाव में प्रवेश करता है।

    मंगल आपके लिए कठिन स्थान में आता है, जिसका असर आपकी ऊर्जा और आत्मविश्वास पर होता है।

    क्या करें: इस तिथि से इस क्षेत्र में धीरे चलें और हामी भरने से पहले दोबारा जाँच लें।

  • 14 जनवरी 2015

    राशि परिवर्तन: 14 जनवरी: सूर्य मकर राशि में, आपके बारहवें भाव में प्रवेश करता है।

    सूर्य आपके लिए कठिन स्थान में आता है, जिसका असर खर्च, आराम और भीतर का जीवन पर होता है।

    क्या करें: इस तिथि से इस क्षेत्र में धीरे चलें और हामी भरने से पहले दोबारा जाँच लें।

  • 21 जनवरी 2015

    वक्री: 21 जनवरी: बुध मकर राशि में, आपके बारहवें भाव में वक्री होता है। नई शुरुआत के बजाय समीक्षा का समय।

    बुध खर्च, आराम और भीतर का जीवन पर धीमा होता है, इसलिए इस क्षेत्र की पुरानी बातें दोबारा सामने आती हैं।

    क्या करें: कुछ नया शुरू करने के बजाय पुराना काम दोहराएँ, सुधारें और पूरा करें।

  • 23 जनवरी 2015

    राशि परिवर्तन: 23 जनवरी: शुक्र कुंभ राशि में, आपके पहले भाव में प्रवेश करता है।

    शुक्र आपके लिए सहायक स्थान में आता है, जो आपकी ऊर्जा और आत्मविश्वास को सहारा देता है।

    क्या करें: इसके बाद के दिनों में इस क्षेत्र में योजनाएँ शुरू करें या आगे बढ़ाएँ।

ये बातें उन सभी पर लागू होती हैं जिनका चंद्रमा कुंभ राशि में है, और केवल प्रवृत्तियाँ बताती हैं। आपकी अपनी जन्म कुंडली, अपने भावों और दशाओं के साथ, अलग बात कह सकती है।

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कुंभ (Aquarius) मासिक राशिफल: जनवरी 2015 - Bhavishya