Bhavishya

कुंभ (Aquarius) मासिक राशिफल: जून 2018 - शुभ

कुंभ चंद्र राशि का जून 2018 का मासिक राशिफल। हर ग्रह आपकी चंद्र राशि से गिना गया है, साथ में वे तिथियाँ भी हैं जब वह राशि या चाल बदलता है, ताकि आप देख सकें कि महीना कैसे आगे बढ़ता है।

यह महीना आपके पक्ष में झुका हुआ है। आपकी मदद करने वाले ग्रह ज़्यादातर समय की तुलना में अच्छी जगह पर हैं, इसलिए योजनाओं को आगे बढ़ाने का यह अच्छा समय है।

महीना कैसा रहेगा

  1. पहला पखवाड़ा: 1 जून से 15 जून

    शुभ

    यह समय कुल मिलाकर साथ देने वाला लगता है।

    गुरु और बुध यहाँ आपके पक्ष में काम करते हैं और बड़े-बुज़ुर्ग, शिक्षक, आस्था और लंबी यात्राएँ के साथ-साथ घर, पारिवारिक शांति और संपत्ति में मदद करते हैं।

    केतु, मंगल, सूर्य, बुध और शुक्र कहते हैं कि खर्च, आराम और भीतर का जीवन के साथ-साथ घर, पारिवारिक शांति और संपत्ति में सावधानी से चलें।

    शनि, राहु और शुक्र आय, लाभ और मित्र के साथ-साथ रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम में मदद करना चाहते हैं, पर अभी रुके हुए हैं, इसलिए नतीजे धीरे आएँगे।

    9 जून, 10 जून और 15 जून के आसपास बदलाव आता है; नीचे ध्यान देने योग्य तिथियाँ देखें।

  2. दूसरा पखवाड़ा: 16 जून से 30 जून

    शुभ

    यह समय कुल मिलाकर साथ देने वाला लगता है।

    गुरु यहाँ आपके पक्ष में काम करता है और बड़े-बुज़ुर्ग, शिक्षक, आस्था और लंबी यात्राएँ में मदद करता है।

    केतु, मंगल, सूर्य, बुध और शुक्र कहते हैं कि खर्च, आराम और भीतर का जीवन के साथ-साथ पढ़ाई, संतान और रचनात्मक योजनाएँ में सावधानी से चलें।

    शनि, राहु और बुध आय, लाभ और मित्र के साथ-साथ रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम में मदद करना चाहते हैं, पर अभी रुके हुए हैं, इसलिए नतीजे धीरे आएँगे।

    25 जून और 27 जून के आसपास बदलाव आता है; नीचे ध्यान देने योग्य तिथियाँ देखें।

शनि आपके ग्यारहवें भाव में

रुका हुआ
जीवन के क्षेत्र:धन

शनि पूरे महीने धनु राशि में रहता है।

शनि मेहनत, अनुशासन, कर्तव्य और धैर्य का प्रतीक है। वह लगातार मेहनत का फल देता है और शॉर्टकट को धीमा करता है।

ग्यारहवें भाव में शनि लगातार काम से लाभ और वरिष्ठों का साथ लाता है। लंबे समय की योजनाएँ पूरी हो सकती हैं।

फ़िलहाल बुध शनि के शुभ फल में बाधा (वेध) डाल रहा है, इसलिए लगातार मेहनत का फल मिलता तो है, पर धीरे।

आपके लिए इसका अर्थ

  • धन: लाभ संभव है, पर देरी की संभावना है; अभी उस पर भरोसा न करें।

गुरु आपके नौवें भाव में

शुभ
जीवन के क्षेत्र:पढ़ाईआध्यात्मिक जीवन

गुरु पूरे महीने तुला राशि में रहता है।

गुरु विकास, ज्ञान, मार्गदर्शन, सौभाग्य, संतान और शिक्षकों का प्रतीक है। साल का सबसे बड़ा सहायक यही है।

नौवें भाव में गुरु आस्था, उच्च शिक्षा और सौभाग्य के लिए अनुकूल है। बड़े और गुरुजन साथ देते हैं।

आपके लिए इसका अर्थ

  • पढ़ाई: पढ़ाई, प्रशिक्षण और रचनात्मक काम अच्छे चलते हैं; नया कोर्स शुरू करने का अच्छा समय।
  • आध्यात्मिक जीवन: प्रार्थना, चिंतन और दूसरों की मदद संतोष देते हैं।

राहु आपके छठे भाव में

रुका हुआ
जीवन के क्षेत्र:करियर

राहु पूरे महीने कर्क राशि में रहता है।

राहु महत्वाकांक्षा, और पाने की भूख, नए और अनोखे का प्रतीक है। वह अचानक अवसर और बेचैनी ला सकता है।

छठे भाव में राहु प्रतिद्वंद्वियों को हराने और प्रतिस्पर्धा संभालने में मदद करता है। साहसी काम सफल होता है।

फ़िलहाल गुरु राहु के शुभ फल में बाधा (वेध) डाल रहा है, इसलिए साहसी कदमों में सफलता से पहले अतिरिक्त सावधानी चाहिए।

आपके लिए इसका अर्थ

  • करियर: साथ तो है, पर पहचान उम्मीद से धीरे मिलती है।

केतु आपके बारहवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:आध्यात्मिक जीवनधन

केतु पूरे महीने मकर राशि में रहता है।

केतु छोड़ने, वैराग्य और भीतर के जीवन का प्रतीक है। वह शांत समझ और सांसारिक बातों से दूर होने का खिंचाव ला सकता है।

बारहवें भाव में केतु साधना और मोह छोड़ने के लिए अनुकूल है। खर्च पर नज़र रखनी होगी।

आपके लिए इसका अर्थ

  • आध्यात्मिक जीवन: मन उदास या अशांत लग सकता है; शांत दिनचर्या और प्रार्थना मन को स्थिर करती है।
  • धन: खर्च बढ़ सकता है; बड़ी ख़रीद, उधार देने और जोखिम भरे दाँव से बचें।

मंगल आपके बारहवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:आध्यात्मिक जीवनधन

मंगल पूरे महीने मकर राशि में रहता है।

मंगल ऊर्जा, जोश, साहस और झगड़ों को आप कैसे संभालते हैं, इसका प्रतीक है।

बारहवें भाव में मंगल अतिरिक्त खर्च और व्यर्थ मेहनत ला सकता है। खर्चों पर नियंत्रण रखें और झगड़ों से बचें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • आध्यात्मिक जीवन: मन उदास या अशांत लग सकता है; शांत दिनचर्या और प्रार्थना मन को स्थिर करती है।
  • धन: खर्च बढ़ सकता है; बड़ी ख़रीद, उधार देने और जोखिम भरे दाँव से बचें।

सूर्य आपके चौथे भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:परिवार और घर

सूर्य 15 जून तक वृषभ राशि में है।

सूर्य आत्मविश्वास, अधिकार, सम्मान और पिता तथा ऊँचे पद के लोगों से आपके संबंध का प्रतीक है।

चौथे भाव में सूर्य घरेलू जीवन को अस्थिर कर सकता है। परिवार में छोटी अनबन और संपत्ति को लेकर चिंता संभव है; घर में धैर्य रखें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • परिवार और घर: घर में छोटी-मोटी खटपट संभव है; धैर्य और मीठे शब्द काम आते हैं।

सूर्य आपके पाँचवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:पढ़ाईरिश्ते

सूर्य 15 जून को मिथुन राशि में प्रवेश करता है।

सूर्य आत्मविश्वास, अधिकार, सम्मान और पिता तथा ऊँचे पद के लोगों से आपके संबंध का प्रतीक है।

पाँचवें भाव में सूर्य पढ़ाई, रचनात्मक काम और प्रेम में निर्णय को धुंधला कर सकता है। पैसे से जुड़े जोखिम भरे कदम से पहले दो बार सोचें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • पढ़ाई: ध्यान बिखर सकता है; एक समय में एक विषय लें और अच्छे से दोहराएँ।
  • रिश्ते: ग़लतफ़हमी आसानी से हो सकती है; ज़्यादा सुनें और दूसरों को जगह दें।

बुध आपके चौथे भाव में

शुभ
जीवन के क्षेत्र:परिवार और घर

बुध 10 जून तक वृषभ राशि में है।

बुध बातचीत, पढ़ाई, व्यापार, काग़ज़ी काम और तेज़ सोच का प्रतीक है।

चौथे भाव में बुध घर में सहजता और परिवार से मदद लाता है। पढ़ाई और घर के कागज़ी काम के लिए अच्छा समय है।

आपके लिए इसका अर्थ

  • परिवार और घर: घर में स्थिर, सुखद समय।

बुध आपके पाँचवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:पढ़ाईरिश्ते

बुध 10 जून से 25 जून तक मिथुन राशि में है।

बुध बातचीत, पढ़ाई, व्यापार, काग़ज़ी काम और तेज़ सोच का प्रतीक है।

पाँचवें भाव में बुध बच्चों से या पढ़ाई में गलतफ़हमी ला सकता है। सट्टे जैसे फ़ैसलों से बचें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • पढ़ाई: ध्यान बिखर सकता है; एक समय में एक विषय लें और अच्छे से दोहराएँ।
  • रिश्ते: ग़लतफ़हमी आसानी से हो सकती है; ज़्यादा सुनें और दूसरों को जगह दें।

बुध आपके छठे भाव में

रुका हुआ
जीवन के क्षेत्र:करियर

बुध 25 जून को कर्क राशि में प्रवेश करता है।

बुध बातचीत, पढ़ाई, व्यापार, काग़ज़ी काम और तेज़ सोच का प्रतीक है।

छठे भाव में बुध प्रतिद्वंद्वियों को मात देने और बारीक काम पूरा करने में मदद करता है। सावधानी से किए काम की सराहना होती है।

फ़िलहाल गुरु बुध के शुभ फल में बाधा (वेध) डाल रहा है, इसलिए सौदों और कागज़ी काम को पूरा होने से पहले दोबारा देखना पड़ सकता है।

आपके लिए इसका अर्थ

  • करियर: साथ तो है, पर पहचान उम्मीद से धीरे मिलती है।

शुक्र आपके पाँचवें भाव में

रुका हुआ
जीवन के क्षेत्र:पढ़ाईरिश्ते

शुक्र 9 जून तक मिथुन राशि में है।

शुक्र प्रेम, सुख-सुविधा, सुंदरता, आनंद और साझेदारी का प्रतीक है।

पाँचवें भाव में शुक्र प्रेम, रचनात्मक काम और बच्चों से खुशी के लिए अनुकूल है। कला की पढ़ाई अच्छी चलती है।

फ़िलहाल गुरु शुक्र के शुभ फल में बाधा (वेध) डाल रहा है, इसलिए सुख और आनंद के पल इस स्थिति के वादे से कम हो सकते हैं।

आपके लिए इसका अर्थ

  • पढ़ाई: पढ़ाई की मेहनत रंग लाती है, पर नतीजे दिखने में समय लगता है।
  • रिश्ते: दोनों ओर अच्छी नीयत है, पर योजनाएँ अभी पूरी न हो सकें।

शुक्र आपके छठे भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:करियर

शुक्र 9 जून को कर्क राशि में प्रवेश करता है।

शुक्र प्रेम, सुख-सुविधा, सुंदरता, आनंद और साझेदारी का प्रतीक है।

छठे भाव में शुक्र दूसरों से विवाद और निराशा ला सकता है। उधार देने से बचें और झगड़ों से दूर रहें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • करियर: काम पर दबाव या खींचतान बढ़ सकती है; जो शुरू किया है उसे पूरा करें और शांत रहें।

शनि, साढ़ेसाती और ढैय्या

इस अवधि में आपकी राशि पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या नहीं है।

इस महीने का उपाय

उन ग्रहों के लिए छोटे, स्वैच्छिक अभ्यास जो इस महीना सबसे ज़्यादा सावधानी माँगते हैं। इनमें कोई ख़र्च नहीं है और ये किसी ख़ास नतीजे का वादा नहीं करते; जो ठीक लगे वही अपनाएँ।

केतु के लिए, मंगलवार को सबसे अच्छा

केतु आपके लिए कठिन स्थान में है, जिसका असर खर्च, आराम और भीतर का जीवन पर है।

  • रोज़ थोड़ी देर ध्यान या प्रार्थना का नियम रखें।
  • जहाँ हो सके, जीवन को सरल बनाएँ; जो अब काम का नहीं रहा, उसे छोड़ दें।

मंगल के लिए, मंगलवार को सबसे अच्छा

मंगल आपके लिए कठिन स्थान में है, जिसका असर खर्च, आराम और भीतर का जीवन पर है।

  • जब गुस्सा आए, तो पहले शरीर को हिलाएँ (थोड़ा टहलें, कुछ व्यायाम करें) और बोलें बाद में।
  • आवेश में आकर झगड़ा शुरू करने से बचें; किसी भी टकराव पर एक रात सोचकर ही कदम उठाएँ।

ध्यान देने योग्य तिथियाँ

  • 9 जून 2018

    राशि परिवर्तन: 9 जून: शुक्र कर्क राशि में, आपके छठे भाव में प्रवेश करता है।

    शुक्र आपके लिए कठिन स्थान में आता है, जिसका असर रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम पर होता है।

    क्या करें: इस तिथि से इस क्षेत्र में धीरे चलें और हामी भरने से पहले दोबारा जाँच लें।

  • 10 जून 2018

    राशि परिवर्तन: 10 जून: बुध मिथुन राशि में, आपके पाँचवें भाव में प्रवेश करता है।

    बुध आपके लिए कठिन स्थान में आता है, जिसका असर पढ़ाई, संतान और रचनात्मक योजनाएँ पर होता है।

    क्या करें: इस तिथि से इस क्षेत्र में धीरे चलें और हामी भरने से पहले दोबारा जाँच लें।

  • 15 जून 2018

    राशि परिवर्तन: 15 जून: सूर्य मिथुन राशि में, आपके पाँचवें भाव में प्रवेश करता है।

    सूर्य आपके लिए कठिन स्थान में आता है, जिसका असर पढ़ाई, संतान और रचनात्मक योजनाएँ पर होता है।

    क्या करें: इस तिथि से इस क्षेत्र में धीरे चलें और हामी भरने से पहले दोबारा जाँच लें।

  • 25 जून 2018

    राशि परिवर्तन: 25 जून: बुध कर्क राशि में, आपके छठे भाव में प्रवेश करता है।

    बुध आपके लिए सहायक स्थान में आता है, जो रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम को सहारा देता है।

    क्या करें: इसके बाद के दिनों में इस क्षेत्र में योजनाएँ शुरू करें या आगे बढ़ाएँ।

  • 27 जून 2018

    वक्री: 27 जून: मंगल मकर राशि में, आपके बारहवें भाव में वक्री होता है। नई शुरुआत के बजाय समीक्षा का समय।

    मंगल खर्च, आराम और भीतर का जीवन पर धीमा होता है, इसलिए इस क्षेत्र की पुरानी बातें दोबारा सामने आती हैं।

    क्या करें: कुछ नया शुरू करने के बजाय पुराना काम दोहराएँ, सुधारें और पूरा करें।

ये बातें उन सभी पर लागू होती हैं जिनका चंद्रमा कुंभ राशि में है, और केवल प्रवृत्तियाँ बताती हैं। आपकी अपनी जन्म कुंडली, अपने भावों और दशाओं के साथ, अलग बात कह सकती है।

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