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मकर (Capricorn) वार्षिक राशिफल 2015 - शुभ

मकर चंद्र राशि का 2015 का वार्षिक राशिफल। साल का रूप मुख्य रूप से धीमे ग्रह तय करते हैं: गुरु, शनि, राहु और केतु, और साल के ग्रहण। यहाँ हर एक को उसकी तिथियों के साथ आपकी चंद्र राशि से पढ़ा गया है।

यह साल आपके पक्ष में झुका हुआ है। आपकी मदद करने वाले ग्रह ज़्यादातर समय की तुलना में अच्छी जगह पर हैं, इसलिए योजनाओं को आगे बढ़ाने का यह अच्छा समय है।

साल कैसा रहेगा

  1. साल का पहला भाग: 1 जनवरी से 30 जून

    शुभ

    यह समय कुल मिलाकर साथ देने वाला लगता है।

    केतु यहाँ आपके पक्ष में काम करता है और मेहनत, साहस और छोटी यात्राएँ में मदद करता है।

    राहु कहता है कि बड़े-बुज़ुर्ग, शिक्षक, आस्था और लंबी यात्राएँ में सावधानी से चलें।

    शनि और गुरु आय, लाभ और मित्र के साथ-साथ साझेदारी और दूसरों से लेन-देन में मदद करना चाहते हैं, पर अभी रुके हुए हैं, इसलिए नतीजे धीरे आएँगे।

    14 मार्च, 20 मार्च, 4 अप्रैल और 8 अप्रैल के आसपास बदलाव आता है; नीचे ध्यान देने योग्य तिथियाँ देखें।

  2. साल का दूसरा भाग: 1 जुलाई से 31 दिसंबर

    शुभ

    यह समय कुल मिलाकर साथ देने वाला लगता है।

    केतु यहाँ आपके पक्ष में काम करता है और मेहनत, साहस और छोटी यात्राएँ में मदद करता है।

    गुरु और राहु कहते हैं कि साझा धन और अचानक बदलाव के साथ-साथ बड़े-बुज़ुर्ग, शिक्षक, आस्था और लंबी यात्राएँ में सावधानी से चलें।

    शनि और गुरु आय, लाभ और मित्र के साथ-साथ साझेदारी और दूसरों से लेन-देन में मदद करना चाहते हैं, पर अभी रुके हुए हैं, इसलिए नतीजे धीरे आएँगे।

    14 जुलाई, 2 अगस्त, 13 सितंबर और 28 सितंबर के आसपास बदलाव आता है; नीचे ध्यान देने योग्य तिथियाँ देखें।

शनि आपके ग्यारहवें भाव में

रुका हुआ
जीवन के क्षेत्र:धन

शनि पूरे साल वृश्चिक राशि में रहता है।

शनि मेहनत, अनुशासन, कर्तव्य और धैर्य का प्रतीक है। वह लगातार मेहनत का फल देता है और शॉर्टकट को धीमा करता है।

ग्यारहवें भाव में शनि लगातार काम से लाभ और वरिष्ठों का साथ लाता है। लंबे समय की योजनाएँ पूरी हो सकती हैं।

फ़िलहाल बुध शनि के शुभ फल में बाधा (वेध) डाल रहा है, इसलिए लगातार मेहनत का फल मिलता तो है, पर धीरे।

आपके लिए इसका अर्थ

  • धन: लाभ संभव है, पर देरी की संभावना है; अभी उस पर भरोसा न करें।

गुरु आपके सातवें भाव में

रुका हुआ
जीवन के क्षेत्र:रिश्ते

गुरु 14 जुलाई 2015 तक कर्क राशि में है।

गुरु विकास, ज्ञान, मार्गदर्शन, सौभाग्य, संतान और शिक्षकों का प्रतीक है। साल का सबसे बड़ा सहायक यही है।

सातवें भाव में गुरु विवाह, साझेदारी और अच्छी संगति के लिए अनुकूल है। समझौतों और यात्रा के लिए सहायक समय है।

फ़िलहाल केतु गुरु के शुभ फल में बाधा (वेध) डाल रहा है, इसलिए उसका साथ अपेक्षा से देर से और धीरे-धीरे मिल सकता है।

आपके लिए इसका अर्थ

  • रिश्ते: दोनों ओर अच्छी नीयत है, पर योजनाएँ अभी पूरी न हो सकें।

गुरु आपके आठवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:धन

गुरु 14 जुलाई 2015 को सिंह राशि में प्रवेश करता है।

गुरु विकास, ज्ञान, मार्गदर्शन, सौभाग्य, संतान और शिक्षकों का प्रतीक है। साल का सबसे बड़ा सहायक यही है।

आठवें भाव में गुरु रुकावटें और अप्रत्याशित खर्च ला सकता है। जोखिम भरे कामों से बचें और विवादों से दूर रहें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • धन: खर्च बढ़ सकता है; बड़ी ख़रीद, उधार देने और जोखिम भरे दाँव से बचें।

राहु आपके नौवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:पढ़ाईआध्यात्मिक जीवन

राहु पूरे साल कन्या राशि में रहता है।

राहु महत्वाकांक्षा, और पाने की भूख, नए और अनोखे का प्रतीक है। वह अचानक अवसर और बेचैनी ला सकता है।

नौवें भाव में राहु आस्था को डगमगा सकता है या गुरुओं और बड़ों से मतभेद ला सकता है। जो जानते हैं, उस पर टिके रहें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • पढ़ाई: ध्यान बिखर सकता है; एक समय में एक विषय लें और अच्छे से दोहराएँ।
  • आध्यात्मिक जीवन: मन उदास या अशांत लग सकता है; शांत दिनचर्या और प्रार्थना मन को स्थिर करती है।

केतु आपके तीसरे भाव में

शुभ
जीवन के क्षेत्र:करियर

केतु पूरे साल मीन राशि में रहता है।

केतु छोड़ने, वैराग्य और भीतर के जीवन का प्रतीक है। वह शांत समझ और सांसारिक बातों से दूर होने का खिंचाव ला सकता है।

तीसरे भाव में केतु दृढ़ता और मेहनत से सफलता लाता है। साहस और व्यावहारिक हुनर का फल मिलता है।

आपके लिए इसका अर्थ

  • करियर: काम पर ध्यान जाता है; ज़्यादा ज़िम्मेदारी लेने या विचार रखने का अच्छा समय।

शनि, साढ़ेसाती और ढैय्या

इस अवधि में आपकी राशि पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या नहीं है।

इस साल का उपाय

उन ग्रहों के लिए छोटे, स्वैच्छिक अभ्यास जो इस साल सबसे ज़्यादा सावधानी माँगते हैं। इनमें कोई ख़र्च नहीं है और ये किसी ख़ास नतीजे का वादा नहीं करते; जो ठीक लगे वही अपनाएँ।

राहु के लिए, शनिवार को सबसे अच्छा

राहु आपके लिए कठिन स्थान में है, जिसका असर बड़े-बुज़ुर्ग, शिक्षक, आस्था और लंबी यात्राएँ पर है।

  • शॉर्टकट और आधे-अधूरे सच से बचें, चाहे वे छोटे ही क्यों न हों।
  • बेचैनी में फ़ोन स्क्रॉल करना और ख़बरें देखना सीमित करें; सीधे-सादे, मन को टिकाने वाले कामों में समय लगाएँ।

गुरु के लिए, गुरुवार को सबसे अच्छा

गुरु आपके लिए कठिन स्थान में है, जिसका असर साझा धन और अचानक बदलाव पर है।

  • ज़रूरत से ज़्यादा वादे करने और खुद पर क्षमता से ज़्यादा बोझ लेने से बचें; उतने ही वादे करें जितने निभा सकें।
  • बड़े फ़ैसलों से पहले किसी भरोसेमंद बड़े की सलाह लें।

ध्यान देने योग्य तिथियाँ

  • 14 मार्च 2015

    वक्री: 14 मार्च 2015: शनि वृश्चिक राशि में, आपके ग्यारहवें भाव में वक्री होता है। नई शुरुआत के बजाय समीक्षा का समय।

    शनि आय, लाभ और मित्र पर धीमा होता है, इसलिए इस क्षेत्र की पुरानी बातें दोबारा सामने आती हैं।

    क्या करें: कुछ नया शुरू करने के बजाय पुराना काम दोहराएँ, सुधारें और पूरा करें।

  • 20 मार्च 2015

    सूर्य ग्रहण: 20 मार्च 2015: मीन राशि में, आपके तीसरे भाव में सूर्यग्रहण। दिन शांति से बिताएँ और नई शुरुआत से बचें।

    ग्रहण मेहनत, साहस और छोटी यात्राएँ पर पड़ता है, जिससे यह कुछ दिनों के लिए नाज़ुक जगह बन जाती है।

    क्या करें: दिन शांत रखें और नई शुरुआत, बड़ी ख़रीद और हस्ताक्षर से बचें।

  • 4 अप्रैल 2015

    चंद्र ग्रहण: 4 अप्रैल 2015: कन्या राशि में, आपके नौवें भाव में चंद्रग्रहण। दिन शांत रखें और बड़े फ़ैसलों से बचें।

    ग्रहण बड़े-बुज़ुर्ग, शिक्षक, आस्था और लंबी यात्राएँ पर पड़ता है, जिससे यह कुछ दिनों के लिए नाज़ुक जगह बन जाती है।

    क्या करें: दिन शांत रखें और नई शुरुआत, बड़ी ख़रीद और हस्ताक्षर से बचें।

  • 8 अप्रैल 2015

    मार्गी: 8 अप्रैल 2015: गुरु कर्क राशि में, आपके सातवें भाव में मार्गी होता है। रुके हुए काम फिर आगे बढ़ने लगते हैं।

    गुरु साझेदारी और दूसरों से लेन-देन पर फिर आगे बढ़ता है, इसलिए यहाँ जो अटका था वह चलने लगता है।

    क्या करें: रुका हुआ काम फिर शुरू करें, और हस्ताक्षर या शुरुआत से पहले एक-दो दिन रुकें।

  • 14 जुलाई 2015

    राशि परिवर्तन: 14 जुलाई 2015: गुरु सिंह राशि में, आपके आठवें भाव में प्रवेश करता है।

    गुरु आपके लिए कठिन स्थान में आता है, जिसका असर साझा धन और अचानक बदलाव पर होता है।

    क्या करें: इस तिथि से इस क्षेत्र में धीरे चलें और हामी भरने से पहले दोबारा जाँच लें।

  • 2 अगस्त 2015

    मार्गी: 2 अगस्त 2015: शनि वृश्चिक राशि में, आपके ग्यारहवें भाव में मार्गी होता है। रुके हुए काम फिर आगे बढ़ने लगते हैं।

    शनि आय, लाभ और मित्र पर फिर आगे बढ़ता है, इसलिए यहाँ जो अटका था वह चलने लगता है।

    क्या करें: रुका हुआ काम फिर शुरू करें, और हस्ताक्षर या शुरुआत से पहले एक-दो दिन रुकें।

  • 13 सितंबर 2015

    सूर्य ग्रहण: 13 सितंबर 2015: सिंह राशि में, आपके आठवें भाव में सूर्यग्रहण। दिन शांति से बिताएँ और नई शुरुआत से बचें।

    ग्रहण साझा धन और अचानक बदलाव पर पड़ता है, जिससे यह कुछ दिनों के लिए नाज़ुक जगह बन जाती है।

    क्या करें: दिन शांत रखें और नई शुरुआत, बड़ी ख़रीद और हस्ताक्षर से बचें।

  • 28 सितंबर 2015

    चंद्र ग्रहण: 28 सितंबर 2015: मीन राशि में, आपके तीसरे भाव में चंद्रग्रहण। दिन शांत रखें और बड़े फ़ैसलों से बचें।

    ग्रहण मेहनत, साहस और छोटी यात्राएँ पर पड़ता है, जिससे यह कुछ दिनों के लिए नाज़ुक जगह बन जाती है।

    क्या करें: दिन शांत रखें और नई शुरुआत, बड़ी ख़रीद और हस्ताक्षर से बचें।

ये बातें उन सभी पर लागू होती हैं जिनका चंद्रमा मकर राशि में है, और केवल प्रवृत्तियाँ बताती हैं। आपकी अपनी जन्म कुंडली, अपने भावों और दशाओं के साथ, अलग बात कह सकती है।

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