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मीन (Pisces) मासिक राशिफल: सितंबर 2017 - मिश्रित

मीन चंद्र राशि का सितंबर 2017 का मासिक राशिफल। हर ग्रह आपकी चंद्र राशि से गिना गया है, साथ में वे तिथियाँ भी हैं जब वह राशि या चाल बदलता है, ताकि आप देख सकें कि महीना कैसे आगे बढ़ता है।

यह महीना मिला-जुला है: कुछ काम आसानी से चलते हैं और कुछ में धैर्य चाहिए। जो चल रहा है उस पर भरोसा रखें और धीमे कामों को एक-एक कदम लें।

महीना कैसा रहेगा

  1. पहला पखवाड़ा: 1 सितंबर से 15 सितंबर

    शुभ

    यह समय कुल मिलाकर साथ देने वाला लगता है।

    गुरु, केतु और सूर्य यहाँ आपके पक्ष में काम करते हैं और साझेदारी और दूसरों से लेन-देन के साथ-साथ आय, लाभ और मित्र में मदद करते हैं।

    शनि, गुरु, राहु और शुक्र कहते हैं कि बड़े-बुज़ुर्ग, शिक्षक, आस्था और लंबी यात्राएँ के साथ-साथ साझा धन और अचानक बदलाव में सावधानी से चलें।

    मंगल, बुध और शुक्र रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम के साथ-साथ पढ़ाई, संतान और रचनात्मक योजनाएँ में मदद करना चाहते हैं, पर अभी रुके हुए हैं, इसलिए नतीजे धीरे आएँगे।

    5 सितंबर, 12 सितंबर और 15 सितंबर के आसपास बदलाव आता है; नीचे ध्यान देने योग्य तिथियाँ देखें।

  2. दूसरा पखवाड़ा: 16 सितंबर से 30 सितंबर

    मिश्रित

    यह समय आसानी और धीमी गति का मेल है।

    केतु और सूर्य यहाँ आपके पक्ष में काम करते हैं और आय, लाभ और मित्र के साथ-साथ रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम में मदद करते हैं।

    शनि, गुरु, राहु, सूर्य, बुध और शुक्र कहते हैं कि बड़े-बुज़ुर्ग, शिक्षक, आस्था और लंबी यात्राएँ के साथ-साथ साझा धन और अचानक बदलाव में सावधानी से चलें।

    मंगल और बुध रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम में मदद करना चाहते हैं, पर अभी रुके हुए हैं, इसलिए नतीजे धीरे आएँगे।

    17 सितंबर और 27 सितंबर के आसपास बदलाव आता है; नीचे ध्यान देने योग्य तिथियाँ देखें।

शनि आपके नौवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:पढ़ाईआध्यात्मिक जीवन

शनि पूरे महीने वृश्चिक राशि में रहता है।

शनि मेहनत, अनुशासन, कर्तव्य और धैर्य का प्रतीक है। वह लगातार मेहनत का फल देता है और शॉर्टकट को धीमा करता है।

नौवें भाव में शनि भाग्य, लंबी यात्राओं और उच्च शिक्षा में देरी ला सकता है। बड़ों का सम्मान करें और आस्था रखें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • पढ़ाई: ध्यान बिखर सकता है; एक समय में एक विषय लें और अच्छे से दोहराएँ।
  • आध्यात्मिक जीवन: मन उदास या अशांत लग सकता है; शांत दिनचर्या और प्रार्थना मन को स्थिर करती है।

गुरु आपके सातवें भाव में

शुभ
जीवन के क्षेत्र:रिश्ते

गुरु 12 सितंबर तक कन्या राशि में है।

गुरु विकास, ज्ञान, मार्गदर्शन, सौभाग्य, संतान और शिक्षकों का प्रतीक है। साल का सबसे बड़ा सहायक यही है।

सातवें भाव में गुरु विवाह, साझेदारी और अच्छी संगति के लिए अनुकूल है। समझौतों और यात्रा के लिए सहायक समय है।

आपके लिए इसका अर्थ

  • रिश्ते: गर्मजोशी और सहजता; लोगों से मिलने और मनमुटाव दूर करने का अच्छा समय।

गुरु आपके आठवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:धन

गुरु 12 सितंबर को तुला राशि में प्रवेश करता है।

गुरु विकास, ज्ञान, मार्गदर्शन, सौभाग्य, संतान और शिक्षकों का प्रतीक है। साल का सबसे बड़ा सहायक यही है।

आठवें भाव में गुरु रुकावटें और अप्रत्याशित खर्च ला सकता है। जोखिम भरे कामों से बचें और विवादों से दूर रहें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • धन: खर्च बढ़ सकता है; बड़ी ख़रीद, उधार देने और जोखिम भरे दाँव से बचें।

राहु आपके पाँचवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:पढ़ाईरिश्ते

राहु पूरे महीने कर्क राशि में रहता है।

राहु महत्वाकांक्षा, और पाने की भूख, नए और अनोखे का प्रतीक है। वह अचानक अवसर और बेचैनी ला सकता है।

पाँचवें भाव में राहु पढ़ाई, प्रेम और निवेश में निर्णय को भटका सकता है। सट्टे से बचें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • पढ़ाई: ध्यान बिखर सकता है; एक समय में एक विषय लें और अच्छे से दोहराएँ।
  • रिश्ते: ग़लतफ़हमी आसानी से हो सकती है; ज़्यादा सुनें और दूसरों को जगह दें।

केतु आपके ग्यारहवें भाव में

शुभ
जीवन के क्षेत्र:धन

केतु पूरे महीने मकर राशि में रहता है।

केतु छोड़ने, वैराग्य और भीतर के जीवन का प्रतीक है। वह शांत समझ और सांसारिक बातों से दूर होने का खिंचाव ला सकता है।

ग्यारहवें भाव में केतु लाभ और अप्रत्याशित जगहों से मदद लाता है। इच्छाएँ चुपचाप पूरी हो सकती हैं।

आपके लिए इसका अर्थ

  • धन: आय और लाभ बेहतर होने की संभावना; बचत की योजना बनाने का अच्छा समय।

मंगल आपके छठे भाव में

रुका हुआ
जीवन के क्षेत्र:करियर

मंगल पूरे महीने सिंह राशि में रहता है।

मंगल ऊर्जा, जोश, साहस और झगड़ों को आप कैसे संभालते हैं, इसका प्रतीक है।

छठे भाव में मंगल प्रतिद्वंद्वियों और प्रतिस्पर्धा पर जीत दिलाता है। रुका काम आगे बढ़ता है और कर्ज़ घटाया जा सकता है।

फ़िलहाल शनि मंगल के शुभ फल में बाधा (वेध) डाल रहा है, इसलिए मेहनत का फल पाने में अधिक धैर्य चाहिए।

आपके लिए इसका अर्थ

  • करियर: साथ तो है, पर पहचान उम्मीद से धीरे मिलती है।

सूर्य आपके छठे भाव में

शुभ
जीवन के क्षेत्र:करियर

सूर्य 17 सितंबर तक सिंह राशि में है।

सूर्य आत्मविश्वास, अधिकार, सम्मान और पिता तथा ऊँचे पद के लोगों से आपके संबंध का प्रतीक है।

छठे भाव में सूर्य प्रतिद्वंद्वियों और रुके हुए काम पर बढ़त दिलाता है। कर्ज़ और प्रतिस्पर्धा काबू में आने लगते हैं।

आपके लिए इसका अर्थ

  • करियर: काम पर ध्यान जाता है; ज़्यादा ज़िम्मेदारी लेने या विचार रखने का अच्छा समय।

सूर्य आपके सातवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:रिश्ते

सूर्य 17 सितंबर को कन्या राशि में प्रवेश करता है।

सूर्य आत्मविश्वास, अधिकार, सम्मान और पिता तथा ऊँचे पद के लोगों से आपके संबंध का प्रतीक है।

सातवें भाव में सूर्य साझेदारी और यात्रा की योजनाओं में तनाव ला सकता है। जीवनसाथी और व्यावसायिक साथियों को सामान्य से अधिक जगह दें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • रिश्ते: ग़लतफ़हमी आसानी से हो सकती है; ज़्यादा सुनें और दूसरों को जगह दें।

बुध आपके छठे भाव में

रुका हुआ
जीवन के क्षेत्र:करियर

बुध 27 सितंबर तक सिंह राशि में है।

बुध बातचीत, पढ़ाई, व्यापार, काग़ज़ी काम और तेज़ सोच का प्रतीक है।

छठे भाव में बुध प्रतिद्वंद्वियों को मात देने और बारीक काम पूरा करने में मदद करता है। सावधानी से किए काम की सराहना होती है।

फ़िलहाल शनि बुध के शुभ फल में बाधा (वेध) डाल रहा है, इसलिए सौदों और कागज़ी काम को पूरा होने से पहले दोबारा देखना पड़ सकता है।

आपके लिए इसका अर्थ

  • करियर: साथ तो है, पर पहचान उम्मीद से धीरे मिलती है।

बुध आपके सातवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:रिश्ते

बुध 27 सितंबर को कन्या राशि में प्रवेश करता है।

बुध बातचीत, पढ़ाई, व्यापार, काग़ज़ी काम और तेज़ सोच का प्रतीक है।

सातवें भाव में बुध जीवनसाथी से या व्यावसायिक सौदों में गलतफ़हमी ला सकता है। बातें साफ़-साफ़ कहें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • रिश्ते: ग़लतफ़हमी आसानी से हो सकती है; ज़्यादा सुनें और दूसरों को जगह दें।

शुक्र आपके पाँचवें भाव में

रुका हुआ
जीवन के क्षेत्र:पढ़ाईरिश्ते

शुक्र 15 सितंबर तक कर्क राशि में है।

शुक्र प्रेम, सुख-सुविधा, सुंदरता, आनंद और साझेदारी का प्रतीक है।

पाँचवें भाव में शुक्र प्रेम, रचनात्मक काम और बच्चों से खुशी के लिए अनुकूल है। कला की पढ़ाई अच्छी चलती है।

फ़िलहाल शनि शुक्र के शुभ फल में बाधा (वेध) डाल रहा है, इसलिए सुख और आनंद के पल इस स्थिति के वादे से कम हो सकते हैं।

आपके लिए इसका अर्थ

  • पढ़ाई: पढ़ाई की मेहनत रंग लाती है, पर नतीजे दिखने में समय लगता है।
  • रिश्ते: दोनों ओर अच्छी नीयत है, पर योजनाएँ अभी पूरी न हो सकें।

शुक्र आपके छठे भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:करियर

शुक्र 15 सितंबर को सिंह राशि में प्रवेश करता है।

शुक्र प्रेम, सुख-सुविधा, सुंदरता, आनंद और साझेदारी का प्रतीक है।

छठे भाव में शुक्र दूसरों से विवाद और निराशा ला सकता है। उधार देने से बचें और झगड़ों से दूर रहें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • करियर: काम पर दबाव या खींचतान बढ़ सकती है; जो शुरू किया है उसे पूरा करें और शांत रहें।

शनि, साढ़ेसाती और ढैय्या

इस अवधि में आपकी राशि पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या नहीं है।

इस महीने का उपाय

उन ग्रहों के लिए छोटे, स्वैच्छिक अभ्यास जो इस महीना सबसे ज़्यादा सावधानी माँगते हैं। इनमें कोई ख़र्च नहीं है और ये किसी ख़ास नतीजे का वादा नहीं करते; जो ठीक लगे वही अपनाएँ।

शनि के लिए, शनिवार को सबसे अच्छा

शनि आपके लिए कठिन स्थान में है, जिसका असर बड़े-बुज़ुर्ग, शिक्षक, आस्था और लंबी यात्राएँ पर है।

  • बुज़ुर्गों या कड़ी शारीरिक मेहनत करने वालों की, जैसे भी हो सके, मदद करें।
  • मान लें कि कुछ नतीजे धीरे आते हैं; रफ़्तार पर ज़ोर डाले बिना आगे बढ़ते रहें।

राहु के लिए, शनिवार को सबसे अच्छा

राहु आपके लिए कठिन स्थान में है, जिसका असर पढ़ाई, संतान और रचनात्मक योजनाएँ पर है।

  • शॉर्टकट और आधे-अधूरे सच से बचें, चाहे वे छोटे ही क्यों न हों।
  • बेचैनी में फ़ोन स्क्रॉल करना और ख़बरें देखना सीमित करें; सीधे-सादे, मन को टिकाने वाले कामों में समय लगाएँ।

ध्यान देने योग्य तिथियाँ

  • 5 सितंबर 2017

    मार्गी: 5 सितंबर: बुध सिंह राशि में, आपके छठे भाव में मार्गी होता है। रुके हुए काम फिर आगे बढ़ने लगते हैं।

    बुध रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम पर फिर आगे बढ़ता है, इसलिए यहाँ जो अटका था वह चलने लगता है।

    क्या करें: रुका हुआ काम फिर शुरू करें, और हस्ताक्षर या शुरुआत से पहले एक-दो दिन रुकें।

  • 12 सितंबर 2017

    राशि परिवर्तन: 12 सितंबर: गुरु तुला राशि में, आपके आठवें भाव में प्रवेश करता है।

    गुरु आपके लिए कठिन स्थान में आता है, जिसका असर साझा धन और अचानक बदलाव पर होता है।

    क्या करें: इस तिथि से इस क्षेत्र में धीरे चलें और हामी भरने से पहले दोबारा जाँच लें।

  • 15 सितंबर 2017

    राशि परिवर्तन: 15 सितंबर: शुक्र सिंह राशि में, आपके छठे भाव में प्रवेश करता है।

    शुक्र आपके लिए कठिन स्थान में आता है, जिसका असर रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम पर होता है।

    क्या करें: इस तिथि से इस क्षेत्र में धीरे चलें और हामी भरने से पहले दोबारा जाँच लें।

  • 17 सितंबर 2017

    राशि परिवर्तन: 17 सितंबर: सूर्य कन्या राशि में, आपके सातवें भाव में प्रवेश करता है।

    सूर्य आपके लिए कठिन स्थान में आता है, जिसका असर साझेदारी और दूसरों से लेन-देन पर होता है।

    क्या करें: इस तिथि से इस क्षेत्र में धीरे चलें और हामी भरने से पहले दोबारा जाँच लें।

  • 27 सितंबर 2017

    राशि परिवर्तन: 27 सितंबर: बुध कन्या राशि में, आपके सातवें भाव में प्रवेश करता है।

    बुध आपके लिए कठिन स्थान में आता है, जिसका असर साझेदारी और दूसरों से लेन-देन पर होता है।

    क्या करें: इस तिथि से इस क्षेत्र में धीरे चलें और हामी भरने से पहले दोबारा जाँच लें।

ये बातें उन सभी पर लागू होती हैं जिनका चंद्रमा मीन राशि में है, और केवल प्रवृत्तियाँ बताती हैं। आपकी अपनी जन्म कुंडली, अपने भावों और दशाओं के साथ, अलग बात कह सकती है।

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मीन (Pisces) मासिक राशिफल: सितंबर 2017 - Bhavishya