Bhavishya

मेष (Aries) मासिक राशिफल: मार्च 2014 - सावधानी

मेष चंद्र राशि का मार्च 2014 का मासिक राशिफल। हर ग्रह आपकी चंद्र राशि से गिना गया है, साथ में वे तिथियाँ भी हैं जब वह राशि या चाल बदलता है, ताकि आप देख सकें कि महीना कैसे आगे बढ़ता है।

यह महीना ज़्यादातर समय से अधिक सावधानी माँगता है। कई महत्वपूर्ण ग्रह कठिन स्थानों में हैं, इसलिए नियमित काम पर टिके रहें, जल्दबाज़ी के फ़ैसलों से बचें और चीज़ों को समय दें।

महीना कैसा रहेगा

  1. पहला पखवाड़ा: 1 मार्च से 15 मार्च

    सावधानी

    यह समय धैर्य और सावधानी माँगता है।

    सूर्य और बुध यहाँ आपके पक्ष में काम करते हैं और आय, लाभ और मित्र के साथ-साथ करियर और प्रतिष्ठा में मदद करते हैं।

    शनि, गुरु, राहु, केतु, मंगल, सूर्य और शुक्र कहते हैं कि साझेदारी और दूसरों से लेन-देन के साथ-साथ मेहनत, साहस और छोटी यात्राएँ में सावधानी से चलें।

    बुध आय, लाभ और मित्र में मदद करना चाहता है, पर अभी रुका हुआ है, इसलिए नतीजे धीरे आएँगे।

    1 मार्च, 2 मार्च, 6 मार्च, 12 मार्च और 14 मार्च के आसपास बदलाव आता है; नीचे ध्यान देने योग्य तिथियाँ देखें।

  2. दूसरा पखवाड़ा: 16 मार्च से 31 मार्च

    सावधानी

    यह समय धैर्य और सावधानी माँगता है।

    मंगल यहाँ आपके पक्ष में काम करता है और रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम में मदद करता है।

    शनि, गुरु, राहु, केतु, मंगल, सूर्य और शुक्र कहते हैं कि साझेदारी और दूसरों से लेन-देन के साथ-साथ मेहनत, साहस और छोटी यात्राएँ में सावधानी से चलें।

    बुध और शुक्र आय, लाभ और मित्र में मदद करना चाहते हैं, पर अभी रुके हुए हैं, इसलिए नतीजे धीरे आएँगे।

    25 मार्च और 31 मार्च के आसपास बदलाव आता है; नीचे ध्यान देने योग्य तिथियाँ देखें।

शनि आपके सातवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:रिश्ते

शनि पूरे महीने तुला राशि में रहता है।

शनि मेहनत, अनुशासन, कर्तव्य और धैर्य का प्रतीक है। वह लगातार मेहनत का फल देता है और शॉर्टकट को धीमा करता है।

सातवें भाव में शनि साझेदारी में दूरी या खिंचाव और समझौतों में देरी ला सकता है। धैर्य और निष्पक्षता सहायक हैं।

आपके लिए इसका अर्थ

  • रिश्ते: ग़लतफ़हमी आसानी से हो सकती है; ज़्यादा सुनें और दूसरों को जगह दें।

गुरु आपके तीसरे भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:करियर

गुरु पूरे महीने मिथुन राशि में रहता है।

गुरु विकास, ज्ञान, मार्गदर्शन, सौभाग्य, संतान और शिक्षकों का प्रतीक है। साल का सबसे बड़ा सहायक यही है।

तीसरे भाव में गुरु प्रयासों को धीमा कर सकता है और स्थान परिवर्तन ला सकता है। योजनाएँ लचीली रखें और स्थिरता से आगे बढ़ें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • करियर: काम पर दबाव या खींचतान बढ़ सकती है; जो शुरू किया है उसे पूरा करें और शांत रहें।

राहु आपके सातवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:रिश्ते

राहु पूरे महीने तुला राशि में रहता है।

राहु महत्वाकांक्षा, और पाने की भूख, नए और अनोखे का प्रतीक है। वह अचानक अवसर और बेचैनी ला सकता है।

सातवें भाव में राहु साझेदारी और व्यावसायिक सौदों में उलझन ला सकता है। वचन देने से पहले जाँच लें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • रिश्ते: ग़लतफ़हमी आसानी से हो सकती है; ज़्यादा सुनें और दूसरों को जगह दें।

केतु आपके पहले भाव में

सावधानी

केतु पूरे महीने मेष राशि में रहता है।

केतु छोड़ने, वैराग्य और भीतर के जीवन का प्रतीक है। वह शांत समझ और सांसारिक बातों से दूर होने का खिंचाव ला सकता है।

आपकी अपनी राशि में केतु विरक्ति और अपनी चाहत को लेकर अनिश्चितता ला सकता है। योजनाएँ सरल रखें और भरोसेमंद लोगों के पास रहें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • आप: मन और ऊर्जा कम हो सकते हैं; अच्छा आराम करें और जल्दबाज़ी में प्रतिक्रिया न दें।

मंगल आपके सातवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:रिश्ते

मंगल 25 मार्च तक तुला राशि में है।

मंगल ऊर्जा, जोश, साहस और झगड़ों को आप कैसे संभालते हैं, इसका प्रतीक है।

सातवें भाव में मंगल जीवनसाथी या व्यावसायिक साथियों से टकराव ला सकता है। बहस से बचें और दूसरों को जगह दें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • रिश्ते: ग़लतफ़हमी आसानी से हो सकती है; ज़्यादा सुनें और दूसरों को जगह दें।

मंगल आपके छठे भाव में

शुभ
जीवन के क्षेत्र:करियर

मंगल 25 मार्च को कन्या राशि में प्रवेश करता है।

मंगल ऊर्जा, जोश, साहस और झगड़ों को आप कैसे संभालते हैं, इसका प्रतीक है।

छठे भाव में मंगल प्रतिद्वंद्वियों और प्रतिस्पर्धा पर जीत दिलाता है। रुका काम आगे बढ़ता है और कर्ज़ घटाया जा सकता है।

आपके लिए इसका अर्थ

  • करियर: काम पर ध्यान जाता है; ज़्यादा ज़िम्मेदारी लेने या विचार रखने का अच्छा समय।

सूर्य आपके ग्यारहवें भाव में

शुभ
जीवन के क्षेत्र:धन

सूर्य 14 मार्च तक कुंभ राशि में है।

सूर्य आत्मविश्वास, अधिकार, सम्मान और पिता तथा ऊँचे पद के लोगों से आपके संबंध का प्रतीक है।

ग्यारहवें भाव में सूर्य आय और लाभ के लिए अच्छा है। इच्छाएँ पूरी होने की संभावना है, और मित्र व वरिष्ठ मददगार रहते हैं।

आपके लिए इसका अर्थ

  • धन: आय और लाभ बेहतर होने की संभावना; बचत की योजना बनाने का अच्छा समय।

सूर्य आपके बारहवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:आध्यात्मिक जीवनधन

सूर्य 14 मार्च को मीन राशि में प्रवेश करता है।

सूर्य आत्मविश्वास, अधिकार, सम्मान और पिता तथा ऊँचे पद के लोगों से आपके संबंध का प्रतीक है।

बारहवें भाव में सूर्य खर्च बढ़ा सकता है और मेहनत का फल कम लग सकता है। आराम करने, चुपचाप योजना बनाने और भीतर झाँकने का अच्छा समय है।

आपके लिए इसका अर्थ

  • आध्यात्मिक जीवन: मन उदास या अशांत लग सकता है; शांत दिनचर्या और प्रार्थना मन को स्थिर करती है।
  • धन: खर्च बढ़ सकता है; बड़ी ख़रीद, उधार देने और जोखिम भरे दाँव से बचें।

बुध आपके दसवें भाव में

शुभ
जीवन के क्षेत्र:करियर

बुध 12 मार्च तक मकर राशि में है।

बुध बातचीत, पढ़ाई, व्यापार, काग़ज़ी काम और तेज़ सोच का प्रतीक है।

दसवें भाव में बुध करियर, लेखन और मोलभाव के लिए अनुकूल है। काम सहजता से चलता है और योजनाएँ सफल होती हैं।

आपके लिए इसका अर्थ

  • करियर: काम पर ध्यान जाता है; ज़्यादा ज़िम्मेदारी लेने या विचार रखने का अच्छा समय।

बुध आपके ग्यारहवें भाव में

रुका हुआ
जीवन के क्षेत्र:धन

बुध 12 मार्च को कुंभ राशि में प्रवेश करता है।

बुध बातचीत, पढ़ाई, व्यापार, काग़ज़ी काम और तेज़ सोच का प्रतीक है।

ग्यारहवें भाव में बुध लाभ, मददगार संपर्क और मित्रों से अच्छी ख़बर लाता है।

फ़िलहाल सूर्य बुध के शुभ फल में बाधा (वेध) डाल रहा है, इसलिए सौदों और कागज़ी काम को पूरा होने से पहले दोबारा देखना पड़ सकता है।

आपके लिए इसका अर्थ

  • धन: लाभ संभव है, पर देरी की संभावना है; अभी उस पर भरोसा न करें।

शुक्र आपके दसवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:करियर

शुक्र 31 मार्च तक मकर राशि में है।

शुक्र प्रेम, सुख-सुविधा, सुंदरता, आनंद और साझेदारी का प्रतीक है।

दसवें भाव में शुक्र काम पर टकराव या प्रतिष्ठा में कमी ला सकता है। पेशेवर व्यवहार में सावधानी रखें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • करियर: काम पर दबाव या खींचतान बढ़ सकती है; जो शुरू किया है उसे पूरा करें और शांत रहें।

शुक्र आपके ग्यारहवें भाव में

रुका हुआ
जीवन के क्षेत्र:धन

शुक्र 31 मार्च को कुंभ राशि में प्रवेश करता है।

शुक्र प्रेम, सुख-सुविधा, सुंदरता, आनंद और साझेदारी का प्रतीक है।

ग्यारहवें भाव में शुक्र लाभ, मित्रता और इच्छापूर्ति लाता है। सामाजिक जीवन के लिए अच्छा समय है।

फ़िलहाल गुरु शुक्र के शुभ फल में बाधा (वेध) डाल रहा है, इसलिए सुख और आनंद के पल इस स्थिति के वादे से कम हो सकते हैं।

आपके लिए इसका अर्थ

  • धन: लाभ संभव है, पर देरी की संभावना है; अभी उस पर भरोसा न करें।

शनि, साढ़ेसाती और ढैय्या

इस अवधि में आपकी राशि पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या नहीं है।

इस महीने का उपाय

उन ग्रहों के लिए छोटे, स्वैच्छिक अभ्यास जो इस महीना सबसे ज़्यादा सावधानी माँगते हैं। इनमें कोई ख़र्च नहीं है और ये किसी ख़ास नतीजे का वादा नहीं करते; जो ठीक लगे वही अपनाएँ।

शनि के लिए, शनिवार को सबसे अच्छा

शनि आपके लिए कठिन स्थान में है, जिसका असर साझेदारी और दूसरों से लेन-देन पर है।

  • बुज़ुर्गों या कड़ी शारीरिक मेहनत करने वालों की, जैसे भी हो सके, मदद करें।
  • मान लें कि कुछ नतीजे धीरे आते हैं; रफ़्तार पर ज़ोर डाले बिना आगे बढ़ते रहें।

गुरु के लिए, गुरुवार को सबसे अच्छा

गुरु आपके लिए कठिन स्थान में है, जिसका असर मेहनत, साहस और छोटी यात्राएँ पर है।

  • ज़रूरत से ज़्यादा वादे करने और खुद पर क्षमता से ज़्यादा बोझ लेने से बचें; उतने ही वादे करें जितने निभा सकें।
  • बड़े फ़ैसलों से पहले किसी भरोसेमंद बड़े की सलाह लें।

ध्यान देने योग्य तिथियाँ

  • 1 मार्च 2014

    वक्री: 1 मार्च: मंगल तुला राशि में, आपके सातवें भाव में वक्री होता है। नई शुरुआत के बजाय समीक्षा का समय।

    मंगल साझेदारी और दूसरों से लेन-देन पर धीमा होता है, इसलिए इस क्षेत्र की पुरानी बातें दोबारा सामने आती हैं।

    क्या करें: कुछ नया शुरू करने के बजाय पुराना काम दोहराएँ, सुधारें और पूरा करें।

  • 2 मार्च 2014

    वक्री: 2 मार्च: शनि तुला राशि में, आपके सातवें भाव में वक्री होता है। नई शुरुआत के बजाय समीक्षा का समय।

    शनि साझेदारी और दूसरों से लेन-देन पर धीमा होता है, इसलिए इस क्षेत्र की पुरानी बातें दोबारा सामने आती हैं।

    क्या करें: कुछ नया शुरू करने के बजाय पुराना काम दोहराएँ, सुधारें और पूरा करें।

  • 6 मार्च 2014

    मार्गी: 6 मार्च: गुरु मिथुन राशि में, आपके तीसरे भाव में मार्गी होता है। रुके हुए काम फिर आगे बढ़ने लगते हैं।

    गुरु मेहनत, साहस और छोटी यात्राएँ पर फिर आगे बढ़ता है, इसलिए यहाँ जो अटका था वह चलने लगता है।

    क्या करें: रुका हुआ काम फिर शुरू करें, और हस्ताक्षर या शुरुआत से पहले एक-दो दिन रुकें।

  • 12 मार्च 2014

    राशि परिवर्तन: 12 मार्च: बुध कुंभ राशि में, आपके ग्यारहवें भाव में प्रवेश करता है।

    बुध आपके लिए सहायक स्थान में आता है, जो आय, लाभ और मित्र को सहारा देता है।

    क्या करें: इसके बाद के दिनों में इस क्षेत्र में योजनाएँ शुरू करें या आगे बढ़ाएँ।

  • 14 मार्च 2014

    राशि परिवर्तन: 14 मार्च: सूर्य मीन राशि में, आपके बारहवें भाव में प्रवेश करता है।

    सूर्य आपके लिए कठिन स्थान में आता है, जिसका असर खर्च, आराम और भीतर का जीवन पर होता है।

    क्या करें: इस तिथि से इस क्षेत्र में धीरे चलें और हामी भरने से पहले दोबारा जाँच लें।

  • 25 मार्च 2014

    राशि परिवर्तन: 25 मार्च: मंगल कन्या राशि में, आपके छठे भाव में प्रवेश करता है।

    मंगल आपके लिए सहायक स्थान में आता है, जो रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम को सहारा देता है।

    क्या करें: इसके बाद के दिनों में इस क्षेत्र में योजनाएँ शुरू करें या आगे बढ़ाएँ।

  • 31 मार्च 2014

    राशि परिवर्तन: 31 मार्च: शुक्र कुंभ राशि में, आपके ग्यारहवें भाव में प्रवेश करता है।

    शुक्र आपके लिए सहायक स्थान में आता है, जो आय, लाभ और मित्र को सहारा देता है।

    क्या करें: इसके बाद के दिनों में इस क्षेत्र में योजनाएँ शुरू करें या आगे बढ़ाएँ।

ये बातें उन सभी पर लागू होती हैं जिनका चंद्रमा मेष राशि में है, और केवल प्रवृत्तियाँ बताती हैं। आपकी अपनी जन्म कुंडली, अपने भावों और दशाओं के साथ, अलग बात कह सकती है।

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