मेष (Aries) साप्ताहिक राशिफल: 20 सितंबर - 26 सितंबर 2010 - सावधानी
मेष चंद्र राशि का साप्ताहिक राशिफल, 20 सितंबर से 26 सितंबर 2010 तक। पारंपरिक राशिफल की तरह इसमें हर ग्रह की स्थिति आपकी चंद्र राशि से गिनी गई है, और यह निश्चित बातें नहीं, प्रवृत्तियाँ बताता है।
यह सप्ताह ज़्यादातर समय से अधिक सावधानी माँगता है। कई महत्वपूर्ण ग्रह कठिन स्थानों में हैं, इसलिए नियमित काम पर टिके रहें, जल्दबाज़ी के फ़ैसलों से बचें और चीज़ों को समय दें।
सप्ताह कैसा रहेगा
सोमवार, 20 सितंबर
शुभकाम के लिए उपयोगी दिन; काम पूरे होते हैं और मेहनत दिखती है।
दिन में आगे मन बदलता है: लाभ और अच्छी संगत का दिन; अनुरोध और इच्छाएँ पूरी होने की संभावना रहती है।
मंगलवार, 21 सितंबर
शुभलाभ और अच्छी संगत का दिन; अनुरोध और इच्छाएँ पूरी होने की संभावना रहती है।
बुधवार, 22 सितंबर
शुभलाभ और अच्छी संगत का दिन; अनुरोध और इच्छाएँ पूरी होने की संभावना रहती है।
गुरुवार, 23 सितंबर
मिश्रितखर्च और बेचैनी बढ़ सकती है; ज़िम्मेदारियाँ हल्की रखें और अच्छा आराम करें।
शुक्रवार, 24 सितंबर
मिश्रितखर्च और बेचैनी बढ़ सकती है; ज़िम्मेदारियाँ हल्की रखें और अच्छा आराम करें।
शनिवार, 25 सितंबर
मिश्रितखर्च और बेचैनी बढ़ सकती है; ज़िम्मेदारियाँ हल्की रखें और अच्छा आराम करें।
दिन में आगे मन बदलता है: चंद्रमा आपकी अपनी राशि में है: सुख-सुविधा और अच्छी संगत के लिए सुखद, आसान दिन।
रविवार, 26 सितंबर
शुभचंद्रमा आपकी अपनी राशि में है: सुख-सुविधा और अच्छी संगत के लिए सुखद, आसान दिन।
गुरु आपके बारहवें भाव में
बारहवें भाव में गुरु खर्च बढ़ा सकता है और भटकाव का भाव ला सकता है। साधना और दान के लिए अच्छा, बड़ी ख़रीदारी के लिए कम।
मंगल आपके सातवें भाव में
सावधानीजीवन के क्षेत्र:रिश्ते
मंगल पूरे सप्ताह तुला राशि में रहता है।
मंगल ऊर्जा, जोश, साहस और झगड़ों को आप कैसे संभालते हैं, इसका प्रतीक है।
सातवें भाव में मंगल जीवनसाथी या व्यावसायिक साथियों से टकराव ला सकता है। बहस से बचें और दूसरों को जगह दें।
आपके लिए इसका अर्थ
- रिश्ते: ग़लतफ़हमी आसानी से हो सकती है; ज़्यादा सुनें और दूसरों को जगह दें।
सूर्य आपके छठे भाव में
रुका हुआजीवन के क्षेत्र:करियर
सूर्य पूरे सप्ताह कन्या राशि में रहता है।
सूर्य आत्मविश्वास, अधिकार, सम्मान और पिता तथा ऊँचे पद के लोगों से आपके संबंध का प्रतीक है।
छठे भाव में सूर्य प्रतिद्वंद्वियों और रुके हुए काम पर बढ़त दिलाता है। कर्ज़ और प्रतिस्पर्धा काबू में आने लगते हैं।
फ़िलहाल गुरु सूर्य के शुभ फल में बाधा (वेध) डाल रहा है, इसलिए पहचान और प्रगति इस स्थिति के वादे से धीमी आ सकती है।
आपके लिए इसका अर्थ
- करियर: साथ तो है, पर पहचान उम्मीद से धीरे मिलती है।
बुध आपके पाँचवें भाव में
सावधानीजीवन के क्षेत्र:पढ़ाईरिश्ते
बुध पूरे सप्ताह सिंह राशि में रहता है।
बुध बातचीत, पढ़ाई, व्यापार, काग़ज़ी काम और तेज़ सोच का प्रतीक है।
पाँचवें भाव में बुध बच्चों से या पढ़ाई में गलतफ़हमी ला सकता है। सट्टे जैसे फ़ैसलों से बचें।
आपके लिए इसका अर्थ
- पढ़ाई: ध्यान बिखर सकता है; एक समय में एक विषय लें और अच्छे से दोहराएँ।
- रिश्ते: ग़लतफ़हमी आसानी से हो सकती है; ज़्यादा सुनें और दूसरों को जगह दें।
शुक्र आपके सातवें भाव में
सावधानीजीवन के क्षेत्र:रिश्ते
शुक्र पूरे सप्ताह तुला राशि में रहता है।
शुक्र प्रेम, सुख-सुविधा, सुंदरता, आनंद और साझेदारी का प्रतीक है।
सातवें भाव में शुक्र साझेदारी में टकराव ला सकता है। धैर्य रखें और जीवनसाथी से गलतफ़हमी जल्दी दूर करें।
आपके लिए इसका अर्थ
- रिश्ते: ग़लतफ़हमी आसानी से हो सकती है; ज़्यादा सुनें और दूसरों को जगह दें।
इस सप्ताह का उपाय
उन ग्रहों के लिए छोटे, स्वैच्छिक अभ्यास जो इस सप्ताह सबसे ज़्यादा सावधानी माँगते हैं। इनमें कोई ख़र्च नहीं है और ये किसी ख़ास नतीजे का वादा नहीं करते; जो ठीक लगे वही अपनाएँ।
मंगल के लिए, मंगलवार को सबसे अच्छा
मंगल आपके लिए कठिन स्थान में है, जिसका असर साझेदारी और दूसरों से लेन-देन पर है।
- जब गुस्सा आए, तो पहले शरीर को हिलाएँ (थोड़ा टहलें, कुछ व्यायाम करें) और बोलें बाद में।
- आवेश में आकर झगड़ा शुरू करने से बचें; किसी भी टकराव पर एक रात सोचकर ही कदम उठाएँ।
बुध के लिए, बुधवार को सबसे अच्छा
बुध आपके लिए कठिन स्थान में है, जिसका असर पढ़ाई, संतान और रचनात्मक योजनाएँ पर है।
- समझौतों को दो बार पढ़ें और ज़रूरी बातों की पुष्टि लिखकर करें।
- तनाव भरी बातचीत में कम बोलें और ज़्यादा सुनें।
ध्यान देने योग्य तिथियाँ
इस सप्ताह कोई ग्रह राशि या चाल नहीं बदलता।
अच्छे दिन
शुभ20 सितंबर21 सितंबर22 सितंबर26 सितंबर
20 सितंबर, 21 सितंबर, 22 सितंबर और 26 सितंबर को चंद्रमा आपके अनुकूल है: मुलाकातों, अनुरोधों और नई शुरुआत के लिए अच्छे दिन।
ये बातें उन सभी पर लागू होती हैं जिनका चंद्रमा मेष राशि में है, और केवल प्रवृत्तियाँ बताती हैं। आपकी अपनी जन्म कुंडली, अपने भावों और दशाओं के साथ, अलग बात कह सकती है।
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