Bhavishya

मेष (Aries) वार्षिक राशिफल 2005 - मिश्रित

मेष चंद्र राशि का 2005 का वार्षिक राशिफल। साल का रूप मुख्य रूप से धीमे ग्रह तय करते हैं: गुरु, शनि, राहु और केतु, और साल के ग्रहण। यहाँ हर एक को उसकी तिथियों के साथ आपकी चंद्र राशि से पढ़ा गया है।

यह साल मिला-जुला है: कुछ काम आसानी से चलते हैं और कुछ में धैर्य चाहिए। जो चल रहा है उस पर भरोसा रखें और धीमे कामों को एक-एक कदम लें।

साल कैसा रहेगा

  1. साल का पहला भाग: 1 जनवरी से 30 जून

    मिश्रित

    यह समय आसानी और धीमी गति का मेल है।

    केतु यहाँ आपके पक्ष में काम करता है और रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम में मदद करता है।

    शनि, गुरु, राहु और केतु कहते हैं कि घर, पारिवारिक शांति और संपत्ति के साथ-साथ रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम में सावधानी से चलें।

    शनि मेहनत, साहस और छोटी यात्राएँ में मदद करना चाहता है, पर अभी रुका हुआ है, इसलिए नतीजे धीरे आएँगे।

    13 जनवरी, 2 फ़रवरी, 22 मार्च, 25 मार्च, 9 अप्रैल, 26 मई और 5 जून के आसपास बदलाव आता है; नीचे ध्यान देने योग्य तिथियाँ देखें।

  2. साल का दूसरा भाग: 1 जुलाई से 31 दिसंबर

    शुभ

    यह समय कुल मिलाकर साथ देने वाला लगता है।

    गुरु और केतु यहाँ आपके पक्ष में काम करते हैं और साझेदारी और दूसरों से लेन-देन के साथ-साथ रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम में मदद करते हैं।

    शनि, गुरु और राहु कहते हैं कि घर, पारिवारिक शांति और संपत्ति के साथ-साथ रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम में सावधानी से चलें।

    28 सितंबर, 3 अक्टूबर, 17 अक्टूबर और 22 नवंबर के आसपास बदलाव आता है; नीचे ध्यान देने योग्य तिथियाँ देखें।

शनि आपके चौथे भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:परिवार और घर

शनि 13 जनवरी 2005 तक कर्क राशि में है।

शनि मेहनत, अनुशासन, कर्तव्य और धैर्य का प्रतीक है। वह लगातार मेहनत का फल देता है और शॉर्टकट को धीमा करता है।

चौथे भाव में शनि घर में बेचैनी और संपत्ति के मामलों में देरी ला सकता है। पारिवारिक ज़िम्मेदारियाँ धैर्य से निभाएँ।

आपके लिए इसका अर्थ

  • परिवार और घर: घर में छोटी-मोटी खटपट संभव है; धैर्य और मीठे शब्द काम आते हैं।

शनि आपके तीसरे भाव में

रुका हुआ
जीवन के क्षेत्र:करियर

शनि 13 जनवरी 2005 से 26 मई 2005 तक मिथुन राशि में है।

शनि मेहनत, अनुशासन, कर्तव्य और धैर्य का प्रतीक है। वह लगातार मेहनत का फल देता है और शॉर्टकट को धीमा करता है।

तीसरे भाव में शनि लगातार मेहनत का फल देता है। परिश्रम रंग लाता है, प्रतिद्वंद्वी पीछे हटते हैं और नए हुनर जड़ पकड़ते हैं।

फ़िलहाल बुध शनि के शुभ फल में बाधा (वेध) डाल रहा है, इसलिए लगातार मेहनत का फल मिलता तो है, पर धीरे।

आपके लिए इसका अर्थ

  • करियर: साथ तो है, पर पहचान उम्मीद से धीरे मिलती है।

शनि आपके चौथे भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:परिवार और घर

शनि 26 मई 2005 को कर्क राशि में प्रवेश करता है।

शनि मेहनत, अनुशासन, कर्तव्य और धैर्य का प्रतीक है। वह लगातार मेहनत का फल देता है और शॉर्टकट को धीमा करता है।

चौथे भाव में शनि घर में बेचैनी और संपत्ति के मामलों में देरी ला सकता है। पारिवारिक ज़िम्मेदारियाँ धैर्य से निभाएँ।

आपके लिए इसका अर्थ

  • परिवार और घर: घर में छोटी-मोटी खटपट संभव है; धैर्य और मीठे शब्द काम आते हैं।

गुरु आपके छठे भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:करियर

गुरु 28 सितंबर 2005 तक कन्या राशि में है।

गुरु विकास, ज्ञान, मार्गदर्शन, सौभाग्य, संतान और शिक्षकों का प्रतीक है। साल का सबसे बड़ा सहायक यही है।

छठे भाव में गुरु प्रतिद्वंद्वी और रुके काम या कर्ज़ का दबाव ला सकता है। उधार देने से बचें और अपनी बात पर टिके रहें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • करियर: काम पर दबाव या खींचतान बढ़ सकती है; जो शुरू किया है उसे पूरा करें और शांत रहें।

गुरु आपके सातवें भाव में

शुभ
जीवन के क्षेत्र:रिश्ते

गुरु 28 सितंबर 2005 को तुला राशि में प्रवेश करता है।

गुरु विकास, ज्ञान, मार्गदर्शन, सौभाग्य, संतान और शिक्षकों का प्रतीक है। साल का सबसे बड़ा सहायक यही है।

सातवें भाव में गुरु विवाह, साझेदारी और अच्छी संगति के लिए अनुकूल है। समझौतों और यात्रा के लिए सहायक समय है।

आपके लिए इसका अर्थ

  • रिश्ते: गर्मजोशी और सहजता; लोगों से मिलने और मनमुटाव दूर करने का अच्छा समय।

राहु आपके पहले भाव में

सावधानी

राहु 25 मार्च 2005 तक मेष राशि में है।

राहु महत्वाकांक्षा, और पाने की भूख, नए और अनोखे का प्रतीक है। वह अचानक अवसर और बेचैनी ला सकता है।

आपकी अपनी राशि में राहु बेचैनी और दिशा को लेकर उलझन ला सकता है। शॉर्टकट से बचें और कुछ करने से पहले सलाह की जाँच करें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • आप: मन और ऊर्जा कम हो सकते हैं; अच्छा आराम करें और जल्दबाज़ी में प्रतिक्रिया न दें।

राहु आपके बारहवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:आध्यात्मिक जीवनधन

राहु 25 मार्च 2005 को मीन राशि में प्रवेश करता है।

राहु महत्वाकांक्षा, और पाने की भूख, नए और अनोखे का प्रतीक है। वह अचानक अवसर और बेचैनी ला सकता है।

बारहवें भाव में राहु खर्च बढ़ा सकता है और आपको जानी-पहचानी ज़मीन से दूर ले जा सकता है। खर्चों पर और जिन पर भरोसा करते हैं उन पर नज़र रखें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • आध्यात्मिक जीवन: मन उदास या अशांत लग सकता है; शांत दिनचर्या और प्रार्थना मन को स्थिर करती है।
  • धन: खर्च बढ़ सकता है; बड़ी ख़रीद, उधार देने और जोखिम भरे दाँव से बचें।

केतु आपके सातवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:रिश्ते

केतु 25 मार्च 2005 तक तुला राशि में है।

केतु छोड़ने, वैराग्य और भीतर के जीवन का प्रतीक है। वह शांत समझ और सांसारिक बातों से दूर होने का खिंचाव ला सकता है।

सातवें भाव में केतु साझेदारी में दूरी ला सकता है। ज़्यादा सुनें और अनुमान लगाने से बचें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • रिश्ते: ग़लतफ़हमी आसानी से हो सकती है; ज़्यादा सुनें और दूसरों को जगह दें।

केतु आपके छठे भाव में

शुभ
जीवन के क्षेत्र:करियर

केतु 25 मार्च 2005 को कन्या राशि में प्रवेश करता है।

केतु छोड़ने, वैराग्य और भीतर के जीवन का प्रतीक है। वह शांत समझ और सांसारिक बातों से दूर होने का खिंचाव ला सकता है।

छठे भाव में केतु प्रतिद्वंद्वियों पर जीत और रुके काम पूरे करने में मदद करता है। अनुशासन से नतीजे मिलते हैं।

आपके लिए इसका अर्थ

  • करियर: काम पर ध्यान जाता है; ज़्यादा ज़िम्मेदारी लेने या विचार रखने का अच्छा समय।

शनि, साढ़ेसाती और ढैय्या

कंटक शनिकंटक शनि

शनि आपके चौथे भाव में है (कंटक शनि, दो ढैय्या में से एक)। घर और परिवार के मामले धैर्य माँगते हैं; संपत्ति के फ़ैसलों में जल्दबाज़ी न करें।

इस अवधि में आपकी राशि पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या नहीं है।

इस साल का उपाय

उन ग्रहों के लिए छोटे, स्वैच्छिक अभ्यास जो इस साल सबसे ज़्यादा सावधानी माँगते हैं। इनमें कोई ख़र्च नहीं है और ये किसी ख़ास नतीजे का वादा नहीं करते; जो ठीक लगे वही अपनाएँ।

शनि के लिए, शनिवार को सबसे अच्छा

शनि आपके लिए कठिन स्थान में है, जिसका असर घर, पारिवारिक शांति और संपत्ति पर है।

  • बुज़ुर्गों या कड़ी शारीरिक मेहनत करने वालों की, जैसे भी हो सके, मदद करें।
  • मान लें कि कुछ नतीजे धीरे आते हैं; रफ़्तार पर ज़ोर डाले बिना आगे बढ़ते रहें।

गुरु के लिए, गुरुवार को सबसे अच्छा

गुरु आपके लिए कठिन स्थान में है, जिसका असर रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम पर है।

  • ज़रूरत से ज़्यादा वादे करने और खुद पर क्षमता से ज़्यादा बोझ लेने से बचें; उतने ही वादे करें जितने निभा सकें।
  • बड़े फ़ैसलों से पहले किसी भरोसेमंद बड़े की सलाह लें।

ध्यान देने योग्य तिथियाँ

  • 13 जनवरी 2005

    राशि परिवर्तन: 13 जनवरी 2005: शनि मिथुन राशि में, आपके तीसरे भाव में प्रवेश करता है।

    शनि आपके लिए सहायक स्थान में आता है, जो मेहनत, साहस और छोटी यात्राएँ को सहारा देता है।

    क्या करें: इसके बाद के दिनों में इस क्षेत्र में योजनाएँ शुरू करें या आगे बढ़ाएँ।

  • 2 फ़रवरी 2005

    वक्री: 2 फ़रवरी 2005: गुरु कन्या राशि में, आपके छठे भाव में वक्री होता है। नई शुरुआत के बजाय समीक्षा का समय।

    गुरु रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम पर धीमा होता है, इसलिए इस क्षेत्र की पुरानी बातें दोबारा सामने आती हैं।

    क्या करें: कुछ नया शुरू करने के बजाय पुराना काम दोहराएँ, सुधारें और पूरा करें।

  • 22 मार्च 2005

    मार्गी: 22 मार्च 2005: शनि मिथुन राशि में, आपके तीसरे भाव में मार्गी होता है। रुके हुए काम फिर आगे बढ़ने लगते हैं।

    शनि मेहनत, साहस और छोटी यात्राएँ पर फिर आगे बढ़ता है, इसलिए यहाँ जो अटका था वह चलने लगता है।

    क्या करें: रुका हुआ काम फिर शुरू करें, और हस्ताक्षर या शुरुआत से पहले एक-दो दिन रुकें।

  • 25 मार्च 2005

    राशि परिवर्तन: 25 मार्च 2005: राहु मीन राशि (आपके बारहवें भाव) में और केतु कन्या राशि (आपके छठे भाव) में प्रवेश करता है।

    राहु-केतु की जोड़ी आगे बढ़ती है, जिससे बदलता है कि आप कहाँ बेचैनी महसूस करते हैं (खर्च, आराम और भीतर का जीवन) और कहाँ आपसे छोड़ने को कहा जाता है (रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम)।

    क्या करें: ख़ुद को सँभलने का समय दें और इसके आसपास के हफ़्तों में अचानक बड़े बदलावों से बचें।

  • 9 अप्रैल 2005

    सूर्य ग्रहण: 9 अप्रैल 2005: मीन राशि में, आपके बारहवें भाव में सूर्यग्रहण। दिन शांति से बिताएँ और नई शुरुआत से बचें।

    ग्रहण खर्च, आराम और भीतर का जीवन पर पड़ता है, जिससे यह कुछ दिनों के लिए नाज़ुक जगह बन जाती है।

    क्या करें: दिन शांत रखें और नई शुरुआत, बड़ी ख़रीद और हस्ताक्षर से बचें।

  • 26 मई 2005

    राशि परिवर्तन: 26 मई 2005: शनि कर्क राशि में, आपके चौथे भाव में प्रवेश करता है।

    शनि आपके लिए कठिन स्थान में आता है, जिसका असर घर, पारिवारिक शांति और संपत्ति पर होता है।

    क्या करें: इस तिथि से इस क्षेत्र में धीरे चलें और हामी भरने से पहले दोबारा जाँच लें।

  • 5 जून 2005

    मार्गी: 5 जून 2005: गुरु कन्या राशि में, आपके छठे भाव में मार्गी होता है। रुके हुए काम फिर आगे बढ़ने लगते हैं।

    गुरु रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम पर फिर आगे बढ़ता है, इसलिए यहाँ जो अटका था वह चलने लगता है।

    क्या करें: रुका हुआ काम फिर शुरू करें, और हस्ताक्षर या शुरुआत से पहले एक-दो दिन रुकें।

  • 28 सितंबर 2005

    राशि परिवर्तन: 28 सितंबर 2005: गुरु तुला राशि में, आपके सातवें भाव में प्रवेश करता है।

    गुरु आपके लिए सहायक स्थान में आता है, जो साझेदारी और दूसरों से लेन-देन को सहारा देता है।

    क्या करें: इसके बाद के दिनों में इस क्षेत्र में योजनाएँ शुरू करें या आगे बढ़ाएँ।

  • 3 अक्टूबर 2005

    सूर्य ग्रहण: 3 अक्टूबर 2005: कन्या राशि में, आपके छठे भाव में सूर्यग्रहण। दिन शांति से बिताएँ और नई शुरुआत से बचें।

    ग्रहण रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम पर पड़ता है, जिससे यह कुछ दिनों के लिए नाज़ुक जगह बन जाती है।

    क्या करें: दिन शांत रखें और नई शुरुआत, बड़ी ख़रीद और हस्ताक्षर से बचें।

  • 17 अक्टूबर 2005

    चंद्र ग्रहण: 17 अक्टूबर 2005: मेष राशि में, आपके पहले भाव में चंद्रग्रहण। दिन शांत रखें और बड़े फ़ैसलों से बचें।

    ग्रहण आपकी ऊर्जा और आत्मविश्वास पर पड़ता है, जिससे यह कुछ दिनों के लिए नाज़ुक जगह बन जाती है।

    क्या करें: दिन शांत रखें और नई शुरुआत, बड़ी ख़रीद और हस्ताक्षर से बचें।

  • 22 नवंबर 2005

    वक्री: 22 नवंबर 2005: शनि कर्क राशि में, आपके चौथे भाव में वक्री होता है। नई शुरुआत के बजाय समीक्षा का समय।

    शनि घर, पारिवारिक शांति और संपत्ति पर धीमा होता है, इसलिए इस क्षेत्र की पुरानी बातें दोबारा सामने आती हैं।

    क्या करें: कुछ नया शुरू करने के बजाय पुराना काम दोहराएँ, सुधारें और पूरा करें।

ये बातें उन सभी पर लागू होती हैं जिनका चंद्रमा मेष राशि में है, और केवल प्रवृत्तियाँ बताती हैं। आपकी अपनी जन्म कुंडली, अपने भावों और दशाओं के साथ, अलग बात कह सकती है।

इस राशि के लिए और | सभी 12 राशियाँ

सभी फलादेश और परिणाम सांकेतिक हैं, जो चंद्र राशि और शास्त्रीय नियमों से हमारी गणनाओं में यथासंभव सावधानी से निकाले गए हैं। ये व्यक्तिगत फलादेश नहीं हैं, न ही चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह, और इन पर लिए गए निर्णयों की कोई ज़िम्मेदारी यह वेबसाइट या इसके पीछे का व्यवसाय नहीं लेता। इन भविष्यवाणियों का उपयोग कैसे करें, यह पढ़ें।

मेष (Aries) वार्षिक राशिफल 2005 - Bhavishya