Bhavishya

मिथुन (Gemini) वार्षिक राशिफल 2013 - सावधानी

मिथुन चंद्र राशि का 2013 का वार्षिक राशिफल। साल का रूप मुख्य रूप से धीमे ग्रह तय करते हैं: गुरु, शनि, राहु और केतु, और साल के ग्रहण। यहाँ हर एक को उसकी तिथियों के साथ आपकी चंद्र राशि से पढ़ा गया है।

यह साल ज़्यादातर समय से अधिक सावधानी माँगता है। कई महत्वपूर्ण ग्रह कठिन स्थानों में हैं, इसलिए नियमित काम पर टिके रहें, जल्दबाज़ी के फ़ैसलों से बचें और चीज़ों को समय दें।

साल कैसा रहेगा

  1. साल का पहला भाग: 1 जनवरी से 30 जून

    सावधानी

    यह समय धैर्य और सावधानी माँगता है।

    शनि, गुरु और राहु कहते हैं कि पढ़ाई, संतान और रचनात्मक योजनाएँ के साथ-साथ खर्च, आराम और भीतर का जीवन में सावधानी से चलें।

    केतु आय, लाभ और मित्र में मदद करना चाहता है, पर अभी रुका हुआ है, इसलिए नतीजे धीरे आएँगे।

    30 जनवरी, 18 फ़रवरी, 26 अप्रैल, 10 मई और 31 मई के आसपास बदलाव आता है; नीचे ध्यान देने योग्य तिथियाँ देखें।

  2. साल का दूसरा भाग: 1 जुलाई से 31 दिसंबर

    सावधानी

    यह समय धैर्य और सावधानी माँगता है।

    शनि, गुरु और राहु कहते हैं कि पढ़ाई, संतान और रचनात्मक योजनाएँ के साथ-साथ आपकी ऊर्जा और आत्मविश्वास में सावधानी से चलें।

    केतु आय, लाभ और मित्र में मदद करना चाहता है, पर अभी रुका हुआ है, इसलिए नतीजे धीरे आएँगे।

    8 जुलाई, 3 नवंबर और 7 नवंबर के आसपास बदलाव आता है; नीचे ध्यान देने योग्य तिथियाँ देखें।

शनि आपके पाँचवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:पढ़ाईरिश्ते

शनि पूरे साल तुला राशि में रहता है।

शनि मेहनत, अनुशासन, कर्तव्य और धैर्य का प्रतीक है। वह लगातार मेहनत का फल देता है और शॉर्टकट को धीमा करता है।

पाँचवें भाव में शनि पढ़ाई और रचनात्मक योजनाओं को धीमा कर सकता है और बच्चों को लेकर चिंता ला सकता है। सट्टे से बचें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • पढ़ाई: ध्यान बिखर सकता है; एक समय में एक विषय लें और अच्छे से दोहराएँ।
  • रिश्ते: ग़लतफ़हमी आसानी से हो सकती है; ज़्यादा सुनें और दूसरों को जगह दें।

गुरु आपके बारहवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:आध्यात्मिक जीवनधन

गुरु 31 मई 2013 तक वृषभ राशि में है।

गुरु विकास, ज्ञान, मार्गदर्शन, सौभाग्य, संतान और शिक्षकों का प्रतीक है। साल का सबसे बड़ा सहायक यही है।

बारहवें भाव में गुरु खर्च बढ़ा सकता है और भटकाव का भाव ला सकता है। साधना और दान के लिए अच्छा, बड़ी ख़रीदारी के लिए कम।

आपके लिए इसका अर्थ

  • आध्यात्मिक जीवन: मन उदास या अशांत लग सकता है; शांत दिनचर्या और प्रार्थना मन को स्थिर करती है।
  • धन: खर्च बढ़ सकता है; बड़ी ख़रीद, उधार देने और जोखिम भरे दाँव से बचें।

गुरु आपके पहले भाव में

सावधानी

गुरु 31 मई 2013 को मिथुन राशि में प्रवेश करता है।

गुरु विकास, ज्ञान, मार्गदर्शन, सौभाग्य, संतान और शिक्षकों का प्रतीक है। साल का सबसे बड़ा सहायक यही है।

आपकी अपनी राशि में गुरु अटके होने या घर से दूर होने का भाव ला सकता है। आस्था रखें, जल्दबाज़ी में बड़े बदलाव से बचें और योजनाओं को पकने दें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • आप: मन और ऊर्जा कम हो सकते हैं; अच्छा आराम करें और जल्दबाज़ी में प्रतिक्रिया न दें।

राहु आपके पाँचवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:पढ़ाईरिश्ते

राहु पूरे साल तुला राशि में रहता है।

राहु महत्वाकांक्षा, और पाने की भूख, नए और अनोखे का प्रतीक है। वह अचानक अवसर और बेचैनी ला सकता है।

पाँचवें भाव में राहु पढ़ाई, प्रेम और निवेश में निर्णय को भटका सकता है। सट्टे से बचें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • पढ़ाई: ध्यान बिखर सकता है; एक समय में एक विषय लें और अच्छे से दोहराएँ।
  • रिश्ते: ग़लतफ़हमी आसानी से हो सकती है; ज़्यादा सुनें और दूसरों को जगह दें।

केतु आपके ग्यारहवें भाव में

रुका हुआ
जीवन के क्षेत्र:धन

केतु पूरे साल मेष राशि में रहता है।

केतु छोड़ने, वैराग्य और भीतर के जीवन का प्रतीक है। वह शांत समझ और सांसारिक बातों से दूर होने का खिंचाव ला सकता है।

ग्यारहवें भाव में केतु लाभ और अप्रत्याशित जगहों से मदद लाता है। इच्छाएँ चुपचाप पूरी हो सकती हैं।

फ़िलहाल शनि केतु के शुभ फल में बाधा (वेध) डाल रहा है, इसलिए मेहनत के नतीजे दिखने में अधिक समय लग सकता है।

आपके लिए इसका अर्थ

  • धन: लाभ संभव है, पर देरी की संभावना है; अभी उस पर भरोसा न करें।

शनि, साढ़ेसाती और ढैय्या

इस अवधि में आपकी राशि पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या नहीं है।

इस साल का उपाय

उन ग्रहों के लिए छोटे, स्वैच्छिक अभ्यास जो इस साल सबसे ज़्यादा सावधानी माँगते हैं। इनमें कोई ख़र्च नहीं है और ये किसी ख़ास नतीजे का वादा नहीं करते; जो ठीक लगे वही अपनाएँ।

शनि के लिए, शनिवार को सबसे अच्छा

शनि आपके लिए कठिन स्थान में है, जिसका असर पढ़ाई, संतान और रचनात्मक योजनाएँ पर है।

  • बुज़ुर्गों या कड़ी शारीरिक मेहनत करने वालों की, जैसे भी हो सके, मदद करें।
  • मान लें कि कुछ नतीजे धीरे आते हैं; रफ़्तार पर ज़ोर डाले बिना आगे बढ़ते रहें।

राहु के लिए, शनिवार को सबसे अच्छा

राहु आपके लिए कठिन स्थान में है, जिसका असर पढ़ाई, संतान और रचनात्मक योजनाएँ पर है।

  • शॉर्टकट और आधे-अधूरे सच से बचें, चाहे वे छोटे ही क्यों न हों।
  • बेचैनी में फ़ोन स्क्रॉल करना और ख़बरें देखना सीमित करें; सीधे-सादे, मन को टिकाने वाले कामों में समय लगाएँ।

ध्यान देने योग्य तिथियाँ

  • 30 जनवरी 2013

    मार्गी: 30 जनवरी 2013: गुरु वृषभ राशि में, आपके बारहवें भाव में मार्गी होता है। रुके हुए काम फिर आगे बढ़ने लगते हैं।

    गुरु खर्च, आराम और भीतर का जीवन पर फिर आगे बढ़ता है, इसलिए यहाँ जो अटका था वह चलने लगता है।

    क्या करें: रुका हुआ काम फिर शुरू करें, और हस्ताक्षर या शुरुआत से पहले एक-दो दिन रुकें।

  • 18 फ़रवरी 2013

    वक्री: 18 फ़रवरी 2013: शनि तुला राशि में, आपके पाँचवें भाव में वक्री होता है। नई शुरुआत के बजाय समीक्षा का समय।

    शनि पढ़ाई, संतान और रचनात्मक योजनाएँ पर धीमा होता है, इसलिए इस क्षेत्र की पुरानी बातें दोबारा सामने आती हैं।

    क्या करें: कुछ नया शुरू करने के बजाय पुराना काम दोहराएँ, सुधारें और पूरा करें।

  • 26 अप्रैल 2013

    चंद्र ग्रहण: 26 अप्रैल 2013: तुला राशि में, आपके पाँचवें भाव में चंद्रग्रहण। दिन शांत रखें और बड़े फ़ैसलों से बचें।

    ग्रहण पढ़ाई, संतान और रचनात्मक योजनाएँ पर पड़ता है, जिससे यह कुछ दिनों के लिए नाज़ुक जगह बन जाती है।

    क्या करें: दिन शांत रखें और नई शुरुआत, बड़ी ख़रीद और हस्ताक्षर से बचें।

  • 10 मई 2013

    सूर्य ग्रहण: 10 मई 2013: मेष राशि में, आपके ग्यारहवें भाव में सूर्यग्रहण। दिन शांति से बिताएँ और नई शुरुआत से बचें।

    ग्रहण आय, लाभ और मित्र पर पड़ता है, जिससे यह कुछ दिनों के लिए नाज़ुक जगह बन जाती है।

    क्या करें: दिन शांत रखें और नई शुरुआत, बड़ी ख़रीद और हस्ताक्षर से बचें।

  • 31 मई 2013

    राशि परिवर्तन: 31 मई 2013: गुरु मिथुन राशि में, आपके पहले भाव में प्रवेश करता है।

    गुरु आपके लिए कठिन स्थान में आता है, जिसका असर आपकी ऊर्जा और आत्मविश्वास पर होता है।

    क्या करें: इस तिथि से इस क्षेत्र में धीरे चलें और हामी भरने से पहले दोबारा जाँच लें।

  • 8 जुलाई 2013

    मार्गी: 8 जुलाई 2013: शनि तुला राशि में, आपके पाँचवें भाव में मार्गी होता है। रुके हुए काम फिर आगे बढ़ने लगते हैं।

    शनि पढ़ाई, संतान और रचनात्मक योजनाएँ पर फिर आगे बढ़ता है, इसलिए यहाँ जो अटका था वह चलने लगता है।

    क्या करें: रुका हुआ काम फिर शुरू करें, और हस्ताक्षर या शुरुआत से पहले एक-दो दिन रुकें।

  • 3 नवंबर 2013

    सूर्य ग्रहण: 3 नवंबर 2013: तुला राशि में, आपके पाँचवें भाव में सूर्यग्रहण। दिन शांति से बिताएँ और नई शुरुआत से बचें।

    ग्रहण पढ़ाई, संतान और रचनात्मक योजनाएँ पर पड़ता है, जिससे यह कुछ दिनों के लिए नाज़ुक जगह बन जाती है।

    क्या करें: दिन शांत रखें और नई शुरुआत, बड़ी ख़रीद और हस्ताक्षर से बचें।

  • 7 नवंबर 2013

    वक्री: 7 नवंबर 2013: गुरु मिथुन राशि में, आपके पहले भाव में वक्री होता है। नई शुरुआत के बजाय समीक्षा का समय।

    गुरु आपकी ऊर्जा और आत्मविश्वास पर धीमा होता है, इसलिए इस क्षेत्र की पुरानी बातें दोबारा सामने आती हैं।

    क्या करें: कुछ नया शुरू करने के बजाय पुराना काम दोहराएँ, सुधारें और पूरा करें।

ये बातें उन सभी पर लागू होती हैं जिनका चंद्रमा मिथुन राशि में है, और केवल प्रवृत्तियाँ बताती हैं। आपकी अपनी जन्म कुंडली, अपने भावों और दशाओं के साथ, अलग बात कह सकती है।

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