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मिथुन (Gemini) वार्षिक राशिफल 2021 - मिश्रित

मिथुन चंद्र राशि का 2021 का वार्षिक राशिफल। साल का रूप मुख्य रूप से धीमे ग्रह तय करते हैं: गुरु, शनि, राहु और केतु, और साल के ग्रहण। यहाँ हर एक को उसकी तिथियों के साथ आपकी चंद्र राशि से पढ़ा गया है।

यह साल मिला-जुला है: कुछ काम आसानी से चलते हैं और कुछ में धैर्य चाहिए। जो चल रहा है उस पर भरोसा रखें और धीमे कामों को एक-एक कदम लें।

साल कैसा रहेगा

  1. साल का पहला भाग: 1 जनवरी से 30 जून

    मिश्रित

    यह समय आसानी और धीमी गति का मेल है।

    गुरु यहाँ आपके पक्ष में काम करता है और बड़े-बुज़ुर्ग, शिक्षक, आस्था और लंबी यात्राएँ में मदद करता है।

    शनि, गुरु और राहु कहते हैं कि साझा धन और अचानक बदलाव के साथ-साथ खर्च, आराम और भीतर का जीवन में सावधानी से चलें।

    केतु रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम में मदद करना चाहता है, पर अभी रुका हुआ है, इसलिए नतीजे धीरे आएँगे।

    6 अप्रैल, 23 मई, 26 मई, 10 जून और 20 जून के आसपास बदलाव आता है; नीचे ध्यान देने योग्य तिथियाँ देखें।

  2. साल का दूसरा भाग: 1 जुलाई से 31 दिसंबर

    मिश्रित

    यह समय आसानी और धीमी गति का मेल है।

    गुरु यहाँ आपके पक्ष में काम करता है और बड़े-बुज़ुर्ग, शिक्षक, आस्था और लंबी यात्राएँ में मदद करता है।

    शनि, गुरु और राहु कहते हैं कि साझा धन और अचानक बदलाव के साथ-साथ खर्च, आराम और भीतर का जीवन में सावधानी से चलें।

    केतु रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम में मदद करना चाहता है, पर अभी रुका हुआ है, इसलिए नतीजे धीरे आएँगे।

    14 सितंबर, 11 अक्टूबर, 18 अक्टूबर, 19 नवंबर, 20 नवंबर और 4 दिसंबर के आसपास बदलाव आता है; नीचे ध्यान देने योग्य तिथियाँ देखें।

शनि आपके आठवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:धन

शनि पूरे साल मकर राशि में रहता है।

शनि मेहनत, अनुशासन, कर्तव्य और धैर्य का प्रतीक है। वह लगातार मेहनत का फल देता है और शॉर्टकट को धीमा करता है।

आठवें भाव में शनि सावधानी का समय है। रुकावटें और देरी संभव हैं; पैसे के जोखिम भरे कदमों और विवादों से बचें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • धन: खर्च बढ़ सकता है; बड़ी ख़रीद, उधार देने और जोखिम भरे दाँव से बचें।

गुरु आपके आठवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:धन

गुरु 6 अप्रैल 2021 तक मकर राशि में है।

गुरु विकास, ज्ञान, मार्गदर्शन, सौभाग्य, संतान और शिक्षकों का प्रतीक है। साल का सबसे बड़ा सहायक यही है।

आठवें भाव में गुरु रुकावटें और अप्रत्याशित खर्च ला सकता है। जोखिम भरे कामों से बचें और विवादों से दूर रहें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • धन: खर्च बढ़ सकता है; बड़ी ख़रीद, उधार देने और जोखिम भरे दाँव से बचें।

गुरु आपके नौवें भाव में

शुभ
जीवन के क्षेत्र:पढ़ाईआध्यात्मिक जीवन

गुरु 6 अप्रैल 2021 से 14 सितंबर 2021 तक कुंभ राशि में है।

गुरु विकास, ज्ञान, मार्गदर्शन, सौभाग्य, संतान और शिक्षकों का प्रतीक है। साल का सबसे बड़ा सहायक यही है।

नौवें भाव में गुरु आस्था, उच्च शिक्षा और सौभाग्य के लिए अनुकूल है। बड़े और गुरुजन साथ देते हैं।

आपके लिए इसका अर्थ

  • पढ़ाई: पढ़ाई, प्रशिक्षण और रचनात्मक काम अच्छे चलते हैं; नया कोर्स शुरू करने का अच्छा समय।
  • आध्यात्मिक जीवन: प्रार्थना, चिंतन और दूसरों की मदद संतोष देते हैं।

गुरु आपके आठवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:धन

गुरु 14 सितंबर 2021 से 20 नवंबर 2021 तक मकर राशि में है।

गुरु विकास, ज्ञान, मार्गदर्शन, सौभाग्य, संतान और शिक्षकों का प्रतीक है। साल का सबसे बड़ा सहायक यही है।

आठवें भाव में गुरु रुकावटें और अप्रत्याशित खर्च ला सकता है। जोखिम भरे कामों से बचें और विवादों से दूर रहें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • धन: खर्च बढ़ सकता है; बड़ी ख़रीद, उधार देने और जोखिम भरे दाँव से बचें।

गुरु आपके नौवें भाव में

शुभ
जीवन के क्षेत्र:पढ़ाईआध्यात्मिक जीवन

गुरु 20 नवंबर 2021 को कुंभ राशि में प्रवेश करता है।

गुरु विकास, ज्ञान, मार्गदर्शन, सौभाग्य, संतान और शिक्षकों का प्रतीक है। साल का सबसे बड़ा सहायक यही है।

नौवें भाव में गुरु आस्था, उच्च शिक्षा और सौभाग्य के लिए अनुकूल है। बड़े और गुरुजन साथ देते हैं।

आपके लिए इसका अर्थ

  • पढ़ाई: पढ़ाई, प्रशिक्षण और रचनात्मक काम अच्छे चलते हैं; नया कोर्स शुरू करने का अच्छा समय।
  • आध्यात्मिक जीवन: प्रार्थना, चिंतन और दूसरों की मदद संतोष देते हैं।

राहु आपके बारहवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:आध्यात्मिक जीवनधन

राहु पूरे साल वृषभ राशि में रहता है।

राहु महत्वाकांक्षा, और पाने की भूख, नए और अनोखे का प्रतीक है। वह अचानक अवसर और बेचैनी ला सकता है।

बारहवें भाव में राहु खर्च बढ़ा सकता है और आपको जानी-पहचानी ज़मीन से दूर ले जा सकता है। खर्चों पर और जिन पर भरोसा करते हैं उन पर नज़र रखें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • आध्यात्मिक जीवन: मन उदास या अशांत लग सकता है; शांत दिनचर्या और प्रार्थना मन को स्थिर करती है।
  • धन: खर्च बढ़ सकता है; बड़ी ख़रीद, उधार देने और जोखिम भरे दाँव से बचें।

केतु आपके छठे भाव में

रुका हुआ
जीवन के क्षेत्र:करियर

केतु पूरे साल वृश्चिक राशि में रहता है।

केतु छोड़ने, वैराग्य और भीतर के जीवन का प्रतीक है। वह शांत समझ और सांसारिक बातों से दूर होने का खिंचाव ला सकता है।

छठे भाव में केतु प्रतिद्वंद्वियों पर जीत और रुके काम पूरे करने में मदद करता है। अनुशासन से नतीजे मिलते हैं।

फ़िलहाल गुरु केतु के शुभ फल में बाधा (वेध) डाल रहा है, इसलिए मेहनत के नतीजे दिखने में अधिक समय लग सकता है।

आपके लिए इसका अर्थ

  • करियर: साथ तो है, पर पहचान उम्मीद से धीरे मिलती है।

शनि, साढ़ेसाती और ढैय्या

अष्टम शनि

शनि आपके आठवें भाव में है (अष्टम शनि, दो ढैय्या में से एक)। जोखिम, साझा धन और विवादों में सावधानी रखें, और जल्दबाज़ी में बड़े नए काम शुरू न करें।

इस साल का उपाय

उन ग्रहों के लिए छोटे, स्वैच्छिक अभ्यास जो इस साल सबसे ज़्यादा सावधानी माँगते हैं। इनमें कोई ख़र्च नहीं है और ये किसी ख़ास नतीजे का वादा नहीं करते; जो ठीक लगे वही अपनाएँ।

शनि के लिए, शनिवार को सबसे अच्छा

शनि आपके लिए कठिन स्थान में है, जिसका असर साझा धन और अचानक बदलाव पर है।

  • बुज़ुर्गों या कड़ी शारीरिक मेहनत करने वालों की, जैसे भी हो सके, मदद करें।
  • मान लें कि कुछ नतीजे धीरे आते हैं; रफ़्तार पर ज़ोर डाले बिना आगे बढ़ते रहें।

राहु के लिए, शनिवार को सबसे अच्छा

राहु आपके लिए कठिन स्थान में है, जिसका असर खर्च, आराम और भीतर का जीवन पर है।

  • शॉर्टकट और आधे-अधूरे सच से बचें, चाहे वे छोटे ही क्यों न हों।
  • बेचैनी में फ़ोन स्क्रॉल करना और ख़बरें देखना सीमित करें; सीधे-सादे, मन को टिकाने वाले कामों में समय लगाएँ।

ध्यान देने योग्य तिथियाँ

  • 6 अप्रैल 2021

    राशि परिवर्तन: 6 अप्रैल 2021: गुरु कुंभ राशि में, आपके नौवें भाव में प्रवेश करता है।

    गुरु आपके लिए सहायक स्थान में आता है, जो बड़े-बुज़ुर्ग, शिक्षक, आस्था और लंबी यात्राएँ को सहारा देता है।

    क्या करें: इसके बाद के दिनों में इस क्षेत्र में योजनाएँ शुरू करें या आगे बढ़ाएँ।

  • 23 मई 2021

    वक्री: 23 मई 2021: शनि मकर राशि में, आपके आठवें भाव में वक्री होता है। नई शुरुआत के बजाय समीक्षा का समय।

    शनि साझा धन और अचानक बदलाव पर धीमा होता है, इसलिए इस क्षेत्र की पुरानी बातें दोबारा सामने आती हैं।

    क्या करें: कुछ नया शुरू करने के बजाय पुराना काम दोहराएँ, सुधारें और पूरा करें।

  • 26 मई 2021

    चंद्र ग्रहण: 26 मई 2021: वृश्चिक राशि में, आपके छठे भाव में चंद्रग्रहण। दिन शांत रखें और बड़े फ़ैसलों से बचें।

    ग्रहण रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम पर पड़ता है, जिससे यह कुछ दिनों के लिए नाज़ुक जगह बन जाती है।

    क्या करें: दिन शांत रखें और नई शुरुआत, बड़ी ख़रीद और हस्ताक्षर से बचें।

  • 10 जून 2021

    सूर्य ग्रहण: 10 जून 2021: वृषभ राशि में, आपके बारहवें भाव में सूर्यग्रहण। दिन शांति से बिताएँ और नई शुरुआत से बचें।

    ग्रहण खर्च, आराम और भीतर का जीवन पर पड़ता है, जिससे यह कुछ दिनों के लिए नाज़ुक जगह बन जाती है।

    क्या करें: दिन शांत रखें और नई शुरुआत, बड़ी ख़रीद और हस्ताक्षर से बचें।

  • 20 जून 2021

    वक्री: 20 जून 2021: गुरु कुंभ राशि में, आपके नौवें भाव में वक्री होता है। नई शुरुआत के बजाय समीक्षा का समय।

    गुरु बड़े-बुज़ुर्ग, शिक्षक, आस्था और लंबी यात्राएँ पर धीमा होता है, इसलिए इस क्षेत्र की पुरानी बातें दोबारा सामने आती हैं।

    क्या करें: कुछ नया शुरू करने के बजाय पुराना काम दोहराएँ, सुधारें और पूरा करें।

  • 14 सितंबर 2021

    राशि परिवर्तन: 14 सितंबर 2021: गुरु मकर राशि में, आपके आठवें भाव में प्रवेश करता है।

    गुरु आपके लिए कठिन स्थान में आता है, जिसका असर साझा धन और अचानक बदलाव पर होता है।

    क्या करें: इस तिथि से इस क्षेत्र में धीरे चलें और हामी भरने से पहले दोबारा जाँच लें।

  • 11 अक्टूबर 2021

    मार्गी: 11 अक्टूबर 2021: शनि मकर राशि में, आपके आठवें भाव में मार्गी होता है। रुके हुए काम फिर आगे बढ़ने लगते हैं।

    शनि साझा धन और अचानक बदलाव पर फिर आगे बढ़ता है, इसलिए यहाँ जो अटका था वह चलने लगता है।

    क्या करें: रुका हुआ काम फिर शुरू करें, और हस्ताक्षर या शुरुआत से पहले एक-दो दिन रुकें।

  • 18 अक्टूबर 2021

    मार्गी: 18 अक्टूबर 2021: गुरु मकर राशि में, आपके आठवें भाव में मार्गी होता है। रुके हुए काम फिर आगे बढ़ने लगते हैं।

    गुरु साझा धन और अचानक बदलाव पर फिर आगे बढ़ता है, इसलिए यहाँ जो अटका था वह चलने लगता है।

    क्या करें: रुका हुआ काम फिर शुरू करें, और हस्ताक्षर या शुरुआत से पहले एक-दो दिन रुकें।

  • 19 नवंबर 2021

    चंद्र ग्रहण: 19 नवंबर 2021: वृषभ राशि में, आपके बारहवें भाव में चंद्रग्रहण। दिन शांत रखें और बड़े फ़ैसलों से बचें।

    ग्रहण खर्च, आराम और भीतर का जीवन पर पड़ता है, जिससे यह कुछ दिनों के लिए नाज़ुक जगह बन जाती है।

    क्या करें: दिन शांत रखें और नई शुरुआत, बड़ी ख़रीद और हस्ताक्षर से बचें।

  • 20 नवंबर 2021

    राशि परिवर्तन: 20 नवंबर 2021: गुरु कुंभ राशि में, आपके नौवें भाव में प्रवेश करता है।

    गुरु आपके लिए सहायक स्थान में आता है, जो बड़े-बुज़ुर्ग, शिक्षक, आस्था और लंबी यात्राएँ को सहारा देता है।

    क्या करें: इसके बाद के दिनों में इस क्षेत्र में योजनाएँ शुरू करें या आगे बढ़ाएँ।

  • 4 दिसंबर 2021

    सूर्य ग्रहण: 4 दिसंबर 2021: वृश्चिक राशि में, आपके छठे भाव में सूर्यग्रहण। दिन शांति से बिताएँ और नई शुरुआत से बचें।

    ग्रहण रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम पर पड़ता है, जिससे यह कुछ दिनों के लिए नाज़ुक जगह बन जाती है।

    क्या करें: दिन शांत रखें और नई शुरुआत, बड़ी ख़रीद और हस्ताक्षर से बचें।

ये बातें उन सभी पर लागू होती हैं जिनका चंद्रमा मिथुन राशि में है, और केवल प्रवृत्तियाँ बताती हैं। आपकी अपनी जन्म कुंडली, अपने भावों और दशाओं के साथ, अलग बात कह सकती है।

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