सिंह (Leo) मासिक राशिफल: जनवरी 2008 - मिश्रित
सिंह चंद्र राशि का जनवरी 2008 का मासिक राशिफल। हर ग्रह आपकी चंद्र राशि से गिना गया है, साथ में वे तिथियाँ भी हैं जब वह राशि या चाल बदलता है, ताकि आप देख सकें कि महीना कैसे आगे बढ़ता है।
यह महीना मिला-जुला है: कुछ काम आसानी से चलते हैं और कुछ में धैर्य चाहिए। जो चल रहा है उस पर भरोसा रखें और धीमे कामों को एक-एक कदम लें।
महीना कैसा रहेगा
पहला पखवाड़ा: 1 जनवरी से 15 जनवरी
मिश्रितयह समय आसानी और धीमी गति का मेल है।
सूर्य, बुध और शुक्र यहाँ आपके पक्ष में काम करते हैं और रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम के साथ-साथ घर, पारिवारिक शांति और संपत्ति में मदद करते हैं।
शनि, राहु, केतु, सूर्य और बुध कहते हैं कि आपकी ऊर्जा और आत्मविश्वास के साथ-साथ साझेदारी और दूसरों से लेन-देन में सावधानी से चलें।
गुरु और मंगल पढ़ाई, संतान और रचनात्मक योजनाएँ के साथ-साथ आय, लाभ और मित्र में मदद करना चाहते हैं, पर अभी रुके हुए हैं, इसलिए नतीजे धीरे आएँगे।
4 जनवरी और 15 जनवरी के आसपास बदलाव आता है; नीचे ध्यान देने योग्य तिथियाँ देखें।
दूसरा पखवाड़ा: 16 जनवरी से 31 जनवरी
शुभयह समय कुल मिलाकर साथ देने वाला लगता है।
सूर्य, बुध और शुक्र यहाँ आपके पक्ष में काम करते हैं और रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम के साथ-साथ घर, पारिवारिक शांति और संपत्ति में मदद करते हैं।
शनि, राहु और केतु कहते हैं कि आपकी ऊर्जा और आत्मविश्वास के साथ-साथ साझेदारी और दूसरों से लेन-देन में सावधानी से चलें।
गुरु और मंगल पढ़ाई, संतान और रचनात्मक योजनाएँ के साथ-साथ आय, लाभ और मित्र में मदद करना चाहते हैं, पर अभी रुके हुए हैं, इसलिए नतीजे धीरे आएँगे।
19 जनवरी, 29 जनवरी और 31 जनवरी के आसपास बदलाव आता है; नीचे ध्यान देने योग्य तिथियाँ देखें।
शनि आपके पहले भाव में
सावधानी
शनि पूरे महीने सिंह राशि में रहता है।
शनि मेहनत, अनुशासन, कर्तव्य और धैर्य का प्रतीक है। वह लगातार मेहनत का फल देता है और शॉर्टकट को धीमा करता है।
आपकी अपनी राशि में शनि भारी ज़िम्मेदारियाँ और धीमी प्रगति लाता है। नियमित दिनचर्या रखें और बड़े फ़ैसलों में जल्दबाज़ी न करें।
आपके लिए इसका अर्थ
- आप: मन और ऊर्जा कम हो सकते हैं; अच्छा आराम करें और जल्दबाज़ी में प्रतिक्रिया न दें।
गुरु आपके पाँचवें भाव में
रुका हुआजीवन के क्षेत्र:पढ़ाईरिश्ते
गुरु पूरे महीने धनु राशि में रहता है।
गुरु विकास, ज्ञान, मार्गदर्शन, सौभाग्य, संतान और शिक्षकों का प्रतीक है। साल का सबसे बड़ा सहायक यही है।
पाँचवें भाव में गुरु पढ़ाई, बच्चों और रचनात्मक काम के लिए अनुकूल है। सही निर्णय और ज्ञानी लोगों का साथ मिलता है।
फ़िलहाल शुक्र गुरु के शुभ फल में बाधा (वेध) डाल रहा है, इसलिए उसका साथ अपेक्षा से देर से और धीरे-धीरे मिल सकता है।
आपके लिए इसका अर्थ
- पढ़ाई: पढ़ाई की मेहनत रंग लाती है, पर नतीजे दिखने में समय लगता है।
- रिश्ते: दोनों ओर अच्छी नीयत है, पर योजनाएँ अभी पूरी न हो सकें।
राहु आपके सातवें भाव में
सावधानीजीवन के क्षेत्र:रिश्ते
राहु पूरे महीने कुंभ राशि में रहता है।
राहु महत्वाकांक्षा, और पाने की भूख, नए और अनोखे का प्रतीक है। वह अचानक अवसर और बेचैनी ला सकता है।
सातवें भाव में राहु साझेदारी और व्यावसायिक सौदों में उलझन ला सकता है। वचन देने से पहले जाँच लें।
आपके लिए इसका अर्थ
- रिश्ते: ग़लतफ़हमी आसानी से हो सकती है; ज़्यादा सुनें और दूसरों को जगह दें।
केतु आपके पहले भाव में
सावधानी
केतु पूरे महीने सिंह राशि में रहता है।
केतु छोड़ने, वैराग्य और भीतर के जीवन का प्रतीक है। वह शांत समझ और सांसारिक बातों से दूर होने का खिंचाव ला सकता है।
आपकी अपनी राशि में केतु विरक्ति और अपनी चाहत को लेकर अनिश्चितता ला सकता है। योजनाएँ सरल रखें और भरोसेमंद लोगों के पास रहें।
आपके लिए इसका अर्थ
- आप: मन और ऊर्जा कम हो सकते हैं; अच्छा आराम करें और जल्दबाज़ी में प्रतिक्रिया न दें।
मंगल आपके ग्यारहवें भाव में
रुका हुआजीवन के क्षेत्र:धन
मंगल पूरे महीने मिथुन राशि में रहता है।
मंगल ऊर्जा, जोश, साहस और झगड़ों को आप कैसे संभालते हैं, इसका प्रतीक है।
ग्यारहवें भाव में मंगल आय और लाभ के लिए अच्छा है। प्रयास फल देते हैं, और मित्रों व बड़े भाई-बहनों का साथ मिलता है।
फ़िलहाल गुरु मंगल के शुभ फल में बाधा (वेध) डाल रहा है, इसलिए मेहनत का फल पाने में अधिक धैर्य चाहिए।
आपके लिए इसका अर्थ
- धन: लाभ संभव है, पर देरी की संभावना है; अभी उस पर भरोसा न करें।
सूर्य आपके पाँचवें भाव में
सावधानीजीवन के क्षेत्र:पढ़ाईरिश्ते
सूर्य 15 जनवरी तक धनु राशि में है।
सूर्य आत्मविश्वास, अधिकार, सम्मान और पिता तथा ऊँचे पद के लोगों से आपके संबंध का प्रतीक है।
पाँचवें भाव में सूर्य पढ़ाई, रचनात्मक काम और प्रेम में निर्णय को धुंधला कर सकता है। पैसे से जुड़े जोखिम भरे कदम से पहले दो बार सोचें।
आपके लिए इसका अर्थ
- पढ़ाई: ध्यान बिखर सकता है; एक समय में एक विषय लें और अच्छे से दोहराएँ।
- रिश्ते: ग़लतफ़हमी आसानी से हो सकती है; ज़्यादा सुनें और दूसरों को जगह दें।
सूर्य आपके छठे भाव में
शुभजीवन के क्षेत्र:करियर
सूर्य 15 जनवरी को मकर राशि में प्रवेश करता है।
सूर्य आत्मविश्वास, अधिकार, सम्मान और पिता तथा ऊँचे पद के लोगों से आपके संबंध का प्रतीक है।
छठे भाव में सूर्य प्रतिद्वंद्वियों और रुके हुए काम पर बढ़त दिलाता है। कर्ज़ और प्रतिस्पर्धा काबू में आने लगते हैं।
आपके लिए इसका अर्थ
- करियर: काम पर ध्यान जाता है; ज़्यादा ज़िम्मेदारी लेने या विचार रखने का अच्छा समय।
बुध आपके पाँचवें भाव में
सावधानीजीवन के क्षेत्र:पढ़ाईरिश्ते
बुध 4 जनवरी तक धनु राशि में है।
बुध बातचीत, पढ़ाई, व्यापार, काग़ज़ी काम और तेज़ सोच का प्रतीक है।
पाँचवें भाव में बुध बच्चों से या पढ़ाई में गलतफ़हमी ला सकता है। सट्टे जैसे फ़ैसलों से बचें।
आपके लिए इसका अर्थ
- पढ़ाई: ध्यान बिखर सकता है; एक समय में एक विषय लें और अच्छे से दोहराएँ।
- रिश्ते: ग़लतफ़हमी आसानी से हो सकती है; ज़्यादा सुनें और दूसरों को जगह दें।
बुध आपके छठे भाव में
शुभजीवन के क्षेत्र:करियर
बुध 4 जनवरी को मकर राशि में प्रवेश करता है।
बुध बातचीत, पढ़ाई, व्यापार, काग़ज़ी काम और तेज़ सोच का प्रतीक है।
छठे भाव में बुध प्रतिद्वंद्वियों को मात देने और बारीक काम पूरा करने में मदद करता है। सावधानी से किए काम की सराहना होती है।
आपके लिए इसका अर्थ
- करियर: काम पर ध्यान जाता है; ज़्यादा ज़िम्मेदारी लेने या विचार रखने का अच्छा समय।
शुक्र आपके चौथे भाव में
शुभजीवन के क्षेत्र:परिवार और घर
शुक्र 19 जनवरी तक वृश्चिक राशि में है।
शुक्र प्रेम, सुख-सुविधा, सुंदरता, आनंद और साझेदारी का प्रतीक है।
चौथे भाव में शुक्र घर में सुख और मित्रों से मदद लाता है। घर सँवारने और परिवार के साथ समय बिताने के लिए अच्छा है।
आपके लिए इसका अर्थ
- परिवार और घर: घर में स्थिर, सुखद समय।
शुक्र आपके पाँचवें भाव में
शुभजीवन के क्षेत्र:पढ़ाईरिश्ते
शुक्र 19 जनवरी को धनु राशि में प्रवेश करता है।
शुक्र प्रेम, सुख-सुविधा, सुंदरता, आनंद और साझेदारी का प्रतीक है।
पाँचवें भाव में शुक्र प्रेम, रचनात्मक काम और बच्चों से खुशी के लिए अनुकूल है। कला की पढ़ाई अच्छी चलती है।
आपके लिए इसका अर्थ
- पढ़ाई: पढ़ाई, प्रशिक्षण और रचनात्मक काम अच्छे चलते हैं; नया कोर्स शुरू करने का अच्छा समय।
- रिश्ते: गर्मजोशी और सहजता; लोगों से मिलने और मनमुटाव दूर करने का अच्छा समय।
शनि, साढ़ेसाती और ढैय्या
साढ़े साती - मध्य चरण
शनि आपकी अपनी राशि में है: साढ़ेसाती का बीच का और सबसे भारी चरण। प्रगति धीमी रहती है और कर्तव्य भारी लगते हैं; नियमित दिनचर्या और धैर्य आपको पार ले जाते हैं।
इस महीने का उपाय
उन ग्रहों के लिए छोटे, स्वैच्छिक अभ्यास जो इस महीना सबसे ज़्यादा सावधानी माँगते हैं। इनमें कोई ख़र्च नहीं है और ये किसी ख़ास नतीजे का वादा नहीं करते; जो ठीक लगे वही अपनाएँ।
शनि के लिए, शनिवार को सबसे अच्छा
शनि आपके लिए कठिन स्थान में है, जिसका असर आपकी ऊर्जा और आत्मविश्वास पर है।
- बुज़ुर्गों या कड़ी शारीरिक मेहनत करने वालों की, जैसे भी हो सके, मदद करें।
- मान लें कि कुछ नतीजे धीरे आते हैं; रफ़्तार पर ज़ोर डाले बिना आगे बढ़ते रहें।
राहु के लिए, शनिवार को सबसे अच्छा
राहु आपके लिए कठिन स्थान में है, जिसका असर साझेदारी और दूसरों से लेन-देन पर है।
- शॉर्टकट और आधे-अधूरे सच से बचें, चाहे वे छोटे ही क्यों न हों।
- बेचैनी में फ़ोन स्क्रॉल करना और ख़बरें देखना सीमित करें; सीधे-सादे, मन को टिकाने वाले कामों में समय लगाएँ।
ध्यान देने योग्य तिथियाँ
- 4 जनवरी 2008
राशि परिवर्तन: 4 जनवरी: बुध मकर राशि में, आपके छठे भाव में प्रवेश करता है।
बुध आपके लिए सहायक स्थान में आता है, जो रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम को सहारा देता है।
क्या करें: इसके बाद के दिनों में इस क्षेत्र में योजनाएँ शुरू करें या आगे बढ़ाएँ।
- 15 जनवरी 2008
राशि परिवर्तन: 15 जनवरी: सूर्य मकर राशि में, आपके छठे भाव में प्रवेश करता है।
सूर्य आपके लिए सहायक स्थान में आता है, जो रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम को सहारा देता है।
क्या करें: इसके बाद के दिनों में इस क्षेत्र में योजनाएँ शुरू करें या आगे बढ़ाएँ।
- 19 जनवरी 2008
राशि परिवर्तन: 19 जनवरी: शुक्र धनु राशि में, आपके पाँचवें भाव में प्रवेश करता है।
शुक्र आपके लिए सहायक स्थान में आता है, जो पढ़ाई, संतान और रचनात्मक योजनाएँ को सहारा देता है।
क्या करें: इसके बाद के दिनों में इस क्षेत्र में योजनाएँ शुरू करें या आगे बढ़ाएँ।
- 29 जनवरी 2008
वक्री: 29 जनवरी: बुध मकर राशि में, आपके छठे भाव में वक्री होता है। नई शुरुआत के बजाय समीक्षा का समय।
बुध रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम पर धीमा होता है, इसलिए इस क्षेत्र की पुरानी बातें दोबारा सामने आती हैं।
क्या करें: कुछ नया शुरू करने के बजाय पुराना काम दोहराएँ, सुधारें और पूरा करें।
- 31 जनवरी 2008
मार्गी: 31 जनवरी: मंगल मिथुन राशि में, आपके ग्यारहवें भाव में मार्गी होता है। रुके हुए काम फिर आगे बढ़ने लगते हैं।
मंगल आय, लाभ और मित्र पर फिर आगे बढ़ता है, इसलिए यहाँ जो अटका था वह चलने लगता है।
क्या करें: रुका हुआ काम फिर शुरू करें, और हस्ताक्षर या शुरुआत से पहले एक-दो दिन रुकें।
ये बातें उन सभी पर लागू होती हैं जिनका चंद्रमा सिंह राशि में है, और केवल प्रवृत्तियाँ बताती हैं। आपकी अपनी जन्म कुंडली, अपने भावों और दशाओं के साथ, अलग बात कह सकती है।
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