Bhavishya

सिंह (Leo) मासिक राशिफल: जनवरी 2011 - मिश्रित

सिंह चंद्र राशि का जनवरी 2011 का मासिक राशिफल। हर ग्रह आपकी चंद्र राशि से गिना गया है, साथ में वे तिथियाँ भी हैं जब वह राशि या चाल बदलता है, ताकि आप देख सकें कि महीना कैसे आगे बढ़ता है।

यह महीना मिला-जुला है: कुछ काम आसानी से चलते हैं और कुछ में धैर्य चाहिए। जो चल रहा है उस पर भरोसा रखें और धीमे कामों को एक-एक कदम लें।

महीना कैसा रहेगा

  1. पहला पखवाड़ा: 1 जनवरी से 15 जनवरी

    मिश्रित

    यह समय आसानी और धीमी गति का मेल है।

    मंगल, सूर्य, बुध और शुक्र यहाँ आपके पक्ष में काम करते हैं और रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम के साथ-साथ घर, पारिवारिक शांति और संपत्ति में मदद करते हैं।

    शनि, गुरु, राहु, मंगल, सूर्य और बुध कहते हैं कि धन, परिवार और वाणी के साथ-साथ साझा धन और अचानक बदलाव में सावधानी से चलें।

    केतु आय, लाभ और मित्र में मदद करना चाहता है, पर अभी रुका हुआ है, इसलिए नतीजे धीरे आएँगे।

    1 जनवरी, 4 जनवरी, 8 जनवरी और 14 जनवरी के आसपास बदलाव आता है; नीचे ध्यान देने योग्य तिथियाँ देखें।

  2. दूसरा पखवाड़ा: 16 जनवरी से 31 जनवरी

    मिश्रित

    यह समय आसानी और धीमी गति का मेल है।

    मंगल, सूर्य, बुध और शुक्र यहाँ आपके पक्ष में काम करते हैं और रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम के साथ-साथ घर, पारिवारिक शांति और संपत्ति में मदद करते हैं।

    शनि, गुरु, राहु और बुध कहते हैं कि धन, परिवार और वाणी के साथ-साथ साझा धन और अचानक बदलाव में सावधानी से चलें।

    केतु आय, लाभ और मित्र में मदद करना चाहता है, पर अभी रुका हुआ है, इसलिए नतीजे धीरे आएँगे।

    26 जनवरी, 30 जनवरी और 31 जनवरी के आसपास बदलाव आता है; नीचे ध्यान देने योग्य तिथियाँ देखें।

शनि आपके दूसरे भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:धनपरिवार और घर

शनि पूरे महीने कन्या राशि में रहता है।

शनि मेहनत, अनुशासन, कर्तव्य और धैर्य का प्रतीक है। वह लगातार मेहनत का फल देता है और शॉर्टकट को धीमा करता है।

दूसरे भाव में शनि पैसों में तंगी और पारिवारिक रिश्तों में खिंचाव ला सकता है। सोच-समझकर खर्च करें और नरमी से बोलें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • धन: खर्च बढ़ सकता है; बड़ी ख़रीद, उधार देने और जोखिम भरे दाँव से बचें।
  • परिवार और घर: घर में छोटी-मोटी खटपट संभव है; धैर्य और मीठे शब्द काम आते हैं।

गुरु आपके आठवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:धन

गुरु पूरे महीने मीन राशि में रहता है।

गुरु विकास, ज्ञान, मार्गदर्शन, सौभाग्य, संतान और शिक्षकों का प्रतीक है। साल का सबसे बड़ा सहायक यही है।

आठवें भाव में गुरु रुकावटें और अप्रत्याशित खर्च ला सकता है। जोखिम भरे कामों से बचें और विवादों से दूर रहें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • धन: खर्च बढ़ सकता है; बड़ी ख़रीद, उधार देने और जोखिम भरे दाँव से बचें।

राहु आपके पाँचवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:पढ़ाईरिश्ते

राहु पूरे महीने धनु राशि में रहता है।

राहु महत्वाकांक्षा, और पाने की भूख, नए और अनोखे का प्रतीक है। वह अचानक अवसर और बेचैनी ला सकता है।

पाँचवें भाव में राहु पढ़ाई, प्रेम और निवेश में निर्णय को भटका सकता है। सट्टे से बचें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • पढ़ाई: ध्यान बिखर सकता है; एक समय में एक विषय लें और अच्छे से दोहराएँ।
  • रिश्ते: ग़लतफ़हमी आसानी से हो सकती है; ज़्यादा सुनें और दूसरों को जगह दें।

केतु आपके ग्यारहवें भाव में

रुका हुआ
जीवन के क्षेत्र:धन

केतु पूरे महीने मिथुन राशि में रहता है।

केतु छोड़ने, वैराग्य और भीतर के जीवन का प्रतीक है। वह शांत समझ और सांसारिक बातों से दूर होने का खिंचाव ला सकता है।

ग्यारहवें भाव में केतु लाभ और अप्रत्याशित जगहों से मदद लाता है। इच्छाएँ चुपचाप पूरी हो सकती हैं।

फ़िलहाल बुध केतु के शुभ फल में बाधा (वेध) डाल रहा है, इसलिए मेहनत के नतीजे दिखने में अधिक समय लग सकता है।

आपके लिए इसका अर्थ

  • धन: लाभ संभव है, पर देरी की संभावना है; अभी उस पर भरोसा न करें।

मंगल आपके पाँचवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:पढ़ाईरिश्ते

मंगल 8 जनवरी तक धनु राशि में है।

मंगल ऊर्जा, जोश, साहस और झगड़ों को आप कैसे संभालते हैं, इसका प्रतीक है।

पाँचवें भाव में मंगल पढ़ाई और बच्चों के साथ अधीरता ला सकता है। जोखिम भरे निवेश और जल्दबाज़ी के फ़ैसलों से बचें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • पढ़ाई: ध्यान बिखर सकता है; एक समय में एक विषय लें और अच्छे से दोहराएँ।
  • रिश्ते: ग़लतफ़हमी आसानी से हो सकती है; ज़्यादा सुनें और दूसरों को जगह दें।

मंगल आपके छठे भाव में

शुभ
जीवन के क्षेत्र:करियर

मंगल 8 जनवरी को मकर राशि में प्रवेश करता है।

मंगल ऊर्जा, जोश, साहस और झगड़ों को आप कैसे संभालते हैं, इसका प्रतीक है।

छठे भाव में मंगल प्रतिद्वंद्वियों और प्रतिस्पर्धा पर जीत दिलाता है। रुका काम आगे बढ़ता है और कर्ज़ घटाया जा सकता है।

आपके लिए इसका अर्थ

  • करियर: काम पर ध्यान जाता है; ज़्यादा ज़िम्मेदारी लेने या विचार रखने का अच्छा समय।

सूर्य आपके पाँचवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:पढ़ाईरिश्ते

सूर्य 14 जनवरी तक धनु राशि में है।

सूर्य आत्मविश्वास, अधिकार, सम्मान और पिता तथा ऊँचे पद के लोगों से आपके संबंध का प्रतीक है।

पाँचवें भाव में सूर्य पढ़ाई, रचनात्मक काम और प्रेम में निर्णय को धुंधला कर सकता है। पैसे से जुड़े जोखिम भरे कदम से पहले दो बार सोचें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • पढ़ाई: ध्यान बिखर सकता है; एक समय में एक विषय लें और अच्छे से दोहराएँ।
  • रिश्ते: ग़लतफ़हमी आसानी से हो सकती है; ज़्यादा सुनें और दूसरों को जगह दें।

सूर्य आपके छठे भाव में

शुभ
जीवन के क्षेत्र:करियर

सूर्य 14 जनवरी को मकर राशि में प्रवेश करता है।

सूर्य आत्मविश्वास, अधिकार, सम्मान और पिता तथा ऊँचे पद के लोगों से आपके संबंध का प्रतीक है।

छठे भाव में सूर्य प्रतिद्वंद्वियों और रुके हुए काम पर बढ़त दिलाता है। कर्ज़ और प्रतिस्पर्धा काबू में आने लगते हैं।

आपके लिए इसका अर्थ

  • करियर: काम पर ध्यान जाता है; ज़्यादा ज़िम्मेदारी लेने या विचार रखने का अच्छा समय।

बुध आपके चौथे भाव में

शुभ
जीवन के क्षेत्र:परिवार और घर

बुध 8 जनवरी तक वृश्चिक राशि में है।

बुध बातचीत, पढ़ाई, व्यापार, काग़ज़ी काम और तेज़ सोच का प्रतीक है।

चौथे भाव में बुध घर में सहजता और परिवार से मदद लाता है। पढ़ाई और घर के कागज़ी काम के लिए अच्छा समय है।

आपके लिए इसका अर्थ

  • परिवार और घर: घर में स्थिर, सुखद समय।

बुध आपके पाँचवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:पढ़ाईरिश्ते

बुध 8 जनवरी से 31 जनवरी तक धनु राशि में है।

बुध बातचीत, पढ़ाई, व्यापार, काग़ज़ी काम और तेज़ सोच का प्रतीक है।

पाँचवें भाव में बुध बच्चों से या पढ़ाई में गलतफ़हमी ला सकता है। सट्टे जैसे फ़ैसलों से बचें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • पढ़ाई: ध्यान बिखर सकता है; एक समय में एक विषय लें और अच्छे से दोहराएँ।
  • रिश्ते: ग़लतफ़हमी आसानी से हो सकती है; ज़्यादा सुनें और दूसरों को जगह दें।

बुध आपके छठे भाव में

शुभ
जीवन के क्षेत्र:करियर

बुध 31 जनवरी को मकर राशि में प्रवेश करता है।

बुध बातचीत, पढ़ाई, व्यापार, काग़ज़ी काम और तेज़ सोच का प्रतीक है।

छठे भाव में बुध प्रतिद्वंद्वियों को मात देने और बारीक काम पूरा करने में मदद करता है। सावधानी से किए काम की सराहना होती है।

आपके लिए इसका अर्थ

  • करियर: काम पर ध्यान जाता है; ज़्यादा ज़िम्मेदारी लेने या विचार रखने का अच्छा समय।

शुक्र आपके तीसरे भाव में

शुभ
जीवन के क्षेत्र:करियर

शुक्र 1 जनवरी तक तुला राशि में है।

शुक्र प्रेम, सुख-सुविधा, सुंदरता, आनंद और साझेदारी का प्रतीक है।

तीसरे भाव में शुक्र अच्छे मित्र, सुखद सैर और भाई-बहनों का साथ लाता है। छोटे लाभ संभव हैं।

आपके लिए इसका अर्थ

  • करियर: काम पर ध्यान जाता है; ज़्यादा ज़िम्मेदारी लेने या विचार रखने का अच्छा समय।

शुक्र आपके चौथे भाव में

शुभ
जीवन के क्षेत्र:परिवार और घर

शुक्र 1 जनवरी से 30 जनवरी तक वृश्चिक राशि में है।

शुक्र प्रेम, सुख-सुविधा, सुंदरता, आनंद और साझेदारी का प्रतीक है।

चौथे भाव में शुक्र घर में सुख और मित्रों से मदद लाता है। घर सँवारने और परिवार के साथ समय बिताने के लिए अच्छा है।

आपके लिए इसका अर्थ

  • परिवार और घर: घर में स्थिर, सुखद समय।

शुक्र आपके पाँचवें भाव में

शुभ
जीवन के क्षेत्र:पढ़ाईरिश्ते

शुक्र 30 जनवरी को धनु राशि में प्रवेश करता है।

शुक्र प्रेम, सुख-सुविधा, सुंदरता, आनंद और साझेदारी का प्रतीक है।

पाँचवें भाव में शुक्र प्रेम, रचनात्मक काम और बच्चों से खुशी के लिए अनुकूल है। कला की पढ़ाई अच्छी चलती है।

आपके लिए इसका अर्थ

  • पढ़ाई: पढ़ाई, प्रशिक्षण और रचनात्मक काम अच्छे चलते हैं; नया कोर्स शुरू करने का अच्छा समय।
  • रिश्ते: गर्मजोशी और सहजता; लोगों से मिलने और मनमुटाव दूर करने का अच्छा समय।

शनि, साढ़ेसाती और ढैय्या

साढ़े साती - अंतिम चरण

शनि आपके दूसरे भाव में है: साढ़ेसाती का अंतिम चरण। परिवार और पैसों के मामलों में सावधानी चाहिए, और चरण आगे बढ़ने के साथ दबाव घटने लगता है।

इस महीने का उपाय

उन ग्रहों के लिए छोटे, स्वैच्छिक अभ्यास जो इस महीना सबसे ज़्यादा सावधानी माँगते हैं। इनमें कोई ख़र्च नहीं है और ये किसी ख़ास नतीजे का वादा नहीं करते; जो ठीक लगे वही अपनाएँ।

शनि के लिए, शनिवार को सबसे अच्छा

शनि आपके लिए कठिन स्थान में है, जिसका असर धन, परिवार और वाणी पर है।

  • बुज़ुर्गों या कड़ी शारीरिक मेहनत करने वालों की, जैसे भी हो सके, मदद करें।
  • मान लें कि कुछ नतीजे धीरे आते हैं; रफ़्तार पर ज़ोर डाले बिना आगे बढ़ते रहें।

गुरु के लिए, गुरुवार को सबसे अच्छा

गुरु आपके लिए कठिन स्थान में है, जिसका असर साझा धन और अचानक बदलाव पर है।

  • ज़रूरत से ज़्यादा वादे करने और खुद पर क्षमता से ज़्यादा बोझ लेने से बचें; उतने ही वादे करें जितने निभा सकें।
  • बड़े फ़ैसलों से पहले किसी भरोसेमंद बड़े की सलाह लें।

ध्यान देने योग्य तिथियाँ

  • 1 जनवरी 2011

    राशि परिवर्तन: 1 जनवरी: शुक्र वृश्चिक राशि में, आपके चौथे भाव में प्रवेश करता है।

    शुक्र आपके लिए सहायक स्थान में आता है, जो घर, पारिवारिक शांति और संपत्ति को सहारा देता है।

    क्या करें: इसके बाद के दिनों में इस क्षेत्र में योजनाएँ शुरू करें या आगे बढ़ाएँ।

  • 4 जनवरी 2011

    सूर्य ग्रहण: 4 जनवरी: धनु राशि में, आपके पाँचवें भाव में सूर्यग्रहण। दिन शांति से बिताएँ और नई शुरुआत से बचें।

    ग्रहण पढ़ाई, संतान और रचनात्मक योजनाएँ पर पड़ता है, जिससे यह कुछ दिनों के लिए नाज़ुक जगह बन जाती है।

    क्या करें: दिन शांत रखें और नई शुरुआत, बड़ी ख़रीद और हस्ताक्षर से बचें।

  • 8 जनवरी 2011

    राशि परिवर्तन: 8 जनवरी: बुध धनु राशि में, आपके पाँचवें भाव में प्रवेश करता है।

    बुध आपके लिए कठिन स्थान में आता है, जिसका असर पढ़ाई, संतान और रचनात्मक योजनाएँ पर होता है।

    क्या करें: इस तिथि से इस क्षेत्र में धीरे चलें और हामी भरने से पहले दोबारा जाँच लें।

  • 8 जनवरी 2011

    राशि परिवर्तन: 8 जनवरी: मंगल मकर राशि में, आपके छठे भाव में प्रवेश करता है।

    मंगल आपके लिए सहायक स्थान में आता है, जो रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम को सहारा देता है।

    क्या करें: इसके बाद के दिनों में इस क्षेत्र में योजनाएँ शुरू करें या आगे बढ़ाएँ।

  • 14 जनवरी 2011

    राशि परिवर्तन: 14 जनवरी: सूर्य मकर राशि में, आपके छठे भाव में प्रवेश करता है।

    सूर्य आपके लिए सहायक स्थान में आता है, जो रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम को सहारा देता है।

    क्या करें: इसके बाद के दिनों में इस क्षेत्र में योजनाएँ शुरू करें या आगे बढ़ाएँ।

  • 26 जनवरी 2011

    वक्री: 26 जनवरी: शनि कन्या राशि में, आपके दूसरे भाव में वक्री होता है। नई शुरुआत के बजाय समीक्षा का समय।

    शनि धन, परिवार और वाणी पर धीमा होता है, इसलिए इस क्षेत्र की पुरानी बातें दोबारा सामने आती हैं।

    क्या करें: कुछ नया शुरू करने के बजाय पुराना काम दोहराएँ, सुधारें और पूरा करें।

  • 30 जनवरी 2011

    राशि परिवर्तन: 30 जनवरी: शुक्र धनु राशि में, आपके पाँचवें भाव में प्रवेश करता है।

    शुक्र आपके लिए सहायक स्थान में आता है, जो पढ़ाई, संतान और रचनात्मक योजनाएँ को सहारा देता है।

    क्या करें: इसके बाद के दिनों में इस क्षेत्र में योजनाएँ शुरू करें या आगे बढ़ाएँ।

  • 31 जनवरी 2011

    राशि परिवर्तन: 31 जनवरी: बुध मकर राशि में, आपके छठे भाव में प्रवेश करता है।

    बुध आपके लिए सहायक स्थान में आता है, जो रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम को सहारा देता है।

    क्या करें: इसके बाद के दिनों में इस क्षेत्र में योजनाएँ शुरू करें या आगे बढ़ाएँ।

ये बातें उन सभी पर लागू होती हैं जिनका चंद्रमा सिंह राशि में है, और केवल प्रवृत्तियाँ बताती हैं। आपकी अपनी जन्म कुंडली, अपने भावों और दशाओं के साथ, अलग बात कह सकती है।

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