सिंह (Leo) मासिक राशिफल: सितंबर 2015 - सावधानी
सिंह चंद्र राशि का सितंबर 2015 का मासिक राशिफल। हर ग्रह आपकी चंद्र राशि से गिना गया है, साथ में वे तिथियाँ भी हैं जब वह राशि या चाल बदलता है, ताकि आप देख सकें कि महीना कैसे आगे बढ़ता है।
यह महीना ज़्यादातर समय से अधिक सावधानी माँगता है। कई महत्वपूर्ण ग्रह कठिन स्थानों में हैं, इसलिए नियमित काम पर टिके रहें, जल्दबाज़ी के फ़ैसलों से बचें और चीज़ों को समय दें।
महीना कैसा रहेगा
पहला पखवाड़ा: 1 सितंबर से 15 सितंबर
सावधानीयह समय धैर्य और सावधानी माँगता है।
बुध और शुक्र यहाँ आपके पक्ष में काम करते हैं और धन, परिवार और वाणी के साथ-साथ खर्च, आराम और भीतर का जीवन में मदद करते हैं।
शनि, गुरु, राहु, केतु, मंगल और सूर्य कहते हैं कि घर, पारिवारिक शांति और संपत्ति के साथ-साथ आपकी ऊर्जा और आत्मविश्वास में सावधानी से चलें।
6 सितंबर, 13 सितंबर और 15 सितंबर के आसपास बदलाव आता है; नीचे ध्यान देने योग्य तिथियाँ देखें।
दूसरा पखवाड़ा: 16 सितंबर से 30 सितंबर
सावधानीयह समय धैर्य और सावधानी माँगता है।
बुध और शुक्र यहाँ आपके पक्ष में काम करते हैं और धन, परिवार और वाणी के साथ-साथ खर्च, आराम और भीतर का जीवन में मदद करते हैं।
शनि, गुरु, राहु, केतु, मंगल और सूर्य कहते हैं कि घर, पारिवारिक शांति और संपत्ति के साथ-साथ आपकी ऊर्जा और आत्मविश्वास में सावधानी से चलें।
17 सितंबर और 28 सितंबर के आसपास बदलाव आता है; नीचे ध्यान देने योग्य तिथियाँ देखें।
शनि आपके चौथे भाव में
सावधानीजीवन के क्षेत्र:परिवार और घर
शनि पूरे महीने वृश्चिक राशि में रहता है।
शनि मेहनत, अनुशासन, कर्तव्य और धैर्य का प्रतीक है। वह लगातार मेहनत का फल देता है और शॉर्टकट को धीमा करता है।
चौथे भाव में शनि घर में बेचैनी और संपत्ति के मामलों में देरी ला सकता है। पारिवारिक ज़िम्मेदारियाँ धैर्य से निभाएँ।
आपके लिए इसका अर्थ
- परिवार और घर: घर में छोटी-मोटी खटपट संभव है; धैर्य और मीठे शब्द काम आते हैं।
गुरु आपके पहले भाव में
सावधानी
गुरु पूरे महीने सिंह राशि में रहता है।
गुरु विकास, ज्ञान, मार्गदर्शन, सौभाग्य, संतान और शिक्षकों का प्रतीक है। साल का सबसे बड़ा सहायक यही है।
आपकी अपनी राशि में गुरु अटके होने या घर से दूर होने का भाव ला सकता है। आस्था रखें, जल्दबाज़ी में बड़े बदलाव से बचें और योजनाओं को पकने दें।
आपके लिए इसका अर्थ
- आप: मन और ऊर्जा कम हो सकते हैं; अच्छा आराम करें और जल्दबाज़ी में प्रतिक्रिया न दें।
राहु आपके दूसरे भाव में
सावधानीजीवन के क्षेत्र:धनपरिवार और घर
राहु पूरे महीने कन्या राशि में रहता है।
राहु महत्वाकांक्षा, और पाने की भूख, नए और अनोखे का प्रतीक है। वह अचानक अवसर और बेचैनी ला सकता है।
दूसरे भाव में राहु असामान्य खर्च और परिवार में बातचीत को लेकर गलतफ़हमी ला सकता है। पैसे और वादों में सावधानी रखें।
आपके लिए इसका अर्थ
- धन: खर्च बढ़ सकता है; बड़ी ख़रीद, उधार देने और जोखिम भरे दाँव से बचें।
- परिवार और घर: घर में छोटी-मोटी खटपट संभव है; धैर्य और मीठे शब्द काम आते हैं।
केतु आपके आठवें भाव में
सावधानीजीवन के क्षेत्र:धन
केतु पूरे महीने मीन राशि में रहता है।
केतु छोड़ने, वैराग्य और भीतर के जीवन का प्रतीक है। वह शांत समझ और सांसारिक बातों से दूर होने का खिंचाव ला सकता है।
आठवें भाव में केतु ध्यान को शोध और गहरे प्रश्नों की ओर ले जाता है। पैसे के जोखिम भरे कदमों से बचें।
आपके लिए इसका अर्थ
- धन: खर्च बढ़ सकता है; बड़ी ख़रीद, उधार देने और जोखिम भरे दाँव से बचें।
मंगल आपके बारहवें भाव में
सावधानीजीवन के क्षेत्र:आध्यात्मिक जीवनधन
मंगल 15 सितंबर तक कर्क राशि में है।
मंगल ऊर्जा, जोश, साहस और झगड़ों को आप कैसे संभालते हैं, इसका प्रतीक है।
बारहवें भाव में मंगल अतिरिक्त खर्च और व्यर्थ मेहनत ला सकता है। खर्चों पर नियंत्रण रखें और झगड़ों से बचें।
आपके लिए इसका अर्थ
- आध्यात्मिक जीवन: मन उदास या अशांत लग सकता है; शांत दिनचर्या और प्रार्थना मन को स्थिर करती है।
- धन: खर्च बढ़ सकता है; बड़ी ख़रीद, उधार देने और जोखिम भरे दाँव से बचें।
मंगल आपके पहले भाव में
सावधानी
मंगल 15 सितंबर को सिंह राशि में प्रवेश करता है।
मंगल ऊर्जा, जोश, साहस और झगड़ों को आप कैसे संभालते हैं, इसका प्रतीक है।
आपकी अपनी राशि में मंगल जल्दबाज़ी और गुस्सा बढ़ा सकता है। प्रतिक्रिया देने से पहले रुकें और गरमागरम बहस से दूर रहें।
आपके लिए इसका अर्थ
- आप: मन और ऊर्जा कम हो सकते हैं; अच्छा आराम करें और जल्दबाज़ी में प्रतिक्रिया न दें।
सूर्य आपके पहले भाव में
सावधानी
सूर्य 17 सितंबर तक सिंह राशि में है।
सूर्य आत्मविश्वास, अधिकार, सम्मान और पिता तथा ऊँचे पद के लोगों से आपके संबंध का प्रतीक है।
आपकी अपनी राशि में सूर्य बेचैनी और जल्दी प्रतिक्रिया देने की प्रवृत्ति ला सकता है। योजनाएँ सीमित रखें और परिवार व सहकर्मियों से व्यवहार में अहं से बचें।
आपके लिए इसका अर्थ
- आप: मन और ऊर्जा कम हो सकते हैं; अच्छा आराम करें और जल्दबाज़ी में प्रतिक्रिया न दें।
सूर्य आपके दूसरे भाव में
सावधानीजीवन के क्षेत्र:धनपरिवार और घर
सूर्य 17 सितंबर को कन्या राशि में प्रवेश करता है।
सूर्य आत्मविश्वास, अधिकार, सम्मान और पिता तथा ऊँचे पद के लोगों से आपके संबंध का प्रतीक है।
दूसरे भाव में सूर्य अतिरिक्त खर्च और घर में कड़वी बातें ला सकता है। बचत पर नज़र रखें और परिवार से नरमी से बात करें।
आपके लिए इसका अर्थ
- धन: खर्च बढ़ सकता है; बड़ी ख़रीद, उधार देने और जोखिम भरे दाँव से बचें।
- परिवार और घर: घर में छोटी-मोटी खटपट संभव है; धैर्य और मीठे शब्द काम आते हैं।
बुध आपके दूसरे भाव में
शुभजीवन के क्षेत्र:धनपरिवार और घर
बुध पूरे महीने कन्या राशि में रहता है।
बुध बातचीत, पढ़ाई, व्यापार, काग़ज़ी काम और तेज़ सोच का प्रतीक है।
दूसरे भाव में बुध धन और वाणी के लिए अनुकूल है। व्यापार, मोलभाव और परिवार से सुखद बातचीत के लिए अच्छा है।
आपके लिए इसका अर्थ
- धन: आय और लाभ बेहतर होने की संभावना; बचत की योजना बनाने का अच्छा समय।
- परिवार और घर: घर में स्थिर, सुखद समय।
शुक्र आपके बारहवें भाव में
शुभजीवन के क्षेत्र:आध्यात्मिक जीवनधन
शुक्र पूरे महीने कर्क राशि में रहता है।
शुक्र प्रेम, सुख-सुविधा, सुंदरता, आनंद और साझेदारी का प्रतीक है।
बारहवें भाव में शुक्र सुख-सुविधा और सुखद खर्च लाता है। यात्रा और विश्राम आनंददायक हो सकते हैं, पर पैसों पर नज़र रखें।
आपके लिए इसका अर्थ
- आध्यात्मिक जीवन: प्रार्थना, चिंतन और दूसरों की मदद संतोष देते हैं।
- धन: आय और लाभ बेहतर होने की संभावना; बचत की योजना बनाने का अच्छा समय।
शनि, साढ़ेसाती और ढैय्या
कंटक शनि
शनि आपके चौथे भाव में है (कंटक शनि, दो ढैय्या में से एक)। घर और परिवार के मामले धैर्य माँगते हैं; संपत्ति के फ़ैसलों में जल्दबाज़ी न करें।
इस महीने का उपाय
उन ग्रहों के लिए छोटे, स्वैच्छिक अभ्यास जो इस महीना सबसे ज़्यादा सावधानी माँगते हैं। इनमें कोई ख़र्च नहीं है और ये किसी ख़ास नतीजे का वादा नहीं करते; जो ठीक लगे वही अपनाएँ।
शनि के लिए, शनिवार को सबसे अच्छा
शनि आपके लिए कठिन स्थान में है, जिसका असर घर, पारिवारिक शांति और संपत्ति पर है।
- बुज़ुर्गों या कड़ी शारीरिक मेहनत करने वालों की, जैसे भी हो सके, मदद करें।
- मान लें कि कुछ नतीजे धीरे आते हैं; रफ़्तार पर ज़ोर डाले बिना आगे बढ़ते रहें।
गुरु के लिए, गुरुवार को सबसे अच्छा
गुरु आपके लिए कठिन स्थान में है, जिसका असर आपकी ऊर्जा और आत्मविश्वास पर है।
- ज़रूरत से ज़्यादा वादे करने और खुद पर क्षमता से ज़्यादा बोझ लेने से बचें; उतने ही वादे करें जितने निभा सकें।
- बड़े फ़ैसलों से पहले किसी भरोसेमंद बड़े की सलाह लें।
ध्यान देने योग्य तिथियाँ
- 6 सितंबर 2015
मार्गी: 6 सितंबर: शुक्र कर्क राशि में, आपके बारहवें भाव में मार्गी होता है। रुके हुए काम फिर आगे बढ़ने लगते हैं।
शुक्र खर्च, आराम और भीतर का जीवन पर फिर आगे बढ़ता है, इसलिए यहाँ जो अटका था वह चलने लगता है।
क्या करें: रुका हुआ काम फिर शुरू करें, और हस्ताक्षर या शुरुआत से पहले एक-दो दिन रुकें।
- 13 सितंबर 2015
सूर्य ग्रहण: 13 सितंबर: सिंह राशि में, आपके पहले भाव में सूर्यग्रहण। दिन शांति से बिताएँ और नई शुरुआत से बचें।
ग्रहण आपकी ऊर्जा और आत्मविश्वास पर पड़ता है, जिससे यह कुछ दिनों के लिए नाज़ुक जगह बन जाती है।
क्या करें: दिन शांत रखें और नई शुरुआत, बड़ी ख़रीद और हस्ताक्षर से बचें।
- 15 सितंबर 2015
राशि परिवर्तन: 15 सितंबर: मंगल सिंह राशि में, आपके पहले भाव में प्रवेश करता है।
मंगल आपके लिए कठिन स्थान में आता है, जिसका असर आपकी ऊर्जा और आत्मविश्वास पर होता है।
क्या करें: इस तिथि से इस क्षेत्र में धीरे चलें और हामी भरने से पहले दोबारा जाँच लें।
- 17 सितंबर 2015
राशि परिवर्तन: 17 सितंबर: सूर्य कन्या राशि में, आपके दूसरे भाव में प्रवेश करता है।
सूर्य आपके लिए कठिन स्थान में आता है, जिसका असर धन, परिवार और वाणी पर होता है।
क्या करें: इस तिथि से इस क्षेत्र में धीरे चलें और हामी भरने से पहले दोबारा जाँच लें।
- 17 सितंबर 2015
वक्री: 17 सितंबर: बुध कन्या राशि में, आपके दूसरे भाव में वक्री होता है। नई शुरुआत के बजाय समीक्षा का समय।
बुध धन, परिवार और वाणी पर धीमा होता है, इसलिए इस क्षेत्र की पुरानी बातें दोबारा सामने आती हैं।
क्या करें: कुछ नया शुरू करने के बजाय पुराना काम दोहराएँ, सुधारें और पूरा करें।
- 28 सितंबर 2015
चंद्र ग्रहण: 28 सितंबर: मीन राशि में, आपके आठवें भाव में चंद्रग्रहण। दिन शांत रखें और बड़े फ़ैसलों से बचें।
ग्रहण साझा धन और अचानक बदलाव पर पड़ता है, जिससे यह कुछ दिनों के लिए नाज़ुक जगह बन जाती है।
क्या करें: दिन शांत रखें और नई शुरुआत, बड़ी ख़रीद और हस्ताक्षर से बचें।
ये बातें उन सभी पर लागू होती हैं जिनका चंद्रमा सिंह राशि में है, और केवल प्रवृत्तियाँ बताती हैं। आपकी अपनी जन्म कुंडली, अपने भावों और दशाओं के साथ, अलग बात कह सकती है।
इस राशि के लिए और | सभी 12 राशियाँ
सभी फलादेश और परिणाम सांकेतिक हैं, जो चंद्र राशि और शास्त्रीय नियमों से हमारी गणनाओं में यथासंभव सावधानी से निकाले गए हैं। ये व्यक्तिगत फलादेश नहीं हैं, न ही चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह, और इन पर लिए गए निर्णयों की कोई ज़िम्मेदारी यह वेबसाइट या इसके पीछे का व्यवसाय नहीं लेता। इन भविष्यवाणियों का उपयोग कैसे करें, यह पढ़ें।