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सिंह (Leo) वार्षिक राशिफल 2018 - मिश्रित

सिंह चंद्र राशि का 2018 का वार्षिक राशिफल। साल का रूप मुख्य रूप से धीमे ग्रह तय करते हैं: गुरु, शनि, राहु और केतु, और साल के ग्रहण। यहाँ हर एक को उसकी तिथियों के साथ आपकी चंद्र राशि से पढ़ा गया है।

यह साल मिला-जुला है: कुछ काम आसानी से चलते हैं और कुछ में धैर्य चाहिए। जो चल रहा है उस पर भरोसा रखें और धीमे कामों को एक-एक कदम लें।

साल कैसा रहेगा

  1. साल का पहला भाग: 1 जनवरी से 30 जून

    मिश्रित

    यह समय आसानी और धीमी गति का मेल है।

    केतु यहाँ आपके पक्ष में काम करता है और रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम में मदद करता है।

    शनि, गुरु और राहु कहते हैं कि पढ़ाई, संतान और रचनात्मक योजनाएँ के साथ-साथ मेहनत, साहस और छोटी यात्राएँ में सावधानी से चलें।

    31 जनवरी, 16 फ़रवरी, 9 मार्च और 18 अप्रैल के आसपास बदलाव आता है; नीचे ध्यान देने योग्य तिथियाँ देखें।

  2. साल का दूसरा भाग: 1 जुलाई से 31 दिसंबर

    मिश्रित

    यह समय आसानी और धीमी गति का मेल है।

    केतु यहाँ आपके पक्ष में काम करता है और रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम में मदद करता है।

    शनि, गुरु और राहु कहते हैं कि पढ़ाई, संतान और रचनात्मक योजनाएँ के साथ-साथ मेहनत, साहस और छोटी यात्राएँ में सावधानी से चलें।

    10 जुलाई, 13 जुलाई, 28 जुलाई, 11 अगस्त, 6 सितंबर और 11 अक्टूबर के आसपास बदलाव आता है; नीचे ध्यान देने योग्य तिथियाँ देखें।

शनि आपके पाँचवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:पढ़ाईरिश्ते

शनि पूरे साल धनु राशि में रहता है।

शनि मेहनत, अनुशासन, कर्तव्य और धैर्य का प्रतीक है। वह लगातार मेहनत का फल देता है और शॉर्टकट को धीमा करता है।

पाँचवें भाव में शनि पढ़ाई और रचनात्मक योजनाओं को धीमा कर सकता है और बच्चों को लेकर चिंता ला सकता है। सट्टे से बचें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • पढ़ाई: ध्यान बिखर सकता है; एक समय में एक विषय लें और अच्छे से दोहराएँ।
  • रिश्ते: ग़लतफ़हमी आसानी से हो सकती है; ज़्यादा सुनें और दूसरों को जगह दें।

गुरु आपके तीसरे भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:करियर

गुरु 11 अक्टूबर 2018 तक तुला राशि में है।

गुरु विकास, ज्ञान, मार्गदर्शन, सौभाग्य, संतान और शिक्षकों का प्रतीक है। साल का सबसे बड़ा सहायक यही है।

तीसरे भाव में गुरु प्रयासों को धीमा कर सकता है और स्थान परिवर्तन ला सकता है। योजनाएँ लचीली रखें और स्थिरता से आगे बढ़ें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • करियर: काम पर दबाव या खींचतान बढ़ सकती है; जो शुरू किया है उसे पूरा करें और शांत रहें।

गुरु आपके चौथे भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:परिवार और घर

गुरु 11 अक्टूबर 2018 को वृश्चिक राशि में प्रवेश करता है।

गुरु विकास, ज्ञान, मार्गदर्शन, सौभाग्य, संतान और शिक्षकों का प्रतीक है। साल का सबसे बड़ा सहायक यही है।

चौथे भाव में गुरु घर या पारिवारिक मामलों को लेकर चिंता ला सकता है। धैर्य और दया से बातें संभली रहती हैं।

आपके लिए इसका अर्थ

  • परिवार और घर: घर में छोटी-मोटी खटपट संभव है; धैर्य और मीठे शब्द काम आते हैं।

राहु आपके बारहवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:आध्यात्मिक जीवनधन

राहु पूरे साल कर्क राशि में रहता है।

राहु महत्वाकांक्षा, और पाने की भूख, नए और अनोखे का प्रतीक है। वह अचानक अवसर और बेचैनी ला सकता है।

बारहवें भाव में राहु खर्च बढ़ा सकता है और आपको जानी-पहचानी ज़मीन से दूर ले जा सकता है। खर्चों पर और जिन पर भरोसा करते हैं उन पर नज़र रखें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • आध्यात्मिक जीवन: मन उदास या अशांत लग सकता है; शांत दिनचर्या और प्रार्थना मन को स्थिर करती है।
  • धन: खर्च बढ़ सकता है; बड़ी ख़रीद, उधार देने और जोखिम भरे दाँव से बचें।

केतु आपके छठे भाव में

शुभ
जीवन के क्षेत्र:करियर

केतु पूरे साल मकर राशि में रहता है।

केतु छोड़ने, वैराग्य और भीतर के जीवन का प्रतीक है। वह शांत समझ और सांसारिक बातों से दूर होने का खिंचाव ला सकता है।

छठे भाव में केतु प्रतिद्वंद्वियों पर जीत और रुके काम पूरे करने में मदद करता है। अनुशासन से नतीजे मिलते हैं।

आपके लिए इसका अर्थ

  • करियर: काम पर ध्यान जाता है; ज़्यादा ज़िम्मेदारी लेने या विचार रखने का अच्छा समय।

शनि, साढ़ेसाती और ढैय्या

इस अवधि में आपकी राशि पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या नहीं है।

इस साल का उपाय

उन ग्रहों के लिए छोटे, स्वैच्छिक अभ्यास जो इस साल सबसे ज़्यादा सावधानी माँगते हैं। इनमें कोई ख़र्च नहीं है और ये किसी ख़ास नतीजे का वादा नहीं करते; जो ठीक लगे वही अपनाएँ।

शनि के लिए, शनिवार को सबसे अच्छा

शनि आपके लिए कठिन स्थान में है, जिसका असर पढ़ाई, संतान और रचनात्मक योजनाएँ पर है।

  • बुज़ुर्गों या कड़ी शारीरिक मेहनत करने वालों की, जैसे भी हो सके, मदद करें।
  • मान लें कि कुछ नतीजे धीरे आते हैं; रफ़्तार पर ज़ोर डाले बिना आगे बढ़ते रहें।

गुरु के लिए, गुरुवार को सबसे अच्छा

गुरु आपके लिए कठिन स्थान में है, जिसका असर मेहनत, साहस और छोटी यात्राएँ पर है।

  • ज़रूरत से ज़्यादा वादे करने और खुद पर क्षमता से ज़्यादा बोझ लेने से बचें; उतने ही वादे करें जितने निभा सकें।
  • बड़े फ़ैसलों से पहले किसी भरोसेमंद बड़े की सलाह लें।

ध्यान देने योग्य तिथियाँ

  • 31 जनवरी 2018

    चंद्र ग्रहण: 31 जनवरी 2018: कर्क राशि में, आपके बारहवें भाव में चंद्रग्रहण। दिन शांत रखें और बड़े फ़ैसलों से बचें।

    ग्रहण खर्च, आराम और भीतर का जीवन पर पड़ता है, जिससे यह कुछ दिनों के लिए नाज़ुक जगह बन जाती है।

    क्या करें: दिन शांत रखें और नई शुरुआत, बड़ी ख़रीद और हस्ताक्षर से बचें।

  • 16 फ़रवरी 2018

    सूर्य ग्रहण: 16 फ़रवरी 2018: कुंभ राशि में, आपके सातवें भाव में सूर्यग्रहण। दिन शांति से बिताएँ और नई शुरुआत से बचें।

    ग्रहण साझेदारी और दूसरों से लेन-देन पर पड़ता है, जिससे यह कुछ दिनों के लिए नाज़ुक जगह बन जाती है।

    क्या करें: दिन शांत रखें और नई शुरुआत, बड़ी ख़रीद और हस्ताक्षर से बचें।

  • 9 मार्च 2018

    वक्री: 9 मार्च 2018: गुरु तुला राशि में, आपके तीसरे भाव में वक्री होता है। नई शुरुआत के बजाय समीक्षा का समय।

    गुरु मेहनत, साहस और छोटी यात्राएँ पर धीमा होता है, इसलिए इस क्षेत्र की पुरानी बातें दोबारा सामने आती हैं।

    क्या करें: कुछ नया शुरू करने के बजाय पुराना काम दोहराएँ, सुधारें और पूरा करें।

  • 18 अप्रैल 2018

    वक्री: 18 अप्रैल 2018: शनि धनु राशि में, आपके पाँचवें भाव में वक्री होता है। नई शुरुआत के बजाय समीक्षा का समय।

    शनि पढ़ाई, संतान और रचनात्मक योजनाएँ पर धीमा होता है, इसलिए इस क्षेत्र की पुरानी बातें दोबारा सामने आती हैं।

    क्या करें: कुछ नया शुरू करने के बजाय पुराना काम दोहराएँ, सुधारें और पूरा करें।

  • 10 जुलाई 2018

    मार्गी: 10 जुलाई 2018: गुरु तुला राशि में, आपके तीसरे भाव में मार्गी होता है। रुके हुए काम फिर आगे बढ़ने लगते हैं।

    गुरु मेहनत, साहस और छोटी यात्राएँ पर फिर आगे बढ़ता है, इसलिए यहाँ जो अटका था वह चलने लगता है।

    क्या करें: रुका हुआ काम फिर शुरू करें, और हस्ताक्षर या शुरुआत से पहले एक-दो दिन रुकें।

  • 13 जुलाई 2018

    सूर्य ग्रहण: 13 जुलाई 2018: मिथुन राशि में, आपके ग्यारहवें भाव में सूर्यग्रहण। दिन शांति से बिताएँ और नई शुरुआत से बचें।

    ग्रहण आय, लाभ और मित्र पर पड़ता है, जिससे यह कुछ दिनों के लिए नाज़ुक जगह बन जाती है।

    क्या करें: दिन शांत रखें और नई शुरुआत, बड़ी ख़रीद और हस्ताक्षर से बचें।

  • 28 जुलाई 2018

    चंद्र ग्रहण: 28 जुलाई 2018: मकर राशि में, आपके छठे भाव में चंद्रग्रहण। दिन शांत रखें और बड़े फ़ैसलों से बचें।

    ग्रहण रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम पर पड़ता है, जिससे यह कुछ दिनों के लिए नाज़ुक जगह बन जाती है।

    क्या करें: दिन शांत रखें और नई शुरुआत, बड़ी ख़रीद और हस्ताक्षर से बचें।

  • 11 अगस्त 2018

    सूर्य ग्रहण: 11 अगस्त 2018: कर्क राशि में, आपके बारहवें भाव में सूर्यग्रहण। दिन शांति से बिताएँ और नई शुरुआत से बचें।

    ग्रहण खर्च, आराम और भीतर का जीवन पर पड़ता है, जिससे यह कुछ दिनों के लिए नाज़ुक जगह बन जाती है।

    क्या करें: दिन शांत रखें और नई शुरुआत, बड़ी ख़रीद और हस्ताक्षर से बचें।

  • 6 सितंबर 2018

    मार्गी: 6 सितंबर 2018: शनि धनु राशि में, आपके पाँचवें भाव में मार्गी होता है। रुके हुए काम फिर आगे बढ़ने लगते हैं।

    शनि पढ़ाई, संतान और रचनात्मक योजनाएँ पर फिर आगे बढ़ता है, इसलिए यहाँ जो अटका था वह चलने लगता है।

    क्या करें: रुका हुआ काम फिर शुरू करें, और हस्ताक्षर या शुरुआत से पहले एक-दो दिन रुकें।

  • 11 अक्टूबर 2018

    राशि परिवर्तन: 11 अक्टूबर 2018: गुरु वृश्चिक राशि में, आपके चौथे भाव में प्रवेश करता है।

    गुरु आपके लिए कठिन स्थान में आता है, जिसका असर घर, पारिवारिक शांति और संपत्ति पर होता है।

    क्या करें: इस तिथि से इस क्षेत्र में धीरे चलें और हामी भरने से पहले दोबारा जाँच लें।

ये बातें उन सभी पर लागू होती हैं जिनका चंद्रमा सिंह राशि में है, और केवल प्रवृत्तियाँ बताती हैं। आपकी अपनी जन्म कुंडली, अपने भावों और दशाओं के साथ, अलग बात कह सकती है।

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