तुला (Libra) मासिक राशिफल: अक्टूबर 2020 - सावधानी
तुला चंद्र राशि का अक्टूबर 2020 का मासिक राशिफल। हर ग्रह आपकी चंद्र राशि से गिना गया है, साथ में वे तिथियाँ भी हैं जब वह राशि या चाल बदलता है, ताकि आप देख सकें कि महीना कैसे आगे बढ़ता है।
यह महीना ज़्यादातर समय से अधिक सावधानी माँगता है। कई महत्वपूर्ण ग्रह कठिन स्थानों में हैं, इसलिए नियमित काम पर टिके रहें, जल्दबाज़ी के फ़ैसलों से बचें और चीज़ों को समय दें।
महीना कैसा रहेगा
पहला पखवाड़ा: 1 अक्टूबर से 15 अक्टूबर
सावधानीयह समय धैर्य और सावधानी माँगता है।
मंगल यहाँ आपके पक्ष में काम करता है और रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम में मदद करता है।
शनि, गुरु, राहु, केतु, मंगल, सूर्य और बुध कहते हैं कि घर, पारिवारिक शांति और संपत्ति के साथ-साथ मेहनत, साहस और छोटी यात्राएँ में सावधानी से चलें।
शुक्र आय, लाभ और मित्र में मदद करना चाहता है, पर अभी रुका हुआ है, इसलिए नतीजे धीरे आएँगे।
4 अक्टूबर और 14 अक्टूबर के आसपास बदलाव आता है; नीचे ध्यान देने योग्य तिथियाँ देखें।
दूसरा पखवाड़ा: 16 अक्टूबर से 31 अक्टूबर
सावधानीयह समय धैर्य और सावधानी माँगता है।
मंगल यहाँ आपके पक्ष में काम करता है और रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम में मदद करता है।
शनि, गुरु, राहु, केतु, सूर्य और बुध कहते हैं कि घर, पारिवारिक शांति और संपत्ति के साथ-साथ मेहनत, साहस और छोटी यात्राएँ में सावधानी से चलें।
शुक्र आय, लाभ और मित्र के साथ-साथ खर्च, आराम और भीतर का जीवन में मदद करना चाहता है, पर अभी रुका हुआ है, इसलिए नतीजे धीरे आएँगे।
17 अक्टूबर और 23 अक्टूबर के आसपास बदलाव आता है; नीचे ध्यान देने योग्य तिथियाँ देखें।
शनि आपके चौथे भाव में
सावधानीजीवन के क्षेत्र:परिवार और घर
शनि पूरे महीने मकर राशि में रहता है।
शनि मेहनत, अनुशासन, कर्तव्य और धैर्य का प्रतीक है। वह लगातार मेहनत का फल देता है और शॉर्टकट को धीमा करता है।
चौथे भाव में शनि घर में बेचैनी और संपत्ति के मामलों में देरी ला सकता है। पारिवारिक ज़िम्मेदारियाँ धैर्य से निभाएँ।
आपके लिए इसका अर्थ
- परिवार और घर: घर में छोटी-मोटी खटपट संभव है; धैर्य और मीठे शब्द काम आते हैं।
गुरु आपके तीसरे भाव में
सावधानीजीवन के क्षेत्र:करियर
गुरु पूरे महीने धनु राशि में रहता है।
गुरु विकास, ज्ञान, मार्गदर्शन, सौभाग्य, संतान और शिक्षकों का प्रतीक है। साल का सबसे बड़ा सहायक यही है।
तीसरे भाव में गुरु प्रयासों को धीमा कर सकता है और स्थान परिवर्तन ला सकता है। योजनाएँ लचीली रखें और स्थिरता से आगे बढ़ें।
आपके लिए इसका अर्थ
- करियर: काम पर दबाव या खींचतान बढ़ सकती है; जो शुरू किया है उसे पूरा करें और शांत रहें।
राहु आपके आठवें भाव में
सावधानीजीवन के क्षेत्र:धन
राहु पूरे महीने वृषभ राशि में रहता है।
राहु महत्वाकांक्षा, और पाने की भूख, नए और अनोखे का प्रतीक है। वह अचानक अवसर और बेचैनी ला सकता है।
आठवें भाव में राहु अचानक बदलावों और साझा धन में सावधानी माँगता है। गोपनीयता और जोखिम भरी योजनाओं से बचें।
आपके लिए इसका अर्थ
- धन: खर्च बढ़ सकता है; बड़ी ख़रीद, उधार देने और जोखिम भरे दाँव से बचें।
केतु आपके दूसरे भाव में
सावधानीजीवन के क्षेत्र:धनपरिवार और घर
केतु पूरे महीने वृश्चिक राशि में रहता है।
केतु छोड़ने, वैराग्य और भीतर के जीवन का प्रतीक है। वह शांत समझ और सांसारिक बातों से दूर होने का खिंचाव ला सकता है।
दूसरे भाव में केतु लापरवाह शब्द और अस्थिर धन ला सकता है। बोलने से पहले सोचें और बचत सुरक्षित रखें।
आपके लिए इसका अर्थ
- धन: खर्च बढ़ सकता है; बड़ी ख़रीद, उधार देने और जोखिम भरे दाँव से बचें।
- परिवार और घर: घर में छोटी-मोटी खटपट संभव है; धैर्य और मीठे शब्द काम आते हैं।
मंगल आपके सातवें भाव में
सावधानीजीवन के क्षेत्र:रिश्ते
मंगल 4 अक्टूबर तक मेष राशि में है।
मंगल ऊर्जा, जोश, साहस और झगड़ों को आप कैसे संभालते हैं, इसका प्रतीक है।
सातवें भाव में मंगल जीवनसाथी या व्यावसायिक साथियों से टकराव ला सकता है। बहस से बचें और दूसरों को जगह दें।
आपके लिए इसका अर्थ
- रिश्ते: ग़लतफ़हमी आसानी से हो सकती है; ज़्यादा सुनें और दूसरों को जगह दें।
मंगल आपके छठे भाव में
शुभजीवन के क्षेत्र:करियर
मंगल 4 अक्टूबर को मीन राशि में प्रवेश करता है।
मंगल ऊर्जा, जोश, साहस और झगड़ों को आप कैसे संभालते हैं, इसका प्रतीक है।
छठे भाव में मंगल प्रतिद्वंद्वियों और प्रतिस्पर्धा पर जीत दिलाता है। रुका काम आगे बढ़ता है और कर्ज़ घटाया जा सकता है।
आपके लिए इसका अर्थ
- करियर: काम पर ध्यान जाता है; ज़्यादा ज़िम्मेदारी लेने या विचार रखने का अच्छा समय।
सूर्य आपके बारहवें भाव में
सावधानीजीवन के क्षेत्र:आध्यात्मिक जीवनधन
सूर्य 17 अक्टूबर तक कन्या राशि में है।
सूर्य आत्मविश्वास, अधिकार, सम्मान और पिता तथा ऊँचे पद के लोगों से आपके संबंध का प्रतीक है।
बारहवें भाव में सूर्य खर्च बढ़ा सकता है और मेहनत का फल कम लग सकता है। आराम करने, चुपचाप योजना बनाने और भीतर झाँकने का अच्छा समय है।
आपके लिए इसका अर्थ
- आध्यात्मिक जीवन: मन उदास या अशांत लग सकता है; शांत दिनचर्या और प्रार्थना मन को स्थिर करती है।
- धन: खर्च बढ़ सकता है; बड़ी ख़रीद, उधार देने और जोखिम भरे दाँव से बचें।
सूर्य आपके पहले भाव में
सावधानी
सूर्य 17 अक्टूबर को तुला राशि में प्रवेश करता है।
सूर्य आत्मविश्वास, अधिकार, सम्मान और पिता तथा ऊँचे पद के लोगों से आपके संबंध का प्रतीक है।
आपकी अपनी राशि में सूर्य बेचैनी और जल्दी प्रतिक्रिया देने की प्रवृत्ति ला सकता है। योजनाएँ सीमित रखें और परिवार व सहकर्मियों से व्यवहार में अहं से बचें।
आपके लिए इसका अर्थ
- आप: मन और ऊर्जा कम हो सकते हैं; अच्छा आराम करें और जल्दबाज़ी में प्रतिक्रिया न दें।
बुध आपके पहले भाव में
सावधानी
बुध पूरे महीने तुला राशि में रहता है।
बुध बातचीत, पढ़ाई, व्यापार, काग़ज़ी काम और तेज़ सोच का प्रतीक है।
आपकी अपनी राशि में बुध ध्यान बिखेर सकता है। बारीकियाँ दो बार जाँचें और लापरवाह शब्दों से बचें।
आपके लिए इसका अर्थ
- आप: मन और ऊर्जा कम हो सकते हैं; अच्छा आराम करें और जल्दबाज़ी में प्रतिक्रिया न दें।
शुक्र आपके ग्यारहवें भाव में
रुका हुआजीवन के क्षेत्र:धन
शुक्र 23 अक्टूबर तक सिंह राशि में है।
शुक्र प्रेम, सुख-सुविधा, सुंदरता, आनंद और साझेदारी का प्रतीक है।
ग्यारहवें भाव में शुक्र लाभ, मित्रता और इच्छापूर्ति लाता है। सामाजिक जीवन के लिए अच्छा समय है।
फ़िलहाल गुरु शुक्र के शुभ फल में बाधा (वेध) डाल रहा है, इसलिए सुख और आनंद के पल इस स्थिति के वादे से कम हो सकते हैं।
आपके लिए इसका अर्थ
- धन: लाभ संभव है, पर देरी की संभावना है; अभी उस पर भरोसा न करें।
शुक्र आपके बारहवें भाव में
रुका हुआजीवन के क्षेत्र:आध्यात्मिक जीवनधन
शुक्र 23 अक्टूबर को कन्या राशि में प्रवेश करता है।
शुक्र प्रेम, सुख-सुविधा, सुंदरता, आनंद और साझेदारी का प्रतीक है।
बारहवें भाव में शुक्र सुख-सुविधा और सुखद खर्च लाता है। यात्रा और विश्राम आनंददायक हो सकते हैं, पर पैसों पर नज़र रखें।
फ़िलहाल मंगल शुक्र के शुभ फल में बाधा (वेध) डाल रहा है, इसलिए सुख और आनंद के पल इस स्थिति के वादे से कम हो सकते हैं।
आपके लिए इसका अर्थ
- आध्यात्मिक जीवन: गहराई में जाने की इच्छा है; रोज़ थोड़ा समय निकालें।
- धन: लाभ संभव है, पर देरी की संभावना है; अभी उस पर भरोसा न करें।
शनि, साढ़ेसाती और ढैय्या
कंटक शनि
शनि आपके चौथे भाव में है (कंटक शनि, दो ढैय्या में से एक)। घर और परिवार के मामले धैर्य माँगते हैं; संपत्ति के फ़ैसलों में जल्दबाज़ी न करें।
इस महीने का उपाय
उन ग्रहों के लिए छोटे, स्वैच्छिक अभ्यास जो इस महीना सबसे ज़्यादा सावधानी माँगते हैं। इनमें कोई ख़र्च नहीं है और ये किसी ख़ास नतीजे का वादा नहीं करते; जो ठीक लगे वही अपनाएँ।
शनि के लिए, शनिवार को सबसे अच्छा
शनि आपके लिए कठिन स्थान में है, जिसका असर घर, पारिवारिक शांति और संपत्ति पर है।
- बुज़ुर्गों या कड़ी शारीरिक मेहनत करने वालों की, जैसे भी हो सके, मदद करें।
- मान लें कि कुछ नतीजे धीरे आते हैं; रफ़्तार पर ज़ोर डाले बिना आगे बढ़ते रहें।
गुरु के लिए, गुरुवार को सबसे अच्छा
गुरु आपके लिए कठिन स्थान में है, जिसका असर मेहनत, साहस और छोटी यात्राएँ पर है।
- ज़रूरत से ज़्यादा वादे करने और खुद पर क्षमता से ज़्यादा बोझ लेने से बचें; उतने ही वादे करें जितने निभा सकें।
- बड़े फ़ैसलों से पहले किसी भरोसेमंद बड़े की सलाह लें।
ध्यान देने योग्य तिथियाँ
- 4 अक्टूबर 2020
राशि परिवर्तन: 4 अक्टूबर: मंगल मीन राशि में, आपके छठे भाव में प्रवेश करता है।
मंगल आपके लिए सहायक स्थान में आता है, जो रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम को सहारा देता है।
क्या करें: इसके बाद के दिनों में इस क्षेत्र में योजनाएँ शुरू करें या आगे बढ़ाएँ।
- 14 अक्टूबर 2020
वक्री: 14 अक्टूबर: बुध तुला राशि में, आपके पहले भाव में वक्री होता है। नई शुरुआत के बजाय समीक्षा का समय।
बुध आपकी ऊर्जा और आत्मविश्वास पर धीमा होता है, इसलिए इस क्षेत्र की पुरानी बातें दोबारा सामने आती हैं।
क्या करें: कुछ नया शुरू करने के बजाय पुराना काम दोहराएँ, सुधारें और पूरा करें।
- 17 अक्टूबर 2020
राशि परिवर्तन: 17 अक्टूबर: सूर्य तुला राशि में, आपके पहले भाव में प्रवेश करता है।
सूर्य आपके लिए कठिन स्थान में आता है, जिसका असर आपकी ऊर्जा और आत्मविश्वास पर होता है।
क्या करें: इस तिथि से इस क्षेत्र में धीरे चलें और हामी भरने से पहले दोबारा जाँच लें।
- 23 अक्टूबर 2020
राशि परिवर्तन: 23 अक्टूबर: शुक्र कन्या राशि में, आपके बारहवें भाव में प्रवेश करता है।
शुक्र आपके लिए सहायक स्थान में आता है, जो खर्च, आराम और भीतर का जीवन को सहारा देता है।
क्या करें: इसके बाद के दिनों में इस क्षेत्र में योजनाएँ शुरू करें या आगे बढ़ाएँ।
ये बातें उन सभी पर लागू होती हैं जिनका चंद्रमा तुला राशि में है, और केवल प्रवृत्तियाँ बताती हैं। आपकी अपनी जन्म कुंडली, अपने भावों और दशाओं के साथ, अलग बात कह सकती है।
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