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तुला (Libra) मासिक राशिफल: मई 2021 - मिश्रित

तुला चंद्र राशि का मई 2021 का मासिक राशिफल। हर ग्रह आपकी चंद्र राशि से गिना गया है, साथ में वे तिथियाँ भी हैं जब वह राशि या चाल बदलता है, ताकि आप देख सकें कि महीना कैसे आगे बढ़ता है।

यह महीना मिला-जुला है: कुछ काम आसानी से चलते हैं और कुछ में धैर्य चाहिए। जो चल रहा है उस पर भरोसा रखें और धीमे कामों को एक-एक कदम लें।

महीना कैसा रहेगा

  1. पहला पखवाड़ा: 1 मई से 15 मई

    मिश्रित

    यह समय आसानी और धीमी गति का मेल है।

    बुध यहाँ आपके पक्ष में काम करता है और साझा धन और अचानक बदलाव में मदद करता है।

    शनि, राहु, केतु, मंगल, सूर्य, बुध और शुक्र कहते हैं कि घर, पारिवारिक शांति और संपत्ति के साथ-साथ साझा धन और अचानक बदलाव में सावधानी से चलें।

    गुरु और शुक्र पढ़ाई, संतान और रचनात्मक योजनाएँ के साथ-साथ साझा धन और अचानक बदलाव में मदद करना चाहते हैं, पर अभी रुके हुए हैं, इसलिए नतीजे धीरे आएँगे।

    1 मई, 4 मई और 14 मई के आसपास बदलाव आता है; नीचे ध्यान देने योग्य तिथियाँ देखें।

  2. दूसरा पखवाड़ा: 16 मई से 31 मई

    मिश्रित

    यह समय आसानी और धीमी गति का मेल है।

    बुध और शुक्र यहाँ आपके पक्ष में काम करते हैं और साझा धन और अचानक बदलाव के साथ-साथ बड़े-बुज़ुर्ग, शिक्षक, आस्था और लंबी यात्राएँ में मदद करते हैं।

    शनि, राहु, केतु, मंगल, सूर्य और बुध कहते हैं कि घर, पारिवारिक शांति और संपत्ति के साथ-साथ साझा धन और अचानक बदलाव में सावधानी से चलें।

    गुरु और शुक्र पढ़ाई, संतान और रचनात्मक योजनाएँ के साथ-साथ साझा धन और अचानक बदलाव में मदद करना चाहते हैं, पर अभी रुके हुए हैं, इसलिए नतीजे धीरे आएँगे।

    23 मई, 26 मई, 29 मई और 30 मई के आसपास बदलाव आता है; नीचे ध्यान देने योग्य तिथियाँ देखें।

शनि आपके चौथे भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:परिवार और घर

शनि पूरे महीने मकर राशि में रहता है।

शनि मेहनत, अनुशासन, कर्तव्य और धैर्य का प्रतीक है। वह लगातार मेहनत का फल देता है और शॉर्टकट को धीमा करता है।

चौथे भाव में शनि घर में बेचैनी और संपत्ति के मामलों में देरी ला सकता है। पारिवारिक ज़िम्मेदारियाँ धैर्य से निभाएँ।

आपके लिए इसका अर्थ

  • परिवार और घर: घर में छोटी-मोटी खटपट संभव है; धैर्य और मीठे शब्द काम आते हैं।

गुरु आपके पाँचवें भाव में

रुका हुआ
जीवन के क्षेत्र:पढ़ाईरिश्ते

गुरु पूरे महीने कुंभ राशि में रहता है।

गुरु विकास, ज्ञान, मार्गदर्शन, सौभाग्य, संतान और शिक्षकों का प्रतीक है। साल का सबसे बड़ा सहायक यही है।

पाँचवें भाव में गुरु पढ़ाई, बच्चों और रचनात्मक काम के लिए अनुकूल है। सही निर्णय और ज्ञानी लोगों का साथ मिलता है।

फ़िलहाल शनि गुरु के शुभ फल में बाधा (वेध) डाल रहा है, इसलिए उसका साथ अपेक्षा से देर से और धीरे-धीरे मिल सकता है।

आपके लिए इसका अर्थ

  • पढ़ाई: पढ़ाई की मेहनत रंग लाती है, पर नतीजे दिखने में समय लगता है।
  • रिश्ते: दोनों ओर अच्छी नीयत है, पर योजनाएँ अभी पूरी न हो सकें।

राहु आपके आठवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:धन

राहु पूरे महीने वृषभ राशि में रहता है।

राहु महत्वाकांक्षा, और पाने की भूख, नए और अनोखे का प्रतीक है। वह अचानक अवसर और बेचैनी ला सकता है।

आठवें भाव में राहु अचानक बदलावों और साझा धन में सावधानी माँगता है। गोपनीयता और जोखिम भरी योजनाओं से बचें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • धन: खर्च बढ़ सकता है; बड़ी ख़रीद, उधार देने और जोखिम भरे दाँव से बचें।

केतु आपके दूसरे भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:धनपरिवार और घर

केतु पूरे महीने वृश्चिक राशि में रहता है।

केतु छोड़ने, वैराग्य और भीतर के जीवन का प्रतीक है। वह शांत समझ और सांसारिक बातों से दूर होने का खिंचाव ला सकता है।

दूसरे भाव में केतु लापरवाह शब्द और अस्थिर धन ला सकता है। बोलने से पहले सोचें और बचत सुरक्षित रखें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • धन: खर्च बढ़ सकता है; बड़ी ख़रीद, उधार देने और जोखिम भरे दाँव से बचें।
  • परिवार और घर: घर में छोटी-मोटी खटपट संभव है; धैर्य और मीठे शब्द काम आते हैं।

मंगल आपके नौवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:पढ़ाईआध्यात्मिक जीवन

मंगल पूरे महीने मिथुन राशि में रहता है।

मंगल ऊर्जा, जोश, साहस और झगड़ों को आप कैसे संभालते हैं, इसका प्रतीक है।

नौवें भाव में मंगल बड़ों और गुरुओं से मतभेद और लंबी यात्राओं की योजनाओं में रुकावट ला सकता है। धैर्य सहायक है।

आपके लिए इसका अर्थ

  • पढ़ाई: ध्यान बिखर सकता है; एक समय में एक विषय लें और अच्छे से दोहराएँ।
  • आध्यात्मिक जीवन: मन उदास या अशांत लग सकता है; शांत दिनचर्या और प्रार्थना मन को स्थिर करती है।

सूर्य आपके सातवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:रिश्ते

सूर्य 14 मई तक मेष राशि में है।

सूर्य आत्मविश्वास, अधिकार, सम्मान और पिता तथा ऊँचे पद के लोगों से आपके संबंध का प्रतीक है।

सातवें भाव में सूर्य साझेदारी और यात्रा की योजनाओं में तनाव ला सकता है। जीवनसाथी और व्यावसायिक साथियों को सामान्य से अधिक जगह दें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • रिश्ते: ग़लतफ़हमी आसानी से हो सकती है; ज़्यादा सुनें और दूसरों को जगह दें।

सूर्य आपके आठवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:धन

सूर्य 14 मई को वृषभ राशि में प्रवेश करता है।

सूर्य आत्मविश्वास, अधिकार, सम्मान और पिता तथा ऊँचे पद के लोगों से आपके संबंध का प्रतीक है।

आठवें भाव में सूर्य सावधानी माँगता है। साझा धन और अचानक बदलावों पर ध्यान दें; झगड़ों और जल्दबाज़ी के फ़ैसलों से बचें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • धन: खर्च बढ़ सकता है; बड़ी ख़रीद, उधार देने और जोखिम भरे दाँव से बचें।

बुध आपके सातवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:रिश्ते

बुध 1 मई तक मेष राशि में है।

बुध बातचीत, पढ़ाई, व्यापार, काग़ज़ी काम और तेज़ सोच का प्रतीक है।

सातवें भाव में बुध जीवनसाथी से या व्यावसायिक सौदों में गलतफ़हमी ला सकता है। बातें साफ़-साफ़ कहें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • रिश्ते: ग़लतफ़हमी आसानी से हो सकती है; ज़्यादा सुनें और दूसरों को जगह दें।

बुध आपके आठवें भाव में

शुभ
जीवन के क्षेत्र:धन

बुध 1 मई से 26 मई तक वृषभ राशि में है।

बुध बातचीत, पढ़ाई, व्यापार, काग़ज़ी काम और तेज़ सोच का प्रतीक है।

आठवें भाव में बुध अप्रत्याशित लाभ और शोध में सफलता ला सकता है। साझा धन के मामले सुलझाने का अच्छा समय है।

आपके लिए इसका अर्थ

  • धन: आय और लाभ बेहतर होने की संभावना; बचत की योजना बनाने का अच्छा समय।

बुध आपके नौवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:पढ़ाईआध्यात्मिक जीवन

बुध 26 मई को मिथुन राशि में प्रवेश करता है।

बुध बातचीत, पढ़ाई, व्यापार, काग़ज़ी काम और तेज़ सोच का प्रतीक है।

नौवें भाव में बुध उच्च शिक्षा और लंबी योजनाओं में रुकावट ला सकता है। कदम-दर-कदम चलें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • पढ़ाई: ध्यान बिखर सकता है; एक समय में एक विषय लें और अच्छे से दोहराएँ।
  • आध्यात्मिक जीवन: मन उदास या अशांत लग सकता है; शांत दिनचर्या और प्रार्थना मन को स्थिर करती है।

शुक्र आपके सातवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:रिश्ते

शुक्र 4 मई तक मेष राशि में है।

शुक्र प्रेम, सुख-सुविधा, सुंदरता, आनंद और साझेदारी का प्रतीक है।

सातवें भाव में शुक्र साझेदारी में टकराव ला सकता है। धैर्य रखें और जीवनसाथी से गलतफ़हमी जल्दी दूर करें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • रिश्ते: ग़लतफ़हमी आसानी से हो सकती है; ज़्यादा सुनें और दूसरों को जगह दें।

शुक्र आपके आठवें भाव में

रुका हुआ
जीवन के क्षेत्र:धन

शुक्र 4 मई से 29 मई तक वृषभ राशि में है।

शुक्र प्रेम, सुख-सुविधा, सुंदरता, आनंद और साझेदारी का प्रतीक है।

आठवें भाव में शुक्र अप्रत्याशित लाभ और सुख-सुविधा ला सकता है। साझा धन और विरासत के मामले अच्छे चलते हैं।

फ़िलहाल गुरु शुक्र के शुभ फल में बाधा (वेध) डाल रहा है, इसलिए सुख और आनंद के पल इस स्थिति के वादे से कम हो सकते हैं।

आपके लिए इसका अर्थ

  • धन: लाभ संभव है, पर देरी की संभावना है; अभी उस पर भरोसा न करें।

शुक्र आपके नौवें भाव में

शुभ
जीवन के क्षेत्र:पढ़ाईआध्यात्मिक जीवन

शुक्र 29 मई को मिथुन राशि में प्रवेश करता है।

शुक्र प्रेम, सुख-सुविधा, सुंदरता, आनंद और साझेदारी का प्रतीक है।

नौवें भाव में शुक्र आस्था, अच्छे कर्मों और सुखद यात्राओं के लिए अनुकूल है। भाग्य साथ देता है।

आपके लिए इसका अर्थ

  • पढ़ाई: पढ़ाई, प्रशिक्षण और रचनात्मक काम अच्छे चलते हैं; नया कोर्स शुरू करने का अच्छा समय।
  • आध्यात्मिक जीवन: प्रार्थना, चिंतन और दूसरों की मदद संतोष देते हैं।

शनि, साढ़ेसाती और ढैय्या

कंटक शनि

शनि आपके चौथे भाव में है (कंटक शनि, दो ढैय्या में से एक)। घर और परिवार के मामले धैर्य माँगते हैं; संपत्ति के फ़ैसलों में जल्दबाज़ी न करें।

इस महीने का उपाय

उन ग्रहों के लिए छोटे, स्वैच्छिक अभ्यास जो इस महीना सबसे ज़्यादा सावधानी माँगते हैं। इनमें कोई ख़र्च नहीं है और ये किसी ख़ास नतीजे का वादा नहीं करते; जो ठीक लगे वही अपनाएँ।

शनि के लिए, शनिवार को सबसे अच्छा

शनि आपके लिए कठिन स्थान में है, जिसका असर घर, पारिवारिक शांति और संपत्ति पर है।

  • बुज़ुर्गों या कड़ी शारीरिक मेहनत करने वालों की, जैसे भी हो सके, मदद करें।
  • मान लें कि कुछ नतीजे धीरे आते हैं; रफ़्तार पर ज़ोर डाले बिना आगे बढ़ते रहें।

राहु के लिए, शनिवार को सबसे अच्छा

राहु आपके लिए कठिन स्थान में है, जिसका असर साझा धन और अचानक बदलाव पर है।

  • शॉर्टकट और आधे-अधूरे सच से बचें, चाहे वे छोटे ही क्यों न हों।
  • बेचैनी में फ़ोन स्क्रॉल करना और ख़बरें देखना सीमित करें; सीधे-सादे, मन को टिकाने वाले कामों में समय लगाएँ।

ध्यान देने योग्य तिथियाँ

  • 1 मई 2021

    राशि परिवर्तन: 1 मई: बुध वृषभ राशि में, आपके आठवें भाव में प्रवेश करता है।

    बुध आपके लिए सहायक स्थान में आता है, जो साझा धन और अचानक बदलाव को सहारा देता है।

    क्या करें: इसके बाद के दिनों में इस क्षेत्र में योजनाएँ शुरू करें या आगे बढ़ाएँ।

  • 4 मई 2021

    राशि परिवर्तन: 4 मई: शुक्र वृषभ राशि में, आपके आठवें भाव में प्रवेश करता है।

    शुक्र आपके लिए सहायक स्थान में आता है, जो साझा धन और अचानक बदलाव को सहारा देता है।

    क्या करें: इसके बाद के दिनों में इस क्षेत्र में योजनाएँ शुरू करें या आगे बढ़ाएँ।

  • 14 मई 2021

    राशि परिवर्तन: 14 मई: सूर्य वृषभ राशि में, आपके आठवें भाव में प्रवेश करता है।

    सूर्य आपके लिए कठिन स्थान में आता है, जिसका असर साझा धन और अचानक बदलाव पर होता है।

    क्या करें: इस तिथि से इस क्षेत्र में धीरे चलें और हामी भरने से पहले दोबारा जाँच लें।

  • 23 मई 2021

    वक्री: 23 मई: शनि मकर राशि में, आपके चौथे भाव में वक्री होता है। नई शुरुआत के बजाय समीक्षा का समय।

    शनि घर, पारिवारिक शांति और संपत्ति पर धीमा होता है, इसलिए इस क्षेत्र की पुरानी बातें दोबारा सामने आती हैं।

    क्या करें: कुछ नया शुरू करने के बजाय पुराना काम दोहराएँ, सुधारें और पूरा करें।

  • 26 मई 2021

    राशि परिवर्तन: 26 मई: बुध मिथुन राशि में, आपके नौवें भाव में प्रवेश करता है।

    बुध आपके लिए कठिन स्थान में आता है, जिसका असर बड़े-बुज़ुर्ग, शिक्षक, आस्था और लंबी यात्राएँ पर होता है।

    क्या करें: इस तिथि से इस क्षेत्र में धीरे चलें और हामी भरने से पहले दोबारा जाँच लें।

  • 26 मई 2021

    चंद्र ग्रहण: 26 मई: वृश्चिक राशि में, आपके दूसरे भाव में चंद्रग्रहण। दिन शांत रखें और बड़े फ़ैसलों से बचें।

    ग्रहण धन, परिवार और वाणी पर पड़ता है, जिससे यह कुछ दिनों के लिए नाज़ुक जगह बन जाती है।

    क्या करें: दिन शांत रखें और नई शुरुआत, बड़ी ख़रीद और हस्ताक्षर से बचें।

  • 29 मई 2021

    राशि परिवर्तन: 29 मई: शुक्र मिथुन राशि में, आपके नौवें भाव में प्रवेश करता है।

    शुक्र आपके लिए सहायक स्थान में आता है, जो बड़े-बुज़ुर्ग, शिक्षक, आस्था और लंबी यात्राएँ को सहारा देता है।

    क्या करें: इसके बाद के दिनों में इस क्षेत्र में योजनाएँ शुरू करें या आगे बढ़ाएँ।

  • 30 मई 2021

    वक्री: 30 मई: बुध मिथुन राशि में, आपके नौवें भाव में वक्री होता है। नई शुरुआत के बजाय समीक्षा का समय।

    बुध बड़े-बुज़ुर्ग, शिक्षक, आस्था और लंबी यात्राएँ पर धीमा होता है, इसलिए इस क्षेत्र की पुरानी बातें दोबारा सामने आती हैं।

    क्या करें: कुछ नया शुरू करने के बजाय पुराना काम दोहराएँ, सुधारें और पूरा करें।

ये बातें उन सभी पर लागू होती हैं जिनका चंद्रमा तुला राशि में है, और केवल प्रवृत्तियाँ बताती हैं। आपकी अपनी जन्म कुंडली, अपने भावों और दशाओं के साथ, अलग बात कह सकती है।

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