Bhavishya

वृश्चिक (Scorpio) मासिक राशिफल: सितंबर 2016 - शुभ

वृश्चिक चंद्र राशि का सितंबर 2016 का मासिक राशिफल। हर ग्रह आपकी चंद्र राशि से गिना गया है, साथ में वे तिथियाँ भी हैं जब वह राशि या चाल बदलता है, ताकि आप देख सकें कि महीना कैसे आगे बढ़ता है।

यह महीना आपके पक्ष में झुका हुआ है। आपकी मदद करने वाले ग्रह ज़्यादातर समय की तुलना में अच्छी जगह पर हैं, इसलिए योजनाओं को आगे बढ़ाने का यह अच्छा समय है।

महीना कैसा रहेगा

  1. पहला पखवाड़ा: 1 सितंबर से 15 सितंबर

    शुभ

    यह समय कुल मिलाकर साथ देने वाला लगता है।

    गुरु, बुध और शुक्र यहाँ आपके पक्ष में काम करते हैं और आय, लाभ और मित्र के साथ-साथ करियर और प्रतिष्ठा में मदद करते हैं।

    शनि, राहु, केतु और मंगल कहते हैं कि आपकी ऊर्जा और आत्मविश्वास के साथ-साथ करियर और प्रतिष्ठा में सावधानी से चलें।

    सूर्य करियर और प्रतिष्ठा में मदद करना चाहता है, पर अभी रुका हुआ है, इसलिए नतीजे धीरे आएँगे।

    1 सितंबर और 9 सितंबर के आसपास बदलाव आता है; नीचे ध्यान देने योग्य तिथियाँ देखें।

  2. दूसरा पखवाड़ा: 16 सितंबर से 30 सितंबर

    शुभ

    यह समय कुल मिलाकर साथ देने वाला लगता है।

    गुरु, सूर्य, बुध और शुक्र यहाँ आपके पक्ष में काम करते हैं और आय, लाभ और मित्र के साथ-साथ करियर और प्रतिष्ठा में मदद करते हैं।

    शनि, राहु, केतु और मंगल कहते हैं कि आपकी ऊर्जा और आत्मविश्वास के साथ-साथ करियर और प्रतिष्ठा में सावधानी से चलें।

    सूर्य करियर और प्रतिष्ठा में मदद करना चाहता है, पर अभी रुका हुआ है, इसलिए नतीजे धीरे आएँगे।

    16 सितंबर, 18 सितंबर, 19 सितंबर और 22 सितंबर के आसपास बदलाव आता है; नीचे ध्यान देने योग्य तिथियाँ देखें।

शनि आपके पहले भाव में

सावधानी

शनि पूरे महीने वृश्चिक राशि में रहता है।

शनि मेहनत, अनुशासन, कर्तव्य और धैर्य का प्रतीक है। वह लगातार मेहनत का फल देता है और शॉर्टकट को धीमा करता है।

आपकी अपनी राशि में शनि भारी ज़िम्मेदारियाँ और धीमी प्रगति लाता है। नियमित दिनचर्या रखें और बड़े फ़ैसलों में जल्दबाज़ी न करें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • आप: मन और ऊर्जा कम हो सकते हैं; अच्छा आराम करें और जल्दबाज़ी में प्रतिक्रिया न दें।

गुरु आपके ग्यारहवें भाव में

शुभ
जीवन के क्षेत्र:धन

गुरु पूरे महीने कन्या राशि में रहता है।

गुरु विकास, ज्ञान, मार्गदर्शन, सौभाग्य, संतान और शिक्षकों का प्रतीक है। साल का सबसे बड़ा सहायक यही है।

ग्यारहवें भाव में गुरु लाभ, पहचान और इच्छापूर्ति लाता है। मित्र और वरिष्ठ मदद करते हैं।

आपके लिए इसका अर्थ

  • धन: आय और लाभ बेहतर होने की संभावना; बचत की योजना बनाने का अच्छा समय।

राहु आपके दसवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:करियर

राहु पूरे महीने सिंह राशि में रहता है।

राहु महत्वाकांक्षा, और पाने की भूख, नए और अनोखे का प्रतीक है। वह अचानक अवसर और बेचैनी ला सकता है।

दसवें भाव में राहु काम में अचानक बदलाव ला सकता है। महत्वाकांक्षा बढ़ती है; अपने तरीके साफ़ रखें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • करियर: काम पर दबाव या खींचतान बढ़ सकती है; जो शुरू किया है उसे पूरा करें और शांत रहें।

केतु आपके चौथे भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:परिवार और घर

केतु पूरे महीने कुंभ राशि में रहता है।

केतु छोड़ने, वैराग्य और भीतर के जीवन का प्रतीक है। वह शांत समझ और सांसारिक बातों से दूर होने का खिंचाव ला सकता है।

चौथे भाव में केतु घर में अस्थिरता का भाव ला सकता है। परिवार के साथ इत्मीनान से समय बिताएँ।

आपके लिए इसका अर्थ

  • परिवार और घर: घर में छोटी-मोटी खटपट संभव है; धैर्य और मीठे शब्द काम आते हैं।

मंगल आपके पहले भाव में

सावधानी

मंगल 18 सितंबर तक वृश्चिक राशि में है।

मंगल ऊर्जा, जोश, साहस और झगड़ों को आप कैसे संभालते हैं, इसका प्रतीक है।

आपकी अपनी राशि में मंगल जल्दबाज़ी और गुस्सा बढ़ा सकता है। प्रतिक्रिया देने से पहले रुकें और गरमागरम बहस से दूर रहें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • आप: मन और ऊर्जा कम हो सकते हैं; अच्छा आराम करें और जल्दबाज़ी में प्रतिक्रिया न दें।

मंगल आपके दूसरे भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:धनपरिवार और घर

मंगल 18 सितंबर को धनु राशि में प्रवेश करता है।

मंगल ऊर्जा, जोश, साहस और झगड़ों को आप कैसे संभालते हैं, इसका प्रतीक है।

दूसरे भाव में मंगल कड़वे शब्द और अचानक खर्च ला सकता है। बचत की रक्षा करें और घर में शब्द सोच-समझकर चुनें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • धन: खर्च बढ़ सकता है; बड़ी ख़रीद, उधार देने और जोखिम भरे दाँव से बचें।
  • परिवार और घर: घर में छोटी-मोटी खटपट संभव है; धैर्य और मीठे शब्द काम आते हैं।

सूर्य आपके दसवें भाव में

रुका हुआ
जीवन के क्षेत्र:करियर

सूर्य 16 सितंबर तक सिंह राशि में है।

सूर्य आत्मविश्वास, अधिकार, सम्मान और पिता तथा ऊँचे पद के लोगों से आपके संबंध का प्रतीक है।

दसवें भाव में सूर्य करियर और प्रतिष्ठा के लिए अनुकूल है। काम पर ध्यान जाता है, और वरिष्ठों व अधिकारियों से व्यवहार अच्छा रहता है।

फ़िलहाल केतु सूर्य के शुभ फल में बाधा (वेध) डाल रहा है, इसलिए पहचान और प्रगति इस स्थिति के वादे से धीमी आ सकती है।

आपके लिए इसका अर्थ

  • करियर: साथ तो है, पर पहचान उम्मीद से धीरे मिलती है।

सूर्य आपके ग्यारहवें भाव में

शुभ
जीवन के क्षेत्र:धन

सूर्य 16 सितंबर को कन्या राशि में प्रवेश करता है।

सूर्य आत्मविश्वास, अधिकार, सम्मान और पिता तथा ऊँचे पद के लोगों से आपके संबंध का प्रतीक है।

ग्यारहवें भाव में सूर्य आय और लाभ के लिए अच्छा है। इच्छाएँ पूरी होने की संभावना है, और मित्र व वरिष्ठ मददगार रहते हैं।

आपके लिए इसका अर्थ

  • धन: आय और लाभ बेहतर होने की संभावना; बचत की योजना बनाने का अच्छा समय।

बुध आपके ग्यारहवें भाव में

शुभ
जीवन के क्षेत्र:धन

बुध 9 सितंबर तक कन्या राशि में है।

बुध बातचीत, पढ़ाई, व्यापार, काग़ज़ी काम और तेज़ सोच का प्रतीक है।

ग्यारहवें भाव में बुध लाभ, मददगार संपर्क और मित्रों से अच्छी ख़बर लाता है।

आपके लिए इसका अर्थ

  • धन: आय और लाभ बेहतर होने की संभावना; बचत की योजना बनाने का अच्छा समय।

बुध आपके दसवें भाव में

शुभ
जीवन के क्षेत्र:करियर

बुध 9 सितंबर को सिंह राशि में प्रवेश करता है।

बुध बातचीत, पढ़ाई, व्यापार, काग़ज़ी काम और तेज़ सोच का प्रतीक है।

दसवें भाव में बुध करियर, लेखन और मोलभाव के लिए अनुकूल है। काम सहजता से चलता है और योजनाएँ सफल होती हैं।

आपके लिए इसका अर्थ

  • करियर: काम पर ध्यान जाता है; ज़्यादा ज़िम्मेदारी लेने या विचार रखने का अच्छा समय।

शुक्र आपके ग्यारहवें भाव में

शुभ
जीवन के क्षेत्र:धन

शुक्र 19 सितंबर तक कन्या राशि में है।

शुक्र प्रेम, सुख-सुविधा, सुंदरता, आनंद और साझेदारी का प्रतीक है।

ग्यारहवें भाव में शुक्र लाभ, मित्रता और इच्छापूर्ति लाता है। सामाजिक जीवन के लिए अच्छा समय है।

आपके लिए इसका अर्थ

  • धन: आय और लाभ बेहतर होने की संभावना; बचत की योजना बनाने का अच्छा समय।

शुक्र आपके बारहवें भाव में

शुभ
जीवन के क्षेत्र:आध्यात्मिक जीवनधन

शुक्र 19 सितंबर को तुला राशि में प्रवेश करता है।

शुक्र प्रेम, सुख-सुविधा, सुंदरता, आनंद और साझेदारी का प्रतीक है।

बारहवें भाव में शुक्र सुख-सुविधा और सुखद खर्च लाता है। यात्रा और विश्राम आनंददायक हो सकते हैं, पर पैसों पर नज़र रखें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • आध्यात्मिक जीवन: प्रार्थना, चिंतन और दूसरों की मदद संतोष देते हैं।
  • धन: आय और लाभ बेहतर होने की संभावना; बचत की योजना बनाने का अच्छा समय।

शनि, साढ़ेसाती और ढैय्या

साढ़े साती - मध्य चरण

शनि आपकी अपनी राशि में है: साढ़ेसाती का बीच का और सबसे भारी चरण। प्रगति धीमी रहती है और कर्तव्य भारी लगते हैं; नियमित दिनचर्या और धैर्य आपको पार ले जाते हैं।

इस महीने का उपाय

उन ग्रहों के लिए छोटे, स्वैच्छिक अभ्यास जो इस महीना सबसे ज़्यादा सावधानी माँगते हैं। इनमें कोई ख़र्च नहीं है और ये किसी ख़ास नतीजे का वादा नहीं करते; जो ठीक लगे वही अपनाएँ।

शनि के लिए, शनिवार को सबसे अच्छा

शनि आपके लिए कठिन स्थान में है, जिसका असर आपकी ऊर्जा और आत्मविश्वास पर है।

  • बुज़ुर्गों या कड़ी शारीरिक मेहनत करने वालों की, जैसे भी हो सके, मदद करें।
  • मान लें कि कुछ नतीजे धीरे आते हैं; रफ़्तार पर ज़ोर डाले बिना आगे बढ़ते रहें।

राहु के लिए, शनिवार को सबसे अच्छा

राहु आपके लिए कठिन स्थान में है, जिसका असर करियर और प्रतिष्ठा पर है।

  • शॉर्टकट और आधे-अधूरे सच से बचें, चाहे वे छोटे ही क्यों न हों।
  • बेचैनी में फ़ोन स्क्रॉल करना और ख़बरें देखना सीमित करें; सीधे-सादे, मन को टिकाने वाले कामों में समय लगाएँ।

ध्यान देने योग्य तिथियाँ

  • 1 सितंबर 2016

    सूर्य ग्रहण: 1 सितंबर: सिंह राशि में, आपके दसवें भाव में सूर्यग्रहण। दिन शांति से बिताएँ और नई शुरुआत से बचें।

    ग्रहण करियर और प्रतिष्ठा पर पड़ता है, जिससे यह कुछ दिनों के लिए नाज़ुक जगह बन जाती है।

    क्या करें: दिन शांत रखें और नई शुरुआत, बड़ी ख़रीद और हस्ताक्षर से बचें।

  • 9 सितंबर 2016

    राशि परिवर्तन: 9 सितंबर: बुध सिंह राशि में, आपके दसवें भाव में प्रवेश करता है।

    बुध आपके लिए सहायक स्थान में आता है, जो करियर और प्रतिष्ठा को सहारा देता है।

    क्या करें: इसके बाद के दिनों में इस क्षेत्र में योजनाएँ शुरू करें या आगे बढ़ाएँ।

  • 16 सितंबर 2016

    राशि परिवर्तन: 16 सितंबर: सूर्य कन्या राशि में, आपके ग्यारहवें भाव में प्रवेश करता है।

    सूर्य आपके लिए सहायक स्थान में आता है, जो आय, लाभ और मित्र को सहारा देता है।

    क्या करें: इसके बाद के दिनों में इस क्षेत्र में योजनाएँ शुरू करें या आगे बढ़ाएँ।

  • 18 सितंबर 2016

    राशि परिवर्तन: 18 सितंबर: मंगल धनु राशि में, आपके दूसरे भाव में प्रवेश करता है।

    मंगल आपके लिए कठिन स्थान में आता है, जिसका असर धन, परिवार और वाणी पर होता है।

    क्या करें: इस तिथि से इस क्षेत्र में धीरे चलें और हामी भरने से पहले दोबारा जाँच लें।

  • 19 सितंबर 2016

    राशि परिवर्तन: 19 सितंबर: शुक्र तुला राशि में, आपके बारहवें भाव में प्रवेश करता है।

    शुक्र आपके लिए सहायक स्थान में आता है, जो खर्च, आराम और भीतर का जीवन को सहारा देता है।

    क्या करें: इसके बाद के दिनों में इस क्षेत्र में योजनाएँ शुरू करें या आगे बढ़ाएँ।

  • 22 सितंबर 2016

    मार्गी: 22 सितंबर: बुध सिंह राशि में, आपके दसवें भाव में मार्गी होता है। रुके हुए काम फिर आगे बढ़ने लगते हैं।

    बुध करियर और प्रतिष्ठा पर फिर आगे बढ़ता है, इसलिए यहाँ जो अटका था वह चलने लगता है।

    क्या करें: रुका हुआ काम फिर शुरू करें, और हस्ताक्षर या शुरुआत से पहले एक-दो दिन रुकें।

ये बातें उन सभी पर लागू होती हैं जिनका चंद्रमा वृश्चिक राशि में है, और केवल प्रवृत्तियाँ बताती हैं। आपकी अपनी जन्म कुंडली, अपने भावों और दशाओं के साथ, अलग बात कह सकती है।

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वृश्चिक (Scorpio) मासिक राशिफल: सितंबर 2016 - Bhavishya