वृश्चिक (Scorpio) मासिक राशिफल: जून 2020 - मिश्रित
वृश्चिक चंद्र राशि का जून 2020 का मासिक राशिफल। हर ग्रह आपकी चंद्र राशि से गिना गया है, साथ में वे तिथियाँ भी हैं जब वह राशि या चाल बदलता है, ताकि आप देख सकें कि महीना कैसे आगे बढ़ता है।
यह महीना मिला-जुला है: कुछ काम आसानी से चलते हैं और कुछ में धैर्य चाहिए। जो चल रहा है उस पर भरोसा रखें और धीमे कामों को एक-एक कदम लें।
महीना कैसा रहेगा
पहला पखवाड़ा: 1 जून से 15 जून
मिश्रितयह समय आसानी और धीमी गति का मेल है।
शनि और बुध यहाँ आपके पक्ष में काम करते हैं और मेहनत, साहस और छोटी यात्राएँ के साथ-साथ साझा धन और अचानक बदलाव में मदद करते हैं।
गुरु, राहु, केतु, मंगल, सूर्य और शुक्र कहते हैं कि मेहनत, साहस और छोटी यात्राएँ के साथ-साथ साझा धन और अचानक बदलाव में सावधानी से चलें।
14 जून के आसपास बदलाव आता है; नीचे ध्यान देने योग्य तिथियाँ देखें।
दूसरा पखवाड़ा: 16 जून से 30 जून
मिश्रितयह समय आसानी और धीमी गति का मेल है।
शनि, गुरु और बुध यहाँ आपके पक्ष में काम करते हैं और मेहनत, साहस और छोटी यात्राएँ के साथ-साथ धन, परिवार और वाणी में मदद करते हैं।
गुरु, राहु, केतु, मंगल, सूर्य और शुक्र कहते हैं कि मेहनत, साहस और छोटी यात्राएँ के साथ-साथ साझा धन और अचानक बदलाव में सावधानी से चलें।
18 जून, 21 जून, 25 जून और 30 जून के आसपास बदलाव आता है; नीचे ध्यान देने योग्य तिथियाँ देखें।
शनि आपके तीसरे भाव में
शुभजीवन के क्षेत्र:करियर
शनि पूरे महीने मकर राशि में रहता है।
शनि मेहनत, अनुशासन, कर्तव्य और धैर्य का प्रतीक है। वह लगातार मेहनत का फल देता है और शॉर्टकट को धीमा करता है।
तीसरे भाव में शनि लगातार मेहनत का फल देता है। परिश्रम रंग लाता है, प्रतिद्वंद्वी पीछे हटते हैं और नए हुनर जड़ पकड़ते हैं।
आपके लिए इसका अर्थ
- करियर: काम पर ध्यान जाता है; ज़्यादा ज़िम्मेदारी लेने या विचार रखने का अच्छा समय।
गुरु आपके तीसरे भाव में
सावधानीजीवन के क्षेत्र:करियर
गुरु 30 जून तक मकर राशि में है।
गुरु विकास, ज्ञान, मार्गदर्शन, सौभाग्य, संतान और शिक्षकों का प्रतीक है। साल का सबसे बड़ा सहायक यही है।
तीसरे भाव में गुरु प्रयासों को धीमा कर सकता है और स्थान परिवर्तन ला सकता है। योजनाएँ लचीली रखें और स्थिरता से आगे बढ़ें।
आपके लिए इसका अर्थ
- करियर: काम पर दबाव या खींचतान बढ़ सकती है; जो शुरू किया है उसे पूरा करें और शांत रहें।
गुरु आपके दूसरे भाव में
शुभजीवन के क्षेत्र:धनपरिवार और घर
गुरु 30 जून को धनु राशि में प्रवेश करता है।
गुरु विकास, ज्ञान, मार्गदर्शन, सौभाग्य, संतान और शिक्षकों का प्रतीक है। साल का सबसे बड़ा सहायक यही है।
दूसरे भाव में गुरु धन और परिवार के लिए अनुकूल है। बचत बढ़ती है और आपकी बात का वज़न होता है।
आपके लिए इसका अर्थ
- धन: आय और लाभ बेहतर होने की संभावना; बचत की योजना बनाने का अच्छा समय।
- परिवार और घर: घर में स्थिर, सुखद समय।
राहु आपके आठवें भाव में
सावधानीजीवन के क्षेत्र:धन
राहु पूरे महीने मिथुन राशि में रहता है।
राहु महत्वाकांक्षा, और पाने की भूख, नए और अनोखे का प्रतीक है। वह अचानक अवसर और बेचैनी ला सकता है।
आठवें भाव में राहु अचानक बदलावों और साझा धन में सावधानी माँगता है। गोपनीयता और जोखिम भरी योजनाओं से बचें।
आपके लिए इसका अर्थ
- धन: खर्च बढ़ सकता है; बड़ी ख़रीद, उधार देने और जोखिम भरे दाँव से बचें।
केतु आपके दूसरे भाव में
सावधानीजीवन के क्षेत्र:धनपरिवार और घर
केतु पूरे महीने धनु राशि में रहता है।
केतु छोड़ने, वैराग्य और भीतर के जीवन का प्रतीक है। वह शांत समझ और सांसारिक बातों से दूर होने का खिंचाव ला सकता है।
दूसरे भाव में केतु लापरवाह शब्द और अस्थिर धन ला सकता है। बोलने से पहले सोचें और बचत सुरक्षित रखें।
आपके लिए इसका अर्थ
- धन: खर्च बढ़ सकता है; बड़ी ख़रीद, उधार देने और जोखिम भरे दाँव से बचें।
- परिवार और घर: घर में छोटी-मोटी खटपट संभव है; धैर्य और मीठे शब्द काम आते हैं।
मंगल आपके चौथे भाव में
सावधानीजीवन के क्षेत्र:परिवार और घर
मंगल 18 जून तक कुंभ राशि में है।
मंगल ऊर्जा, जोश, साहस और झगड़ों को आप कैसे संभालते हैं, इसका प्रतीक है।
चौथे भाव में मंगल घर में तनाव और संपत्ति या वाहन को लेकर परेशानी ला सकता है। पारिवारिक चर्चा में शांत रहें।
आपके लिए इसका अर्थ
- परिवार और घर: घर में छोटी-मोटी खटपट संभव है; धैर्य और मीठे शब्द काम आते हैं।
मंगल आपके पाँचवें भाव में
सावधानीजीवन के क्षेत्र:पढ़ाईरिश्ते
मंगल 18 जून को मीन राशि में प्रवेश करता है।
मंगल ऊर्जा, जोश, साहस और झगड़ों को आप कैसे संभालते हैं, इसका प्रतीक है।
पाँचवें भाव में मंगल पढ़ाई और बच्चों के साथ अधीरता ला सकता है। जोखिम भरे निवेश और जल्दबाज़ी के फ़ैसलों से बचें।
आपके लिए इसका अर्थ
- पढ़ाई: ध्यान बिखर सकता है; एक समय में एक विषय लें और अच्छे से दोहराएँ।
- रिश्ते: ग़लतफ़हमी आसानी से हो सकती है; ज़्यादा सुनें और दूसरों को जगह दें।
सूर्य आपके सातवें भाव में
सावधानीजीवन के क्षेत्र:रिश्ते
सूर्य 14 जून तक वृषभ राशि में है।
सूर्य आत्मविश्वास, अधिकार, सम्मान और पिता तथा ऊँचे पद के लोगों से आपके संबंध का प्रतीक है।
सातवें भाव में सूर्य साझेदारी और यात्रा की योजनाओं में तनाव ला सकता है। जीवनसाथी और व्यावसायिक साथियों को सामान्य से अधिक जगह दें।
आपके लिए इसका अर्थ
- रिश्ते: ग़लतफ़हमी आसानी से हो सकती है; ज़्यादा सुनें और दूसरों को जगह दें।
सूर्य आपके आठवें भाव में
सावधानीजीवन के क्षेत्र:धन
सूर्य 14 जून को मिथुन राशि में प्रवेश करता है।
सूर्य आत्मविश्वास, अधिकार, सम्मान और पिता तथा ऊँचे पद के लोगों से आपके संबंध का प्रतीक है।
आठवें भाव में सूर्य सावधानी माँगता है। साझा धन और अचानक बदलावों पर ध्यान दें; झगड़ों और जल्दबाज़ी के फ़ैसलों से बचें।
आपके लिए इसका अर्थ
- धन: खर्च बढ़ सकता है; बड़ी ख़रीद, उधार देने और जोखिम भरे दाँव से बचें।
बुध आपके आठवें भाव में
शुभजीवन के क्षेत्र:धन
बुध पूरे महीने मिथुन राशि में रहता है।
बुध बातचीत, पढ़ाई, व्यापार, काग़ज़ी काम और तेज़ सोच का प्रतीक है।
आठवें भाव में बुध अप्रत्याशित लाभ और शोध में सफलता ला सकता है। साझा धन के मामले सुलझाने का अच्छा समय है।
आपके लिए इसका अर्थ
- धन: आय और लाभ बेहतर होने की संभावना; बचत की योजना बनाने का अच्छा समय।
शुक्र आपके सातवें भाव में
सावधानीजीवन के क्षेत्र:रिश्ते
शुक्र पूरे महीने वृषभ राशि में रहता है।
शुक्र प्रेम, सुख-सुविधा, सुंदरता, आनंद और साझेदारी का प्रतीक है।
सातवें भाव में शुक्र साझेदारी में टकराव ला सकता है। धैर्य रखें और जीवनसाथी से गलतफ़हमी जल्दी दूर करें।
आपके लिए इसका अर्थ
- रिश्ते: ग़लतफ़हमी आसानी से हो सकती है; ज़्यादा सुनें और दूसरों को जगह दें।
शनि, साढ़ेसाती और ढैय्या
इस अवधि में आपकी राशि पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या नहीं है।
इस महीने का उपाय
उन ग्रहों के लिए छोटे, स्वैच्छिक अभ्यास जो इस महीना सबसे ज़्यादा सावधानी माँगते हैं। इनमें कोई ख़र्च नहीं है और ये किसी ख़ास नतीजे का वादा नहीं करते; जो ठीक लगे वही अपनाएँ।
गुरु के लिए, गुरुवार को सबसे अच्छा
गुरु आपके लिए कठिन स्थान में है, जिसका असर मेहनत, साहस और छोटी यात्राएँ पर है।
- ज़रूरत से ज़्यादा वादे करने और खुद पर क्षमता से ज़्यादा बोझ लेने से बचें; उतने ही वादे करें जितने निभा सकें।
- बड़े फ़ैसलों से पहले किसी भरोसेमंद बड़े की सलाह लें।
राहु के लिए, शनिवार को सबसे अच्छा
राहु आपके लिए कठिन स्थान में है, जिसका असर साझा धन और अचानक बदलाव पर है।
- शॉर्टकट और आधे-अधूरे सच से बचें, चाहे वे छोटे ही क्यों न हों।
- बेचैनी में फ़ोन स्क्रॉल करना और ख़बरें देखना सीमित करें; सीधे-सादे, मन को टिकाने वाले कामों में समय लगाएँ।
ध्यान देने योग्य तिथियाँ
- 14 जून 2020
राशि परिवर्तन: 14 जून: सूर्य मिथुन राशि में, आपके आठवें भाव में प्रवेश करता है।
सूर्य आपके लिए कठिन स्थान में आता है, जिसका असर साझा धन और अचानक बदलाव पर होता है।
क्या करें: इस तिथि से इस क्षेत्र में धीरे चलें और हामी भरने से पहले दोबारा जाँच लें।
- 18 जून 2020
वक्री: 18 जून: बुध मिथुन राशि में, आपके आठवें भाव में वक्री होता है। नई शुरुआत के बजाय समीक्षा का समय।
बुध साझा धन और अचानक बदलाव पर धीमा होता है, इसलिए इस क्षेत्र की पुरानी बातें दोबारा सामने आती हैं।
क्या करें: कुछ नया शुरू करने के बजाय पुराना काम दोहराएँ, सुधारें और पूरा करें।
- 18 जून 2020
राशि परिवर्तन: 18 जून: मंगल मीन राशि में, आपके पाँचवें भाव में प्रवेश करता है।
मंगल आपके लिए कठिन स्थान में आता है, जिसका असर पढ़ाई, संतान और रचनात्मक योजनाएँ पर होता है।
क्या करें: इस तिथि से इस क्षेत्र में धीरे चलें और हामी भरने से पहले दोबारा जाँच लें।
- 21 जून 2020
सूर्य ग्रहण: 21 जून: मिथुन राशि में, आपके आठवें भाव में सूर्यग्रहण। दिन शांति से बिताएँ और नई शुरुआत से बचें।
ग्रहण साझा धन और अचानक बदलाव पर पड़ता है, जिससे यह कुछ दिनों के लिए नाज़ुक जगह बन जाती है।
क्या करें: दिन शांत रखें और नई शुरुआत, बड़ी ख़रीद और हस्ताक्षर से बचें।
- 25 जून 2020
मार्गी: 25 जून: शुक्र वृषभ राशि में, आपके सातवें भाव में मार्गी होता है। रुके हुए काम फिर आगे बढ़ने लगते हैं।
शुक्र साझेदारी और दूसरों से लेन-देन पर फिर आगे बढ़ता है, इसलिए यहाँ जो अटका था वह चलने लगता है।
क्या करें: रुका हुआ काम फिर शुरू करें, और हस्ताक्षर या शुरुआत से पहले एक-दो दिन रुकें।
- 30 जून 2020
राशि परिवर्तन: 30 जून: गुरु धनु राशि में, आपके दूसरे भाव में प्रवेश करता है।
गुरु आपके लिए सहायक स्थान में आता है, जो धन, परिवार और वाणी को सहारा देता है।
क्या करें: इसके बाद के दिनों में इस क्षेत्र में योजनाएँ शुरू करें या आगे बढ़ाएँ।
ये बातें उन सभी पर लागू होती हैं जिनका चंद्रमा वृश्चिक राशि में है, और केवल प्रवृत्तियाँ बताती हैं। आपकी अपनी जन्म कुंडली, अपने भावों और दशाओं के साथ, अलग बात कह सकती है।
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