वृश्चिक (Scorpio) वार्षिक राशिफल 2023 - मिश्रित
वृश्चिक चंद्र राशि का 2023 का वार्षिक राशिफल। साल का रूप मुख्य रूप से धीमे ग्रह तय करते हैं: गुरु, शनि, राहु और केतु, और साल के ग्रहण। यहाँ हर एक को उसकी तिथियों के साथ आपकी चंद्र राशि से पढ़ा गया है।
यह साल मिला-जुला है: कुछ काम आसानी से चलते हैं और कुछ में धैर्य चाहिए। जो चल रहा है उस पर भरोसा रखें और धीमे कामों को एक-एक कदम लें।
साल कैसा रहेगा
साल का पहला भाग: 1 जनवरी से 30 जून
मिश्रितयह समय आसानी और धीमी गति का मेल है।
शनि, गुरु और केतु कहते हैं कि घर, पारिवारिक शांति और संपत्ति के साथ-साथ रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम में सावधानी से चलें।
शनि, गुरु और राहु मेहनत, साहस और छोटी यात्राएँ के साथ-साथ पढ़ाई, संतान और रचनात्मक योजनाएँ में मदद करना चाहते हैं, पर अभी रुके हुए हैं, इसलिए नतीजे धीरे आएँगे।
17 जनवरी, 20 अप्रैल, 22 अप्रैल और 17 जून के आसपास बदलाव आता है; नीचे ध्यान देने योग्य तिथियाँ देखें।
साल का दूसरा भाग: 1 जुलाई से 31 दिसंबर
सावधानीयह समय धैर्य और सावधानी माँगता है।
केतु यहाँ आपके पक्ष में काम करता है और आय, लाभ और मित्र में मदद करता है।
शनि, गुरु, राहु और केतु कहते हैं कि घर, पारिवारिक शांति और संपत्ति के साथ-साथ रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम में सावधानी से चलें।
राहु रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम में मदद करना चाहता है, पर अभी रुका हुआ है, इसलिए नतीजे धीरे आएँगे।
4 सितंबर, 14 अक्टूबर, 29 अक्टूबर, 30 अक्टूबर, 4 नवंबर और 31 दिसंबर के आसपास बदलाव आता है; नीचे ध्यान देने योग्य तिथियाँ देखें।
शनि आपके तीसरे भाव में
रुका हुआजीवन के क्षेत्र:करियर
शनि 17 जनवरी 2023 तक मकर राशि में है।
शनि मेहनत, अनुशासन, कर्तव्य और धैर्य का प्रतीक है। वह लगातार मेहनत का फल देता है और शॉर्टकट को धीमा करता है।
तीसरे भाव में शनि लगातार मेहनत का फल देता है। परिश्रम रंग लाता है, प्रतिद्वंद्वी पीछे हटते हैं और नए हुनर जड़ पकड़ते हैं।
फ़िलहाल केतु शनि के शुभ फल में बाधा (वेध) डाल रहा है, इसलिए लगातार मेहनत का फल मिलता तो है, पर धीरे।
आपके लिए इसका अर्थ
- करियर: साथ तो है, पर पहचान उम्मीद से धीरे मिलती है।
शनि आपके चौथे भाव में
सावधानीजीवन के क्षेत्र:परिवार और घर
शनि 17 जनवरी 2023 को कुंभ राशि में प्रवेश करता है।
शनि मेहनत, अनुशासन, कर्तव्य और धैर्य का प्रतीक है। वह लगातार मेहनत का फल देता है और शॉर्टकट को धीमा करता है।
चौथे भाव में शनि घर में बेचैनी और संपत्ति के मामलों में देरी ला सकता है। पारिवारिक ज़िम्मेदारियाँ धैर्य से निभाएँ।
आपके लिए इसका अर्थ
- परिवार और घर: घर में छोटी-मोटी खटपट संभव है; धैर्य और मीठे शब्द काम आते हैं।
गुरु आपके पाँचवें भाव में
रुका हुआजीवन के क्षेत्र:पढ़ाईरिश्ते
गुरु 22 अप्रैल 2023 तक मीन राशि में है।
गुरु विकास, ज्ञान, मार्गदर्शन, सौभाग्य, संतान और शिक्षकों का प्रतीक है। साल का सबसे बड़ा सहायक यही है।
पाँचवें भाव में गुरु पढ़ाई, बच्चों और रचनात्मक काम के लिए अनुकूल है। सही निर्णय और ज्ञानी लोगों का साथ मिलता है।
फ़िलहाल शनि गुरु के शुभ फल में बाधा (वेध) डाल रहा है, इसलिए उसका साथ अपेक्षा से देर से और धीरे-धीरे मिल सकता है।
आपके लिए इसका अर्थ
- पढ़ाई: पढ़ाई की मेहनत रंग लाती है, पर नतीजे दिखने में समय लगता है।
- रिश्ते: दोनों ओर अच्छी नीयत है, पर योजनाएँ अभी पूरी न हो सकें।
गुरु आपके छठे भाव में
सावधानीजीवन के क्षेत्र:करियर
गुरु 22 अप्रैल 2023 को मेष राशि में प्रवेश करता है।
गुरु विकास, ज्ञान, मार्गदर्शन, सौभाग्य, संतान और शिक्षकों का प्रतीक है। साल का सबसे बड़ा सहायक यही है।
छठे भाव में गुरु प्रतिद्वंद्वी और रुके काम या कर्ज़ का दबाव ला सकता है। उधार देने से बचें और अपनी बात पर टिके रहें।
आपके लिए इसका अर्थ
- करियर: काम पर दबाव या खींचतान बढ़ सकती है; जो शुरू किया है उसे पूरा करें और शांत रहें।
राहु आपके छठे भाव में
रुका हुआजीवन के क्षेत्र:करियर
राहु 30 अक्टूबर 2023 तक मेष राशि में है।
राहु महत्वाकांक्षा, और पाने की भूख, नए और अनोखे का प्रतीक है। वह अचानक अवसर और बेचैनी ला सकता है।
छठे भाव में राहु प्रतिद्वंद्वियों को हराने और प्रतिस्पर्धा संभालने में मदद करता है। साहसी काम सफल होता है।
फ़िलहाल मंगल राहु के शुभ फल में बाधा (वेध) डाल रहा है, इसलिए साहसी कदमों में सफलता से पहले अतिरिक्त सावधानी चाहिए।
आपके लिए इसका अर्थ
- करियर: साथ तो है, पर पहचान उम्मीद से धीरे मिलती है।
राहु आपके पाँचवें भाव में
सावधानीजीवन के क्षेत्र:पढ़ाईरिश्ते
राहु 30 अक्टूबर 2023 को मीन राशि में प्रवेश करता है।
राहु महत्वाकांक्षा, और पाने की भूख, नए और अनोखे का प्रतीक है। वह अचानक अवसर और बेचैनी ला सकता है।
पाँचवें भाव में राहु पढ़ाई, प्रेम और निवेश में निर्णय को भटका सकता है। सट्टे से बचें।
आपके लिए इसका अर्थ
- पढ़ाई: ध्यान बिखर सकता है; एक समय में एक विषय लें और अच्छे से दोहराएँ।
- रिश्ते: ग़लतफ़हमी आसानी से हो सकती है; ज़्यादा सुनें और दूसरों को जगह दें।
केतु आपके बारहवें भाव में
सावधानीजीवन के क्षेत्र:आध्यात्मिक जीवनधन
केतु 30 अक्टूबर 2023 तक तुला राशि में है।
केतु छोड़ने, वैराग्य और भीतर के जीवन का प्रतीक है। वह शांत समझ और सांसारिक बातों से दूर होने का खिंचाव ला सकता है।
बारहवें भाव में केतु साधना और मोह छोड़ने के लिए अनुकूल है। खर्च पर नज़र रखनी होगी।
आपके लिए इसका अर्थ
- आध्यात्मिक जीवन: मन उदास या अशांत लग सकता है; शांत दिनचर्या और प्रार्थना मन को स्थिर करती है।
- धन: खर्च बढ़ सकता है; बड़ी ख़रीद, उधार देने और जोखिम भरे दाँव से बचें।
केतु आपके ग्यारहवें भाव में
शुभजीवन के क्षेत्र:धन
केतु 30 अक्टूबर 2023 को कन्या राशि में प्रवेश करता है।
केतु छोड़ने, वैराग्य और भीतर के जीवन का प्रतीक है। वह शांत समझ और सांसारिक बातों से दूर होने का खिंचाव ला सकता है।
ग्यारहवें भाव में केतु लाभ और अप्रत्याशित जगहों से मदद लाता है। इच्छाएँ चुपचाप पूरी हो सकती हैं।
आपके लिए इसका अर्थ
- धन: आय और लाभ बेहतर होने की संभावना; बचत की योजना बनाने का अच्छा समय।
शनि, साढ़ेसाती और ढैय्या
कंटक शनि
इस अवधि में आपकी राशि पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या नहीं है।
शनि आपके चौथे भाव में है (कंटक शनि, दो ढैय्या में से एक)। घर और परिवार के मामले धैर्य माँगते हैं; संपत्ति के फ़ैसलों में जल्दबाज़ी न करें।
इस साल का उपाय
उन ग्रहों के लिए छोटे, स्वैच्छिक अभ्यास जो इस साल सबसे ज़्यादा सावधानी माँगते हैं। इनमें कोई ख़र्च नहीं है और ये किसी ख़ास नतीजे का वादा नहीं करते; जो ठीक लगे वही अपनाएँ।
शनि के लिए, शनिवार को सबसे अच्छा
शनि आपके लिए कठिन स्थान में है, जिसका असर घर, पारिवारिक शांति और संपत्ति पर है।
- बुज़ुर्गों या कड़ी शारीरिक मेहनत करने वालों की, जैसे भी हो सके, मदद करें।
- मान लें कि कुछ नतीजे धीरे आते हैं; रफ़्तार पर ज़ोर डाले बिना आगे बढ़ते रहें।
गुरु के लिए, गुरुवार को सबसे अच्छा
गुरु आपके लिए कठिन स्थान में है, जिसका असर रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम पर है।
- ज़रूरत से ज़्यादा वादे करने और खुद पर क्षमता से ज़्यादा बोझ लेने से बचें; उतने ही वादे करें जितने निभा सकें।
- बड़े फ़ैसलों से पहले किसी भरोसेमंद बड़े की सलाह लें।
ध्यान देने योग्य तिथियाँ
- 17 जनवरी 2023
राशि परिवर्तन: 17 जनवरी 2023: शनि कुंभ राशि में, आपके चौथे भाव में प्रवेश करता है।
शनि आपके लिए कठिन स्थान में आता है, जिसका असर घर, पारिवारिक शांति और संपत्ति पर होता है।
क्या करें: इस तिथि से इस क्षेत्र में धीरे चलें और हामी भरने से पहले दोबारा जाँच लें।
- 20 अप्रैल 2023
सूर्य ग्रहण: 20 अप्रैल 2023: मेष राशि में, आपके छठे भाव में सूर्यग्रहण। दिन शांति से बिताएँ और नई शुरुआत से बचें।
ग्रहण रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम पर पड़ता है, जिससे यह कुछ दिनों के लिए नाज़ुक जगह बन जाती है।
क्या करें: दिन शांत रखें और नई शुरुआत, बड़ी ख़रीद और हस्ताक्षर से बचें।
- 22 अप्रैल 2023
राशि परिवर्तन: 22 अप्रैल 2023: गुरु मेष राशि में, आपके छठे भाव में प्रवेश करता है।
गुरु आपके लिए कठिन स्थान में आता है, जिसका असर रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम पर होता है।
क्या करें: इस तिथि से इस क्षेत्र में धीरे चलें और हामी भरने से पहले दोबारा जाँच लें।
- 17 जून 2023
वक्री: 17 जून 2023: शनि कुंभ राशि में, आपके चौथे भाव में वक्री होता है। नई शुरुआत के बजाय समीक्षा का समय।
शनि घर, पारिवारिक शांति और संपत्ति पर धीमा होता है, इसलिए इस क्षेत्र की पुरानी बातें दोबारा सामने आती हैं।
क्या करें: कुछ नया शुरू करने के बजाय पुराना काम दोहराएँ, सुधारें और पूरा करें।
- 4 सितंबर 2023
वक्री: 4 सितंबर 2023: गुरु मेष राशि में, आपके छठे भाव में वक्री होता है। नई शुरुआत के बजाय समीक्षा का समय।
गुरु रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम पर धीमा होता है, इसलिए इस क्षेत्र की पुरानी बातें दोबारा सामने आती हैं।
क्या करें: कुछ नया शुरू करने के बजाय पुराना काम दोहराएँ, सुधारें और पूरा करें।
- 14 अक्टूबर 2023
सूर्य ग्रहण: 14 अक्टूबर 2023: कन्या राशि में, आपके ग्यारहवें भाव में सूर्यग्रहण। दिन शांति से बिताएँ और नई शुरुआत से बचें।
ग्रहण आय, लाभ और मित्र पर पड़ता है, जिससे यह कुछ दिनों के लिए नाज़ुक जगह बन जाती है।
क्या करें: दिन शांत रखें और नई शुरुआत, बड़ी ख़रीद और हस्ताक्षर से बचें।
- 29 अक्टूबर 2023
चंद्र ग्रहण: 29 अक्टूबर 2023: मेष राशि में, आपके छठे भाव में चंद्रग्रहण। दिन शांत रखें और बड़े फ़ैसलों से बचें।
ग्रहण रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम पर पड़ता है, जिससे यह कुछ दिनों के लिए नाज़ुक जगह बन जाती है।
क्या करें: दिन शांत रखें और नई शुरुआत, बड़ी ख़रीद और हस्ताक्षर से बचें।
- 30 अक्टूबर 2023
राशि परिवर्तन: 30 अक्टूबर 2023: राहु मीन राशि (आपके पाँचवें भाव) में और केतु कन्या राशि (आपके ग्यारहवें भाव) में प्रवेश करता है।
राहु-केतु की जोड़ी आगे बढ़ती है, जिससे बदलता है कि आप कहाँ बेचैनी महसूस करते हैं (पढ़ाई, संतान और रचनात्मक योजनाएँ) और कहाँ आपसे छोड़ने को कहा जाता है (आय, लाभ और मित्र)।
क्या करें: ख़ुद को सँभलने का समय दें और इसके आसपास के हफ़्तों में अचानक बड़े बदलावों से बचें।
- 4 नवंबर 2023
मार्गी: 4 नवंबर 2023: शनि कुंभ राशि में, आपके चौथे भाव में मार्गी होता है। रुके हुए काम फिर आगे बढ़ने लगते हैं।
शनि घर, पारिवारिक शांति और संपत्ति पर फिर आगे बढ़ता है, इसलिए यहाँ जो अटका था वह चलने लगता है।
क्या करें: रुका हुआ काम फिर शुरू करें, और हस्ताक्षर या शुरुआत से पहले एक-दो दिन रुकें।
- 31 दिसंबर 2023
मार्गी: 31 दिसंबर 2023: गुरु मेष राशि में, आपके छठे भाव में मार्गी होता है। रुके हुए काम फिर आगे बढ़ने लगते हैं।
गुरु रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम पर फिर आगे बढ़ता है, इसलिए यहाँ जो अटका था वह चलने लगता है।
क्या करें: रुका हुआ काम फिर शुरू करें, और हस्ताक्षर या शुरुआत से पहले एक-दो दिन रुकें।
ये बातें उन सभी पर लागू होती हैं जिनका चंद्रमा वृश्चिक राशि में है, और केवल प्रवृत्तियाँ बताती हैं। आपकी अपनी जन्म कुंडली, अपने भावों और दशाओं के साथ, अलग बात कह सकती है।
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