कुंभ (Aquarius) मासिक राशिफल: नवंबर 2011 - सावधानी
कुंभ चंद्र राशि का नवंबर 2011 का मासिक राशिफल। हर ग्रह आपकी चंद्र राशि से गिना गया है, साथ में वे तिथियाँ भी हैं जब वह राशि या चाल बदलता है, ताकि आप देख सकें कि महीना कैसे आगे बढ़ता है।
यह महीना ज़्यादातर समय से अधिक सावधानी माँगता है। कई महत्वपूर्ण ग्रह कठिन स्थानों में हैं, इसलिए नियमित काम पर टिके रहें, जल्दबाज़ी के फ़ैसलों से बचें और चीज़ों को समय दें।
महीना कैसा रहेगा
पहला पखवाड़ा: 1 नवंबर से 15 नवंबर
सावधानीयह समय धैर्य और सावधानी माँगता है।
बुध यहाँ आपके पक्ष में काम करता है और करियर और प्रतिष्ठा में मदद करता है।
शनि, गुरु, राहु, केतु, मंगल, सूर्य और शुक्र कहते हैं कि साझा धन और अचानक बदलाव के साथ-साथ बड़े-बुज़ुर्ग, शिक्षक, आस्था और लंबी यात्राएँ में सावधानी से चलें।
15 नवंबर के आसपास बदलाव आता है; नीचे ध्यान देने योग्य तिथियाँ देखें।
दूसरा पखवाड़ा: 16 नवंबर से 30 नवंबर
सावधानीयह समय धैर्य और सावधानी माँगता है।
बुध यहाँ आपके पक्ष में काम करता है और करियर और प्रतिष्ठा में मदद करता है।
शनि, गुरु, राहु, केतु, मंगल, सूर्य और शुक्र कहते हैं कि बड़े-बुज़ुर्ग, शिक्षक, आस्था और लंबी यात्राएँ के साथ-साथ मेहनत, साहस और छोटी यात्राएँ में सावधानी से चलें।
सूर्य और शुक्र करियर और प्रतिष्ठा के साथ-साथ आय, लाभ और मित्र में मदद करना चाहते हैं, पर अभी रुके हुए हैं, इसलिए नतीजे धीरे आएँगे।
16 नवंबर, 21 नवंबर, 24 नवंबर और 25 नवंबर के आसपास बदलाव आता है; नीचे ध्यान देने योग्य तिथियाँ देखें।
शनि आपके आठवें भाव में
सावधानीजीवन के क्षेत्र:धन
शनि 15 नवंबर तक कन्या राशि में है।
शनि मेहनत, अनुशासन, कर्तव्य और धैर्य का प्रतीक है। वह लगातार मेहनत का फल देता है और शॉर्टकट को धीमा करता है।
आठवें भाव में शनि सावधानी का समय है। रुकावटें और देरी संभव हैं; पैसे के जोखिम भरे कदमों और विवादों से बचें।
आपके लिए इसका अर्थ
- धन: खर्च बढ़ सकता है; बड़ी ख़रीद, उधार देने और जोखिम भरे दाँव से बचें।
शनि आपके नौवें भाव में
सावधानीजीवन के क्षेत्र:पढ़ाईआध्यात्मिक जीवन
शनि 15 नवंबर को तुला राशि में प्रवेश करता है।
शनि मेहनत, अनुशासन, कर्तव्य और धैर्य का प्रतीक है। वह लगातार मेहनत का फल देता है और शॉर्टकट को धीमा करता है।
नौवें भाव में शनि भाग्य, लंबी यात्राओं और उच्च शिक्षा में देरी ला सकता है। बड़ों का सम्मान करें और आस्था रखें।
आपके लिए इसका अर्थ
- पढ़ाई: ध्यान बिखर सकता है; एक समय में एक विषय लें और अच्छे से दोहराएँ।
- आध्यात्मिक जीवन: मन उदास या अशांत लग सकता है; शांत दिनचर्या और प्रार्थना मन को स्थिर करती है।
गुरु आपके तीसरे भाव में
सावधानीजीवन के क्षेत्र:करियर
गुरु पूरे महीने मेष राशि में रहता है।
गुरु विकास, ज्ञान, मार्गदर्शन, सौभाग्य, संतान और शिक्षकों का प्रतीक है। साल का सबसे बड़ा सहायक यही है।
तीसरे भाव में गुरु प्रयासों को धीमा कर सकता है और स्थान परिवर्तन ला सकता है। योजनाएँ लचीली रखें और स्थिरता से आगे बढ़ें।
आपके लिए इसका अर्थ
- करियर: काम पर दबाव या खींचतान बढ़ सकती है; जो शुरू किया है उसे पूरा करें और शांत रहें।
राहु आपके दसवें भाव में
सावधानीजीवन के क्षेत्र:करियर
राहु पूरे महीने वृश्चिक राशि में रहता है।
राहु महत्वाकांक्षा, और पाने की भूख, नए और अनोखे का प्रतीक है। वह अचानक अवसर और बेचैनी ला सकता है।
दसवें भाव में राहु काम में अचानक बदलाव ला सकता है। महत्वाकांक्षा बढ़ती है; अपने तरीके साफ़ रखें।
आपके लिए इसका अर्थ
- करियर: काम पर दबाव या खींचतान बढ़ सकती है; जो शुरू किया है उसे पूरा करें और शांत रहें।
केतु आपके चौथे भाव में
सावधानीजीवन के क्षेत्र:परिवार और घर
केतु पूरे महीने वृषभ राशि में रहता है।
केतु छोड़ने, वैराग्य और भीतर के जीवन का प्रतीक है। वह शांत समझ और सांसारिक बातों से दूर होने का खिंचाव ला सकता है।
चौथे भाव में केतु घर में अस्थिरता का भाव ला सकता है। परिवार के साथ इत्मीनान से समय बिताएँ।
आपके लिए इसका अर्थ
- परिवार और घर: घर में छोटी-मोटी खटपट संभव है; धैर्य और मीठे शब्द काम आते हैं।
मंगल आपके सातवें भाव में
सावधानीजीवन के क्षेत्र:रिश्ते
मंगल पूरे महीने सिंह राशि में रहता है।
मंगल ऊर्जा, जोश, साहस और झगड़ों को आप कैसे संभालते हैं, इसका प्रतीक है।
सातवें भाव में मंगल जीवनसाथी या व्यावसायिक साथियों से टकराव ला सकता है। बहस से बचें और दूसरों को जगह दें।
आपके लिए इसका अर्थ
- रिश्ते: ग़लतफ़हमी आसानी से हो सकती है; ज़्यादा सुनें और दूसरों को जगह दें।
सूर्य आपके नौवें भाव में
सावधानीजीवन के क्षेत्र:पढ़ाईआध्यात्मिक जीवन
सूर्य 16 नवंबर तक तुला राशि में है।
सूर्य आत्मविश्वास, अधिकार, सम्मान और पिता तथा ऊँचे पद के लोगों से आपके संबंध का प्रतीक है।
नौवें भाव में सूर्य बड़ों, गुरुओं या पिता से मतभेद और लंबी यात्राओं में देरी ला सकता है। आस्था बनाए रखें और विनम्र रहें।
आपके लिए इसका अर्थ
- पढ़ाई: ध्यान बिखर सकता है; एक समय में एक विषय लें और अच्छे से दोहराएँ।
- आध्यात्मिक जीवन: मन उदास या अशांत लग सकता है; शांत दिनचर्या और प्रार्थना मन को स्थिर करती है।
सूर्य आपके दसवें भाव में
रुका हुआजीवन के क्षेत्र:करियर
सूर्य 16 नवंबर को वृश्चिक राशि में प्रवेश करता है।
सूर्य आत्मविश्वास, अधिकार, सम्मान और पिता तथा ऊँचे पद के लोगों से आपके संबंध का प्रतीक है।
दसवें भाव में सूर्य करियर और प्रतिष्ठा के लिए अनुकूल है। काम पर ध्यान जाता है, और वरिष्ठों व अधिकारियों से व्यवहार अच्छा रहता है।
फ़िलहाल केतु सूर्य के शुभ फल में बाधा (वेध) डाल रहा है, इसलिए पहचान और प्रगति इस स्थिति के वादे से धीमी आ सकती है।
आपके लिए इसका अर्थ
- करियर: साथ तो है, पर पहचान उम्मीद से धीरे मिलती है।
बुध आपके दसवें भाव में
शुभजीवन के क्षेत्र:करियर
बुध पूरे महीने वृश्चिक राशि में रहता है।
बुध बातचीत, पढ़ाई, व्यापार, काग़ज़ी काम और तेज़ सोच का प्रतीक है।
दसवें भाव में बुध करियर, लेखन और मोलभाव के लिए अनुकूल है। काम सहजता से चलता है और योजनाएँ सफल होती हैं।
आपके लिए इसका अर्थ
- करियर: काम पर ध्यान जाता है; ज़्यादा ज़िम्मेदारी लेने या विचार रखने का अच्छा समय।
शुक्र आपके दसवें भाव में
सावधानीजीवन के क्षेत्र:करियर
शुक्र 21 नवंबर तक वृश्चिक राशि में है।
शुक्र प्रेम, सुख-सुविधा, सुंदरता, आनंद और साझेदारी का प्रतीक है।
दसवें भाव में शुक्र काम पर टकराव या प्रतिष्ठा में कमी ला सकता है। पेशेवर व्यवहार में सावधानी रखें।
आपके लिए इसका अर्थ
- करियर: काम पर दबाव या खींचतान बढ़ सकती है; जो शुरू किया है उसे पूरा करें और शांत रहें।
शुक्र आपके ग्यारहवें भाव में
रुका हुआजीवन के क्षेत्र:धन
शुक्र 21 नवंबर को धनु राशि में प्रवेश करता है।
शुक्र प्रेम, सुख-सुविधा, सुंदरता, आनंद और साझेदारी का प्रतीक है।
ग्यारहवें भाव में शुक्र लाभ, मित्रता और इच्छापूर्ति लाता है। सामाजिक जीवन के लिए अच्छा समय है।
फ़िलहाल गुरु शुक्र के शुभ फल में बाधा (वेध) डाल रहा है, इसलिए सुख और आनंद के पल इस स्थिति के वादे से कम हो सकते हैं।
आपके लिए इसका अर्थ
- धन: लाभ संभव है, पर देरी की संभावना है; अभी उस पर भरोसा न करें।
शनि, साढ़ेसाती और ढैय्या
अष्टम शनि
शनि आपके आठवें भाव में है (अष्टम शनि, दो ढैय्या में से एक)। जोखिम, साझा धन और विवादों में सावधानी रखें, और जल्दबाज़ी में बड़े नए काम शुरू न करें।
इस अवधि में आपकी राशि पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या नहीं है।
इस महीने का उपाय
उन ग्रहों के लिए छोटे, स्वैच्छिक अभ्यास जो इस महीना सबसे ज़्यादा सावधानी माँगते हैं। इनमें कोई ख़र्च नहीं है और ये किसी ख़ास नतीजे का वादा नहीं करते; जो ठीक लगे वही अपनाएँ।
गुरु के लिए, गुरुवार को सबसे अच्छा
गुरु आपके लिए कठिन स्थान में है, जिसका असर मेहनत, साहस और छोटी यात्राएँ पर है।
- ज़रूरत से ज़्यादा वादे करने और खुद पर क्षमता से ज़्यादा बोझ लेने से बचें; उतने ही वादे करें जितने निभा सकें।
- बड़े फ़ैसलों से पहले किसी भरोसेमंद बड़े की सलाह लें।
राहु के लिए, शनिवार को सबसे अच्छा
राहु आपके लिए कठिन स्थान में है, जिसका असर करियर और प्रतिष्ठा पर है।
- शॉर्टकट और आधे-अधूरे सच से बचें, चाहे वे छोटे ही क्यों न हों।
- बेचैनी में फ़ोन स्क्रॉल करना और ख़बरें देखना सीमित करें; सीधे-सादे, मन को टिकाने वाले कामों में समय लगाएँ।
ध्यान देने योग्य तिथियाँ
- 15 नवंबर 2011
राशि परिवर्तन: 15 नवंबर: शनि तुला राशि में, आपके नौवें भाव में प्रवेश करता है।
शनि आपके लिए कठिन स्थान में आता है, जिसका असर बड़े-बुज़ुर्ग, शिक्षक, आस्था और लंबी यात्राएँ पर होता है।
क्या करें: इस तिथि से इस क्षेत्र में धीरे चलें और हामी भरने से पहले दोबारा जाँच लें।
- 16 नवंबर 2011
राशि परिवर्तन: 16 नवंबर: सूर्य वृश्चिक राशि में, आपके दसवें भाव में प्रवेश करता है।
सूर्य आपके लिए सहायक स्थान में आता है, जो करियर और प्रतिष्ठा को सहारा देता है।
क्या करें: इसके बाद के दिनों में इस क्षेत्र में योजनाएँ शुरू करें या आगे बढ़ाएँ।
- 21 नवंबर 2011
राशि परिवर्तन: 21 नवंबर: शुक्र धनु राशि में, आपके ग्यारहवें भाव में प्रवेश करता है।
शुक्र आपके लिए सहायक स्थान में आता है, जो आय, लाभ और मित्र को सहारा देता है।
क्या करें: इसके बाद के दिनों में इस क्षेत्र में योजनाएँ शुरू करें या आगे बढ़ाएँ।
- 24 नवंबर 2011
वक्री: 24 नवंबर: बुध वृश्चिक राशि में, आपके दसवें भाव में वक्री होता है। नई शुरुआत के बजाय समीक्षा का समय।
बुध करियर और प्रतिष्ठा पर धीमा होता है, इसलिए इस क्षेत्र की पुरानी बातें दोबारा सामने आती हैं।
क्या करें: कुछ नया शुरू करने के बजाय पुराना काम दोहराएँ, सुधारें और पूरा करें।
- 25 नवंबर 2011
सूर्य ग्रहण: 25 नवंबर: वृश्चिक राशि में, आपके दसवें भाव में सूर्यग्रहण। दिन शांति से बिताएँ और नई शुरुआत से बचें।
ग्रहण करियर और प्रतिष्ठा पर पड़ता है, जिससे यह कुछ दिनों के लिए नाज़ुक जगह बन जाती है।
क्या करें: दिन शांत रखें और नई शुरुआत, बड़ी ख़रीद और हस्ताक्षर से बचें।
ये बातें उन सभी पर लागू होती हैं जिनका चंद्रमा कुंभ राशि में है, और केवल प्रवृत्तियाँ बताती हैं। आपकी अपनी जन्म कुंडली, अपने भावों और दशाओं के साथ, अलग बात कह सकती है।
इस राशि के लिए और | सभी 12 राशियाँ
सभी फलादेश और परिणाम सांकेतिक हैं, जो चंद्र राशि और शास्त्रीय नियमों से हमारी गणनाओं में यथासंभव सावधानी से निकाले गए हैं। ये व्यक्तिगत फलादेश नहीं हैं, न ही चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह, और इन पर लिए गए निर्णयों की कोई ज़िम्मेदारी यह वेबसाइट या इसके पीछे का व्यवसाय नहीं लेता। इन भविष्यवाणियों का उपयोग कैसे करें, यह पढ़ें।