Bhavishya

कुंभ (Aquarius) मासिक राशिफल: दिसंबर 2011 - सावधानी

कुंभ चंद्र राशि का दिसंबर 2011 का मासिक राशिफल। हर ग्रह आपकी चंद्र राशि से गिना गया है, साथ में वे तिथियाँ भी हैं जब वह राशि या चाल बदलता है, ताकि आप देख सकें कि महीना कैसे आगे बढ़ता है।

यह महीना ज़्यादातर समय से अधिक सावधानी माँगता है। कई महत्वपूर्ण ग्रह कठिन स्थानों में हैं, इसलिए नियमित काम पर टिके रहें, जल्दबाज़ी के फ़ैसलों से बचें और चीज़ों को समय दें।

महीना कैसा रहेगा

  1. पहला पखवाड़ा: 1 दिसंबर से 15 दिसंबर

    सावधानी

    यह समय धैर्य और सावधानी माँगता है।

    बुध यहाँ आपके पक्ष में काम करता है और करियर और प्रतिष्ठा में मदद करता है।

    शनि, गुरु, राहु, केतु और मंगल कहते हैं कि बड़े-बुज़ुर्ग, शिक्षक, आस्था और लंबी यात्राएँ के साथ-साथ मेहनत, साहस और छोटी यात्राएँ में सावधानी से चलें।

    सूर्य और शुक्र करियर और प्रतिष्ठा के साथ-साथ आय, लाभ और मित्र में मदद करना चाहते हैं, पर अभी रुके हुए हैं, इसलिए नतीजे धीरे आएँगे।

    10 दिसंबर और 14 दिसंबर के आसपास बदलाव आता है; नीचे ध्यान देने योग्य तिथियाँ देखें।

  2. दूसरा पखवाड़ा: 16 दिसंबर से 31 दिसंबर

    मिश्रित

    यह समय आसानी और धीमी गति का मेल है।

    सूर्य, बुध और शुक्र यहाँ आपके पक्ष में काम करते हैं और आय, लाभ और मित्र के साथ-साथ करियर और प्रतिष्ठा में मदद करते हैं।

    शनि, गुरु, राहु, केतु और मंगल कहते हैं कि बड़े-बुज़ुर्ग, शिक्षक, आस्था और लंबी यात्राएँ के साथ-साथ मेहनत, साहस और छोटी यात्राएँ में सावधानी से चलें।

    सूर्य और शुक्र करियर और प्रतिष्ठा के साथ-साथ आय, लाभ और मित्र में मदद करना चाहते हैं, पर अभी रुके हुए हैं, इसलिए नतीजे धीरे आएँगे।

    16 दिसंबर और 26 दिसंबर के आसपास बदलाव आता है; नीचे ध्यान देने योग्य तिथियाँ देखें।

शनि आपके नौवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:पढ़ाईआध्यात्मिक जीवन

शनि पूरे महीने तुला राशि में रहता है।

शनि मेहनत, अनुशासन, कर्तव्य और धैर्य का प्रतीक है। वह लगातार मेहनत का फल देता है और शॉर्टकट को धीमा करता है।

नौवें भाव में शनि भाग्य, लंबी यात्राओं और उच्च शिक्षा में देरी ला सकता है। बड़ों का सम्मान करें और आस्था रखें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • पढ़ाई: ध्यान बिखर सकता है; एक समय में एक विषय लें और अच्छे से दोहराएँ।
  • आध्यात्मिक जीवन: मन उदास या अशांत लग सकता है; शांत दिनचर्या और प्रार्थना मन को स्थिर करती है।

गुरु आपके तीसरे भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:करियर

गुरु पूरे महीने मेष राशि में रहता है।

गुरु विकास, ज्ञान, मार्गदर्शन, सौभाग्य, संतान और शिक्षकों का प्रतीक है। साल का सबसे बड़ा सहायक यही है।

तीसरे भाव में गुरु प्रयासों को धीमा कर सकता है और स्थान परिवर्तन ला सकता है। योजनाएँ लचीली रखें और स्थिरता से आगे बढ़ें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • करियर: काम पर दबाव या खींचतान बढ़ सकती है; जो शुरू किया है उसे पूरा करें और शांत रहें।

राहु आपके दसवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:करियर

राहु पूरे महीने वृश्चिक राशि में रहता है।

राहु महत्वाकांक्षा, और पाने की भूख, नए और अनोखे का प्रतीक है। वह अचानक अवसर और बेचैनी ला सकता है।

दसवें भाव में राहु काम में अचानक बदलाव ला सकता है। महत्वाकांक्षा बढ़ती है; अपने तरीके साफ़ रखें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • करियर: काम पर दबाव या खींचतान बढ़ सकती है; जो शुरू किया है उसे पूरा करें और शांत रहें।

केतु आपके चौथे भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:परिवार और घर

केतु पूरे महीने वृषभ राशि में रहता है।

केतु छोड़ने, वैराग्य और भीतर के जीवन का प्रतीक है। वह शांत समझ और सांसारिक बातों से दूर होने का खिंचाव ला सकता है।

चौथे भाव में केतु घर में अस्थिरता का भाव ला सकता है। परिवार के साथ इत्मीनान से समय बिताएँ।

आपके लिए इसका अर्थ

  • परिवार और घर: घर में छोटी-मोटी खटपट संभव है; धैर्य और मीठे शब्द काम आते हैं।

मंगल आपके सातवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:रिश्ते

मंगल पूरे महीने सिंह राशि में रहता है।

मंगल ऊर्जा, जोश, साहस और झगड़ों को आप कैसे संभालते हैं, इसका प्रतीक है।

सातवें भाव में मंगल जीवनसाथी या व्यावसायिक साथियों से टकराव ला सकता है। बहस से बचें और दूसरों को जगह दें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • रिश्ते: ग़लतफ़हमी आसानी से हो सकती है; ज़्यादा सुनें और दूसरों को जगह दें।

सूर्य आपके दसवें भाव में

रुका हुआ
जीवन के क्षेत्र:करियर

सूर्य 16 दिसंबर तक वृश्चिक राशि में है।

सूर्य आत्मविश्वास, अधिकार, सम्मान और पिता तथा ऊँचे पद के लोगों से आपके संबंध का प्रतीक है।

दसवें भाव में सूर्य करियर और प्रतिष्ठा के लिए अनुकूल है। काम पर ध्यान जाता है, और वरिष्ठों व अधिकारियों से व्यवहार अच्छा रहता है।

फ़िलहाल केतु सूर्य के शुभ फल में बाधा (वेध) डाल रहा है, इसलिए पहचान और प्रगति इस स्थिति के वादे से धीमी आ सकती है।

आपके लिए इसका अर्थ

  • करियर: साथ तो है, पर पहचान उम्मीद से धीरे मिलती है।

सूर्य आपके ग्यारहवें भाव में

शुभ
जीवन के क्षेत्र:धन

सूर्य 16 दिसंबर को धनु राशि में प्रवेश करता है।

सूर्य आत्मविश्वास, अधिकार, सम्मान और पिता तथा ऊँचे पद के लोगों से आपके संबंध का प्रतीक है।

ग्यारहवें भाव में सूर्य आय और लाभ के लिए अच्छा है। इच्छाएँ पूरी होने की संभावना है, और मित्र व वरिष्ठ मददगार रहते हैं।

आपके लिए इसका अर्थ

  • धन: आय और लाभ बेहतर होने की संभावना; बचत की योजना बनाने का अच्छा समय।

बुध आपके दसवें भाव में

शुभ
जीवन के क्षेत्र:करियर

बुध पूरे महीने वृश्चिक राशि में रहता है।

बुध बातचीत, पढ़ाई, व्यापार, काग़ज़ी काम और तेज़ सोच का प्रतीक है।

दसवें भाव में बुध करियर, लेखन और मोलभाव के लिए अनुकूल है। काम सहजता से चलता है और योजनाएँ सफल होती हैं।

आपके लिए इसका अर्थ

  • करियर: काम पर ध्यान जाता है; ज़्यादा ज़िम्मेदारी लेने या विचार रखने का अच्छा समय।

शुक्र आपके ग्यारहवें भाव में

रुका हुआ
जीवन के क्षेत्र:धन

शुक्र 16 दिसंबर तक धनु राशि में है।

शुक्र प्रेम, सुख-सुविधा, सुंदरता, आनंद और साझेदारी का प्रतीक है।

ग्यारहवें भाव में शुक्र लाभ, मित्रता और इच्छापूर्ति लाता है। सामाजिक जीवन के लिए अच्छा समय है।

फ़िलहाल गुरु शुक्र के शुभ फल में बाधा (वेध) डाल रहा है, इसलिए सुख और आनंद के पल इस स्थिति के वादे से कम हो सकते हैं।

आपके लिए इसका अर्थ

  • धन: लाभ संभव है, पर देरी की संभावना है; अभी उस पर भरोसा न करें।

शुक्र आपके बारहवें भाव में

शुभ
जीवन के क्षेत्र:आध्यात्मिक जीवनधन

शुक्र 16 दिसंबर को मकर राशि में प्रवेश करता है।

शुक्र प्रेम, सुख-सुविधा, सुंदरता, आनंद और साझेदारी का प्रतीक है।

बारहवें भाव में शुक्र सुख-सुविधा और सुखद खर्च लाता है। यात्रा और विश्राम आनंददायक हो सकते हैं, पर पैसों पर नज़र रखें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • आध्यात्मिक जीवन: प्रार्थना, चिंतन और दूसरों की मदद संतोष देते हैं।
  • धन: आय और लाभ बेहतर होने की संभावना; बचत की योजना बनाने का अच्छा समय।

शनि, साढ़ेसाती और ढैय्या

इस अवधि में आपकी राशि पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या नहीं है।

इस महीने का उपाय

उन ग्रहों के लिए छोटे, स्वैच्छिक अभ्यास जो इस महीना सबसे ज़्यादा सावधानी माँगते हैं। इनमें कोई ख़र्च नहीं है और ये किसी ख़ास नतीजे का वादा नहीं करते; जो ठीक लगे वही अपनाएँ।

शनि के लिए, शनिवार को सबसे अच्छा

शनि आपके लिए कठिन स्थान में है, जिसका असर बड़े-बुज़ुर्ग, शिक्षक, आस्था और लंबी यात्राएँ पर है।

  • बुज़ुर्गों या कड़ी शारीरिक मेहनत करने वालों की, जैसे भी हो सके, मदद करें।
  • मान लें कि कुछ नतीजे धीरे आते हैं; रफ़्तार पर ज़ोर डाले बिना आगे बढ़ते रहें।

गुरु के लिए, गुरुवार को सबसे अच्छा

गुरु आपके लिए कठिन स्थान में है, जिसका असर मेहनत, साहस और छोटी यात्राएँ पर है।

  • ज़रूरत से ज़्यादा वादे करने और खुद पर क्षमता से ज़्यादा बोझ लेने से बचें; उतने ही वादे करें जितने निभा सकें।
  • बड़े फ़ैसलों से पहले किसी भरोसेमंद बड़े की सलाह लें।

ध्यान देने योग्य तिथियाँ

  • 10 दिसंबर 2011

    चंद्र ग्रहण: 10 दिसंबर: वृषभ राशि में, आपके चौथे भाव में चंद्रग्रहण। दिन शांत रखें और बड़े फ़ैसलों से बचें।

    ग्रहण घर, पारिवारिक शांति और संपत्ति पर पड़ता है, जिससे यह कुछ दिनों के लिए नाज़ुक जगह बन जाती है।

    क्या करें: दिन शांत रखें और नई शुरुआत, बड़ी ख़रीद और हस्ताक्षर से बचें।

  • 14 दिसंबर 2011

    मार्गी: 14 दिसंबर: बुध वृश्चिक राशि में, आपके दसवें भाव में मार्गी होता है। रुके हुए काम फिर आगे बढ़ने लगते हैं।

    बुध करियर और प्रतिष्ठा पर फिर आगे बढ़ता है, इसलिए यहाँ जो अटका था वह चलने लगता है।

    क्या करें: रुका हुआ काम फिर शुरू करें, और हस्ताक्षर या शुरुआत से पहले एक-दो दिन रुकें।

  • 16 दिसंबर 2011

    राशि परिवर्तन: 16 दिसंबर: शुक्र मकर राशि में, आपके बारहवें भाव में प्रवेश करता है।

    शुक्र आपके लिए सहायक स्थान में आता है, जो खर्च, आराम और भीतर का जीवन को सहारा देता है।

    क्या करें: इसके बाद के दिनों में इस क्षेत्र में योजनाएँ शुरू करें या आगे बढ़ाएँ।

  • 16 दिसंबर 2011

    राशि परिवर्तन: 16 दिसंबर: सूर्य धनु राशि में, आपके ग्यारहवें भाव में प्रवेश करता है।

    सूर्य आपके लिए सहायक स्थान में आता है, जो आय, लाभ और मित्र को सहारा देता है।

    क्या करें: इसके बाद के दिनों में इस क्षेत्र में योजनाएँ शुरू करें या आगे बढ़ाएँ।

  • 26 दिसंबर 2011

    मार्गी: 26 दिसंबर: गुरु मेष राशि में, आपके तीसरे भाव में मार्गी होता है। रुके हुए काम फिर आगे बढ़ने लगते हैं।

    गुरु मेहनत, साहस और छोटी यात्राएँ पर फिर आगे बढ़ता है, इसलिए यहाँ जो अटका था वह चलने लगता है।

    क्या करें: रुका हुआ काम फिर शुरू करें, और हस्ताक्षर या शुरुआत से पहले एक-दो दिन रुकें।

ये बातें उन सभी पर लागू होती हैं जिनका चंद्रमा कुंभ राशि में है, और केवल प्रवृत्तियाँ बताती हैं। आपकी अपनी जन्म कुंडली, अपने भावों और दशाओं के साथ, अलग बात कह सकती है।

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