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मिथुन (Gemini) मासिक राशिफल: जून 2021 - मिश्रित

मिथुन चंद्र राशि का जून 2021 का मासिक राशिफल। हर ग्रह आपकी चंद्र राशि से गिना गया है, साथ में वे तिथियाँ भी हैं जब वह राशि या चाल बदलता है, ताकि आप देख सकें कि महीना कैसे आगे बढ़ता है।

यह महीना मिला-जुला है: कुछ काम आसानी से चलते हैं और कुछ में धैर्य चाहिए। जो चल रहा है उस पर भरोसा रखें और धीमे कामों को एक-एक कदम लें।

महीना कैसा रहेगा

  1. पहला पखवाड़ा: 1 जून से 15 जून

    मिश्रित

    यह समय आसानी और धीमी गति का मेल है।

    गुरु यहाँ आपके पक्ष में काम करता है और बड़े-बुज़ुर्ग, शिक्षक, आस्था और लंबी यात्राएँ में मदद करता है।

    शनि, राहु, मंगल, सूर्य और बुध कहते हैं कि साझा धन और अचानक बदलाव के साथ-साथ खर्च, आराम और भीतर का जीवन में सावधानी से चलें।

    केतु और शुक्र रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम के साथ-साथ आपकी ऊर्जा और आत्मविश्वास में मदद करना चाहते हैं, पर अभी रुके हुए हैं, इसलिए नतीजे धीरे आएँगे।

    2 जून, 3 जून, 10 जून और 15 जून के आसपास बदलाव आता है; नीचे ध्यान देने योग्य तिथियाँ देखें।

  2. दूसरा पखवाड़ा: 16 जून से 30 जून

    मिश्रित

    यह समय आसानी और धीमी गति का मेल है।

    गुरु और शुक्र यहाँ आपके पक्ष में काम करते हैं और बड़े-बुज़ुर्ग, शिक्षक, आस्था और लंबी यात्राएँ के साथ-साथ धन, परिवार और वाणी में मदद करते हैं।

    शनि, राहु, मंगल, सूर्य और बुध कहते हैं कि साझा धन और अचानक बदलाव के साथ-साथ खर्च, आराम और भीतर का जीवन में सावधानी से चलें।

    केतु और शुक्र रोज़ का काम, प्रतिद्वंद्वी और अटके काम के साथ-साथ आपकी ऊर्जा और आत्मविश्वास में मदद करना चाहते हैं, पर अभी रुके हुए हैं, इसलिए नतीजे धीरे आएँगे।

    20 जून, 22 जून और 23 जून के आसपास बदलाव आता है; नीचे ध्यान देने योग्य तिथियाँ देखें।

शनि आपके आठवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:धन

शनि पूरे महीने मकर राशि में रहता है।

शनि मेहनत, अनुशासन, कर्तव्य और धैर्य का प्रतीक है। वह लगातार मेहनत का फल देता है और शॉर्टकट को धीमा करता है।

आठवें भाव में शनि सावधानी का समय है। रुकावटें और देरी संभव हैं; पैसे के जोखिम भरे कदमों और विवादों से बचें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • धन: खर्च बढ़ सकता है; बड़ी ख़रीद, उधार देने और जोखिम भरे दाँव से बचें।

गुरु आपके नौवें भाव में

शुभ
जीवन के क्षेत्र:पढ़ाईआध्यात्मिक जीवन

गुरु पूरे महीने कुंभ राशि में रहता है।

गुरु विकास, ज्ञान, मार्गदर्शन, सौभाग्य, संतान और शिक्षकों का प्रतीक है। साल का सबसे बड़ा सहायक यही है।

नौवें भाव में गुरु आस्था, उच्च शिक्षा और सौभाग्य के लिए अनुकूल है। बड़े और गुरुजन साथ देते हैं।

आपके लिए इसका अर्थ

  • पढ़ाई: पढ़ाई, प्रशिक्षण और रचनात्मक काम अच्छे चलते हैं; नया कोर्स शुरू करने का अच्छा समय।
  • आध्यात्मिक जीवन: प्रार्थना, चिंतन और दूसरों की मदद संतोष देते हैं।

राहु आपके बारहवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:आध्यात्मिक जीवनधन

राहु पूरे महीने वृषभ राशि में रहता है।

राहु महत्वाकांक्षा, और पाने की भूख, नए और अनोखे का प्रतीक है। वह अचानक अवसर और बेचैनी ला सकता है।

बारहवें भाव में राहु खर्च बढ़ा सकता है और आपको जानी-पहचानी ज़मीन से दूर ले जा सकता है। खर्चों पर और जिन पर भरोसा करते हैं उन पर नज़र रखें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • आध्यात्मिक जीवन: मन उदास या अशांत लग सकता है; शांत दिनचर्या और प्रार्थना मन को स्थिर करती है।
  • धन: खर्च बढ़ सकता है; बड़ी ख़रीद, उधार देने और जोखिम भरे दाँव से बचें।

केतु आपके छठे भाव में

रुका हुआ
जीवन के क्षेत्र:करियर

केतु पूरे महीने वृश्चिक राशि में रहता है।

केतु छोड़ने, वैराग्य और भीतर के जीवन का प्रतीक है। वह शांत समझ और सांसारिक बातों से दूर होने का खिंचाव ला सकता है।

छठे भाव में केतु प्रतिद्वंद्वियों पर जीत और रुके काम पूरे करने में मदद करता है। अनुशासन से नतीजे मिलते हैं।

फ़िलहाल गुरु केतु के शुभ फल में बाधा (वेध) डाल रहा है, इसलिए मेहनत के नतीजे दिखने में अधिक समय लग सकता है।

आपके लिए इसका अर्थ

  • करियर: साथ तो है, पर पहचान उम्मीद से धीरे मिलती है।

मंगल आपके पहले भाव में

सावधानी

मंगल 2 जून तक मिथुन राशि में है।

मंगल ऊर्जा, जोश, साहस और झगड़ों को आप कैसे संभालते हैं, इसका प्रतीक है।

आपकी अपनी राशि में मंगल जल्दबाज़ी और गुस्सा बढ़ा सकता है। प्रतिक्रिया देने से पहले रुकें और गरमागरम बहस से दूर रहें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • आप: मन और ऊर्जा कम हो सकते हैं; अच्छा आराम करें और जल्दबाज़ी में प्रतिक्रिया न दें।

मंगल आपके दूसरे भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:धनपरिवार और घर

मंगल 2 जून को कर्क राशि में प्रवेश करता है।

मंगल ऊर्जा, जोश, साहस और झगड़ों को आप कैसे संभालते हैं, इसका प्रतीक है।

दूसरे भाव में मंगल कड़वे शब्द और अचानक खर्च ला सकता है। बचत की रक्षा करें और घर में शब्द सोच-समझकर चुनें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • धन: खर्च बढ़ सकता है; बड़ी ख़रीद, उधार देने और जोखिम भरे दाँव से बचें।
  • परिवार और घर: घर में छोटी-मोटी खटपट संभव है; धैर्य और मीठे शब्द काम आते हैं।

सूर्य आपके बारहवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:आध्यात्मिक जीवनधन

सूर्य 15 जून तक वृषभ राशि में है।

सूर्य आत्मविश्वास, अधिकार, सम्मान और पिता तथा ऊँचे पद के लोगों से आपके संबंध का प्रतीक है।

बारहवें भाव में सूर्य खर्च बढ़ा सकता है और मेहनत का फल कम लग सकता है। आराम करने, चुपचाप योजना बनाने और भीतर झाँकने का अच्छा समय है।

आपके लिए इसका अर्थ

  • आध्यात्मिक जीवन: मन उदास या अशांत लग सकता है; शांत दिनचर्या और प्रार्थना मन को स्थिर करती है।
  • धन: खर्च बढ़ सकता है; बड़ी ख़रीद, उधार देने और जोखिम भरे दाँव से बचें।

सूर्य आपके पहले भाव में

सावधानी

सूर्य 15 जून को मिथुन राशि में प्रवेश करता है।

सूर्य आत्मविश्वास, अधिकार, सम्मान और पिता तथा ऊँचे पद के लोगों से आपके संबंध का प्रतीक है।

आपकी अपनी राशि में सूर्य बेचैनी और जल्दी प्रतिक्रिया देने की प्रवृत्ति ला सकता है। योजनाएँ सीमित रखें और परिवार व सहकर्मियों से व्यवहार में अहं से बचें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • आप: मन और ऊर्जा कम हो सकते हैं; अच्छा आराम करें और जल्दबाज़ी में प्रतिक्रिया न दें।

बुध आपके पहले भाव में

सावधानी

बुध 3 जून तक मिथुन राशि में है।

बुध बातचीत, पढ़ाई, व्यापार, काग़ज़ी काम और तेज़ सोच का प्रतीक है।

आपकी अपनी राशि में बुध ध्यान बिखेर सकता है। बारीकियाँ दो बार जाँचें और लापरवाह शब्दों से बचें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • आप: मन और ऊर्जा कम हो सकते हैं; अच्छा आराम करें और जल्दबाज़ी में प्रतिक्रिया न दें।

बुध आपके बारहवें भाव में

सावधानी
जीवन के क्षेत्र:आध्यात्मिक जीवनधन

बुध 3 जून को वृषभ राशि में प्रवेश करता है।

बुध बातचीत, पढ़ाई, व्यापार, काग़ज़ी काम और तेज़ सोच का प्रतीक है।

बारहवें भाव में बुध व्यर्थ मेहनत और चूक से छोटे नुकसान ला सकता है। हिसाब और समझौते दोबारा जाँचें।

आपके लिए इसका अर्थ

  • आध्यात्मिक जीवन: मन उदास या अशांत लग सकता है; शांत दिनचर्या और प्रार्थना मन को स्थिर करती है।
  • धन: खर्च बढ़ सकता है; बड़ी ख़रीद, उधार देने और जोखिम भरे दाँव से बचें।

शुक्र आपके पहले भाव में

रुका हुआ

शुक्र 22 जून तक मिथुन राशि में है।

शुक्र प्रेम, सुख-सुविधा, सुंदरता, आनंद और साझेदारी का प्रतीक है।

आपकी अपनी राशि में शुक्र सुख, आकर्षण और सुखद संगति लाता है। रिश्ते और रचनात्मक काम फलते-फूलते हैं।

फ़िलहाल शनि शुक्र के शुभ फल में बाधा (वेध) डाल रहा है, इसलिए सुख और आनंद के पल इस स्थिति के वादे से कम हो सकते हैं।

आपके लिए इसका अर्थ

  • आप: ऊर्जा है, पर चीज़ें आपकी चाह से ज़्यादा समय लेती हैं।

शुक्र आपके दूसरे भाव में

शुभ
जीवन के क्षेत्र:धनपरिवार और घर

शुक्र 22 जून को कर्क राशि में प्रवेश करता है।

शुक्र प्रेम, सुख-सुविधा, सुंदरता, आनंद और साझेदारी का प्रतीक है।

दूसरे भाव में शुक्र धन और परिवार में खुशी के लिए अनुकूल है। बचत और सुखद मेल-मिलाप के लिए अच्छा है।

आपके लिए इसका अर्थ

  • धन: आय और लाभ बेहतर होने की संभावना; बचत की योजना बनाने का अच्छा समय।
  • परिवार और घर: घर में स्थिर, सुखद समय।

शनि, साढ़ेसाती और ढैय्या

अष्टम शनि

शनि आपके आठवें भाव में है (अष्टम शनि, दो ढैय्या में से एक)। जोखिम, साझा धन और विवादों में सावधानी रखें, और जल्दबाज़ी में बड़े नए काम शुरू न करें।

इस महीने का उपाय

उन ग्रहों के लिए छोटे, स्वैच्छिक अभ्यास जो इस महीना सबसे ज़्यादा सावधानी माँगते हैं। इनमें कोई ख़र्च नहीं है और ये किसी ख़ास नतीजे का वादा नहीं करते; जो ठीक लगे वही अपनाएँ।

शनि के लिए, शनिवार को सबसे अच्छा

शनि आपके लिए कठिन स्थान में है, जिसका असर साझा धन और अचानक बदलाव पर है।

  • बुज़ुर्गों या कड़ी शारीरिक मेहनत करने वालों की, जैसे भी हो सके, मदद करें।
  • मान लें कि कुछ नतीजे धीरे आते हैं; रफ़्तार पर ज़ोर डाले बिना आगे बढ़ते रहें।

राहु के लिए, शनिवार को सबसे अच्छा

राहु आपके लिए कठिन स्थान में है, जिसका असर खर्च, आराम और भीतर का जीवन पर है।

  • शॉर्टकट और आधे-अधूरे सच से बचें, चाहे वे छोटे ही क्यों न हों।
  • बेचैनी में फ़ोन स्क्रॉल करना और ख़बरें देखना सीमित करें; सीधे-सादे, मन को टिकाने वाले कामों में समय लगाएँ।

ध्यान देने योग्य तिथियाँ

  • 2 जून 2021

    राशि परिवर्तन: 2 जून: मंगल कर्क राशि में, आपके दूसरे भाव में प्रवेश करता है।

    मंगल आपके लिए कठिन स्थान में आता है, जिसका असर धन, परिवार और वाणी पर होता है।

    क्या करें: इस तिथि से इस क्षेत्र में धीरे चलें और हामी भरने से पहले दोबारा जाँच लें।

  • 3 जून 2021

    राशि परिवर्तन: 3 जून: बुध वृषभ राशि में, आपके बारहवें भाव में प्रवेश करता है।

    बुध आपके लिए कठिन स्थान में आता है, जिसका असर खर्च, आराम और भीतर का जीवन पर होता है।

    क्या करें: इस तिथि से इस क्षेत्र में धीरे चलें और हामी भरने से पहले दोबारा जाँच लें।

  • 10 जून 2021

    सूर्य ग्रहण: 10 जून: वृषभ राशि में, आपके बारहवें भाव में सूर्यग्रहण। दिन शांति से बिताएँ और नई शुरुआत से बचें।

    ग्रहण खर्च, आराम और भीतर का जीवन पर पड़ता है, जिससे यह कुछ दिनों के लिए नाज़ुक जगह बन जाती है।

    क्या करें: दिन शांत रखें और नई शुरुआत, बड़ी ख़रीद और हस्ताक्षर से बचें।

  • 15 जून 2021

    राशि परिवर्तन: 15 जून: सूर्य मिथुन राशि में, आपके पहले भाव में प्रवेश करता है।

    सूर्य आपके लिए कठिन स्थान में आता है, जिसका असर आपकी ऊर्जा और आत्मविश्वास पर होता है।

    क्या करें: इस तिथि से इस क्षेत्र में धीरे चलें और हामी भरने से पहले दोबारा जाँच लें।

  • 20 जून 2021

    वक्री: 20 जून: गुरु कुंभ राशि में, आपके नौवें भाव में वक्री होता है। नई शुरुआत के बजाय समीक्षा का समय।

    गुरु बड़े-बुज़ुर्ग, शिक्षक, आस्था और लंबी यात्राएँ पर धीमा होता है, इसलिए इस क्षेत्र की पुरानी बातें दोबारा सामने आती हैं।

    क्या करें: कुछ नया शुरू करने के बजाय पुराना काम दोहराएँ, सुधारें और पूरा करें।

  • 22 जून 2021

    राशि परिवर्तन: 22 जून: शुक्र कर्क राशि में, आपके दूसरे भाव में प्रवेश करता है।

    शुक्र आपके लिए सहायक स्थान में आता है, जो धन, परिवार और वाणी को सहारा देता है।

    क्या करें: इसके बाद के दिनों में इस क्षेत्र में योजनाएँ शुरू करें या आगे बढ़ाएँ।

  • 23 जून 2021

    मार्गी: 23 जून: बुध वृषभ राशि में, आपके बारहवें भाव में मार्गी होता है। रुके हुए काम फिर आगे बढ़ने लगते हैं।

    बुध खर्च, आराम और भीतर का जीवन पर फिर आगे बढ़ता है, इसलिए यहाँ जो अटका था वह चलने लगता है।

    क्या करें: रुका हुआ काम फिर शुरू करें, और हस्ताक्षर या शुरुआत से पहले एक-दो दिन रुकें।

ये बातें उन सभी पर लागू होती हैं जिनका चंद्रमा मिथुन राशि में है, और केवल प्रवृत्तियाँ बताती हैं। आपकी अपनी जन्म कुंडली, अपने भावों और दशाओं के साथ, अलग बात कह सकती है।

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मिथुन (Gemini) मासिक राशिफल: जून 2021 - Bhavishya